मुख्य सुर्खियां
वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत संक्षिप्त निष्कासन कार्यवाही के आधार पर महिलाओं के 'साझा परिवार' में रहने के अधिकार को पराजित नहीं किया जा सकता : गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना है कि एक साझेघर के संबंध में निवास का आदेश प्राप्त करने के एक महिला के अधिकार को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 के तहत संक्षिप्त प्रक्रिया अपनाते हुए बेदखली का आदेश प्राप्त करने के सरल उपाय द्वारा पराजित नहीं किया जा सकता ह।डॉ. जस्टिस अशोककुमार सी. जोशी की खंडपीठ ने एस वनिथा बनाम उपायुक्त, बेंगलुरु शहरी जिले के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का उल्लेख किया, जिसमें यह माना गया था कि एक साझेघर के संबंध में निवास का आदेश प्राप्त करने के एक महिला के अधिकार...
'मैं गुड टच-बैड टच जानता हूं; स्कूल में सीखा है' : लड़के के बयान से आरोपी के दोषी होने की पुष्टि हुई
बाल यौन शोषण मामले में केरल कोर्ट का एक हालिया फैसला बच्चों में 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में संवेदनशील बनाने के महत्व पर प्रकाश डालता है।तिरुवनंतपुरम में एक फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को एक व्यक्ति को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत 2020 में एक नाबालिग लड़के का यौन शोषण करने के लिए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।स्पेशल जज आर. जयकृष्णन ने विजयकुमार को दो साल पहले हुए अपराध का दोषी पाया और कारावास के साथ-साथ ₹ 25,000 का जुर्माना लगाया। अगर इनमें से कोई...
'मृत लोगों को फंड जारी किया': कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकारी योजना के फंड के कथित दुरुपयोग की जांच तीन महीने में करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को दक्षिण 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री आवास योजना योजना के तहत आवंटित धन के कथित हेराफेरी की जांच करने और तीन महीने की अवधि के भीतर एक तर्कसंगत आदेश पारित करने का निर्देश दिया ।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सूत्रधार ने सरकारी योजना के तहत आवंटित धन का कथित रूप से दुरुपयोग किया।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने बेंच को आगे...
COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेश की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह वर्ष 2020 में दर्ज एक स्वत: संज्ञान मामले को बहाल करते हुए राज्य में बढ़ रहे कोविड 19 के संक्रमण के मद्देनजर उच्च न्यायालय और उसके अधीनस्थ न्यायालयों, ट्रिब्यूनल द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 28 फरवरी, 2022 तक बढ़ा दी।न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने आदेश में कहा,"हाल ही में न केवल उत्तर प्रदेश राज्य में बल्कि पूरे देश में, COVID-19 वायरस के एक नए संस्करण में COVID-19 मामलों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और स्थिति दिन-ब-दिन...
'केवल अपराध का परिमाण जमानत से इनकार का मानदंड नहीं हो सकता': दिल्ली हाईकोर्ट ने हैलो टैक्सी घोटाला मामले में आरोपियों को राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने करोड़ों रुपये के घोटाले के दो आरोपियों को जमानत देते हुए हाल ही में कहा कि अपराध की भयावहता जमानत से इनकार करने का एकमात्र मानदंड नहीं हो सकता है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा,"जमानत का उद्देश्य मुकदमे के समय आरोपी की उपस्थिति को सुरक्षित करना है; इस प्रकार, यह उद्देश्य न तो दंडात्मक है और न ही निवारक, और जिस व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है उसे केवल तभी हिरासत में रखा जाना चाहिए जब विश्वास करने के कारण हों कि वे भाग सकते हैं या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या गवाहों को...
[NDPS Act] दिल्ली हाईकोर्ट 'छोटी या व्यावसायिक मात्रा' निर्धारित करने के लिए ड्रग के वास्तविक वजन के साथ तटस्थ पदार्थों को शामिल करने की वैधता पर विचार करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दो अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है।अधिसूचना के अनुसार, नशीली दवाओं और ड्रग की वास्तविक मात्रा के विपरीत ड्रग्स में पाने जाने वाले तटस्थ पदार्थों को भी शामिल किया गया है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई अगले महीने तय की है।नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत आरोपी राजीव टीएम द्वारा...
वरिष्ठ नागरिक अधिनियम: बॉम्बे हाईकोर्ट ने किराएदार बनकर मां के घर में रह रहे बेटे को राहत देने से इनकार किया, जल्द से जल्द घर खाली करने को कहा
एक बेटे, जिसने अपनी मां को सामान्य जीवन जीना भी दूभर कर दिया था, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसे जल्द से जल्द घर खाली करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मां ने पांच साल से ज्यादा समय अत्यधिक पीड़ा में गुजारा है।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने कहा कि यह "आश्चर्यजनक" है कि कैसे 48 वर्षीय बेटे ने बूढ़ी मां के घर में घुसने का एक अनोखा तरीका ईजाद किया। उसने अपनी मां के साथ एक रेंट एग्रीमेंट किया, जबकि उसका इरदा एग्रीमेंट का सम्मान करने का बिल्कुल भी नहीं था। उसने उन्हें किराये कि रूप में एक रुपया भी नहीं...
'हम कानून नहीं बना सकते': दिल्ली हाईकोर्ट ने सतत विकास के लिए 'एक व्यक्ति एक पेड़' की नीति की मांग वाली याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में सतत विकास के लिए 'एक व्यक्ति एक पेड़' की नीति बनाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की।कोर्ट ने देखा कि मसौदा नीतियों का विषय विशेष रूप से विधायिका के क्षेत्र में है। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।बेंच ने कहा, "यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि इस अदालत की प्रमुख भूमिका कानून की व्याख्या करने की है और असाधारण मामलों को छोड़कर कानून को लागू करने की नहीं है। नीति का प्रारूपण प्रतिवादी...
जाने-माने वकील श्रीकांत शिवाडे का 67 साल की उम्र में निधन
जाने-माने आपराधिक मामलों के वकील श्रीकांत शिवाडे का बुधवार सुबह मुंबई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने निचली अदालत में जाने-माने मामलों में प्रतिनिधित्व किया। इनमें 2002 के हिट-एंड-रन मामले में अभिनेता सलमान खान का प्रतिनिधित्व करना भी शामिल है।67 वर्षीय वकील को दो सप्ताह पहले उनकी हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। श्रीकांत शिवांडे के सहायक रहे एक वकील ने लाइव लॉ से बात करते हुए कहा कि शिवाडे के परिवार में उनकी मां, पत्नी, बेटी और बेटा हैं।वकील ल्यूकेमिया के मरीज थे...
सेवानिवृत्ति की आयु घटाने का बैंक का निर्णय अतार्किक; प्रभावित कर्मचारी सेवा से बाहर अवधि के लिए वेतन के हकदार: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंक के आयु को कम करने के बाद के 'अतार्किक' निर्णय के कारण सेवा से बाहर रहने वाले सेवानिवृत्ति कर्मचारी उक्त अवधि के लिए वेतन के हकदार हैं।बैंक ने एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें सेवानिवृत्ति की आयु 60 से घटाकर 58 वर्ष कर दी गई।जस्टिस रेखा बोराना ने कहा,"याचिकाकर्ता उस अवधि के लिए वेतन के हकदार होंगे जिसके दौरान वे सेवा से बाहर रहे। उन्हें इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर भुगतान किया जाए।"याचिका को स्वीकार करते हुए...
क्या राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास कर्मचारियों की बहाली का आदेश देने का अधिकार है? दिल्ली हाईकोर्ट विचार करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को उस आदेश को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें आयोग ने भारतीय लागत लेखा संस्थान (Institute of Cost Accounts of India) को एक संविदा कर्मचारी को बहाल करने का निर्देश दिया था।आयोग ने आदेश दिया था कि कर्मचारी को परमानेंट किया जाए और सेवा से हटाए जाने की तारीख से अब तक के बकाया का भुगतान किया जाए।मामला न्यायमूर्ति योगेश खन्ना के समक्ष रखा गया, जिन्होंने इस आदेश पर रोक लगा दी है।बेंच ने कहा,"प्रतिवादियों को...
अनुकंपा नियुक्ति - यह धारणा कि विवाहित बेटी पिता के घर का हिस्सा नहीं बल्कि पति के घर का हिस्सा, पुरानी मानसिकता; राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट की एकल पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि मृतक कर्मचारी की विवाहित बेटी अनुकंपा नियुक्ति के लिए 'आश्रितों' की परिभाषा के अंतर्गत आती है। जस्टिस डॉ पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने कहा, "यह धाराण कि के बाद बेटी अपने पिता के घर का हिस्सा नहीं है और अपने पति के घर का हिस्सा बन रही है, पुराना दृष्टिकोण और मानसिकता है।"अदालत ने कहा कि अविवाहित और विवाहित बेटी और विवाहित बेटे और विवाहित बेटी के बीच कोई भी भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14,15 और 16 का स्पष्ट उल्लंघन होगा।अदालत ने कहा कि RBF Rig...
सबऑर्डिनेट कोर्ट को अवमानना नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों की अवमानना के लिए नोटिस जारी करने की शक्ति केवल हाईकोर्ट के पास है, जो इस पर अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करता है।जस्टिस अमित बंसल ने कहा,"सबऑर्डिनेट कोर्ट क्षेत्राधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकते। वे कारण बताओ नोटिस जारी नहीं कर सकते। अवमानना कार्यवाही क्यों शुरू नहीं की जा सकती। एक सबऑर्डिनेट कोर्ट केवल अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए हाईकोर्ट को मामला भेज सकता है।"हाईकोर्ट वाणिज्यिक न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर...
विशेष/अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विद्युत अधिनियम के तहत अपराधों का संज्ञान ले सकते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि एक विशेष न्यायाधीश (ईसी अधिनियम) / अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के पास विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत अपराधों का संज्ञान लेने का अधिकार क्षेत्र है।न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की खंडपीठ ने विद्युत अधिनियम [बिजली की चोरी] की धारा 135-1 (ए) और विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट)/अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गाजियाबाद के संज्ञान लेने के आदेश के तहत उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र को चुनौती देने वाले एक गुलफाम द्वारा दायर धारा 482 आवेदन पर सुनवाई करते हुए...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया सह-आरोपियों, जो जमानत पर हैं, उनकी तुलना में कम गंभीर अपराध के आरोपी को जमानत दी
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा है कि यदि किसी अपराध में आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया उस सह-अभियुक्त की भूमिका से कम गंभीर है, जिसे सीआरपीसी की धारा 438 और सीआरपीसी की धारा 439 के तहत जमानत का लाभ दिया गया है, और यदि आरोपी ने पहली बार अपराध किया है तो वह सुधार के अवसर का हकदार है और उसे जमानत के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता है।जस्टिस अनूप चितकारा की पीठ ने कहा कि यदि आरोपी ने पहली बार बार अपराध किया है और यदि समान रूप से रखे गए उसके सह-अभियुक्त को को जमानत दे दी गई है, भले ही...
केरल हाईकोर्ट के लगभग 25 सरकारी वकील और कई कर्मचारी COVID-19 पॉजिटिव
केरल हाईकोर्ट को राज्य के महाधिवक्ता ने बताया कि महाधिवक्ता के कार्यालय में लगभग 25 सरकारी अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के कई सदस्य COVID-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं।केरल हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट आनंद के. द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि इस स्थिति को देखते हुए फाइलों की आवाजाही में कुछ कठिनाई हो सकती है।इस स्थिति में अधिवक्ताओं से ताजा हालात को देखते हुए सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।कोर्ट की एक फुल बेंच ने मंगलवार को राज्य में COVID-19 में वृद्धि को देखते हुए सभी अंतरिम...
"दस्तावेजों का पूरा फर्जीवाड़ा": दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध गिरफ्तारी के बाद रिकॉर्ड में हेरफेर करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस को फटकार लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जगह के बारे में "दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा " करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। मामले में एक युवक ने एक महिला से, उसके परिजनों की इच्छा के खिलाफ विवाह किया था। जिसके बाद पुलिस ने युवक के पिता और भाई को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया था।दंपति का दावा था कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस को बताए बिना उनके दिल्ली स्थित आवास से की गई। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि...
'जातिवादी' टिप्पणी: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिनेत्री मुनमुन दत्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिनेत्री मुनमुन दत्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मुनमुन दत्ता ने कथित तौर पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में वह जातिगत टिप्पणी करती हुई नज़र आ रही थीं।अभिनेत्री मुनमुन दत्ता लोकप्रिय हिंदी धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बबीता अय्यर की भूमिका के लिए जानी जाती हैं।जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ सीआरपीसी की धारा 438 के तहत दायर उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अभिनेत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण)...
झारखंड की अदालत ने एक मुस्लिम व्यक्ति पर हमला करने और 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर करने के दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की
झारखंड की एक अदालत ने मंगलवार को धनबाद में मानसिक रूप से बीमार मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट करने और उसे 'जय श्री राम' का नारा लगाने के आरोप में दो लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया।मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह के समक्ष रखा गया।कथित घटना के संबंध में एक लिखित शिकायत प्राप्त होने के बाद आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 143, 149, 323, 307, 153ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई।एफआईआर के अनुसार सात जनवरी, 2022 को पीड़ित के भाई को सूचना मिली कि कुछ गुंडों ने उसके मानसिक...
COVID-19: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि को 28 फरवरी तक बढ़ाया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले साल दर्ज एक स्वत: संज्ञान मामले को बहाल करते हुए मंगलवार को हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ अदालतों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि को 28 फरवरी, 2022 तक बढ़ा दिया।हाईकोर्ट ने यह फैसला पश्चिम बंगाल में COVID-19 की स्थिति को देखते हुए लिया।हाईकोर्ट की पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश पर भरोसा किया। इसमें COVID-19 के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए देश भर में सभी सामान्य और विशेष कानूनों के तहत 28 फरवरी, 2022 तक मामले दर्ज करने के...






![[NDPS Act] दिल्ली हाईकोर्ट छोटी या व्यावसायिक मात्रा निर्धारित करने के लिए ड्रग के वास्तविक वजन के साथ तटस्थ पदार्थों को शामिल करने की वैधता पर विचार करेगा [NDPS Act] दिल्ली हाईकोर्ट छोटी या व्यावसायिक मात्रा निर्धारित करने के लिए ड्रग के वास्तविक वजन के साथ तटस्थ पदार्थों को शामिल करने की वैधता पर विचार करेगा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/07/04/500x300_377719-377642-ndps-act.jpg)










