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"मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है, कोई मेरे धर्म पर टिप्पणी क्यों करें?" सलमान खान के वकील ने केतन कक्कड़ पर मानहानि का मुकदमा किया

LiveLaw News Network
21 Jan 2022 5:18 AM GMT
मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है, कोई मेरे धर्म पर टिप्पणी क्यों करें? सलमान खान के वकील ने केतन कक्कड़ पर मानहानि का मुकदमा किया
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अभिनेता सलमान खान के वकील ने पनवेल में उनके पड़ोसी केतन कक्कड़ के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में मुंबई में सिटी सिविल कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि कुछ लोगों को इकट्ठा करना, सोशल मीडिया पर आना और अपना गुस्सा निकालना आजकल सबसे आसान काम हो गया है।

अभिनेता के वकील ने कहा कि कैसे सोशल मीडिया पर प्रतिवादी की टिप्पणियों और इंटरव्यू ने उनके धर्म पर टिप्पणी करके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सभी सीमाओं को पार कर दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल एच लद्दा खान के प्रस्तावित नोटिस पर सुनवाई कर रहे थे। इस नोटिस में कक्कड़ को खान या उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के निर्देश देने की मांग की गई।

प्रतिवादी शुक्रवार दोपहर दो बजे खान को राहत देने के विरोध में दलीलें देंगे।

गुरुवार की सुनवाई के दौरान खान के वकील प्रदीप गांधी ने कहा कि कक्कड़ ने उनके मुवक्किल के खिलाफ "बेबुनियाद और निराधार" व्यक्तिगत टिप्पणी की। गांधी ने कहा कि कक्कड़ ने अभिनेता पर खान के पनवेल फार्महाउस अर्पिता फार्म के पास स्थित उनके भूखंड तक पहुंच पर रोकने लगाने का भी आरोप लगाया। यह आरोप एकदम गलत है।

अदालत ने व्यक्तिगत रूप से दोनों पक्षों से पूछा कि क्या वास्तव में कक्कड़ की कथित आरोपों का एकमात्र कारण खान के फार्महाउस से लगे मार्ग से संबंधित है। कक्कड़ ने कहा कि यह उनके 2.65 एकड़ के भूखंड का एकमात्र मार्ग है। हालांकि, खान ने इस दावे से इनकार किया।

न्यायाधीश ने इस पर दावे को प्रमाणित करने के लिए सरकारी दस्तावेज मांगे।

गांधी ने अदालत के समक्ष कक्कड़ के पोस्ट्स और इंटरव्यू के बड़े हिस्से को पढ़ा। इसमें उन्होंने खान की धार्मिक पहचान पर टिप्पणी करते हुए अभिनेता पर "डी गैंग के लिए एक मोर्चा" होने का आरोप लगाया। इसका अर्थ है कि वह केंद्र और राज्य स्तर पर सत्तारूढ़ दल से जुड़े हुए हैं। साथ ही उन्होंने खान पर बाल तस्करी के आरोप लगाया गया। इसमें कहा गया कि खान के फार्महाउस में फिल्मी सितारों के शवों को दफनाया गया है।

गांधी ने तर्क दिया,

"उचित सबूत के बिना ये सभी आरोप प्रतिवादी की कल्पना की उपज हैं।"

गांधी ने सवाल किया,

"एक संपत्ति विवाद में आप मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को खराब क्यों कर रहे हैं। आप धर्म को क्यों ला रहे हैं? मेरी मां एक हिंदू है। मेरे पिता एक मुस्लिम हैं और मेरे भाइयों ने हिंदुओं से शादी की है। हम सभी त्योहार मनाते हैं।"

उन्होंने आगे तर्क दिया,

"आप एक शिक्षित व्यक्ति हैं ... आपको ऐसे गुंडा-छाप आरोप नहीं लगाने चाहिए। आजकल सबसे आसान काम है कुछ लोगों को इकट्ठा करना, सोशल मीडिया पर आना और अपना गुस्सा निकालना।"

गांधी ने खान के प्रधानमंत्री से मिलने के आरोपों का जिक्र करने पर कहा,

"मेरे मुवक्किल की कोई राजनीतिक आकांक्षा नहीं है।"

उन्होंने आरोपों के एक सेट का ज़िक्र करते हुए कहा,

"तो सभी मुसलमान बुरे हैं?"

गांधी ने कहा कि वह न केवल निषेधाज्ञा की मांग कर रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया से सभी मानहानिकारक सामग्री को हटाने की भी मांग कर रहे हैं।

खान ने कक्कड़ और अन्य प्रतिवादियों जैसे यूट्यूबर संदीप फोगट, पारस भट और उज्जवल नारायण के सोशल मीडिया अकाउंट को भी निलंबित करने की मांग की।

कक्कड़ और तीन अन्य व्यक्तियों के अलावा, अन्य प्रतिवादियों में फेसबुक इंक, फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, ट्विटर इंक, ट्विटर कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट, ट्विटर इंटरनेशनल कंपनी, यूट्यूब एलएलसी, गूगल एलएलसी और गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

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