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अदालत से देरी से संपर्क किया: कलकत्ता हाईकोर्ट ने गणतंत्र दिवस के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की नेताजी की झांकी को बाहर करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की
'अदालत से देरी से संपर्क किया': कलकत्ता हाईकोर्ट ने गणतंत्र दिवस के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की नेताजी की झांकी को बाहर करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से प्रस्तावित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की झांकी को खारिज करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका को खारिज कर दिया।एडवोकेट रामप्रसाद सरकार द्वारा दायर जनहित याचिका में 26 जनवरी, 2022 को होने वाली आगामी गणतंत्र दिवस परेड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पश्चिम बंगाल की झांकी को अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश जारी करने के लिए अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस प्रकाश...

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यदि दो व्याख्याएं संभव हैं तो अवमानना की कार्यवाही सुनवाई योग्य नहीं और आक्षेपित कार्रवाई अवमानना योग्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर खंडपीठ ने कहा है कि अवमानना की कार्यवाही सुनवाई योग्य नहीं होगी, यदि दो व्याख्याएं संभव हैं, और यदि विचाराधीन कार्रवाई आपत्तिजनक नहीं है।अदालत ने यह फैसला एक आदेश का पालन नहीं करने के मामले में दायर अवमानना ​​​​याचिका पर सुनाया। आदेश में याचिकाकर्ता, एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को नियुक्ति और परिणामी लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस सुदेश बंसल ने में कहा,"​​याचिकाकर्ता को महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में सेवाओं में शामिल होने की अनुमति देने के...

प्रथम दृष्टया कमजोर याददाश्त के कारण सर्विस के लिए अयोग्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केस डायरी पेश करने में विफल रहने पर एसएचओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए
प्रथम दृष्टया 'कमजोर याददाश्त' के कारण सर्विस के लिए अयोग्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केस डायरी पेश करने में विफल रहने पर एसएचओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (High Court) ने एक मामले में बार-बार ऐसा करने का आदेश देने के बावजूद केस डायरी प्रस्तुत नहीं करने में विफल रहने पर स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) के खिलाफ जांच के आदेश दिए।न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने अधिकारी द्वारा दिए गए बहाने पर भी आपत्ति जताई कि केस डायरी पेश नहीं की जा सकती क्योंकि वह अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे भूल गए थे।पीठ ने कहा,"थाना प्रभारी सतीश मिश्रा पुत्र संतोष मिश्रा द्वारा दिए गए इस स्पष्टीकरण से पता चलता है कि प्रथम दृष्टया वह पुलिस सेवा में बने रहने...

पीएम को संदेश देने का अधिकार  : केरल हाईकोर्ट ने कोविड -19 वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र पर पीएम की तस्वीर के खिलाफ याचिका खारिज की
पीएम को संदेश देने का अधिकार ' : केरल हाईकोर्ट ने कोविड -19 वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र पर पीएम की तस्वीर के खिलाफ याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली उस एक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें नागरिकों को जारी किए गए कोविड -19 वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था।एकल न्यायाधीश ने आक्षेपित आदेश में अपीलकर्ता पर एक लाख का भारी भरकम जुर्माना भी लगाया था।मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी शाली की खंडपीठ ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि तस्वीर कोई विज्ञापन नहीं है।"प्रधानमंत्री को संदेश देने का...

आईपीसी धारा 498ए वैवाहिक-बलात्कार के खिलाफ उपाय नहीं है: एमिकस क्यूरी रेबेका जॉन ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
आईपीसी धारा 498ए वैवाहिक-बलात्कार के खिलाफ उपाय नहीं है: एमिकस क्यूरी रेबेका जॉन ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अपवाद को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई जारी रखी, जो एक पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ बलपूर्वक संभोग को बलात्कार के अपराध से छूट देता है।मामले में न्याय मित्र के रूप में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ से कहा कि आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 को बरकरार रखा जाना संवैधानिक नहीं होगी।जॉन ने यह भी दलील दी कि आईपीसी की धारा 498ए, 304बी, घरेलू हिंसा अधिनियम और अन्य...

पीएम की सुरक्षा में चूक: दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल और सैन्य अधिकारियों को एसपीजी के अधीन कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका दायर
पीएम की सुरक्षा में चूक: दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल और सैन्य अधिकारियों को एसपीजी के अधीन कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर कर सभी नागरिक और सैन्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के पर्यवेक्षण के तहत कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।मुख्य न्यायाधीश पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने मामले को 30 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है, यह देखते हुए कि याचिका में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के उल्लंघन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहले से लंबित मामले में...

केरल हाईकोर्ट
आरएसएस एक स्‍थापित और प्रसिद्ध निकाय, सदस्यों के पास आईपीसी की धारा 499 के तहत मानहानि शिकायत दर्ज करने का अधिकार: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में आरएसएस के बारे में एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक मानहानिकारक लेख के खिलाफ दायर की गई शिकायत को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 के तहत सुनवाई योग्य माना। शिकायत आरएसएस के राज्य सचिव ने दायर की थी।जस्टिस सोफी थॉमस ने कहा कि चूंकि आरएसएस एक स्‍थापित और प्रसिद्ध निकाय है, इसलिए आरएसएस के किसी भी सदस्य को संगठन को बदनाम करने वाले लेख के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार है।उन्होंने कहा, "... जब आरएसएस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपों से युक्त एक...

मां से बच्चे की कस्टडी मांगने के लिए पिता बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर नहीं कर सकताः कर्नाटक हाईकोर्ट ने 50 हजार जुर्माना लगाया
मां से बच्चे की कस्टडी मांगने के लिए पिता बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर नहीं कर सकताः कर्नाटक हाईकोर्ट ने 50 हजार जुर्माना लगाया

यह कहते हुए कि ''वादी और बार के सदस्य बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कार्पस) जैसी असाधारण रिट के महत्व और गंभीरता को नहीं समझ पाए हैं,'' कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पिता द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है,जिसमें उसने अपनी 2 साल की बच्ची को अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश देने की मांग की थी। जबकि बच्ची इस समय अपनी मां की सुरक्षित कस्टडी में है।जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस एमजी उमा की खंडपीठ ने गौरव राज जैन द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया...

बैलिस्टिक डेटाबेस बनाने की संभावना की जांच करें: दिल्ली हाईकोर्ट
बैलिस्टिक डेटाबेस बनाने की संभावना की जांच करें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को एक बैलिस्टिक डेटाबेस बनाने की संभावना की जांच करने के लिए कहा है। इसमें उन सभी आग्नेयास्त्रों की रिपोर्ट रखी जाती है, जिनके लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं। इन्हें जांच के मामले में एक्सेस किया जा सकता है।जस्टिस संजीव सचदेवा ने पुलिस आयुक्त द्वारा नियुक्त समिति को इस संबंध में सीएफएसएल के तकनीकी विशेषज्ञों से भी परामर्श करने को कहा।अदालत ने आदेश दिया,"उपरोक्त संदर्भित पुलिस आयुक्त द्वारा नियुक्त समिति बैलिस्टिक डेटाबेस के निर्माण की संभावना की भी जांच कर सकती है,...

यूपी विधानसभा चुनाव: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के बीच पीठासीन अधिकारियों के ऑनलाइन ट्रेनिंग की मांग वाली याचिका खारिज की
यूपी विधानसभा चुनाव: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के बीच पीठासीन अधिकारियों के ऑनलाइन ट्रेनिंग की मांग वाली याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पीठासीन अधिकारियों (जो COVID-19 ​​​​के लिए अतिसंवेदनशील हैं) की ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने ने ईसीआई से जवाब मांगा था कि क्या ऑनलाइन मोड के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को ट्रेनिंग दी जा सकती है जो प्रतिरक्षात्मक है और जिनके परिवार के सदस्यों को COVID-19 से खतरा...

मद्रास हाईकोर्ट
तंजावुर आत्महत्या: मद्रास हाईकोर्ट ने कथित धर्मांतरण का वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को जांच के लिए बुलाया, वीडियो की फोरेंसिक जांच के आदेश दिए

मद्रास हाईकोर्ट (Madras high Court) की मदुरै पीठ ने 17 वर्षीय लड़की की आत्महत्या (Thanjavur Suicide) से संबंधित जांच को सीबी-सीआईडी को ट्रांसफर करने के लिए दायर एक याचिका में वायरल वीडियो के फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है।वीडियो में मृतक ने यह बात कही है कि स्कूल के अधिकारियों ने उसे जबरन ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का प्रयास किया। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा केवल मृतक की आवाज की पुष्टि पर्याप्त नहीं है।इसलिए, अदालत ने वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को 25 जनवरी को जांच अधिकारी के समक्ष...

राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्यों को लापरवाही बरत रहे हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्यों को लापरवाही बरत रहे हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि राज्य शिक्षा विभाग और उसके अधिकारी इसके खिलाफ उठाई गई शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे बहुत ही लापरवाही से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन करना शुरू कर दें। आने वाले सभी मामलों पर जल्द से जल्द अंतिम निर्णय लें।ऐसा न करने पर कोर्ट ने चेतावनी दी कि वह इन चूक करने वाले...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
हमारे समाज में जाति व्यवस्था गहरी जड़ें जमा चुकी है; आजादी के 75 साल बाद भी हम इस सामाजिक खतरे से बाहर नहीं निकल पाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

"हमारे समाज में जाति व्यवस्था गहरी जड़ें जमा चुकी है। हम खुद को एक शिक्षित समाज के रूप में गर्व करते हैं, लेकिन हम अपने जीवन को दोहरे मानकों के साथ जीते हैं। आजादी के 75 साल बाद भी हम इस सामाजिक खतरे से बाहर नहीं निकल पाए।"इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक कथित ऑनर किलिंग मामले में हत्या के आरोपी को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह भी कहा कि यह उन समझदार लोगों का नैतिक कर्तव्य है, जो वंचितों और दलितों की रक्षा करते हैं ताकि...

माता-पिता के बीच मनमुटाव से उनके बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट
माता-पिता के बीच मनमुटाव से उनके बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने कहा है कि माता-पिता के बीच मनमुटाव से उनके बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने मां और उसकी 8 वर्षीय बेटी द्वारा दायर याचिका को स्वीकार किया। याचिका में बेंगलुरु के एक स्कूल को उसका ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।सोरसफोर्ट इंटरनेशनल स्कूल ने इस आधार पर याचिका का विरोध किया कि पिता की सहमति के बिना टीसी जारी नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, जब तक स्कूल की बकाया फीस का भुगतान नहीं...

COVID-19 पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे से केवल इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता कि आवेदन फिजिकल रूप से दायर किए गए: बॉम्बे हाईकोर्ट
COVID-19 पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे से केवल इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता कि आवेदन फिजिकल रूप से दायर किए गए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को यह सूचित किए जाने के बाद नाराजगी व्यक्त की कि कई COVID-19 पीड़ितों के परिजनों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि से इसलिए वंचित किया जा रहा है, क्योंकि इन लोगों ने अपने दावा फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल के बजाय फिजिकल प्रारूप में जमा किए गए थे।जस्टिस एमएस कार्णिक ने कहा,"वेब पोर्टल आपकी सुविधा के लिए है। मुआवजा प्राप्त करना उनका अधिकार है। उन्हें सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने [आवेदन] दर्ज किया है।"चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
लड़की की आत्महत्या की परिस्थितियों पर ध्यान दें, धर्म परिवर्तन के आरोपों की वीडियोग्राफी करने वाले को परेशान न करेंः मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस से कहा

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने एक 17 वर्षीय लड़की की मौत से संबंधित जांच को सीबी-सीआईडी या अन्य स्वतंत्र जांच एजेंसियों को स्थानांतरित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वह उन परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित करें, जिनके कारण इस लड़की ने आत्महत्या की है। अदालत के समक्ष बताया गया था कि पुलिस उस व्यक्ति को परेशान कर रही है जिसने कथित तौर पर लड़की की वीडियोग्राफी की थी। यह वीडियोग्राफी उस समय की गई थी,जब वह धर्म परिवर्तन के लिए उस पर दबाव डालने के आरोप लगा...