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राष्ट्रपति ने जस्टिस विपिन सांघी को दिल्ली हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया
राष्ट्रपति ने जस्टिस विपिन सांघी को दिल्ली हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया

राष्ट्रपति ने चीफ जस्टिस डीएन पटेल की सेवानिवृत्ति के चलते 13 मार्च, 2022 से दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया।चीफ जस्टिस डीएन पटेल 12 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे।इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया:"भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी को चीफ जस्टिस ऑफिस, दिल्ली हाईकोर्ट न्यायमूर्ति धीरूभाई नारनभाई पटेल, चीफ जस्टिस, दिल्ली...

एनजीटी ने दूध गंगा और ममठ कुल में प्रदूषण को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया
एनजीटी ने दूध गंगा और ममठ कुल में प्रदूषण को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रिंसिपल बेंच ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर सरकार पर अवैध खनन को रोकने में विफलता, सीवेज के निर्वहन और दूध गंगा और ममथ कुल नदी में ठोस कचरे को डंप करने के लिए तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।राजा मुजफ्फर भट्ट आवेदक बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में जारी आदेश में कहा गया कि अधिकारियों की ओर से यह निष्क्रियता जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974, पर्यावरण सुरक्षा समिति बनाम भारत संघ (2017) 5 एससीसी 326, और एनजीटी के आदेशों की सीरीज में दिए गए...

अचानक उकसावे में कृत्य किया: उड़ीसा हाईकोर्ट ने अपनी मां की हत्या के आरोपी की सजा को आईपीसी धारा 302 से धारा 304 भाग-II में परिवर्तित किया
''अचानक उकसावे में कृत्य किया'': उड़ीसा हाईकोर्ट ने अपनी मां की हत्या के आरोपी की सजा को आईपीसी धारा 302 से धारा 304 भाग-II में परिवर्तित किया

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी मां की हत्या करने के मामले में भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) की धारा 302 के तहत आरोपित व्यक्ति की सजा को आईपीसी की धारा 304 भाग-II(हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या) में परिवर्तित कर दिया है। अभियुक्त को राहत प्रदान करते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर और जस्टिस आर.के. पटनायक की पीठ ने कहा कि, ''मामले में एक तथ्य यह भी है कि आरोपी ने किसी भी खतरनाक हथियार का इस्तेमाल नहीं किया। उसने पहले मृतक की छड़ी का इस्तेमाल किया और बाद में स्थानीय रूप से...

ट्रांसजेंडर कैदियों को लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है: पटना हाईकोर्ट में अलग से लॉक अप की मांग वाली याचिका दायर, राज्य से मांगा जवाब
'ट्रांसजेंडर कैदियों को लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है': पटना हाईकोर्ट में अलग से लॉक अप की मांग वाली याचिका दायर, राज्य से मांगा जवाब

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने बिहार राज्य के सभी पुलिस थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग से लॉक अप बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर राज्य से जवाब मांगा है।जनहित याचिका एक गैर-सरकारी संगठन, कानूनी सहायता कार्य (LAW) फाउंडेशन द्वारा दायर की गई है।मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने कहा,"अजय कुमार रस्तोगी, अतिरिक्त महाधिवक्ता नंबर 10 डिजिटल मोड में जुड़े हुए हैं। इसलिए, हम उनसे इस मामले में पेश होने और आज से दो सप्ताह की अवधि के भीतर जवाब दाखिल...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
धारा 122 सीआरपीसी - अच्छे व्यवहार के लिए दिए गए बांड के उल्लंघन के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट व्यक्ति को हिरासत में लेने का आदेश दे सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित निरोध के आदेश को बरकरार रखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय VII की योजना को समझाया है, जिसमें शांति और अच्छे व्यवहार के लिए बांड से संबंधित प्रावधान और इस तरह के बांड के उल्लंघन से होने वाले परिणाम भी शामिल हैं।न्यायालय ने प्रावधानों को इस प्रकार समझाया:सीआरपीसी का अध्याय आठवीं सुरक्षा बनाए रखने और नागरिकों द्वारा शांति और अच्छे व्यवहार को बनाए रखने के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट को बांड लेने की शक्ति प्रदान करता है।सीआरपीसी की धारा 107 के...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
धारा 409 आईपीसीः अभियोजन पक्ष को साबित करना चाहिए कि अभियुक्त ने "लोक सेवक की क्षमता" में सौंपी गई संपत्ति के मामले में भरोसे का आपराधिक उल्लंघन किया है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि "धारा 409 आईपीसी के तहत एक अपराध का गठन करने के लिए, अभियोजन को यह साबित करने की आवश्यकता है कि आरोपी को एक लोक सेवक की क्षमता में संपत्ति सौंपी गई थी और उसने उस संपत्ति के लिए आपराधिक विश्वासघात किया था।"जस्टिस संदीप शर्मा ने यह टिप्पणी नायब तहसीलदार की अदालत में एक प्रोसेस सर्वर के रूप में कार्यरत श्याम लाल द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए की थी, जब उन्होंने पार्टियों द्वारा उन्हें न्यायालय के एक अधिकारी की क्षमता से सौंपे गए जुर्माने का गलत इस्तेमाल...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
"व्यक्तिगत बदले के लिए कानूनी प्रक्रिया का इस्तेमाल एक टूल के रूप में किया गया" : दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप एफआईआर खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की उस एफआईआर को रद्द कर दिया जिसमें उसने एक व्यक्ति पर उससे कई बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने एफआईआर खारिज करते हुए कहा कि अभियोक्ता आरोपी के साथ चार साल की लंबी अवधि तक संबंध में थी और एफआईआर केवल तब दर्ज की गई जब यह संबंध शत्रुतापूर्ण रूप से समाप्त हो गया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) (एन), 354, 354 ए के तहत अपराधों के लिए दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर विचार कर रहे थे।शिकायत में महिला ने कहा कि वह...

हिमाचल की फार्मा कंपनी ने खराब गुणवत्ता वाली ऑफलोविस दवा की आपूर्ति की: चेन्नई कोर्ट ने भागीदारों पर 1.2 लाख रुपये जुर्माना लगाया
हिमाचल की फार्मा कंपनी ने खराब गुणवत्ता वाली 'ऑफलोविस' दवा की आपूर्ति की: चेन्नई कोर्ट ने भागीदारों पर 1.2 लाख रुपये जुर्माना लगाया

चेन्नई की एक अदालत ने हिमाचल स्थित क्विक्सोटिक हेल्थ केयर के भागीदारों को 'ऑफलोविस' दवा के खराब गुणवत्ता वाले वेरिएंट की आपूर्ति करने का दोषी पाया है, जिससे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 18 (ए) और 18 (बी) का उल्लंघन होता है।XV मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, जॉर्ज टाउन के समक्ष फार्मास्युटिकल फर्म के तीन भागीदारों ने अपना अपराध स्वीकार किया और दोषी ज्ञापन दायर किया। यह ध्यान देने योग्य है कि ए1 -मैसर्स क्विक्सोटिक हेल्थ केयर और ए2-श्री सतीश सिंघल, जो फर्म का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य...

केरल हाईकोर्ट ने 10 साल की बलात्कार पीड़िता के 30 सप्ताह के गर्भ के मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने 10 साल की बलात्कार पीड़िता के 30 सप्ताह के गर्भ के मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति दी

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक 10 वर्षीय लड़की की मदद की। इसका उसके पिता ने कथित तौर पर यौन शोषण किया था। उसे उसकी आठ महीने (30 सप्ताह) की गर्भावस्था के मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति दी।जस्टिस पी. कुन्हीकृष्णन ने इतनी कम उम्र में गर्भवती हुई बच्ची की दुर्दशा को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए लड़की की मां द्वारा पेश की गई मेडिकल टर्मिनेशन की याचिका को स्वीकार कर लिया।इससे पहले, जब मामला उठाया गया तो नाबालिग लड़की की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन के लिए एक सर्जरी करनी होगी और...

तीन सप्ताह के अंदर सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर उचित निर्णय लें: पटना हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट्स के विकास एवं निर्माण से संबंधित मामले में राज्य के विकास आयुक्ति को निर्देश दिए
'तीन सप्ताह के अंदर सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर उचित निर्णय लें': पटना हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट्स के विकास एवं निर्माण से संबंधित मामले में राज्य के विकास आयुक्ति को निर्देश दिए

पटना हाइकोर्ट (Patna High Court) ने सोमवार को बिहार के एयरपोर्ट्स के विकास एवं निर्माण के संबंध में जमीन अधिग्रहण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के विकास आयुक्त को निर्देश दिया की वह तीन सप्ताह के अंदर सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर इस मामले में उचित निर्णय लें।याचिका में जिन एयरपोर्ट्स के विकास एंव निर्माण का जिक्र किया गया है, उनमें जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट समेत गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, फारबिसगंज , मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल,...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 की स्थिति को देखते हुए अंतरिम आदेशों की अवधि बढ़ाने का आदेश वापस लिया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 की स्थिति को देखते हुए अंतरिम आदेशों की अवधि बढ़ाने का आदेश वापस लिया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में COVID-19 की स्थिति में सुधार को देखते हुए सोमवार को अदालतों के कामकाज, बेदखली, विध्वंस, अब तक अप्रभावित, आदि के आदेशों से संबंधित अंतरिम आदेशों की अवधि बढ़ाने के अपने अप्रैल 2021 के आदेश को वापस ले लिया।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में दर्ज एक स्वत: संज्ञान मामले को बहाल करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जनवरी, 2022 में हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ अदालतों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों के जीवन को 28 फरवरी, 2022 तक बढ़ा...

माल के मालिक द्वारा किसी भी धोखाधड़ी के लिए वाहन का मालिक वैकल्पिक रूप से उत्तरदायी नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
माल के मालिक द्वारा किसी भी धोखाधड़ी के लिए वाहन का मालिक वैकल्पिक रूप से उत्तरदायी नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने कहा कि वाहन का मालिक जो केवल वाहन को छोड़ने की मांग कर रहा है, वह जब्त किए गए सामान (Goods) के लिए जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी नहीं है।न्यायमूर्ति अजय तिवारी और पंकज जैन की खंडपीठ ने देखा है कि वाहन के मालिक को माल पर कर और जुर्माना भरने के लिए मजबूर करने का मतलब यह होगा कि सीजीएसटी अधिनियम की धारा 130 की उप धारा 2 के प्रावधान के तहत वाहन के मालिक को भी किसी भी गलत घोषणा/धोखाधड़ी के लिए माल के मालिक द्वारा जुर्माना भरना...

दिल्ली हाईकोर्ट
स्थानांतरण योग्य नौकरी में कर्मचारी को एक ही स्थान पर पदस्थ रहने का कोई निहित अधिकार नहीं है, अदालतें तुरंत स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप ना करें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि स्थानांतरण योग्य नौकरी में एक कर्मचारी को एक ही स्थान पर तैनात रहने का कोई निहित अधिकार नहीं है, कहा है कि अदालतों को तब तक सार्वजनिक हित में और प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि स्थानांतरण आदेश किसी अनिवार्य वैधानिक नियम के उल्लंघन में या दुर्भावना के आधार पर नहीं किया जाता है।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने कहा कि अगर अदालतें सरकार या उसके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा जारी किए गए...

एमपी हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पताल के खिलाफ मेडिकल लापरवाही को लेकर दायर याचिका खारिज की, दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया
एमपी हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पताल के खिलाफ मेडिकल लापरवाही को लेकर दायर याचिका खारिज की, दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में दो याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में कथित लापरवाही के लिए एक सरकारी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। उक्त लापरवाही के कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई। इससे 17 मरीजों की मौत हो गई।जस्टिस विवेक रूस और जस्टिस अमर नाथ (केशरवानी) की खंडपीठ पीआईएल की प्रकृति में दो रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इसमें याचिकाकर्ता निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे...

हिमाचल प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करेगी
हिमाचल प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करेगी

12 मार्च 2022 को हिमाचल प्रदेश राज्य के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।हिमाचल प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी एक प्रेस नोट जारी कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए अब तक 32,526 मामलों की पहचान की गई है। इनमें से 10,664 पूर्व-मुकदमे के मामले हैं, 21,862 मुकदमेबाजी के बाद के मामले हैं। ये आंकड़े साल 2016 के बाद से सबसे ज्यादा हैं।"लोक अदालत मुख्य संरक्षक माननीय जज मोहम्मद रफीक, चीफ जस्टिस, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के संरक्षण में और माननीय न्यायमूर्ति सबीना,...

कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे को धारा 436-ए सीआरपीसी के तहत विचाराधीन कैदी नहीं माना जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
'कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे को धारा 436-ए सीआरपीसी के तहत विचाराधीन कैदी नहीं माना जा सकता': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने हाल ही में कहा कि कानून का उल्‍लंघन करने वाले एक बच्चे (सीसीएल) को धारा 436-ए सीआरपीसी के तहत विचाराधीन कैदी के रूप में नहीं माना जा सकता है, क्योंकि किशोर न्याय (देखभाल और बच्चों का संरक्षण) अधिनियम, 2015 में गिरफ्तारी/ कारावास/ हिरासत पर विचार नहीं किया गया है।जस्टिस आनंद पाठक दरअसल निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए एक सीसीएल द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण से निपट रहे थे। निचली अदालत ने सीसीएल की अपील खारिज कर दी थी और किशोर न्याय बोर्ड...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान को आरएसएस, भाजपा के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान को आरएसएस, भाजपा के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान को उनके खिलाफ दर्ज एक मामले के संबंध में जमानत दे दी।आजम खान के खिलाफ कथित तौर पर भाजपा, आरएसएस के खिलाफ अपने आधिकारिक लेटरहेड और मुहर का दुरुपयोग करके अपमानजनक बयान देने का एक मामला दर्ज किया गया था। यह देखते हुए कि खान फरवरी 2020 से जेल में है, उसके खिलाफ एक आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है और ट्रायल कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया है, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने कहा कि वर्तमान मामले में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
बहू अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान के आवंटन की हकदारः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि एक बहू अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) का आवंटन पाने की पूरी तरह हकदार है।जस्टिस मनीष माथुर की खंडपीठ ने हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए एक फैसले पर भरोसा किया है, जिसमें यह माना गया था कि एक विधवा बहू अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान के आवंटन के लिए योग्य/पात्र है। इस मामले में न्यायालय शर्मा देवी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रहा था, जिसके अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान के आवंटन के लिए दायर आवेदन को सरकारी...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में किसी भी भाषा की कोई बाध्यता नहीं: केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में किसी भी भाषा की कोई बाध्यता नहीं: केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भाषा की किसी बाध्यता का कोई उल्लेख नहीं है और नीति को संविधान में निहित व्यापक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए समझा, व्याख्या और लागू किया जाना है।उच्च शिक्षा विभाग में अवर सचिव दिनेश टी पाली की ओर से दायर हलफनामे में, शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 4 भागों में वर्गीकृत किया गया है। एनईपी 2020 के अनुसार, उच्च शिक्षा संस्थान स्थानीय/भारतीय भाषाओं में शिक्षा का माध्यम या कार्यक्रम पेश कर सकते...