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लापरवाही का क्लासिक मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के नाबालिग पीड़ितों की जांच करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को संवेदनशील बनाने का आदेश दिया
'लापरवाही का क्लासिक मामला': कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के नाबालिग पीड़ितों की जांच करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को संवेदनशील बनाने का आदेश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य विभाग को राज्य में कार्यरत सभी चिकित्सा अधिकारियों को एक परिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है, जिसमें यौन उत्पीड़न की शिकार बच्ची के प्रति उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निर्धारित किया गया है।जस्टिस एचपी संदेश की सिंगल बेंच ने प्रधान सचिव को दावणगेरे जिले के तालुक सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, जिसने इस मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच की और इस मामले में बिना कोई राय दिए यौन उत्पीड़न का प्रमाण पत्र...

राजद्रोह के लिए हिंसा का आह्वान आवश्यक है, उन्हें जमानत क्यों ना दी जाए?: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोधी भाषण मामले में शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया
'राजद्रोह के लिए हिंसा का आह्वान आवश्यक है, उन्हें जमानत क्यों ना दी जाए?': दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोधी भाषण मामले में शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया इलाके में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित एक मामले में जमानत की मांग की है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की खंडपीठ ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए को 24 मार्च को पोस्ट किया। कोर्ट ने मामले में अभियोजन पक्ष का जवाब मांगा है। उल्लेखनीय है कि विचाराधीन एफआईआर में निचली अदालत ने इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था,...

IIT-मद्रास छात्रा की आत्महत्या का मामला: हाईकोर्ट ने कैंपस ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर रद्द की
IIT-मद्रास छात्रा की आत्महत्या का मामला: हाईकोर्ट ने कैंपस ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर रद्द की

मद्रास हाईकोर्ट ने 'कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया' के कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। इन लोगों ने आत्महत्या करने वाली एक छात्रा के लिए न्याय की मांग करते हुए आईआईटी-मद्रास के सामने विरोध प्रदर्शन किया था।सदस्यों ने लोगों को इकट्ठा किया और नवंबर, 2019 में अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटकने वाली मानविकी प्रथम वर्ष की छात्रा फातिमा लतीफ के सुसाइड नोट में शामिल फैकल्टी को गिरफ्तार करने का विरोध किया।जस्टिस एडी जगदीश चंडीरा की एकल पीठ ने कहा कि विरोध के दौरान हिंसा की कोई...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"धार्मिक टैटू हटाए जाने पर उम्मीदवारी पर विचार करें": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए, एसएसबी परीक्षा के उम्मीदवारों को राहत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने 2018 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले 3 उम्मीदवारों को राहत देते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि अगर वे अपना टैटू हटाते हैं तो उनकी उम्मीदवारी पर विचार किया जाए।दरअसल, उनके दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित कर दिया गया था। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी को निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ताओं के टैटू हटाए जाते हैं तो उस पदों पर चयन के लिए बाधा नहीं माना जा सकता है...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के सामने भी ऐसा ही मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने की याचिका पर आदेश देने से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान के बारां जिले के दो निवासियों द्वारा रूस के आक्रमण के बीच यूक्रेन में फंसे अपने बच्चों को निकालने के लिए दायर एक रिट याचिका में फिलहाल कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने पाया कि इसी तरह का एक मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है।इससे पहले कोर्ट को बताया गया कि केंद्र हर संभव उपाय कर रहा है।जस्टिस अशोक कुमार गौर ने इस स्तर पर कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने कहा,"यह न्यायालय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इसी तरह के मुद्दे को देखते हुए इस पर कोई...

दिल्ली हाई ज्यूडिशल सर्विस एग्जाम 2022: अधिकतम आयु मानदंड को चुनौती देने वाले अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया
दिल्ली हाई ज्यूडिशल सर्विस एग्जाम 2022: 'अधिकतम आयु' मानदंड को चुनौती देने वाले अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया

दिल्ली हाई ज्यूडिशल सर्विस (डीएचजेएस) एग्जाम, 2022 में आवेदन करने और उपस्थित होने के लिए अधिकतम आयु मानदंड 45 वर्ष (1 जनवरी, 2022 तक) को चुनौती देते हुए नौ वकीलों ने हाईकोर्ट का रुख किया।अधिवक्ता आदित्य कपूर, मनिका गोस्वामी, मेधा टंडन, कुशाल कुमार, हर्ष आहूजा और आकाश दीप गुप्ता के माध्यम से दायर याचिका पर कल यानी गुरुवार को सुनवाई होगी।परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 12 मार्च, 2022 है। प्रारंभिक परीक्षा 20 मार्च, 2022 को निर्धारित की गई है। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में...

जमानत आवेदनों पर फैसला करते समय मुकदमे की सुनवाई में देरी एक महत्वपूर्ण विचार: गुजरात हाईकोर्ट
जमानत आवेदनों पर फैसला करते समय मुकदमे की सुनवाई में देरी एक महत्वपूर्ण विचार: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने पुष्टि की है कि "जमानत आवेदनों पर निर्णय लेने में एक महत्वपूर्ण कारक जिसे निश्चित रूप से अदालत द्वारा ध्यान में रखा जाना चाहिए, वह है मुकदमे के समापन में ‌विलंब।"उक्त टिप्‍पणियों के साथ जस्टिस गीता गोपी की खंडपीठ ने केंद्रीय माल और सेवा अधिनियम, 2017 के तहत एक आरोपी को जमानत दे दी।कोर्ट ने कहा, "यहां विभाग की ओर से अपनाई गई जांच की प्रक्रिया ओर इस प्रकार एकत्र किए गए साक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुकदमे में काफी समय लगेगा और ऐसा हो सकता है, अगर जमानत से इनकार किया जाता है, तो...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
'मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव': कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता को 22 हफ्ते 3 दिन की गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने हाल ही में एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता को अपनी 22 हफ्ते 3 दिन की गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी।कोर्ट ने देखा कि इसे जारी रखने से डिप्रेशन हो सकती है। इससे उसके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की एकल पीठ ने कहा, "मेरा मानना है कि यह याचिकाकर्ता-पीड़िता के हित में होगा कि गर्भ को समाप्त कर दिया जाए।" इसके बाद कोर्ट ने जिला सिविल अस्पताल (बेलगावी) को निर्देश दिया कि वह इस तरह की प्रक्रिया के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट की न्यायिक पुनरीक्षा की शक्ति को कम नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम, 2007 संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट को दी गई न्यायिक पुनरीक्षा (judicial review) की शक्ति को न तो हटाता है और न ही हटा सकता है।जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा और जस्टिस विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत क्षेत्राधिकार असाधारण और विवेकाधीन प्रकृति का है। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि अनुच्छेद 226 और 227 के तहत हाईकोर्ट द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियां संवैधानिक शक्तियां हैं और...

धार्मिक टैटू हटाने पर उम्मीदवारी पर विचार करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसबी परीक्षा के उम्मीदवारों को राहत दी
"धार्मिक टैटू हटाने पर उम्मीदवारी पर विचार करें": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसबी परीक्षा के उम्मीदवारों को राहत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2018 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले तीन उम्मीदवारों को राहत प्रदान की। उक्त उम्मीदवारों को हाथों (अंगूठे) के एक निश्चित हिस्से पर कुछ टैटू होने के कारण नौकरी से वंचित कर दिया था। इस संबंध में हाईकोर्ट ने अगर अपना टैटू हटाते हैं तो उनकी उम्मीदवारी केंद्र सरकार को इस पर विचार करने का निर्देश दिया।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी को निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ताओं के टैटू हटा दिए जाते हैं तो उस विशेष विकलांगता को मंत्री पदों पर...

पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने 21 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज करने में विफलता के लिए पुलिस थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने हाल ही में कदमकुआं पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि क्यों न उनके खिलाफ 21 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज करने में विफलता के लिए अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।न्यायमूर्ति संदीप सिंह की खंडपीठ ने कदमकुआं पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की कार्रवाई को अदालत के 21 फरवरी के आदेश के मद्देनजर अवमानना कहा, जिसमें अदालत ने विशेष रूप से आदेश दिया कि इस प्रकार के मामले में पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी एफआईआर दर्ज करने से...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
चतुर्थ श्रेणी के किसी भी कर्मचारी को सामान्यत: जिले से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सोमवार को कहा कि चतुर्थ श्रेणी के किसी भी कर्मचारी को सामान्य रूप से जिले से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की खंडपीठ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ पारित एक स्थानांतरण आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की क्योंकि यह नोट किया गया कि यह प्रकृति में दंडात्मक है। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता माया (एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को राज्य के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा लखनऊ से कानपुर में 12 जुलाई, 2021 के स्थानांतरण आदेश...

चतुर्थ श्रेणी के किसी भी कर्मचारी को सामान्यत: जिले से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
चतुर्थ श्रेणी के किसी भी कर्मचारी को सामान्यत: जिले से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि चतुर्थ श्रेणी के किसी भी कर्मचारी को सामान्य रूप से जिले से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस विवेक चौधरी की खंडपीठ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ पारित एक ट्रांसफर आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट ने नोट किया उक्त आदेश प्रकृति में दंडात्मक है।याचिकाकर्ता माया (एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को राज्य के मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा लखनऊ से कानपुर में 12 जुलाई, 2021 के ट्रांसफर आदेश द्वारा प्रशासनिक आधार पर ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि,...

नींव रखने के 14 साल बाद भी क्‍यों नहीं शुरू हुआ बिहार का पहला स्टील प्लांट?: पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा
नींव रखने के 14 साल बाद भी क्‍यों नहीं शुरू हुआ बिहार का पहला स्टील प्लांट?: पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने शुक्रवार को बिहार में लगने वाले पहले स्टील प्लांट को अब तक नहीं लगाये जाने के मामले में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया सहित केंद्रीय इस्पात मंत्रालय से जवाब मांगा है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने केंद्र सरकार ने पूछा, "नींव पड़ने के 14 साल बाद भी अब तक स्टील प्लांट क्‍यों नहीं शुरू किया गया?" कोर्ट ने केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के सचिव को स्टील प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआत नहीं किये जाने के बारे में विस्तृत हलफनामा...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म द कश्मीर फाइल्स की रिलीज के खिलाफ याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' की रिलीज के खिलाफ याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और हिंदू समुदाय के सदस्यों को सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की आशंका के कथित आधार पर फिल्म "द कश्मीर फाइल्स" की रिलीज को रोकने की मांग वाली एक जनहित याचिका खारिज कर दी।अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे जाने-माने अभिनेताओं की विशेषता वाली विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म इस शुक्रवार 11 मार्च को रिलीज होने के लिए तैयार है।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड...

भ्रष्टाचार अव्यवस्‍था की जननी: गुजरात हाईकोर्ट ने कथित रिश्वतखोरी में शामिल सब-इंस्पेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
"भ्रष्टाचार अव्यवस्‍था की जननी": गुजरात हाईकोर्ट ने कथित रिश्वतखोरी में शामिल सब-इंस्पेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया है कि "भ्रष्टाचार को दर्जे से ना आंका जाए, भ्रष्टाचार अव्यवस्‍था की जननी है, प्रगति की सामाजिक इच्छाशक्ति को नष्ट करती है, अवांछित महत्वाकांक्षाओं को गति देती है, विवेक की हत्या करती है, संस्थानों की महिमा को घटाती है, देश के आर्थिक स्वास्थ्य को अपाहिज बना देती है, भद्रता की भावना को नष्ट करती है और शासन की मज्जा में आघात करता है।"इन्हीं टिप्पण‌ियों के साथ कोर्ट ने आईपीसी की धारा 384, 114, 294बी, 506 (2) और भ्रष्टाचार निवारण अधि‌नियम, 1988 की धारा 7, 12, 13(1)(ए)...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
''छोटे अपराध हैं, नैतिक भ्रष्टता शामिल नहीं'': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर आईपीसी की धारा 354, 498ए के तहत दर्ज एफआईआर रद्द की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पक्षकारों के बीच हुए समझौते के आधार पर (कथित रूप से दहेज की मांग और शीलता भंग करने के आरोप में) पत्नी द्वारा दर्ज करवाई गई एफआईआर को रद्द करते हुए एक पति को राहत प्रदान की है।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा, ''याचिकाकर्ताओं द्वारा किए गए कथित अपराधों में नैतिक अधमता(भ्रष्टता) के अपराध या किसी तरह के गंभीर/जघन्य अपराध शामिल नहीं हैं, बल्कि वह छोटे अपराध हैं, इसलिए यह न्यायालय प्राथमिकी के साथ-साथ इससे जुड़ी सभी कार्यवाही को रद्द करना उचित समझता है। विशेष रूप से इस तथ्य को...

जो सतर्क नहीं उनकी मदद नहीं कर सकते: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अपील दायर करने में 11 साल की देरी को माफ करने से इनकार किया
"जो सतर्क नहीं उनकी मदद नहीं कर सकते": हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अपील दायर करने में 11 साल की देरी को माफ करने से इनकार किया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अपील को दाखिल करने में लगभग 11 वर्षों की देरी को माफ करते हुए सुनवाई करने से इनकार कर दिया।चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने टिप्पणी की,"न्यायालय उन लोगों की मदद नहीं कर सकता जो वर्षों से अपने अधिकारों के लिए सतर्क नहीं हैं और सो रहे हैं।"यहां अपीलकर्ता मूल रिट याचिकाकर्ता है। वह एकल न्यायाधीश के आदेश से व्यथित है। एकल न्यायाधीश ने जनवरी, 2011 में उसकी रिट याचिका को खारिज कर दिया। उसने दिसंबर, 2021 में वर्तमान पत्र पेटेंट...

अज्ञात व्यक्तियों से खतरा होने पर संपत्ति के कब्जे की रक्षा के लिए जॉन डो निषेधाज्ञा आदेश पारित किया जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
अज्ञात व्यक्तियों से खतरा होने पर संपत्ति के कब्जे की रक्षा के लिए 'जॉन डो' निषेधाज्ञा आदेश पारित किया जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अज्ञात व्यक्तियों (जिसे जॉन डो आदेश के रूप में भी जाना जाता है) को बेंगलुरु में एक महिला की संपत्ति पर शांतिपूर्ण कब्जे में हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश पारित किया है।जस्टिस श्रीनिवास हरीश कुमार ने मीरा अजित की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"आदेश XXXIX नियम 1 (ए) सीपीसी में कहा गया है कि वाद के किसी भी पक्ष के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश दिया जा सकता है। खंड (बी) और (सी) के अनुसार, वादी के पक्ष में और प्रतिवादी के खिलाफ निषेधाज्ञा दी जा सकती...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जूनियर वकीलों को 5000 रुपए महीने की वित्तीय सहायता देने की मांग वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जूनियर वकीलों को 5000 रुपए महीने की वित्तीय सहायता देने की मांग वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने मंगलवार को जूनियर वकीलों के लिए उनकी प्रैक्टिस के शुरुआती दौर में उन्हें वित्तीय सहायता / वजीफा देने की मांग करने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में जूनियर वकीलों के लिए वजीफा देने की मांग की गई है, जो तीन साल तक की प्रारंभिक प्रैक्टिस कर रहे हैं। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस मो. फैज आलम खान ने भारत संघ, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल समेत अन्य को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता आशीष कुमार सिंह द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है,...