मुख्य सुर्खियां
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों को न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी-1. जस्टिस केसांग डोमा भूटिया,2. जस्टिस रवींद्रनाथ सामंत,3. जस्टिस सुगातो मजूमदार,4. जस्टिस बिवास पटनायक, और5. जस्टिस आनंद कुमार मुखर्जीउपरोक्त अनुमोदन 19 अप्रैल, 2022 को दिया गया था।कॉलेजियम स्टेटमेंट...
'पीड़िता के आचरण के निष्कर्ष पर पुनर्विचार की आवश्यकता हो सकती है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को बरी करने के खिलाफ राज्य को अपील करने की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने यह देखते हुए कि बलात्कार पीड़िता के आचरण के बारे में ट्रायल जज द्वारा कुछ टिप्पणियों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है, 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए गोवा राज्य को अनुमति दी।कोर्ट ने राज्य की अपील की अनुमति के खिलाफ तेजपाल की प्रारंभिक आपत्तियां खारिज कर दी थीं।जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस आरएन लड्ढा की खंडपीठ ने यह भी कहा कि कानूनी परामर्श के संबंध में पीड़िता के बारे में निष्कर्षों पर भी गौर...
ऐसे सुधारात्मक उपाय करें ताकि आरोपी जमानत लेने के लिए खराब चिकित्सा सुविधाओं का हवाला न दे सके: बॉम्बे हाईकोर्ट ने वरवर राव की याचिका खारिज करते हुए जेल अधिकारियों से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेल की स्थिति और उसमें चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी किए, ताकि भीमा कोरेगांव के आरोपी वरवर राव के साथ-साथ अन्य जेल कैदियों द्वारा की गई शिकायतों का समाधान किया जा सके और भविष्य में वे जेल की खराब चिकित्सा स्थिति के एकमात्र आधार पर ज़मानत न मांगें। सिर्फ मेडिकल आधार पर स्थायी जमानत देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,"यदि मामले पर सख्त रुख नहीं अपनाया जाता है और कमियों को दूर करने के लिए उचित निर्देश जारी नहीं किए जाते हैं तो सभी विचाराधीन...
"अप्रूवर को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता": झारखंड हाईकोर्ट ने तीन साल से जेल में बंद व्यक्ति को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करके जमानत दी
झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में इस बात पर जोर दिया कि एक वादा माफ गवाह (अप्रूवर) को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रहने दिया जा सकता है। कोर्ट ने साथ ही सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपनी शक्ति का इस्तेमाल करके तीन साल से जेल में बंद एक अप्रूवर-याचिकाकर्ता को रिहा करने का आदेश दिया।न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा कि असाधारण और उचित मामलों में, हाईकोर्ट के पास सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अप्रूवर को जमानत पर छोड़ने की शक्ति है या ऐसी परिस्थितियों में भी, जहां ऐसा प्रतीत होता...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी लॉटरी ऑफर, फोन कॉल घोटाले आदि के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए यूपी डीजीपी को व्यक्तिगत हलफनामा देने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर राज्य के पुलिस महानिदेशक से धोखाधड़ी की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए की गई कार्रवाई के संदर्भ में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। इन धोखाधड़ी की गतिविधियों में धोखेबाज़ लोग/संगठन आम लोगों की गाढ़ी कमाई को लूटने के लिए लॉटरी और पुरस्कार के फर्जी प्रस्तावों को लेकर उन्हें फोन करते हैं।जस्टिस जे जे मुनीर की खंडपीठ ने 30 जून, 2021 को जारी न्यायालय के आदेश के अनुसार डीजीपी द्वारा दायर एक हलफनामे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।उसी आदेश में न्यायालय ने निम्नलिखित आदेश जारी...
POCSO केस चार साल से लंबित, आरोपी विलंब करने वाले हथकंडे अपना रहाः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को दिन-प्रतिदिन सुनवाई करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ट्रायल कोर्ट को एक पॉक्सो मामले में दिन-प्रतिदिन के आधार पर जितनी जल्दी हो सके सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला 4 साल से लंबित है और आरोपी इसे लंबा खींचने के लिए समय व्यर्थ करने वाले (विलंब करने वाले) हथकंडे अपना रहा है। जस्टिस आनंद पाठक ने कहा, ''मामले की वास्तविक स्थिति और कानूनी स्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है कि पॉक्सो अधिनियम की धारा 35(1) और (2) के मद्देनजर दिन-प्रतिदिन के आधार पर यथासंभव शीघ्रता से सुनवाई की जाए। ...
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने 2011 के शाहजहांपुर बलात्कार मामला रद्द करने के लिए दायर स्वामी चिन्मयानंद की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस राजीव गुप्ता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद द्वारा उनके खिलाफ वर्ष 2011 में दर्ज एक बलात्कार मामले के संबंध में दायर एक आपराधिक मामला खारिज करने वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। बेंच के समक्ष जब मामला सुनवाई के लिए आया तो बेंच ने टिप्पणी की," मामला यहां से रिलीज़ किया जाता है। माननीय मुख्य न्यायाधीश / वरिष्ठ न्यायाधीश से नामांकन लेने के बाद यदि संभव हो तो 05.05.2022 को इस मामले को किसी अन्य बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करें।"स्वामी...
किसी स्मारक को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने के लिए सरकार को निर्देश नहीं दे सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि न्यायालय किसी भी स्मारक को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने वाली अधिसूचना जारी करने के उद्देश्य से सरकार को निर्देश जारी नहीं कर सकता।मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने एक मो. मोइन कुरैशी ने राज्य सरकार को खान-ए-दौरान की हवेली, मौजा बसई मुस्तकिल (ताजगंज), जिला आगरा के प्राचीन स्मारकों को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने के संबंध में अंतिम अधिसूचना जारी करने का निर्देश देने की मांग की।याचिका में यह प्रस्तुत किया गया था कि 23 अप्रैल, 2015...
ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं होने पर भी बीमा कंपनी मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी, बाद में वाहन मालिक से वसूली कर सकती हैः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि जब मोटर वाहन अधिनियम के तहत दावा प्रस्तुत किया जाता है, तो बीमा कंपनी मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होती है, भले ही वाहन के ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो। कोर्ट ने यह भी कहा है कि बाद में वाहन के मालिक से इस राशि की वसूली की जा सकती है।जस्टिस टीका रमन की (मदुरै) पीठ के समक्ष मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल, पेरियाकुलम द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दुर्घटना में शामिल वाहन के मालिक थानिकोडी ने एक आवेदन दायर किया था,जिस पर पीठ ने उपरोक्त...
पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से बिहार के एयरपोर्ट के विस्तार, विकास और भूमि अधिग्रहण के संबंध में की जा रही कार्रवाई का ब्यौरा मांगा
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने राज्य सरकार (Bihar Government) से बिहार के एयरपोर्ट के विस्तार, विकास और भूमि अधिग्रहण के संबंध में की जा रही कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है।चीफ जस्टिस संजय करोल (Justice Sanjay Karol) और जस्टिस एस कुमार (Justice S Kumar) की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह एंड अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को यह निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी राज्य में एयरपोर्ट के लिए किए जा रहे सर्वे का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया...
"अहंकार के लिए कोई जगह नहीं, अदालत को डराने के लिए कोई लाइसेंस नहीं": बॉम्बे हाईकोर्ट ने पक्षपात के आरोप लगाने पर वकील को फटकार लगाई
बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में कह कि सुनवाई में देरी पर एक वकील की हताशा समझ में आती है, लेकिन इससे उन्हें अदालत को डराने और न्याय के स्रोत को प्रदूषित करने वाले जज के खिलाफ आरोप लगाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई ने एक वकील को जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत के खिलाफ "पक्षपात" करने और "अनुचित" होने के आरोप लगाने के लिए फटकार लगाई और कहा कि वकील का आचरण अशोभनीय था।"न्यायालय के एक अधिकारी के रूप में एक अधिवक्ता न्यायालय की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए एक दायित्व के...
''मां के प्यार की शक्ति को कम करके नहीं आंका जा सकता, यह बिना शर्त बच्चों को मिलना चाहिए'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो बच्चों की कस्टडी मां को सौंपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो बच्चों की कस्टडी उनकी मां को सौंपते हुए इस बात पर जोर दिया है कि एक बच्चे के जीवन में विश्वास और भावनात्मक अंतरंगता की एक मजबूत नींव स्थापित करने के लिए उसको मां का प्यार बिना किसी शर्त के मिलना चाहिए। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने सीमा शर्मा की तरफ से दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हैबियस कार्पस) पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है, जिसमें उसने अपने दो बच्चों की कस्टडी की मांग की गई थी, जो अपनी दादी के साथ रह रहे हैं। संक्षेप में मामला सीमा शर्मा...
वकील मुवक्किल के पापों को सहन नहीं करेगा": मद्रास हाईकोर्ट ने जमानतदारों के फर्जी दस्तावेजों पर वकील के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज किया
मद्रास हाईकोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, थेनी की फाइल पर आरोप पत्र और एक वकील के खिलाफ बदले गए आरोपों के लिए नए सिरे से ट्रायल (de-nova trial) के आदेश को रद्द कर दिया। वकील पर ज़मानत के फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाने का आरोप लगाया गया था।न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन की मदुरै खंडपीठ ने कहा कि वकील केवल जमानत देने के संबंध में अपनी पेशेवर सेवा का निर्वहन कर रहा था। उन्होंने विचाराधीन दस्तावेजों को फ्रेगमेन्टेड या बनाया नहीं था, बल्कि जमानतदार अदालत में आए थे और वे अपने साथ दस्तावेज लाए...
'सीएम को थप्पड़ मारने' की टिप्पणी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को दो सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ उनकी 'थप्पड़' वाली टिप्पणी पर धुले में दर्ज एफआईआर में दो सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।महाराष्ट्र सरकार द्वारा बयान देने से इनकार करने और मंत्री के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के बाद अदालत ने राणे को उक्त सुरक्षा प्रदान की। इन दो हफ्तों के भीतर राणे या तो अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं या एफआईआर के हस्तांतरण की मांग कर सकते हैं।जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस एसएम मोदक की...
मामूली विरोधाभास या मामूली सुधार साक्ष्य को पूरी तरह से खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने हाल ही में कहा कि गवाह द्वारा मामूली विरोधाभास, असंगति या तुच्छ बिंदुओं में सुधार को साक्ष्य को पूरी तरह से खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है।जस्टिस सुनील कुमार पंवार और जस्टिस एएम बदर की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की,"गवाहों के मुंह से कुछ भिन्नताएं स्वाभाविक हैं जो एक वर्ष बीत जाने के बाद बयान दे रहे थे। घटना के स्थान पर अभियोजन पक्ष के गवाहों की उपस्थिति पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है।"यह देखा गया कि गैरकानूनी सभा के एक अधिनियम में, यह महत्वहीन है कि...
कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के नामखाना बलात्कार मामले में आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को जांच की निगरानी करने के आदेश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने शुक्रवार को आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को नामखाना बलात्कार मामले (Namkhana Rape Case) की जांच की निगरानी करने के लिए कहा, जिसमें पश्चिम बंगाल के नामखाना गांव में आठ अप्रैल को पांच पुरुषों द्वारा एक 40 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था और पीड़िता के गुप्तांगों में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का प्रयास भी किया गया था।आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन, जो अब कलकत्ता पुलिस के विशेष आयुक्त हैं, एक दशक पहले हुए पार्क स्ट्रीट सामूहिक बलात्कार...
दस्तावेज की प्रामाणिकता वादी को साबित करनी होगी जो उस पर भरोसा करता है, फिर प्रतिवादी को इसे फर्जी दस्तावेज़ के रूप में खारिज करना है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने हाल ही में दोहराया कि दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को वादी द्वारा साबित करना होगा जो दस्तावेज़ पर निर्भर है। उसके बाद, प्रतिवादियों को दस्तावेज़ की विश्वसनीयता को एक नकली, दिखावटी और फर्जी दस्तावेज़ के रूप में खारिज करना है।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने देखा,"यह अच्छी तरह से तय कानूनी स्थिति है कि प्रारंभिक दायित्व हमेशा वादी पर तथ्य को साबित करने के लिए होता है और यदि वह उस दायित्व का निर्वहन करता है और एक मामला बनाता है जो उसे राहत का हकदार बनाता...
एसबीआई ब्रांच से 11 करोड़ रूपये के सिक्के गायब: राजस्थान हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच ट्रांसफर की
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मेहंदीपुर बालाजी शाखा से 11 करोड़ रूपये के सिक्कों के 'गायब' होने के मामले में कथित तौर पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेश (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार दायर की गई, जिसके तहत 4 मार्च, 2022 को अदालत ने मामले की जांच एजेंसी को ट्रांसफर कर दी थी।रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2021 में बैंक द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में बैंक में जमा किए गए सिक्कों के कुल मूल्य और बैंक द्वारा किए गए एक ऑडिट में पाए गए सिक्कों के बीच विसंगति...
अधिवक्ता के चैंबर से अंतर्जातीय विवाह करने वाली लड़की का अपहरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी/एसपी को मामले की जांच करने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुर्भाग्यपूर्ण मामला बताते हुए बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, प्रयागराज/पुलिस अधीक्षक, जौनपुर को उस लड़की को पेश करने का निर्देश दिया, जिसने अंतर्जातीय विवाह किया था। उक्त लड़की का वकील के चैंबर से जबरदस्ती अपहरण कर लिया गया।जस्टिस उमेश कुमार की पीठ लड़की द्वारा दायर सुरक्षा याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उक्त लड़की ने हाल ही में ओबीसी समुदाय के व्यक्ति से शादी की थी और अपने परिवार के सदस्यों से अपने जीवन और स्वतंत्रता को खतरा बताया था।पिछली सुनवाई में परिवार के सदस्यों ने...
उमर खालिद का भाषण प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं, आपत्तिजनक: दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार को छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली दंगों के बड़े साजिश मामले में खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने यह भी कहा कि अमरावती में उमर खालिद द्वारा दिया गया भाषण, जिसका उल्लेख प्राथमिकी में है, आपत्तिजनक, घृणित और प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं है।उमर खालिद के वकील ने अदालत के...


















