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एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध के लिए यह आवश्यक कि डिसऑनर्ड चेक खाताधारक ने अपने नाम और हस्ताक्षर से जारी किया होः मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने दोहराया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत अपराध के लिए खाताधारक द्वारा अपने नाम और हस्ताक्षर के तहत डिसऑनर्ड चेक जारी किया जाना चाहिए।जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह ने कहा कि केवल उस खाताधारक को ही जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिस खाते से चेक ड्रा किया गया है और इस तरह के दोष को अन्य लोगों तक नहीं बढ़ाया जा सकता है, सिवाय जैसा कि धारा 141 एनआई एक्ट के तहत प्रावधान किया गया है, जो कंपनी या पार्टनरशिप द्वारा और उसकी ओर से अपराधों से संबंधित है, जहां चेक...
शिकायतकर्ता महिला की उम्र 58 वर्ष से कम होने पर वरिष्ठ नागरिक मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल का अधिकार क्षेत्र लागू नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत वरिष्ठ नागरिक होने का दावा करने वाली महिला द्वारा दायर भरण-पोषण याचिका के जवाब में पारित अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के आदेश रद्द करते हुए कहा कि मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल अपने अधिकार क्षेत्र को इस कारण से लागू नहीं कर सकता कि महिला की आयु प्रासंगिक तिथि यानी ऐसे ट्रिब्यूनल के समक्ष कार्यवाही की स्थापना की तारीख को 58 वर्ष से कम थी।जस्टिस अरुण मोंगा की खंडपीठ ने आक्षेपित आदेश को रद्द कर दिया। उन्होंने कहा...
'वकील न्याय वितरण प्रणाली का हिस्सा और पार्सल': पटना हाईकोर्ट ने सभी न्यायालयों में एडवोकेट्स के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा
पटना हाईकोर्ट ने राज्य की सभी अदालतों में वकीलों और उनके मुवक्किलों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कानूनी प्रभारी सचिव को छह सप्ताह के भीतर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने एडवोकेट रमाकांत शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया,प्रभारी सचिव कानून सभी हितधारकों के साथ बैठक कर प्रदेश के वकीलों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना तैयार करेंगे।अदालत ने देखा...
हिरासत में यातना: कलकत्ता हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के आरोपी को जमानत दी, सीसीटीवी फुटेज की जांच और संरक्षण के आदेश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने मंगलवार को एक आरोपी को जमानत दे दी, जिसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत कार्यवाही शुरू की गई थी, यह ध्यान में रखते हुए कि उसे हिरासत में रहते हुए यातना का सामना करना पड़ा था।कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, मुर्शिदाबाद को आरोपी के खिलाफ लगे प्रताड़ना के आरोपों की तुरंत जांच करने और सुनवाई की अगली तारीख पर इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।जस्टिस राजशेखर मंथा आरोपी की पत्नी द्वारा दायर एक...
कृष्णा जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद- मस्जिद परिसर को सील करने की प्रार्थना करते हुए 2 वकीलों ने मथुरा की स्थानीय कोर्ट का रुख किया
विवादित ईदगाह मस्जिद परिसर को सील करने की प्रार्थना के साथ मथुरा की स्थानीय अदालत में आवेदन दायर किया गया है। यह आवेदन एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह और राजेंद्र माहेश्वरी ने दायर की है।आवेदन में दावा किया गया है कि अगर विवादित परिसर को सील नहीं किया गया, तो संपत्ति का धार्मिक चरित्र बदल जाएगा।आवेदन में यह भी मांग की गई है कि शाही ईदगाह मस्जिद परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए, किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगाई जाए और सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट अब इस याचिका पर एक...
आत्महत्या का हर किसी का अलग-अलग पैटर्न, प्रतीत होता है कि मृतक हाइपर-सेंसिटिव थी: झारखंड हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप रद्द किए
झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आवेदक-आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को खारिज करते हुए, अलग-अलग व्यक्तियों के अलग-अलग "आत्महत्या के पैटर्न" पर जोर दिया और कहा कि प्रतीत होता है कि मौजूदा मामले में मृतक 'अति-संवेदनशील' था और अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर सकता था, जिसके चलते उसने इतना बड़ा कदम उठाया।जस्टिस एनके चद्रवंशी ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं था, जो प्रथम दृष्टया यह दर्शाता हो कि आवेदक ने उसे किसी भी तरह से परेशान किया या कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्य किया...
'फ्रीबी से यह अलग नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावी घोषणापत्र में 'नकद लाभ' का वादा करने वाले राजनीतिक दलों की प्रैक्टिस के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावों के दरमियान वोट के बदले नोट की पेशकश की राजनीतिक दलों की कथित प्रैक्टिस के खिलाफ दायर एकजनहित याचिका को खारिज कर दिया है।कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ का विचार था कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही एस सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु राज्य में विचार कर चुका है, और मौजूदा मामला अलग नहीं है।सुब्रमण्यम बालाजी (सुप्रा) में, राजनीतिक दलों द्वारा चुने जाने पर मतदाताओं को फ्रीबीज़ देने का मुद्दा उठाया गया था। उक्त फैसले में सुप्रीम कोर्ट...
केवल आतंकवादी संगठन के साथ संबंध यूएपीए के तहत अपराध नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन को रंगदारी देने के कथित मामले में जमानत दी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि एक आतंकवादी संगठन के साथ एक सदस्य के रूप में संबंध या अन्यथा धारा 38 के तहत अपराध को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा, जब तक कि साथ के जरिए संगठन अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं रखता है।इन्हीं टिप्पणियों के साथ जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस रजनी दुबे की खंडपीठ ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 के तहत दो आरोपियों को जमानत प्रदान की। उन पर सड़क निर्माण कार्य के लिए प्रतिबंधित संगठनों को रंगदारी देने के आरोप थे।सुदेश केडिया बनाम...
स्कूल चेयरमैन द्वारा "नालायक, झोपडपट्टी-छाप" कहे जाने के बाद लड़के ने फांसी लगाई : बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में स्कूल चेयरमैन और अनुशासनात्मक प्राधिकारी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उसने "कोमल दिमाग को चकनाचूर कर दिया" और "उसे गहरी निराशा में डाल दिया।"जस्टिस विनय जोशी ने पिछले महीने आदेश में कहा था कि युवा छात्र ने आवेदक के कृत्य के कारण अपनी जान गंवा दी और उस मामले के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, जहां जांच जारी है।उन्होंने कहा,"गवाहों के बयान के अनुसार, आवेदक ने मृतक नाबालिग...
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण : वाराणसी कोर्ट ने मीडिया में जानकारी लीक करने पर कोर्ट कमिश्नर को हटाया, रिपोर्ट जमा करने के लिए दिया दो दिन का समय
वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को दोनों कोर्ट कमिश्नर को ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया। हालांकि कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर एडवोकेट अजय मिश्रा को हटाने का आदेश दिया है।सर्वे की जानकारी मीडिया में लीक करने के आरोप में एडवोकेट मिश्रा को पद से हटा दिया गया है। अब बाकी दो कमिश्नर सर्वे रिपोर्ट सौंपेंगे।इससे पहले आज विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर के समक्ष एक आवेदन दिया था जिसमें विवादित स्थल के सभी...
पटना हाईकोर्ट ने विधि सचिव को छह सप्ताह के भीतर सभी अदालतों में वकीलों,क्लाइंटों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने राज्य की सभी अदालतों में वकीलों और उनके क्लाइंट के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए विधि सचिव को छह सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने एडवोकेट रमाकांत शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया,"विधि सचिव सभी हितधारकों के साथ बैठक कर पूरे राज्य के वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजना तैयार करें।"कोर्ट ने कहा कि...
अगर सड़कों के बीच में धार्मिक ढांचे आ गए तो सभ्य समाज कैसे बचेगा?: दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को स्पष्ट स्टैंड लेने के लिए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को बिना किसी अनुमति या प्रतिबंधों के सड़कों के बीच में धार्मिक संरचनाओं (स्ट्रक्चर) के बड़े पैमाने पर निर्माण पर गंभीर चिंता व्यक्त की।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने सरकार से कहा:"एक सभ्य समाज इस तरह कैसे चलेगा, अगर सड़क के बीच में चीजें आ रही हैं? आपको स्पष्ट तौर पर संदेश देना होगा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपको मजबूती से सड़क पर उतरना चाहिए और अतिक्रमण करने वाले को वहां से हटाना चाहिए।"बेंच एडवोकेट एसडी विंडलेश द्वारा दायर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉपीराइट अधिनियम की धारा 52(1)(za) के तहत विवाह समारोहों में साउंड रिकॉर्डिंग के उचित उपयोग में सहायता के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की
दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉ. अरुल जॉर्ज स्कारिया को विवाह समारोहों और शादियों में साउंड रिकॉर्डिंग के उचित उपयोग और व्यवहार की सीमा तक कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 52(1)(za) की व्याख्या में सहायता करने के लिए एक्सपर्ट के रूप में नियुक्त किया है।डॉ. स्कारिया नेशलन लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में कानून और सह-निदेशक, सेंटर फॉर इनोवेशन, आईपी और प्रतियोगिता के एसोसिएट प्रोफेसर हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह का विचार था कि उठाए गए मुद्दे का गीतकारों, संगीतकारों, गायकों, साउंड रिकॉर्डिंग निर्माताओं और मालिकों जैसे...
[सैनिक फार्म] अगर कोई इमारत ढह जाती है और लोग मर जाते हैं तो कौन जिम्मेदार होगा?: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को मरम्मत कार्यों की अनुमति देने पर विचार करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को केंद्र के उस फैसले पर आपत्ति जताई, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत रूप से बनाई गई "समृद्ध कॉलोनियों" जैसे सैनिक फार्मों में मौजूदा संरचनाओं में मरम्मत कार्य करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने सैनिक फार्म में क्षेत्र विकास समिति के संयोजक रमेश दुगर की क्षेत्र में कॉलोनियों को नियमित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए करते हुए मौखिक रूप से टिप्पणी की,"क्या होगा अगर कल कुछ...
पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामला: राज्य के आरोप NHRC ने कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के बावजूद खुद का पैनल बनाया, कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयोग से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा लगाए गए आरोप पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से जवाब मांगा कि चुनाव के बाद हुई हिंसा की शिकायतों को देखने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन के न्यायालय के पहले के आदेश के विपरीत पश्चिम बंगाल में पीड़ितों के लिए एनएचआरसी ने 11 सदस्यों की टीम का गठन किया गया।अदालत ने सुनवाई की पिछली तिथि पर इस आरोप की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के कारण 303 से अधिक पीड़ितों को विस्थापित किया गया है,...
करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के लिए दर्ज कई एफआईआर में आरोपी महिला को सीआरपीसी की धारा 437 जमानत का पूर्ण अधिकार नहीं देता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने एक ऐसे मामले की सुनवाई की जहां याचिकाकर्ताओं पर साजिश रचने और कई पीड़ितों से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), मानेसर के साथ निविदा उपलब्ध कराने के बहाने निर्दोष व्यक्तियों को लुभाने के लिए 167 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। कोर्ट ने मामले में कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं, और उन्हें नियमित जमानत देने के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया है।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान की पीठ ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता धारा...
मोयनागुरी यौन उत्पीड़न मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जब्ती गवाहों के हस्ताक्षर के कथित निर्माण की जांच का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को आईपीएस अधिकारी अमित पी. जवालगी को मोयनागुरी यौन उत्पीड़न मामले से संबंधित जब्ती गवाहों के हस्ताक्षर के निर्माण से संबंधित आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साथ ही कहा कि कानून के अनुसार यदि आवश्यक हो तो संबंधित जांच अधिकारी को बदलने के लिए वह स्वतंत्रता हैं।पश्चिम बंगाल के मोयनागुरी में आठवीं कक्षा की लड़की के बलात्कार के प्रयास का अपराध किए जाने के बाद आत्महत्या कर लेने के मामले में यह निर्देश दिया गया है। बलात्कार के प्रयास के संबंध में पुलिस शिकायत...
सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी को धर्म संसद अभद्र भाषा मामले में मेडिकल आधार पर तीन महीने के लिए जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हरिद्वार धर्म संसद में कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण देने के मामले में जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को तीन महीने के लिए जमानत दे दी। अदालत ने हालांकि त्यागी को यह अंडरटैकिंग देने का निर्देश दिया कि वह अभद्र भाषा में शामिल नहीं होंगे और इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल/सोशल मीडिया पर कोई बयान नहीं देंगे।जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के आठ मार्च के आदेश को चुनौती देते हुए त्यागी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका में निर्देश जारी...
मानहानि | मजिस्ट्रेट धारा 500 के तहत अपराध के बारे में शिकायत को धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत जांच के लिए पुलिस को नहीं भेज सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 156 (3) के तहत शुरू की गई एक कार्यवाही को रद्द कर दिया। मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 500 के तहत मानहानि के लिए दायर शिकायत को आगे की जांच के लिए पुलिस को भेज दिया था।हाईकोर्ट ने ऐसा करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी बनाम युनियन ऑफ इंडिया, (2016) 7 SCC 221 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा किया, जिसमें यह माना गया था कि जब शिकायतकर्ता द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष की गई शिकायत में आईपीसी...
समलैंगिक विवाह: दिल्ली हाईकोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग का विरोध करने वाले केंद्र के हलफनामे में 'आपत्तिजनक टिप्पणियों' पर नाराजगी जताई
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने देश में समलैंगिक विवाहों (Same Sex Marriage) की मान्यता और पंजीकरण से संबंधित मामले में कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का विरोध करने वाले केंद्र सरकार के हलफनामे में की गई "आपत्तिजनक टिप्पणियों" पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।केंद्र ने दावा किया कि आवेदक मामले का "अनावश्यक प्रचार" करने का प्रयास कर रहा है और उसका एकमात्र इरादा जनहित में "भ्रम पैदा करना" और मामले को "सनसनीखेज" बनाना है।याचिकाकर्ताओं के सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने अपनी पीड़ा व्यक्त की और प्रस्तुत...

















