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बीरभूम हिंसा - कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका, सीएम ममता बनर्जी पर पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देकर "गवाहों को प्रभावित" करने का आरोप, नोटिस जारी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में भड़की हिंसा के पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आचरण पर सवाल उठाने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। स्थानीय अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता भादु शेख की हत्या की कथित तौर पर जवाबी कार्रवाई में इस घटना में दो बच्चों सहित 8 लोगों की जान चली गई थी।कोर्ट ने 25 मार्च के आदेश में हिंसा की घटना की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद, 8 अप्रैल को अदालत ने...
'आईपीसी की धारा 415 के तहत इरादा आवश्यक; गहन जांच की आवश्यकता': गुजरात हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी, हेराफेरी के अपराधों के लिए दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने आईपीसी की धारा 406, 420, 114 और 120बी के तहत अपराधों के लिए आपराधिक शिकायतों की समाप्ति के लिए प्रार्थना करने वाले एक आवेदन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने ग्रे कपड़ा खरीदने के लिए लाखों रुपए का भुगतान नहीं किया था।आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से वादा किया था कि वे कपड़े बेचे जाने के एक महीने के भीतर माल का भुगतान कर देंगे और इस तरह के वादे के आधार पर कपड़े का बड़ा मूल्य बेचा गया।आरोप लगाया गया कि...
क्या पक्षकारों के आपस में समझौते करने पर नाबालिग के खिलाफ POCSO मामला रद्द किया जा सकता है? कर्नाटक हाईकोर्ट विचार करेगा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़के के खिलाफ मामले में आगे की जांच पर रोक लगा दी है। उक्त लड़के पर नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत आरोप लगाया गया है।पक्षकारों के बीच आपसी समझौता होने पर अभियोजन को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा,"23.05.2022 तक मामले में आगे की जांच पर रोक रहेगी, जो आगे के आदेश पारित होने के परिणाम के अधीन होगी।"याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता की बेटी अभी भी...
मुंबई कोर्ट ने अज़ान के दौरान मस्जिद के बाहर ड्रम बजाने के आरोपी तीन लोगों को अग्रिम जमानत दी
मुंबई की एक अदालत ने हाल ही में अज़ान के दौरान मस्जिद के बाहर ड्रम बजाने के आरोपी तीन लोगों को अग्रिम जमानत दी। कोर्ट ने उक्त आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि उन्होंने नारे नहीं लगाए और हिरासत में उनसे पूछताछ की "बिल्कुल जरूरी नहीं है।"अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसयू बघेले ने कहा,"यह सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है कि विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए सभी कदम उठाए जाएं। राज्य को अपनी आंखें और अपने कान बंद नहीं करने चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप किसी भी व्यक्ति का अपमान होता...
हनुमान चालीसा विवाद: एमपी-एमएलए कपल ने एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, कहा- पुलिस की वर्दी पहने हुए अधिकारी आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे हैं
अमरावती से निर्दलीय विधायक रवि राणा (MLA Ravi Rana) और उनकी पत्नी, सांसद नवनीत राणा (MP Navneet Rana) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के परिवार के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए उनकी गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज दूसरी प्राथमिकी रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है।एडवोकेट रिजवान मर्चेंट द्वारा सुबह के सत्र में इस मामले का उल्लेख करने के बाद जस्टिस पीबी वराले की अध्यक्षता वाली पीठ दोपहर के भोजन के बाद...
"सुप्रीम कोर्ट को फैसला करने दें": स्कूलों में धार्मिक कपड़े और अन्य एसेसरीज प्रतिबंधित करने की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक कपड़े और सामान पहनने से छात्रों को प्रतिबंधित करने का निर्देश देने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस एम दुरईस्वामी और जस्टिस टी.वी थमिलसेल्वी की पीठ हिंदू मुनेत्र कड़गम के नेता अधिवक्ता के गोपीनाथ द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी।पीठ ने कहा कि चूंकि यह मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए वह इस स्तर पर इस पर विचार करने की स्थिति में नहीं है।पृष्ठभूमिअपनी याचिका में गोपीनाथ...
'ईमानदारी, निष्पक्षता और साफ मन से कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वादियों पर समझौता का झूठा दावा करने पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में कहा कि अदालतें पक्षकारों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए होती हैं और जो कोई भी न्यायालय का दरवाजा खटखटाता है उसे साफ हाथों से आना चाहिए और कोई भी भौतिक तथ्य छुपाया नहीं जाना चाहिए।जस्टिस संजय कुमार सिंह की एकल-न्यायाधीश पीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर आवेदन को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।क्या है पूरा...
[सीआरपीसी की धारा 167(2)] डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए केवल चार्जशीट जमा करने की तिथि प्रासंगिक है, चार्जशीट तैयार करने की तिथि नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट (Orissa High Court) ने कहा कि चार्जशीट की 'जमा करने की तारीख' ही एकमात्र प्रासंगिक तारीख है जिसे आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत 'डिफ़ॉल्ट जमानत' देते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए। चार्जशीट की 'तैयारी की तारीख' तब तक मायने नहीं रखती जब तक कि इसे उसी दिन अदालत के सामने पेश नहीं किया जाता है।जस्टिस बिभु प्रसाद राउतरे की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने फैसला सुनाया,"सीआरपीसी की धारा 167 में प्रयुक्त भाषा के अनुसार जांच पूरी होने तक हिरासत अधिकृत है और जांच पूरी होने पर...
डिफ़ॉल्ट जमानत- केवल इसलिए कि अदालतें होली की छुट्टियों पर बंद थीं, अभियोजन पक्ष को निर्धारित समय की समाप्ति के बाद चार्जशीट दाखिल करने का लाभ नहीं मिल सकता : राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए कि होली की छुट्टियों के लिए अदालतें बंद थीं, अभियोजन पक्ष को 60 दिनों की अवधि या कानून द्वारा अनिवार्य समय की निर्धारित अवधि की समाप्ति के बाद आरोप-पत्र दाखिल करने का लाभ नहीं मिल सकता।अदालत ने कहा कि यह कानून का एक व्यवस्थित प्रस्ताव है कि यदि बरामद की गई सामग्री वाणिज्यिक मात्रा से कम है तो चार्जशीट को 60 दिनों की अवधि के भीतर दायर करना आवश्यक है और 60 दिनों की अवधि किसी भी परिस्थिति में बढ़ाई नहीं जा सकती। .याचिकाकर्ता को 17.01.2022 को गिरफ्तार किया गया...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी से पहले पति के खिलाफ बलात्कार के 'झूठे' आरोपों पर एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला पर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी से पहले पति के खिलाफ बलात्कार के 'झूठे' आरोपों पर एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला पर 10 हज़ार रूपये का जुर्माना लगाया। महिला ने बाद में आरोपी से शादी कर ली। हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी रद्द कर दिया। अदालत ने पाया कि एफआईआर दर्ज करना याचिकाकर्ताओं पर शादी कराने के लिए दबाव बनाने का तरीका था।जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा और जस्टिस दीपक वर्मा की पीठ ने कहा,"जांच एजेंसी और अदालतें वाली न्याय वितरण प्रणाली को व्यक्तिगत स्तर पर तय करने का साधन नहीं बनाया जा सकता है,...
शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से में चोट हत्या के लिए पर्याप्त है: उड़ीसा हाईकोर्ट ने रिश्तेदार की हत्या के लिए कपल की सजा की पुष्टि की
उड़ीसा हाईकोर्ट (Orissa High Court) ने हाल ही में माना कि मानव शरीर के किसी भी महत्वपूर्ण हिस्से में एक भी चोट मौत का कारण बन सकती है और ऐसी मृत्यु का कारण बनना, जिसके सबसे संभावित परिणाम का ज्ञान हो, हत्या है।मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति राधा कृष्ण पटनायक की खंडपीठ vs रिश्तेदार की हत्या के लिए दोषी ठहराए जाने के खिलाफ दंपति की अपील को खारिज करते हुए कहा,"पीड़ित को चोट लगी थी, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण हिस्से पर थी। अगर यह पीड़ित के शरीर के किसी अन्य हिस्से पर चोट होती और मौत का...
आरोप तय होने की स्थिति में आरोपी के बरी होने की संभावना पर विचार नहीं, बल्कि यह देखना होगा कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि चिकित्सा साक्ष्य पर संदेह नहीं किया जा सकता है, वह भी आरोप तय करने के चरण में, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून के अनुसार, आरोपी व्यक्ति के बरी होने की संभावना पर विचार नहीं किया जाता है, बल्कि यह देखा जाता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं।सीआरपीसी की धारा 397 (धारा 401 के साथ पठित) के तहत मौजूदा आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को वर्तमान अभियुक्त-याचिकाकर्ता के विरुद्ध आईपीसी की धारा 308, 447, 427, 341, 323 और 325 (धारा 34 के साथ पठित) के तहत आरोप तय...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को 11वीं शताब्दी के माता मृकुला देवी मंदिर में मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal Pradesh High Court) ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को 11 वीं शताब्दी में निर्मित मंदिर माता मृकुला देवी का निरीक्षण करने और आवश्यक मरम्मत शुरू करने के लिए एक विशेष टीम का गठन करने का आदेश दिया है। यह मंदिर लाहौल जिले में स्थित है।गौरतलब है कि कोर्ट ने वर्ष 2020 में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुल्लू द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए माता मृकुला देवी मंदिर की खराब स्थिति का विवरण प्रस्तुत करते हुए स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा शुरू किया था।अब...
गवाह के एग्जामिनेशन-इन-चीफ के आधार पर भी अदालत अभियुक्तों को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत समन कर सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत किसी व्यक्ति को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), 1973 की धारा 319 के तहत केवल गवाह के मुख्य परीक्षण (examination-in-chief) के आधार पर समन कर सकती है और अदालत को ऐसे गवाह के साक्ष्य की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है।उल्लेखनीय है कि सीआरपीसी की धारा 319 के अनुसार, किसी भी जांच या अपराध के मुकदमे के दौरान न्यायालय को अपराध के दोषी प्रतीत होने वाले अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति है।जस्टिस शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने आगे कहा कि सीआरपीसी की धारा...
कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना घर नहीं गिराएंगे, एमपी सरकार ने खरगोन दंगों के आरोपी की पत्नी की याचिका पर हाईकोर्ट में कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ में हाल ही में मध्य प्रदेश राज्य ने आश्वासन दिया है कि अधिकारी कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना याचिकाकर्ता के घर को तोड़ने के लिए आगे नहीं बढ़ेंगे। याचिकाकर्ता महिला का पति खरगोन दंगा मामले में आरोपी है। .याचिकाकर्ता को कथित तौर पर राज्य द्वारा उसके पति की गिरफ्तारी के कारण उसके घर को ढहाने का अल्टीमेटम देने की धमकी दी जा रही थी।याचिकाकर्ता और राज्य द्वारा की गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए जस्टिस वीके शुक्ला ने कहा, प्रतिवादी/राज्य के विद्वान...
गुजरात हाईकोर्ट ने महिला को तीन साल तक किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठने देने का प्रतिबंध हटाया
गुजरात हाईकोर्ट ने एक 29 वर्षीय महिला को अपनी बीमार मां की जिम्मेदारी के साथ-साथ अपना करियर बनाने की कोशिश कर रही महिला को बड़ी राहत देते हुए राज्य अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा उस पर लगाए गया प्रतिबंध हटा दिया। बोर्ड ने उक्त महिला को तीन साल के लिए किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में बैठने पर प्रतिबंध लगाया था। बोर्ड द्वारा आयोजित एक परीक्षा में मोबाइल फोन ले जाने के पर महिला के खिलाफ उक्त प्रतिबंध लगाया गया था।जस्टिस बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने आश्चर्य जताया,"... क्या मोबाइल फोन ले जाने का यह एक...
रेप पीड़िताओं पर किए जाने वाले टू-फिंगर टेस्ट पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए : मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चिकित्सा पेशेवरों द्वारा यौन अपराधों की पीड़िताओं पर किए जाने वाले टू-फिंगर टेस्ट की प्रथा पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। जस्टिस आर. सुब्रमण्यम और जस्टि एन. सतीश कुमार की पीठ ने यह निर्देश जारी किया है क्योंकि पीठ ने यह नोट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी टू-फिंगर टेस्ट का उपयोग यौन अपराधों से जुड़े मामलों में किया जा रहा है, विशेष रूप से नाबालिग पीड़ितों के मामले में,जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह टेस्ट ...
पिता ने बेटी को नेपाल ले जाकर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया : दिल्ली हाईकोर्ट ने माता की याचिका पर सीबीआई को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अमेरिकी नागरिक पिता के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है, जो अपनी पत्नी के साथ चल रहे चाइल्ड कस्टडी के वाद के बावजूद अदालत के आदेशों का उल्लंघन करके अपनी आठ वर्षीय बेटी को नेपाल ले गया।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की खंडपीठ मां द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई कर रही थी। खंडपीठ ने पिता के निरंतर अवमाननापूर्ण आचरण को देखते हुए सीबीआई को उसके खिलाफ ओपन एंडेड...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (18 अप्रैल, 2022 से 22 अप्रैल, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मामूली विरोधाभास या मामूली सुधार साक्ष्य को पूरी तरह से खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता: पटना हाईकोर्टपटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने हाल ही में कहा कि गवाह द्वारा मामूली विरोधाभास, असंगति या तुच्छ बिंदुओं में सुधार को साक्ष्य को पूरी तरह से खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है।जस्टिस...
एससी कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य को हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंज़ूर कर लिया है।सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 अप्रैल, 2022 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी।सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी बयान इस प्रकार है:"सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 अप्रैल, 2022 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस सत्येन वैद्य की उसी हाईकोर्ट के...








![[सीआरपीसी की धारा 167(2)] डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए केवल चार्जशीट जमा करने की तिथि प्रासंगिक है, चार्जशीट तैयार करने की तिथि नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट [सीआरपीसी की धारा 167(2)] डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए केवल चार्जशीट जमा करने की तिथि प्रासंगिक है, चार्जशीट तैयार करने की तिथि नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/07/15/500x300_396705-orissahighcourt.jpg)










