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न्याय के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यदि आवश्यक हो तो धारा 482 सीआरपीसी हाईकोर्ट को सीआरपीसी में विचार नहीं किए गए आवेदनों पर विचार करने का अधिकार देता हैः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
न्याय के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यदि आवश्यक हो तो धारा 482 सीआरपीसी हाईकोर्ट को सीआरपीसी में विचार नहीं किए गए आवेदनों पर विचार करने का अधिकार देता हैः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सीआरपीसी की धारा 482 हाईकोर्ट को असाधारण शक्तियां प्रदान करती है और न्याय की आवश्यकता के मामले में आपराधिक प्रक्रिया संहिता में विचार नहीं किए गए आवेदनों पर विचार करने का अधिकार देती है।कोर्ट ने कहा,"यह खंड इस न्यायालय को उन आवेदनों पर विचार करने की शक्ति देता है जिन पर दंड प्रक्रिया संहिता में विचार नहीं किया गया है, इस घटना में, यह महसूस किया जाता है कि न्याय के उद्देश्यों की आवश्यकता होगी कि न्यायालय असाधारण शक्तियों का प्रयोग कर सकता है जिनका...

शरजील इमाम ने दिल्ली कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के राजद्रोह आदेश के लाभ की मांग की
शरजील इमाम ने दिल्ली कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के राजद्रोह आदेश के लाभ की मांग की

शरजील इमाम ने दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में अपने खिलाफ एफआईआर में अंतरिम जमानत की मांग की है। उक्त एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए के तहत राजद्रोह का अपराध शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया आदेश में केंद्र सरकार को उक्त प्रावधान पर पुनर्विचार करने तक राजद्रोह कानून को स्थगित रखने के लिए कहा था।इमाम पर दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर 22/2020 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यूएपीए के तहत कथित अपराध को बाद में जोड़ा गया। एफआईआर नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ दिल्ली के अलीगढ़ मुस्लिम...

आजम खान मामला: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की जमानत की शर्त पर रोक लगाई, हाईकोर्ट ने जौहर विश्वविद्यालय की जमीन पर कब्जा करने का डीएम को दिया था निर्देश
आजम खान मामला: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की जमानत की शर्त पर रोक लगाई, हाईकोर्ट ने जौहर विश्वविद्यालय की जमीन पर कब्जा करने का डीएम को दिया था निर्देश

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को जमानत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देंशों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत आदेश में कहा था कि जिलाधिकारी को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर को अपने कब्जे में लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि खान के नेतृत्व में ट्रस्ट विश्वविद्यालय का संचालन कर रहा है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की अवकाश पीठ का विचार था कि, प्रथम दृष्टया, जमानत देने के लिए लगाई गई शर्तें असंगत हैं और आरोपियों की उपस्थिति...

राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 148 के पहले प्रावधान की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सरकार को नोटिस जारी किया

एक्टिंग चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस समीर जैन की अध्यक्षता वाली राजस्थान हाईकोर्ट की पीठ ने आयकर अधिनियम की धारा 148 के पहले प्रावधान की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सरकार को नोटिस जारी किया है।याचिकाकर्ता/निर्धारिती ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 148ए के खंड (बी) के तहत जारी नोटिस को चुनौती देते हुए यह रिट याचिका दायर की है।सबसे पहले, इस आधार पर कि प्रारंभिक जांच किए बिना, जो कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 148ए के तहत आवेदन के लिए एक...

गुजरात हाईकोर्ट
जब तक मनमानी का स्पष्ट मामला नहीं बनता, अदालतें संविदात्मक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि आम तौर पर, अदालतें संविदात्मक मामलों में हस्तक्षेप करने से घृणा करती हैं, जब तक कि मनमानी या दुर्भावना या पूर्वाग्रह या तर्कहीनता का स्पष्ट मामला नहीं बनता है।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की पीठ ने कहा कि वाणिज्यिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से तबाही मच सकती है और इसलिए, न्यायालयों को ऐसे मामलों में अपनी सीमाओं का एहसास होना चाहिए।"हालांकि, साथ ही यह कानून का प्रस्ताव भी है कि संवैधानिक न्यायालय मौलिक अधिकारों का संरक्षक होने के नाते,...

आयोजक जिम्मेदार: केरल हाईकोर्ट ने पुलिस को बच्चे द्वारा भड़काऊ नारे लगाने पर रैली आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया
'आयोजक जिम्मेदार': केरल हाईकोर्ट ने पुलिस को बच्चे द्वारा भड़काऊ नारे लगाने पर रैली आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अगर रैली के दौरान समाज की शांति भंग करने वाली कोई विवादास्पद टिप्पणी/नारे लगाए जाते हैं तो रैली के आयोजक भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने पुलिस को रैली के आयोजकों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत ने पिछले शनिवार को अलाप्पुझा जिले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा आयोजित 'जन महा सम्मेलन' में सार्वजनिक सम्मेलनों, मार्च, सामूहिक अभ्यास और मोटरसाइकिल रैलियों पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर उक्त टिप्पणी की। ...

गुजरात हाईकोर्ट
एमएसएमईडी अधिनियम की धारा नौ के अनुसार 75% से अधिक राशि का प्री-डिपोसिट किश्तों में जमा किया जा सकता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पक्षकार को माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (एमएसएमईडी) एक्ट, 2006 के तहत अपील की अनुमति दी। उक्त पक्षकार अधिनियम की धारा 19 के तहत पूर्व-डिपोज़िट बनाने के लिए अर्थात् 75% राशि का किस्तों में करने की मांग कर रहा था।याचिकाकर्ता अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के आदेश से पीड़ित था। उक्त न्यायाधीश ने अवॉर्ड अमाउंट के 75% को जमा करने के लिए समय के विस्तार के उसके आवेदन को अस्वीकार कर दिया था।जस्टिस एनवी अंजारिया और जस्टिस समीर देव की पीठ ने कहा कि इस मामले...

सिंगल मैन और शादीशुदा महिला के लिए अधिनियम भेदभावपूर्ण: दिल्ली हाईकोर्ट में असिस्टेंट प्रोड्यूसर टेक्नोलॉजी एक्ट और सरोगेसी एक्ट के खिलाफ याचिका दायर
"सिंगल मैन और शादीशुदा महिला के लिए अधिनियम भेदभावपूर्ण": दिल्ली हाईकोर्ट में असिस्टेंट प्रोड्यूसर टेक्नोलॉजी एक्ट और सरोगेसी एक्ट के खिलाफ याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया कि उक्त प्रावधान सरोगेसी के माध्यम से अपने परिवार का विस्तार करने के इच्छुक सिंगल मैन और विवाहित महिला, जिसके पास पहले से ही बच्चा है, के साथ भेदभाव करते हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस सचिन दत्ता की डिवीजन बेंच इस मामले शुक्रवार को सुनवाई करेगी।एडवोकेट आदित्य समदर के माध्यम से दायर की गई याचिका में तर्क...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के 6 जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के 6 जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने निम्नलिखित हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह (आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट);जस्टिस चित्त रंजन दास (वर्तमान में उड़ीसा हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट);जस्टिस सुभासिस तालापात्रा (त्रिपुरा हाईकोर्ट से उड़ीसा हाईकोर्ट);जस्टिस लानुसुंगकुम जमीर (मणिपुर हाईकोर्ट से गुवाहाटी हाईकोर्ट);जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट से बॉम्बे हाईकोर्ट);जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से...

मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा देने वाले लोगों पर जुर्माना की राशि  बढ़ाकर 50 हज़ार रुपए तक करें : दिल्ली हाईकोर्ट
मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा देने वाले लोगों पर जुर्माना की राशि बढ़ाकर 50 हज़ार रुपए तक करें : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि वह मच्छर प्रजनन के लिए दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को गंभीरता से ले। कोर्ट ने इसके साथ ही कहा कि मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा देने वाले लोगों पर जुर्माना की राशि बढ़ाकर 50 हज़ार रुपए तक किया जाना चाहिए।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जमीत सिंह की डिवीजन बेंच का विचार था कि जुर्माना लगाने की जांच की जानी चाहिए, अगर लोगों को उनके परिसर में मच्छर प्रजनन की अनुमति नहीं है।बेंच ने कहा,"हम यह भी विचार कर रहे हैं कि जहां संस्थानों...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
[मुंबई लोकल] सीजन टिकट रखने वाला व्यक्ति रेलवे अधिनियम के तहत दुर्घटना मुआवजे के लिए वास्तविक यात्री है, भले ही आईडी कार्ड न हो: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने कहा है कि सीजन टिकट रखने वाला व्यक्ति रेलवे अधिनियम (Railway Act), 1989 के तहत मुआवजे का दावा करने के उद्देश्य से एक वास्तविक "यात्री" है, यहां तक कि पहचान पत्र के अभाव में भी।कोर्ट ने कहा कि सीजन टिकट के साथ आईडी कार्ड दिखाने में विफल रहने वाले यात्री को टिकट रहित यात्री मानने के मंत्रालय के निर्देश अनिवार्य नहीं हैं।जस्टिस संदीप के शिंदे ने इस प्रकार रेलवे दावा न्यायाधिकरण के 17 मार्च, 2009 के आदेश को रद्द कर दिया और रेलवे दावा न्यायाधिकरण को निर्देश दिया...

दिल्ली हाईकोर्ट
जब पक्षकारों को मध्‍यस्‍थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 8 के तहत मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जाता है तो वादी कोर्ट फीस की वापसी का हकदार नहीं है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने माना है कि जब पक्षकारों को मध्‍यस्‍थता एवं सुलह अधिनियम [Arbitration and Conciliation Act] की धारा 8 के तहत मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जाता है तो वादी कोर्ट फीस की वापसी का हकदार नहीं है।जस्टिस अमित बंसल की एकल पीठ ने माना कि कोर्ट फीस अधिनियम की धारा 16[1] का लाभ वादी को तभी मिलेगा जब पक्षकारों को सीपीसी की धारा 89 के तहत निपटान के लिए मध्यस्थता के लिए भेजा जाता है, न कि मध्‍यस्‍थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 8 के तहत।वादी ने तर्क दिया कि चूंकि...

फिल्मों के टाइटल ट्रेडमार्क कानून के तहत मान्यता प्राप्त करने में सक्षम हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
फिल्मों के टाइटल ट्रेडमार्क कानून के तहत मान्यता प्राप्त करने में सक्षम हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में एक तर्क को खारिज कर दिया है कि फिल्मों के टाइटल ट्रेडमार्क कानून के तहत पंजीकृत नहीं किए जा सकते हैं और यह माना कि 'शोले (SHOLAY)' शब्द एक प्रतिष्ठित फिल्म का टाइटल होने के कारण सुरक्षा से रहित मार्क नहीं माना जा सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि कुछ फिल्में साधारण शब्दों की सीमाओं को पार कर जाती हैं और फिल्म का टाइटल 'शोले' उनमें से एक है।अदालत ने कहा,"टाइटल और फिल्में ट्रेडमार्क कानून के तहत मान्यता प्राप्त करने में सक्षम हैं और भारत में...

बच्चा कोई वस्तु नहीं है, माता-पिता की आय और बेहतर शिक्षा की संभावना कस्टडी तय करने का एकमात्र मानदंड नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
बच्चा कोई वस्तु नहीं है, माता-पिता की आय और बेहतर शिक्षा की संभावना कस्टडी तय करने का एकमात्र मानदंड नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 9 साल की एक बच्‍ची की गॉर्जियनश‌िप उसकी मां को प्रदान की है। जस्टिस गौतम भादुड़ी ने अपने फैसले में कहा, ऐसे मामलों का फैसला केवल कानूनी प्रावधानों की व्याख्या करके नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'यह एक मानवीय समस्या है और इसे मानवीय स्पर्श से हल करना होगा।'मौजूदा मामले में पिता ने एक फैसले के खिलाफ अपने बच्चे की कस्टडी की मांग करते हुए एक अपील दायर की। फैसले में उन्हें उसे मुलाक़ात के अधिकार से वंचित कर दिया गया था।उन्होंने 2007 में शादी की और 2012 में उन्हें एक बच्चा...

बीएससी नर्सिंग में एडमिशन के लिए NEET-UG अनिवार्य: दिल्ली हाईकोर्ट ने एनटीए अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
बीएससी नर्सिंग में एडमिशन के लिए NEET-UG अनिवार्य: दिल्ली हाईकोर्ट ने एनटीए अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली बीएससी नर्सिंग कोर्स एडमिशन से संबंधित अपील खारिज कर दी। एनटीए ने बीएससी नर्सिंग में एडमिशन के लिए NEET-UG को अनिवार्य कर दिया है। वर्तमान याचिका मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस सचिन दत्ता की खंडपीठ ने कहा कि अपीलकर्ताओं का मामला सलोनी यादव मामले से अलग नहीं है, जहां यह माना गया था कि सैन्य नर्सिंग...

पटना हाईकोर्ट ने भष्टाचार के मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने, अंतरिम जमानत देने से इनकार किया
पटना हाईकोर्ट ने भष्टाचार के मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने, अंतरिम जमानत देने से इनकार किया

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने भ्रष्टाचार मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति (वीसी) राजेंद्र प्रसाद उर्फ डॉ. राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया।इसके साथ ही जस्टिस आशुतोष कुमार ने अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कहा,"अगर याचिकाकर्ता विशेष कोर्ट के समक्ष सरेंडर करता है और जमानत के लिए निवेदन करता है, तो याचिका पर इस आदेश में की गई किसी भी टिप्पणी से बगैर पूर्वाग्रह के अपने योग्यता पर विचार किया जाएगा।"इस प्रकार कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने और और...

कृष्णा जन्मभूमि विवाद: मथुरा कोर्ट ने वादी को शाही ईदगाह कमेटी को वाद की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
कृष्णा जन्मभूमि विवाद: मथुरा कोर्ट ने वादी को शाही ईदगाह कमेटी को वाद की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया

मथुरा की एक स्थानीय अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में वादी को यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और प्रबंधन समिति, ट्रस्ट कथित शाही मस्जिद ईदगाह सहित प्रतिवादियों के पक्ष में अपने वाद की एक प्रति देने का निर्देश दिया है।मथुरा जिला अदालत द्वारा मुकदमा (देवता भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से दायर) को बहाल किए जाने के बाद आज पहली बार स्थानीय अदालत में मामले की सुनवाई हुई और कहा गया कि यह सुनवाई योग्य है और याचिकाकर्ताओं को इसे दायर करने का अधिकार है।मामले को सिविल जज...

पटियाला कोर्ट ने जीएसटी रिफंड क्लेम करने के लिए जाली सर्टिफिकेट तैयार करने में शामिल होने के आरोपी सीए को जमानत देने से इनकार किया
पटियाला कोर्ट ने जीएसटी रिफंड क्लेम करने के लिए जाली सर्टिफिकेट तैयार करने में शामिल होने के आरोपी सीए को जमानत देने से इनकार किया

पटियाला हाउस कोर्ट ने जीएसटी रिफंड क्लेम करने वाली फर्जी कंपनियों के सर्टिफिकेट तैयार करने के आरोपी सीए को जमानत देने से इनकार कर दिया।मनोज कुमार राणा (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) की पीठ ने पाया कि सीए सरकारी खजाने को 7,60,89,626/- रुपये का नुकसान पहुंचाने में शामिल है। इस प्रकार, उन्होंने सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 132 (1) (i) सपठित 132(1) (बी) (सी) (ई) (एफ) के तहत अपराध किया है। सीए ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में शामिल रहा है। इससे फर्जी कंपनियां जीएसटी रिफंड का दावा करती हैं,...

दिल्ली हाईकोर्ट
मातृत्व अवकाश| मौलिक अधिकार के रूप में मां के समय पर शिशु का दावा उसके निजता और एजेंसी के अधिकार का अतिक्रमण कर सकता है: एमिकस क्‍यूरी ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया

मां से देखभाल के अपने अधिकार को लागू करने की मांग वाली चार महीने के बच्चे की याचिका के संबंध में एमिकस क्यूरी ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि मौलिक अधिकार के रूप में अपनी मां के समय पर शिशु का 'अचेतन दावा' उसकी निजता और एजेंसी के अधिकार का अतिक्रमण कर सकता है।मामले में एमिकस क्यूरी एडवोकेट शाहरुख आलम ने उस बच्ची की याचिका में अपना पक्ष रखा, जिसकी मां को उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने मातृत्व अवकाश से वंचित कर दिया था।याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 को लागू करते हुए अपने माता-पिता द्वारा...

किसी को भी केवल धारणा और अनुमान के आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट में हत्या के आरोपी का तर्क, जमानत मिली
"किसी को भी केवल धारणा और अनुमान के आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जा सकता": राजस्थान हाईकोर्ट में हत्या के आरोपी का तर्क, जमानत मिली

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को उसके वकील की दलीलें सुनने के बाद जमानत दे दी है, जिसमें कहा गया है कि किसी को भी केवल धारणा और अनुमान के आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।अपीलकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और अभियोजन पक्ष का मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है, हालांकि सुने सबूत के अलावा कोई भी परिस्थिति उपलब्ध नहीं है।भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 60 पर भरोसा करते हुए, अपीलकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि किसी भी घटना का मौखिक साक्ष्य...