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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NOIDA सीईओ रितु माहेश्वरी के खिलाफ अवमानना याचिका में गैर ज़मानती वारंट जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NOIDA सीईओ रितु माहेश्वरी के खिलाफ अवमानना याचिका में गैर ज़मानती वारंट जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईएएस अधिकारी रितु माहेश्वरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। रितु माहेश्वरी भूमि अधिग्रहण से संबंधित अवमानना ​​​​मामले में अदालत में पेश नहीं होने के बाद अदालत ने यह वारंट जारी किया।जस्टिस सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने और 13 मई को अगली सुनवाई के लिए अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मनोरमा कुच्छल और एक अन्य व्यक्ति द्वारा दायर अवमानना ​​याचिका...

राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत इच्छित विवाह की सूचना के अनिवार्य प्रकाशन के‌ खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत "इच्छित विवाह की सूचना" के अनिवार्य प्रकाशन के‌ खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक जोड़े की ओर से दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 6 (2) और 6 (3) को प्रकृति में निर्देशिका के रूप में घोषित करने की मांग की गई है, जहां तक कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 5 के तहत प्रस्तुत इच्छित विवाह की लिखित सूचना के प्रकाशन का प्रावधान है।याचिका में विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 7 और 8 को प्रकृति में निर्देशिका के रूप में घोषित करने की भी मांग की गई, जहां तक ​​कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 6 (2) और...

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के चक्कर में न पड़ें: केरल हाईकोर्ट ने बच्चों को जबरदस्ती वैक्सीन लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के चक्कर में न पड़ें': केरल हाईकोर्ट ने बच्चों को जबरदस्ती वैक्सीन लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में राज्य भर में बच्चों के कथित जबरदस्ती वैक्सीनेशन को रोकने की मांग की गई थी। याचिका में पाया गया कि याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर अदालत का रुख किया था।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा नाबालिगों के जबरदस्ती वैक्सीनेशन का कोई विशेष उदाहरण दर्ज करने में विफल रहने के बाद दिलचस्प टिप्पणियों के साथ याचिका खारिज कर दी।खंडपीठ...

तजिंदर बग्गा गिरफ्तारी मामला: पंजाब सरकार ने हरियाणा पुलिस द्वारा कथित रूप से हिरासत में लिए गए अपने पुलिस अधिकारियों की रिहाई के लिए हाईकोर्ट का रुख किया
तजिंदर बग्गा गिरफ्तारी मामला: पंजाब सरकार ने हरियाणा पुलिस द्वारा कथित रूप से हिरासत में लिए गए अपने पुलिस अधिकारियों की रिहाई के लिए हाईकोर्ट का रुख किया

पंजाब पुलिस ने हरियाणा पुलिस की कथित अवैध हिरासत से अपने अधिकारियों की रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Plea) दायर कर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। यह घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी मामले में सामने आया है।गौरतलब है कि बग्गा को शुक्रवार सुबह पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि हरियाणा पुलिस के हस्तक्षेप और दिल्ली कोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली पुलिस शाम को बग्गा को वापस दिल्ली लाने में सफल रही। बग्गा को थानेसर पुलिस...

समय बीतने के साथ रिश्ते में संदेह पुख्ता होने के बावजूद पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुईः झारखंड हाईकोर्ट
समय बीतने के साथ रिश्ते में संदेह पुख्ता होने के बावजूद पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुईः झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 90 के तहत पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुई। रिश्ते में आया संदेह समय बीतने के साथ मजबूत हो गया, इसके बावजूद पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुई। भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत आरोपी की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए, जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने कहा कि, ''अगर पीडब्ल्यू-4 के मन में कोई गलतफहमी थी, तो वह रिश्ते के शुरुआती चरण में थी, लेकिन बाद में पीडब्ल्यू-4 का विश्वास मजबूत हो गया, क्योंकि अपीलकर्ता की...

पटना हाईकोर्ट ने भष्टाचार के मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
पटना हाईकोर्ट ने भष्टाचार के मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

पटना हाईकोर्ट ने मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति (वीसी) राजेंद्र प्रसाद उर्फ ​​डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भ्रष्टाचार के एक मामले में तत्काल राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 9 मई 2022 तक रोक लगा दी।जस्टिस आशुतोष कुमार की एकल पीठ ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया,"इन मामलों की सुनवाई की अगली तारीख (9 मई) तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।"विशेष सतर्कता इकाई के लिए पीपी राणा विक्रम सिंह ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कोलकाता में मृत मिला भाजपा कार्यकर्ता: हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की

कलकत्ता हाईकोर्ट में शुक्रवार को जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई। उक्त याचिका में 26 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता की मौत के संबंध में अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई है, जो शुक्रवार की सुबह इमारत के अंदर लटका हुआ पाया गया।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान अर्जुन चौरसिया के रूप में हुई है, जो उत्तरी कोलकाता के घोष बागान इलाके में एक इमारत के अंदर लटका हुआ पाया गया। वह भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी थे।एडवोकेट सुबीर सान्याल द्वारा दायर जनहित याचिका में अप्राकृतिक मौत की...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
अवमानना शुरू होने तक निर्देशों का पालन नहीं करना यूपी सरकार की आदत : शीर्ष अधिकारियों के समन के खिलाफ राज्य की अपील पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्‍पणी

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल से कथित तौर पर लापता 82 वर्षीय कोविड रोगी के मामले में शुक्रवार को कड़ी टिप्पणी की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना ने उत्तर प्रदेश की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता से कहा, "आप निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, आखिरी मिनट में जब अवमानना ​​​​की मांग ली जाती है तो आप आते हैं। यह आपके राज्य की आदत है!"उल्लेखनीय है कि मामले में बुजुर्ग के बेटे बेटे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी जिसमें बुजुर्ग को अस्पताल की...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पत्नी को गंभीर खतरे के तहत तलाक की कार्यवाही में भाग लेने के लिए 55 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती हैः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रांसफर याचिका को अनुमति दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने (28 अप्रैल, 2022) पिछले सप्ताह तलाक के एक मामले में एक पत्नी द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका को अनुमति देते हुए कहा है कि एक नाबालिग बच्चे की मां/पत्नी के लिए 55 किमी की दूरी तय करना मुश्किल है। इसलिए इस आधार पर उसकी ट्रांसफर याचिका को स्वीकार किया जाता है। जस्टिस फतेह दीप सिंह की खंडपीठ ने कहा कि यह निश्चित रूप से असाधारण प्रकृति की अनुचित कठिनाई का मामला है, जिसमें न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इस मामले में आवेदक-पत्नी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश,...

अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण की शक्ति सीमित, दूसरी अदालत के दृष्टिकोण को प्रतिस्‍थापित करने भर के लिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट का वाद संपत्ति की मरम्मत का निर्देश देने से इनकार
अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण की शक्ति सीमित, दूसरी अदालत के दृष्टिकोण को प्रतिस्‍थापित करने भर के लिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट का वाद संपत्ति की मरम्मत का निर्देश देने से इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत शक्तियों का प्रयोग केवल ट्रिब्यूनल/ अधीनस्थ न्यायालयों को अधिकार की सीमा के भीतर रखने के दृष्टिकोण से ही संयम से किया जाना चाहिए।उक्‍त टिप्‍पणियों के साथ हाईकोर्ट ने एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रतिवादी को यह निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी वह वाद संपत्ति में आवश्यक मरम्मत करा दे। सिटी सिविल कोर्ट ने याचिकाकर्ता की प्रार्थनका आस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस अशोक कुमार जोशी की...

एनडीएमसी ने मां को मातृत्व अवकाश देने से इनकार किया; 3 महीने के बच्चे ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
एनडीएमसी ने मां को मातृत्व अवकाश देने से इनकार किया; 3 महीने के बच्चे ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

एक 3 महीने के बच्चे ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के समक्ष एक याचिका दायर कर अपने "मातृ देखभाल के अधिकार" को लागू करने की मांग की है क्योंकि उसकी मां को उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा मातृत्व अवकाश देने से इनकार कर दिया गया है। छुट्टी इसलिए मना कर दी गई क्योंकि यह उसका बच्चा है।याचिकाकर्ता ने अपने माता-पिता की देखभाल के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत अपने अधिकारों का दावा किया है।दूसरी ओर एनडीएमसी ने केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 43(1) पर अपने निर्णय के...

पटना हाईकोर्ट लंबित जमानत आवेदनों की सुनवाई के लिए अदालत के घंटों के बाद अतिरिक्त 30 मिनट के लिए सत्र में रहेगा
पटना हाईकोर्ट लंबित जमानत आवेदनों की सुनवाई के लिए अदालत के घंटों के बाद अतिरिक्त 30 मिनट के लिए सत्र में रहेगा

पटना हाईकोर्ट "लंबित जमानत आवेदनों" की सुनवाई के लिए 25 अप्रैल से आदालत के घंटे खत्म होने के बाद सवा चार बजे के बाद भी अतिरिक्त 'आधे घंटे' काम करेगा। हाईकोर्ट एडमि‌निस्ट्रेशन की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि बेंच अगले आदेश तक 25 अप्रैल 2022 (सोमवार) से जमानत मामलों की विशेष सुनवाई के लिए शाम 04.15 बजे से शाम 04.45 बजे तक सेशन में रहेंगी। गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एसबी उपाध्याय ने पटना हाईकोर्ट में जमानत आवेदन के लंबित रहने पर लाइव लॉ में एक कॉलम लिखा...

खरीद दस्तावेज में पति के नाम की मौजूदगी के लिए पत्नी को पूंजीगत लाभ छूट से वंचित नहीं किया जा सकता: आईटीएटी
खरीद दस्तावेज में पति के नाम की मौजूदगी के लिए पत्नी को पूंजीगत लाभ छूट से वंचित नहीं किया जा सकता: आईटीएटी

आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) की बेंगलुरू पीठ ने एक फैसले में कहा है कि खरीद दस्तावेज में पति का नाम होने भी से पत्नी को कैपिटल गेन छूट से इनकार नहीं किया जा सकता है। पीठ में एनवी वासुदेवन (उपाध्यक्ष) और बीआर भास्करन (लेखाकार सदस्य) शामिल थे।अपीलकर्ता/निर्धारिती (assessee) एक व्यक्ति है, और उसने विचाराधीन वर्ष के लिए अपनी आय का रिटर्न दाखिल किया था, जिसमें कुल आय 9,06,860 रुपये थे। निर्धारिती ने भूमि की बिक्री पर शुद्ध दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (long-term capital gain) अर्जित किया था और आयकर...

ललितपुर रेप केस: यूपी कोर्ट ने नाबालिग गैंग रेप पीड़िता के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार एसएचओ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
ललितपुर रेप केस: यूपी कोर्ट ने नाबालिग गैंग रेप पीड़िता के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार एसएचओ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

13 साल की सामूहिक बलात्कार पीड़िता (Gang Rape Victim) के साथ बलात्कार (Rape Case) के आरोप में गिरफ्तार स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ), तिलकधारी सरोज को गुरुवार को यूपी कोर्ट (UP Court) ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक के हवाले से कहा,"आरोपी एसएचओ तिलकधारी सरोज को जिला अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।"नाबालिग पीड़ित लड़की के साथ कथित तौर पर तीन दिनों तक चार लड़कों ने बलात्कार किया और उसके...

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए ब्याज पर आयकर लागू नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए ब्याज पर आयकर लागू नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट की एक बेंच ने माना कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 171 के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा दिया गया ब्याज आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर योग्य नहीं है। बेंच में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस निशा एम ठाकोर शामिल थे।मामले में रिट आवेदक, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एक बीमा कंपनी है। अहमदाबाद के सिटी सिविल कोर्ट में मोटर दुर्घटना दावा याचिका दायर की गई थी। दावा याचिका को एमएसीटी ने अनुमति दी थी।बीमा कंपनी ने 26 मार्च, 2019 को आयकर विभाग के पास टीडीएस राशि...

फ्री स्पीच सीमा को पार किया लेकिन प्रथम दृष्टया राजद्रोह नहीं बनता: स्पेशल कोर्ट ने सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा जमानत
फ्री स्पीच सीमा को पार किया लेकिन प्रथम दृष्टया राजद्रोह नहीं बनता: स्पेशल कोर्ट ने सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा जमानत

स्पेशल कोर्ट ने अपने जमानत आदेश में कहा कि यह देखते हुए कि निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा ने हनुमान चालीसा विवाद में मीडिया को दिए अपने साक्षात्कार में फ्री स्पीच की सीमा को पार किया पर उनके कृत्य प्रथम दृष्टया राजद्रोही नहीं है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास के बाहर जबरन हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को राजद्रोह की एफआईआर में दोनों को सशर्त जमानत दे दी।स्पेशल जज आरएस रोकड़े ने विस्तृत आदेश में कहा,"निस्संदेह, आवेदकों ने भारत के संविधान के...

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 41(एच) के तहत अधिक प्रभावी उपाय उपलब्ध है, इसका चयन पार्टी का कानूनी दायित्व है: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 41(एच) के तहत अधिक प्रभावी उपाय उपलब्ध है, इसका चयन पार्टी का कानूनी दायित्व है: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल, 2022 को एक पुनर्विचार याचिका पर विचार करते हुए कहा कि यह सुस्थापित कानून है कि विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 41 (एच) के तहत वैधानिक प्रावधानों के आलोक में, जहां एक अधिक प्रभावकारी उपाय उपलब्ध है, उसका चयन पार्टी का कानूनी दायित्व है।न्यायमूर्ति फतेह दीप सिंह की पीठ ने वकील की दलीलों का मूल्यांकन किया कि पति इस आधार पर स्थायी निषेधाज्ञा के परिणामी राहत के साथ एक मात्र घोषणा और अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग कर रहा है कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत एक...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जमानत के चरण में अभियोजन पक्ष के गवाहों के मार्शलिंग की अनुमति नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 11 वर्षीय बलात्कार पीड़िता द्वारा दिए गए स्पष्ट बयान पर विचार करते हुए हाल ही में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जमानत पर विचार करने के चरण में अभियोजन पक्ष के गवाहों की मार्शलिंग की अनुमति नहीं है।जस्टिस अनिल वर्मा ने देखा:"जमानत के विचार के स्तर पर सतीश जग्गी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य और अन्य के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अभियोजन पक्ष के गवाहों की मार्शलिंग की अनुमति नहीं है। कोर्ट ने (सीआरए संख्या 651 / 2007)...