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ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। ज़ुबैर को रविवार को दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और उनके ट्वीट के जरिए दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीएमएम स्निग्धा सरवरिया ने देखा कि जुबैर मामले की जांच में "असहयोगी" बना हुआ है और ट्वीट पोस्ट करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस की बरामदगी अभी बाकी है।आदेश में कहा गया है," यह मानते हुए कि विवादित ट्वीट पोस्ट करने के लिए उसके द्वारा...

जब तक देश के आर्थिक हित में न हो, बैंक बकाया की वसूली के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी करने की मांग नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
जब तक देश के आर्थिक हित में न हो, बैंक बकाया की वसूली के लिए 'लुक आउट सर्कुलर' जारी करने की मांग नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने या किसी व्यक्ति (लोन डिफॉल्टर) को विदेश यात्रा करने से रोकने का अनुरोध बैंक द्वारा बकाया राशि की वसूली का तरीका नहीं हो सकता है, जब तक कि धोखाधड़ी की आशंका न हो और उसमें देश का आर्थिक हित जुड़ा हो।जस्टिस एसजी पंडित की एकल पीठ ने लीना राकेश द्वारा दायर याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया, जिसने विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रेशन अधिकारी (एफआरआरओ) द्वारा जारी किए गए निर्देश पर सवाल उठाया था। उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया और उसे बेंगलुरु से...

केरल हाईकोर्ट
अदालतों को डिफॉल्ट के बजाय मैरिट के आधार पर मामले को निपटाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने कहा कि अदालतों को मामलों को डिफ़ॉल्ट के बजाय मैरिट के आधार पर निपटाने का प्रयास करना चाहिए और जब कोई मामला पेश किया जाता है तो हाइपरटेक्निकल दृष्टिकोण का उपयोग करने से बचना चाहिए।जस्टिस सी.एस. डायस ने यह देखने के बाद कहा कि एक निचली अदालत ने मनी सूट में एक लिखित बयान को समय पर प्रस्तुत करने की अनदेखी की थी, क्योंकि इसमें कुछ औपचारिक दोष थे।पीठ ने कहा,"मुझे लगता है कि निचली अदालत द्वारा अपनाया गया पाठ्यक्रम अति-तकनीकी और अनुचित है, खासकर जब याचिकाकर्ताओं ने...

झारखंड हाईकोर्ट
आर्बिट्रेटर की नियुक्ति के लिए कई सालों बाद आवेदन दा‌खिल किया, झारखंड हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज की

झारखंड हाईकोर्ट ने एक फैसला में कहा है कि यदि ऑर्बिट्रेशन एंड कन्सिलिएशन एक्ट, 1996 की धारा 11 (6) (सी) के तहत ऑर्बिट्रेटर की नियुक्ति के लिए आवेदन दाखिल करने में अत्यधिक विलंब के आधार पर आवेदन खुद सुनवाई योग्य नहीं है तो परिसीमन के मुद्दे को न्यायनिर्णयन के लिए मध्यस्थ के पास नहीं भेजा जा सकता।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की सिंगल बेंच ने माना कि, भारत संचार निगम लिमिटेड और अन्य बनाम नॉर्टेल नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (2021) के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मद्देनजर सीमा के मुद्दे...

महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट: बॉम्बे हाईकोर्ट में सीएम उद्धव ठाकरे, संजय राउत और आदित्य ठाकरे के खिलाफ सार्वजनिक उपद्रव और देशद्रोह के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दायर
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट: बॉम्बे हाईकोर्ट में सीएम उद्धव ठाकरे, संजय राउत और आदित्य ठाकरे के खिलाफ 'सार्वजनिक उपद्रव' और 'देशद्रोह' के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दायर

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray), संजय राउत (Sanjay Raut) और आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) के खिलाफ कथित 'सार्वजनिक उपद्रव' और 'देशद्रोह' के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दायर की गई।पुणे के सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता हेमंत पाटिल ने उन्हें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस या दौरे आयोजित करने से रोकने की मांग की है। पाटिल ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में...

उपलब्ध तथ्यों के एक ही सेट पर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: आईटीएटी
उपलब्ध तथ्यों के एक ही सेट पर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: आईटीएटी

आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) की मुंबई पीठ ने माना है कि मूल जांच मूल्यांकन कार्यवाही के समय उपलब्ध तथ्यों के ही सेट के संबंध में विवेक का नए सिरे से प्रयोग कर पुनर्मूल्यांकन की कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती है।निर्धारिती अचल संपत्ति के कारोबार में है। निर्धारिती ने कुल नुकसान की घोषणा करते हुए अपनी आय की विवरणी ई-फाइल की। निर्धारिती एक चालू परियोजना को डेवलप करने की गतिविधि में लगा हुआ था और दो परियोजनाओं में बिना बिके फ्लैट हैं, जिनमें वर्ष के दौरान कोई फ्लैट नहीं बेचा गया था। वर्ष के...

निर्धारिती को पुनर्मूल्यांकन नोटिस का जवाब देने के लिए न्यूनतम सात दिन का समय दिया जाएगा: मेघालय हाईकोर्ट
निर्धारिती को पुनर्मूल्यांकन नोटिस का जवाब देने के लिए न्यूनतम सात दिन का समय दिया जाएगा: मेघालय हाईकोर्ट

मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की पीठ ने कहा कि निर्धारिती (Assessee) को पुनर्मूल्यांकन नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम 7 दिन का समय दिया जाना चाहिए।याचिकाकर्ता/निर्धारिती ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 148 के तहत नोटिस को इस आधार पर चुनौती दी कि इसे आयकर अधिनियम की धारा 148ए के तहत अनिवार्य प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया है।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि एओ को निर्धारिती को जवाब देने के लिए सात दिन का समय देना चाहिए था। यह नोटिस ईमेल आईडी से...

गुजरात हाईकोर्ट
बैंक क्लाइंट के पीपीएफ अकाउंट को उसके ऋण के निपटान के लिए संलग्न नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने हाल ही में कानून के तय किए गए प्रस्ताव को दोहराया कि सार्वजनिक भविष्य निधि खाते (PPF Account) की राशि खाताधारक के किसी भी ऋण या देयता के संबंध में किसी भी कुर्की के लिए उत्तरदायी नहीं होगी।जस्टिस एएस सुपेहिया की पीठ एक याचिकाकर्ता के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसने प्रतिवादी-बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ केंद्र की सार्वजनिक भविष्य निधि योजना के तहत हिंदू अविभाजित परिवार के पैसे का निवेश किया था।याचिकाकर्ता गुजरात स्टील एंड पाइप्स पार्टनरशिप फर्म का भी भागीदार था...

सक्षम प्राधिकारी कारण बताओ नोटिस से परे कार्रवाई नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट ने खेल के मैदान बनाने के लिए ट्रस्ट को आवंटित भूमि की जब्ती रद्द की
सक्षम प्राधिकारी कारण बताओ नोटिस से परे कार्रवाई नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट ने खेल के मैदान बनाने के लिए ट्रस्ट को आवंटित भूमि की जब्ती रद्द की

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में बनासकांठा के कलेक्टर के एक आदेश को रद्द कर दिया।कलेक्टर में अपने आदेश में स्कूली बच्चों के लिए खेल का मैदान बनाने के लिए एक पब्लिक ट्रस्ट को दिए गए भूमि आवंटन को जब्त कर लिया था। हाईकोर्ट ने प्रतिवादी प्राधिकारी को याचिकाकर्ता-ट्रस्ट की ओर से पेश पट्ट के नवीनीकरण के आवेदन पर 8 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में नोट किया कि सक्षम सरकारी प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस से परे, जब्ती का आदेश पारित किया था,...

सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट में ऐसे किसी प्रावधान की परिकल्पना नहीं कि स्तनपान के लिए सरोगेट मां नवजात की कस्टडी अपने पास रखेः गुजरात हाईकोर्ट
सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट में ऐसे किसी प्रावधान की परिकल्पना नहीं कि स्तनपान के लिए सरोगेट मां नवजात की कस्टडी अपने पास रखेः गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट, 2021 में किसी ऐसे प्रावधान की परिकल्पना नहीं की गई है जिसके तहत स्तनपान के मकसद से एक विशेष अवधि के लिए सरोगेट मां को नवजात बच्चे की कस्टडी की आवश्यकता होगी।जस्टिस विपुल एम पंचोली और जस्टिस संदीप एन भट्ट की खंडपीठ ने कहा कि अदालत को कानून की व्याख्या उसी रूप में करनी चाहिए जैसा वह है, न कि कथित नैतिकता के आधार पर। इस प्रकार सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट, 2021 के प्रावधानों और पार्टियों के बीच हस्ताक्षरित सरोगेसी समझौते के कारण एक नवजात को अदालत के आदेश...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जानवरों का अवैध तरीके से वध रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर राज्य में जानवरों का अवैध तरीके से वध रोकने के लिए एक दिसंबर, 2021 के अपने आदेश के अनुसार उठाए गए कदमों के बारे में जवाब मांगा।चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने गौ ज्ञान फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उनसे स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।अदालत ने एक दिसंबर, 2021 को अपने आदेश में कहा था,"जवाब देने वाले प्रतिवादियों को यह सुनिश्चित करने का...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को सरोगेसी के लिए राज्य बोर्ड और नियामक प्राधिकरणों के गठन पर गौर करने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को सरोगेसी के लिए राज्य बोर्ड और नियामक प्राधिकरणों के गठन पर गौर करने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी अधिनियम (एआरटी) और सरोगेसी अधिनियम के तहत सरोगेसी प्रक्रियाओं के लिए नियामक प्राधिकरणों के गठन पर तेजी से गौर करने को कहा।जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस श्रीराम मोदक की खंडपीठ दंपति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उक्त याचिका में नए अधिनियमों से पहले शुरू की गई सरोगेसी प्रक्रिया को पूरा करने की मांग की गई है। दंपति ने अपने क्रायो-संरक्षित भ्रूण को पीडी हिंदुजा अस्पताल और मेडिकल रिसर्च सेंटर से किसी अन्य प्रजनन क्लिनिक...

पुलिस अधिकारियों पर अवैध हिरासत का आरोप: मद्रास हाईकोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने का निर्देश दिया
पुलिस अधिकारियों पर अवैध हिरासत का आरोप: मद्रास हाईकोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और शंकरनकोविल टाउन पुलिस स्टेशन, तेनकासी जिले के पुलिस निरीक्षक और पुलिस निरीक्षक, राजापालम पुलिस स्टेशन, विरुथुनगर जिले को कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवैध हिरासत के आरोप के संबंध में 6 और 7 अप्रैल को रिकॉर्ड किए गए सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने का निर्देश दिया।मदुरै पीठ के जस्टिस वी. शिवगनम ने कहा:इस मामले में शामिल मुद्दे को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज के महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादी एक से चार को वेंकटेश्वर क्लिनिक और...

न्यायिक नियुक्तियां अधिक समय लेने वाली हो गई हैं, युवा वकील कोर्ट में सीनियर एडवोकेट्स की बहस सुनें: जस्टिस विपिन सांघी ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में कहा
न्यायिक नियुक्तियां अधिक समय लेने वाली हो गई हैं, युवा वकील कोर्ट में सीनियर एडवोकेट्स की बहस सुनें: जस्टिस विपिन सांघी ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में कहा

जस्टिस विपिन सांघी (Justice Vipin Sanghi) ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में कहा,"वर्षों से नियुक्ति की प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली और अधिक अनिश्चित हो गई है। इसने कई मेधावी सीनियर एडवोकेट्स और अन्य एडवोकेट्स को जजशिप के लिए उनके नामों की सिफारिश करने के लिए हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा विचार करने के लिए अपनी सहमति देने से रोक दिया है।"उन्होंने कहा, "मेरे विनम्र विचार में, इस पहलू पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है, अगर हम पीठ में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करना चाहते...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी दो महीने की बच्ची की नदी में फेंक कर हत्या करने की आरोपी महिला को बरी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी दो महीने की बच्ची की नदी में फेंक कर हत्या करने की आरोपी महिला को बरी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी दो महीने की बेटी को नदी में फेंककर हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा पाई एक महिला को राहत देते हुए उसके दोषसिद्धि के फैसले और सजा के आदेश को रद्द कर दिया है। बच्ची मिर्गी और सांस की कुछ समस्याओं से पीड़ित थी। जस्टिस केएस सोमशेखर और जस्टिस शिवशंकर अमरन्नावर की खंडपीठ ने आरोपी कविता को बरी कर दिया है,जो पिछले छह साल से भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अपराध करने के मामले में जेल में बंद है। पीठ ने निर्देश दिया है कि अगर वह किसी अन्य मामले में वांछित न...

इलाहाबाद हाईकोर्ट की जज ने प्रयागराज हिंसा के आरोपी जावेद की पत्नी के घर को तोड़ने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की जज ने प्रयागराज हिंसा के आरोपी जावेद की पत्नी के घर को तोड़ने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने सोमवार को प्रयागराज हिंसा (10 जून) के आरोपी जावेद मोहम्मद की पत्नी द्वारा जिला प्रशासन और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा जून 12 को उनके घर को तोड़ने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।इस मामले को जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस विक्रम डी. चौहान की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, जब मामला सोमवार को सुनवाई के लिए आया, तो पीठ ने आदेश पारित किया कि मामले को एक अन्य पीठ के समक्ष रखा...

केरल हाईकोर्ट
क्या अपराध दर्ज होने के बाद विदेश गए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है? केरल हाईकोर्ट ने "विजय बाबू" जजमेंट पर संदेह जताया

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) के जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन की पीठ आज पिछले सप्ताह हाईकोर्ट की समन्वय पीठ द्वारा निर्धारित कानून से भिन्न थी जिसमें यह माना गया था कि दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 438 में ऐसा कोई प्रतिबंधात्मक आदेश नहीं है कि भारत से बाहर का व्यक्ति अग्रिम जमानत की मांग वाला एक आवेदन दायर नहीं कर सकता है।यह ध्यान दिया जा सकता है कि अभिनेता-निर्माता विजय बाबू को बलात्कार के एक मामले में अग्रिम जमानत देते हुए जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने पिछले हफ्ते कहा था कि एक व्यक्ति जो...

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को एक दिन के रिमांड पर दिल्ली पुलिस की कस्टडी में भेजा
ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को एक दिन के रिमांड पर दिल्ली पुलिस की कस्टडी में भेजा

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को धार्मिक भावनाओं को आहत करने और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में आज दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।कथित तौर पर, जुबैर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 और धारा 295ए के तहत आरोप लगाया गया है।गिरफ्तारी के तुरंत बाद जुबैर को देर रात बुराड़ी में एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास के सामने पेश किया गया।जुबैर की ओर से एडवोकेट सौतिक बनर्जी और कवलप्रीत कौर पेश हुए।ऑल्ट न्यूज़ के एक अन्य सह-संस्थापक प्रतीक...