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इलाहाबाद हाईकोर्ट
"नाबालिग की सहमति का महत्व नहीं " : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से शादी करने वाले POCSO आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक नाबालिग लड़की (16-17 वर्ष) से ​​बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को उसकी सहमति से शादी करने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया क्योंकि अदालत ने कहा कि नाबालिग की सहमति को सहमति नहीं माना जा सकता। जस्टिस साधना रानी (ठाकुर) की खंडपीठ ने कहा कि भले ही नाबालिग ने अपना घर छोड़ दिया हो, शादी कर ली हो और उसकी सहमति से आवेदक के साथ शारीरिक संबंध बना लिया हो, उसकी सहमति, नाबालिग की सहमति होने के कारण, ऐसी सहमति को महत्व नहीं दिया जा सकता।इस मामले में आरोपी (प्रवीन कश्यप) पर...

नूपुर शर्मा
राजस्थान हाईकोर्ट ने नूपुर शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर 'सर तन से जुदा' करने का नारा लगाने वाले दरगाह के मौलवी को जमानत देने से किया इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ कथित तौर पर 'सर तन से जुदा' करने का नारा लगाने वाले दरगाह के मौलवी को जमानत देने से इनकार किया।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने सैयद गोहर हुसैन चिश्ती को जमानत देने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि अगर उसे जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह बड़े पैमाने पर समाज के लिए खतरा पैदा कर सकता है और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कहा कि चिश्ती को शांतिपूर्ण...

पेड़ की टूटी डाली से बाइक सवार की मौत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163A के तहत कानूनी उत्तराधिकारियों का दावा स्वीकार किया
पेड़ की टूटी डाली से बाइक सवार की मौत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163A के तहत कानूनी उत्तराधिकारियों का दावा स्वीकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मृतक बाइक सवार के कानूनी वारिसों की ओर से मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163 ए के तहत दायर दावा स्वीकार कर लिया। बाइक सवार की सिर पर पेड़ की डाली गिरने से मौत हो गई थी।बीमा कंपनी ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपील में दलील दी थी कि दुर्घटना नीलगिरी के पेड़ की डाली गिरने के कारण हुई और इसे मोटरसाइकिल दुर्घटना के रूप में नहीं माना जा सकता है और इसलिए कंपनी मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।हालांकि, जस्टिस एचपी संदेश की एकल...

धारा 41-ए सीआरपीसी नोटिस जारी होने और चार्जशीट दायर होने के बाद लुक आउट सर्कुलर जारी रखने का कोई आधार नहींः तेलंगाना हाईकोर्ट
धारा 41-ए सीआरपीसी नोटिस जारी होने और चार्जशीट दायर होने के बाद लुक आउट सर्कुलर जारी रखने का कोई आधार नहींः तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा मामले के एक आरोपी के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) को वापस लेने का निर्देश देते हुए, हाल के एक फैसले में कहा कि धारा 41-ए सीआरपीसी नोटिस जारी करने और बाद में चार्जशीट दाखिल करने के बाद के बाद एलओसी जारी रखने का कोई आधार नहीं था।जस्टिस ललिता कन्नेगंती ने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने अदालत द्वारा पूर्व में पारित आदेशों के आधार पर पहले ही एक परिपत्र जारी कर निर्देश दिया है कि जब भी धारा 41-ए सीआरपीसी नोटिस जारी किया जाता है या जब भी आरोपी द्वारा जमानत प्राप्त की...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
बैन के बावजूद सरकार ने जीवन को नुकसान पहुंचाने वाले ऑनलाइन गेम्स की अनुमति कैसे दी? मद्रास हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने हाल ही में किशोरों में ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत का स्वत: संज्ञान लिया। अदालत एक लापता लड़की से संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे "फ्री फायर" नाम का एक ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी।जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस सत्य नारायण प्रसाद की पीठ ने आश्चर्य जताया कि भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद इन ऑनलाइन खेलों की अनुमति कैसे दी गई।कोर्ट ने कहा,"हमारे विचार में, राज्य और केंद्र सरकारों को स्पष्ट रिपोर्ट के साथ आगे आना चाहिए कि...

महिला की उत्तेजक पोशाक पुरुष के लिए उसकी गरिमा हनन करने का लाइसेंस नहीं: ‌केरल हाईकोर्ट ने सिविक चंद्रन जमानत आदेश में की गई टिप्पणी को हटाया
महिला की 'उत्तेजक पोशाक' पुरुष के लिए उसकी गरिमा हनन करने का लाइसेंस नहीं: ‌केरल हाईकोर्ट ने सिविक चंद्रन जमानत आदेश में की गई टिप्पणी को हटाया

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को यौन उत्पीड़न के एक मामले में लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सिविक चंद्रन को अग्रिम जमानत देने के खिलाफ दायर दो याचिकाओं का निस्तारण करते हुए कोझीकोड सेशन कोर्ट की 'यौन उत्तेजक पोशाक' वाली टिप्पणी को हटा दिया।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने अग्रिम जमानत आदेश के खिलाफ राज्य के साथ-साथ वास्तविक शिकायतकर्ता द्वारा पेश की गई दो याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि भले ही अग्रिम जमानत देने के लिए नीचे की अदालत द्वारा दिखाए गए कारण को उचित नहीं ठहराया जा सकता है, अग्रिम जमानत देने के...

फिल्म ‘थैंक गॉड’
फिल्म 'थैंक गॉड' पर बैन लगाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर, भगवान चित्रगुप्त का अपमान करने का आरोप

बॉलीवुड की अपकमिंग फिल्म 'थैंक गॉड (Thank God)' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की गई है। फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है।चित्रगुप्त वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि इस फिल्म के ट्रेलर और पोस्टर को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए।याचिकाकर्ता ने आगे इस फिल्म की सिनेमाघरों या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की है।वकील लोकेश कुमार चौधरी के माध्यम से दायर याचिका में आरोप...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
आदेश 8 नियम 6ए सीपीसी| लिखित बयान दर्ज करने के लंबे समय बाद लेकिन मुद्दों के निर्धारण से पहले दायर जवाबी दावे को रिकॉर्ड में लेने पर कोई रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लिखित बयान दाखिल करने के लंबे समय बाद लेकिन मुद्दों को तय करने से पहले दायर किए गए जवाबी दावे को रिकॉर्ड में लेने पर कोई रोक नहीं है।इस मामले में, लिखित बयान दाखिल करने के लगभग 13 साल बाद विचाराधीन प्रति-दावा दायर किया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने प्रतिवादी-अपीलकर्ता द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार कर लिया था ताकि देर से दायर किए गए प्रति-दावे को रिकॉर्ड पर लिया जा सके।हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बाद में उक्त आदेश को रद्द कर दिया और मामले को...

पोक्सो एक्ट
लड़की का दुपट्टा खींचना, यौन इरादे से उसका हाथ पकड़ना आईपीसी की धारा 354, पोक्सो एक्ट के तहत दंडनीय अपराध: मुंबई स्पेशल कोर्ट

मुंबई स्पेशल कोर्ट (Mumbai Court) ने नाबालिग लड़की का दुपट्टा खींचने और यौन इरादे से हाथ पकड़ने के आरोप में 23 वर्षीय एक व्यक्ति को तीन साल जेल की सजा सुनाई।अदालत ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध बढ़ रहे हैं और इससे पीड़िता, उसके परिवार और समाज पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उन्हें यह विश्वास हो गया है कि घर और आसपास के क्षेत्र बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं।अदालत ने कहा,"निश्चित रूप से इस तरह की घटना लोगों, पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों के मन में डर पैदा करती है और लंबे समय...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को असंवेदनशीलता के लिए फटकार लगाई, डेवलपर को नायर अस्पताल के विस्तार के लिए आरक्षित भूमि खाली करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में रबरवाला डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह मुंबई के भायखला में नायर अस्पताल के विस्तार के लिए बीएमसी द्वारा आरक्षित भूमि को खाली करे।अदालत ने बीएमसी को डेवलपर से परिसर वापस लेने में कोई तात्कालिकता नहीं दिखाने के लिए भी फटकार लगाई।अदालत ने टिप्पणी की,"मुंबई जैसे शहर में, जहां जगह बहुत अधिक है, परिसर को वापस लेने और नायर अस्पताल को सौंपने के लिए एमसीजीएम की ओर से सरासर उदासीनता भयावह है।"चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने इमरान...

मध्यस्थता अवॉर्ड का निष्पादन सीट कोर्ट में दायर होगा, अधिग्रहित भूमि के स्थान पर नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
मध्यस्थता अवॉर्ड का निष्पादन सीट कोर्ट में दायर होगा, अधिग्रहित भूमि के स्थान पर नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि एनएचएआई एक्ट के तहत पारित मध्यस्थ निर्णय का निष्पादन सीट कोर्ट में दायर किया जाना है, न कि जहां अधिग्रहित भूमि स्थित है। जस्टिस राज मोहन सिंह की खंडपीठ ने कहा कि एक बार मध्यस्थता की कार्यवाही की सीट तय हो जाने के बाद ही जिस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में सीट स्थित है, उसके पास मध्यस्थता से उत्पन्न होने वाले सभी आवेदनों का फैसला करने का अधिकार क्षेत्र होगा। कोर्ट ने माना कि मध्यस्थ निर्णय पारित होने के बाद ए एंड सी एक्ट की धारा 42 की कोई प्रयोज्यता नहीं है,...

गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान सार्वजनिक प्राधिकरण होने के योग्य हो सकते हैं, जो हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र के लिए उत्तरदायी हैं: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान "सार्वजनिक प्राधिकरण" होने के योग्य हो सकते हैं, जो हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र के लिए उत्तरदायी हैं: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान "सार्वजनिक प्राधिकरण" होने के योग्य हो सकता है, जो हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र के लिए उत्तरदायी है। हालांकि परमादेश तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसे प्राधिकरण की कार्रवाई में गिरावट की शिकायत न हो। सार्वजनिक कानून का क्षेत्र निजी कानून से अलग है।जस्टिस संजीव कुमार की पीठ 12 याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो मुस्लिम शैक्षिक संस्थान, हायर सेकेंडरी स्कूल, पंपोर-पुलवामा में...

कोई वसीयत तभी वसीयत होगी जब वह स्वर्गवासी वसीयतकर्ता की इच्छाओं को पूरा करेगी: दिल्ली हाईकोर्ट
कोई वसीयत तभी वसीयत होगी जब वह स्वर्गवासी वसीयतकर्ता की इच्छाओं को पूरा करेगी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अंतिम नतीजे तक पहुंचने के लिए कोर्ट के लिए यह जरूरी है कि वह वसीयत को एक आम आदमी (लेमैन) की नजर से देखे, न कि एक कानूनविद (लॉमैन) की नजर से।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने कहा कि यह कोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वह वसीयत में इस्तेमाल किये गये शब्दों का एक उद्देश्यपूर्ण अर्थ और उसकी भाषा की तार्किक व्याख्या करे, ताकि वसीयतकर्ता के वास्तविक इरादा का पता लगाया जा सके और उसका वर्णन किया किया जा सके।पीठ ने 11 अक्टूबर के अपने फैसले की...

सकता है शब्द के प्रयोग से मध्यस्थता क्लॉज अप्रभावी नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट
'सकता है' शब्द के प्रयोग से मध्यस्थता क्लॉज अप्रभावी नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि मध्यस्थता क्लॉज में 'सकता है' (Can) शब्द का उपयोग इसे अप्रभावी नहीं बनाता और पार्टियों का मध्यस्थता का इरादा क्लॉज और प्रासंगिक क्लॉजों को पूरी तरह से पढ़ने के बाद निर्धारित किया जाना है।जस्टिस प्रतीक जालान की खंडपीठ ने दोहराया कि अनन्य क्षेत्राधिकार क्लॉज एक वेन्यू (Venue) क्लॉज को ओवरराइड करेगा, इसलिए जिस न्यायालय को विशेष क्षेत्राधिकार प्रदान किया गया है, वह अनुबंध से पैदा सभी मध्यस्थता आवेदनों का फैसला करेगा।तथ्यपार्टियों ने पांच सितंबर 2016 को एक डीलरशिप समझौता...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर की मेडिकल आधार पर जमानत मांगने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर की मेडिकल आधार पर जमानत मांगने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर की मेडिकल आधार पर जमानत के लिए दायर याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। अबूबकर को हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। वह 22 सितंबर से हिरासत में है।70 वर्षीय याचिकार्ता ने दावा किया कि वह दुर्लभ प्रकार के अन्नप्रणाली कैंसर, पार्किंसंस रोग के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और कमजोर दृष्टि सहित कई बीमारियों से पीड़ित हैं।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने याचिका वापस लेने के रूप में खारिज कर दी, क्योंकि...

राजस्व अधिकारियों द्वारा अपने बेटे को कम्युनिटी सर्टिफिकेट से इनकार करने पर व्यक्ति ने मद्रास हाईकोर्ट के अंदर खुद को आग लगा लगाई
राजस्व अधिकारियों द्वारा अपने बेटे को कम्युनिटी सर्टिफिकेट से इनकार करने पर व्यक्ति ने मद्रास हाईकोर्ट के अंदर खुद को आग लगा लगाई

मद्रास हाईकोर्ट मंगलवार को एक भयावह घटना का गवाह, जब वेलमुरुगन नाम के व्यक्ति ने अदालत परिसर के अंदर खुद को आग लगा ली। एक दिन बाद अस्पताल में जलने के कारण उसने दम तोड़ दियाराजस्व अधिकारियों द्वारा अपने बेटे के कम्युनिटी सर्टिफिकेट से कथित रूप से इनकार करने के बाद उसने अदालत परिसर के अंदर मध्यस्थता केंद्र की इमारत के पास खुद को आग लगा ली।हालांकि अदालत परिसर के अंदर ड्यूटी पर मौजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और उसे राजीव गांधी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बुधवार को उसकी मौत हो गई।जस्टिस एसएम...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
आरोपी के अपराध की गंभीरता उसे सीआरपीसी की धारा 436-ए के लाभ से वंचित करने का कारण नहीं हो सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने निवेशकों को महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (इन फाइनेंशियल इस्टैब्लिशमेंट्स) एक्ट, 1999 के तहत करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी व्यवसायी को जमानत दे दी। कोर्ट ने यह देखते हुए आरोपी को जमानत दी कि उसके अपराध की गंभीरता उसे सीआरपीसी की धारा 436-ए के लाभ से वंचित करने का कारण नहीं हो सकती।सीआरपीसी की धारा 436-ए के तहत जो आरोपी कथित अपराध के लिए अधिकतम कारावास का आधा हिस्सा काट चुका है, वह लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले विशेष कारणों को छोड़कर जमानत पर रिहा होने...

मद्रास हाईकोर्ट ने अधिकारियों के पांच साल बाद भी प्रतिबंधित पदार्थ की जांच करने में विफल रहने पर एनडीपीएस की कार्यवाही रद्द की
मद्रास हाईकोर्ट ने अधिकारियों के पांच साल बाद भी प्रतिबंधित पदार्थ की जांच करने में विफल रहने पर एनडीपीएस की कार्यवाही रद्द की

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यक्ति के खिलाफ गांजा रखने के लिए नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट 1985 (एनडीपीएस) के तहत दर्ज एफआईआर यह देखते हुए रद्द कर दी कि जांच अधिकारी की ओर से गंभीर चूक हुई है।जस्टिस जी जयचंद्रन ने कहा कि जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ की सामग्री के लिए पांच साल बाद भी जांच नहीं की गई। इसके अलावा, अदालत के निर्देशों के बावजूद, जांच अधिकारी ने अंतिम रिपोर्ट की संख्या के लिए कदम नहीं उठाए।मामला दर्ज करने वाले जांच अधिकारी का यह रवैया स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि...

रोहिणी आश्रम मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से वीरेंद्र देव दीक्षित की गिरफ्तारी के लिए उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा
रोहिणी आश्रम मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से वीरेंद्र देव दीक्षित की गिरफ्तारी के लिए उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी स्थित आश्रम में महिलाओं के रहने की स्थिति से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्वयंभू संत और संस्था के प्रमुख वीरेंद्र देव दीक्षित की गिरफ्तारी के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में नए सिरे से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिन्हें यौन शोषण के मामले में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने संबंधित पुलिस अधीक्षक, सीबीआई को सुनवाई की अगली तारीख 10 नवंबर को अदालत में...