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कथित 'कंडोम-त्रिशूल' टिप्पणी के लिए कवि के खिलाफ केस: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बिधाननगर डीसीपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बिधाननगर के डिप्टी कमिश्नर से कवि श्रीजातो बंद्योपाध्याय के खिलाफ उनके फेसबुक अकाउंट पर 2017 में पोस्ट की गई उनकी कथित 'कंडोम-त्रिशूल' कविता के लिए दर्ज मामले की जांच के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।जस्टिस राजशेखर मंथा की पीठ ने बिधाननगर के डीसीपी को 17 नवंबर को जांच रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।यह आदेश एक बिप्लब कुमार चौधरी द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है और बल्कि, वे जांच में देरी कर रहे हैं। अभी...
नियमित जमानत पर रिहा आरोपी को अतिरिक्त धाराओं में अग्रिम जमानत दी जा सकती है, यदि वह आजादी का दुरुपयोग नहीं कर रहा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक व्यक्ति जिसे पहले ही सीआरपीसी की धारा 439 के तहत नियमित जमानत दी जा चुकी है और यदि यह पाया जाता है कि उसने स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया है तो उसे एक ही अपराध से संबंधित अतिरिक्त धाराओं के संबंध में सीआरपीसी की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत दी जा सकती है।इसके साथ ही जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत अपराध के सिलसिले में शहजाद नामक एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत दे दी।उसे फरवरी 2022 में सत्र न्यायाधीश, सहारनपुर ने धारा 379, 427...
इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल द्वारा पहले ही जांचे जा चुके साक्ष्यों की रिट कोर्ट दोबारा सराहना नहीं कर सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत एक कामगार द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ट्रिब्यूनल द्वारा पारित किए गए निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। ट्रिब्यूनल द्वारा पहले ही जांचे जा चुके साक्ष्यों की रिट कोर्ट दोबारा सराहना नहीं कर सकती, जब तक कि ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश पूरी तरह से विकृत न हो और जब तक कि ऐसा आदेश बिना किसी सबूत के कार्रवाई करने का परिणाम न हो।मामले के तथ्य यह थे कि अपीलार्थी कर्मकार प्रतिवादी कम्पनी के अधीन बिना कोई नियुक्ति...
'भ्रामक रूप से समान डिजाइन': बॉम्बे हाईकोर्ट ने एटमबर्ग पंखों की डिजाइन के उल्लंघन के कारण पॉलीकैब विजी के पंखों की बिक्री पर रोक लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में विद्युत उपकरण निर्माता पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड को एक पक्षीय आदेश में उन्हें अपने पंखे की मार्केटिंग करने से रोक दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा है कंपनी का पंखे का डिजाइन प्रथम दृष्टया 'एटमबर्ग रेनेसा सीलिंग फैन' के जैसा है।जस्टिस आरआई छागला ने मुंबई स्थित पंखा निर्माता एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश पारित किया है। उन्होंने एक वाणिज्यिक आईपीआर सूट में कहा कि पॉलीकैब ने एटमबर्ग के रेनेसा सीलिंग फैन के समग्र डिजाइन, आकार,...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीबीएमपी चुनावों में ओबीसी, महिला आरक्षण के लिए सरकारी अधिसूचना रद्द की, 31 दिसंबर तक मतदान होगा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना रद्द कर दी, जिसके तहत उसने बीबीएमपी के 243 वार्डों के लिए वार्डवार आरक्षण अधिसूचित किया, जिसमें से 81 वार्ड पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित हैं और 120 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि बीबीएमपी पार्षद चुनावों के लिए महिलाओं को आरक्षण (पद) प्रदान करने की कवायद को अवरोही क्रम में महिलाओं की आबादी का अधिक प्रतिशत वाले वार्डों के संबंध में सीटों का आवंटन करके फिर से किया जाए।अनुसूचित...
आरोपी को नोटिस दिए बिना, सुनवाई का मौका दिए बिना जमानत रद्द नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि आरोपी को नोटिस दिए बिना और उसे सुनवाई का मौका दिए बिना जमानत रद्द नहीं की जा सकती।इसके साथ ही जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव-I की पीठ ने सत्र न्यायाधीश रायबरेली के एक आपराधिक मामले में राजेंद्र कुमार और 2 अन्य को पूर्व में दी गई जमानत को रद्द करने के आदेश को रद्द कर दिया।हाईकोर्ट ने नोट किया कि जमानत रद्द करने का आदेश आवेदकों/आरोपियों को नोटिस जारी किए बिना और उन्हें सुनवाई का उचित और पर्याप्त अवसर दिए बिना पारित किया गया था और यह सुप्रीम कोर्ट के...
कोलकाता में बिल्डर्स स्वीकृति योजना की समाप्ति के बाद कंस्ट्रक्शन के लिए विस्तार की मांग नहीं कर सकते, नई अनुमति आवश्यक: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को रद्द करते हुए माना कि बिल्डर्स कंस्ट्रक्शन के लिए अनुमत अवधि की समाप्ति के बाद स्वीकृत भवन योजनाओं के विस्तार के लिए फाइल नहीं कर सकते हैं और उन्हें कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 के अनुसार नई अनुमति प्राप्त करनी होगी। उक्त एकल पीठ ने कोलकाता नगर आयुक्त को बिल्डर की समय सीमा समाप्त योजना को नवीनीकृत करने का निर्देश दिया।जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पुणे छावनी बोर्ड और अन्य बनाम एम.पी.जे. बिल्डर्स और...
यदि विक्रेता प्रोडक्ट के "ओरिजिन कंट्री" का उल्लेख नहीं करता तो ई-कॉमर्स पोर्टल उत्तरदायी: उपभोक्ता फोरम
उपभोक्ता फोरम ने प्रोडक्ट के "ओरिजिन कंट्री" को प्रदर्शित नहीं करने वाले विक्रेता के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को उत्तरदायी ठहराया है। संभवत: यह अपनी तरह का पहला मामला है।हैदराबाद के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने नोट किया कि उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स नियम) 2020 के तहत विक्रेता प्रोडक्ट के ओरिजिन कंट्री के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए बाध्य है और ई-कॉमर्स मार्केट प्लेस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यक जानकारी प्रदर्शित हो ताकि ग्राहक सूचित विकल्प बना सके।यदि ई-कॉमर्स नियमों का कोई...
अपंजीकृत साझेदारी फर्म का विवाद मध्यस्थता के लिए भेजा जा सकता है, साझेदारी अधिनियम की धारा 69 के तहत रोक लागू नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति के लिए मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (मध्यस्थता अधिनियम) की धारा 11 के तहत दायर एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 (साझेदारी अधिनियम) की धारा 69 के तहत कोई मुकदमा या अन्य कार्यवाही स्थापित करने के लिए लगी रोक मध्यस्थता अधिनियम की धारा 11 के तहत मध्यस्थ कार्यवाही पर लागू नहीं होगी।आवेदकों का मामला यह था कि, आवेदकों और प्रतिवादियों के बीच एक साझेदारी विलेख (Partnership Deed...
'ऐसी स्थिति जहां पीड़िता के पास अपराधी की मांगों को मानने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है तो इसे सहमति नहीं माना जाएगा': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ओपी जिंदल रेप केस में दो लोगों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2015 के ओपी जिंदल विश्वविद्यालय रेप केस में दो लोगों की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि ऐसी स्थिति जहां पीड़िता के पास अपराधी की मांगों को मानने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है तो यह 'सहमति' का गठन नहीं करती और इस प्रकार यह मामला रेप मामला होगा।जस्टिस तेजिंदर सिंह ढींडसा और जस्टिस पंकज जैन की खंडपीठ ने कहा,"सहमति का प्रश्न केवल तभी उठेगा जब अभियोक्ता के पास 'नहीं' कहने का विकल्प होगा। ऐसी स्थिति में जहां उसके पास मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, तो यह 'सहमति' नहीं...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिस को जेल के बाहर प्रत्यर्पित गैंगस्टर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में उत्तराखंड पुलिस को प्रत्यर्पित गैंगस्टर प्रकाश चंद्र पांडे उर्फ बंटी पांडे को केंद्रीय जेल, सितारगंज से सुनवाई की तारीखों पर विभिन्न अदालतों में ले जाते समय उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा,"याचिकाकर्ता की उचित आशंका पर कि उसकी जान जोखिम में हो सकती है, मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए रिट याचिका की अनुमति दी जाती है। याचिकाकर्ता को उचित अनुरक्षण प्रदान करके याचिकाकर्ता की सेंट्रल जेल, सितारगंज, उत्तराखंड से अलग-अलग अदालतों में,...
GHCAA प्रेसिडेंट असीम पंड्या ने हाईकोर्ट में गुजराती के उपयोग पर वकीलों के बीच विभाजित राय के बाद इस्तीफा दिया
गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (जीएचसीएए) प्रेसिडेंट असीम पंड्या ने गुजरात हाईकोर्ट में अतिरिक्त भाषा के रूप में गुजराती के उपयोग पर एडवोकेट्स के बीच विभाजित राय के बाद सोमवार को इस्तीफा दे दिया।गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की प्रबंध समिति को संबोधित त्याग पत्र में सीनियर एडवोकेट पंड्या ने कहा कि वह गुजरात हाईकोर्ट में गुजराती को एक अतिरिक्त भाषा के रूप में अनुमति देने के लिए आंदोलन को छोड़ने के लिए खुद को तैयार करने में असमर्थ हैं। प्रस्ताव का एसोसिएशन के अधिकांश सदस्यों ने विरोध...
न्यायालय के क्षेत्राधिकार को लागू करने से पहले मध्यस्थता अधिनियम की धारा 21 की आवश्यकता का धारा 11 के साथ अनुपालन किया जाना चाहिए: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त करने के लिए मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 ('मध्यस्थता अधिनियम') की धारा 11 के तहत आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि मध्यस्थता अधिनियम की धारा 21 में प्रतिवादी को मध्यस्थता खंड (Arbitration Clause) लागू करने के लिए उचित नोटिस देने में अनुपालन नहीं किया गया, इसलिए आवेदन समय से पहले होने के कारण खारिज करने योग्य है।मामले के तथ्य यह है कि याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के बीच कोयला खनन...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने सरकार को 2008 कंधमाल दंगा पीड़ित के परिजनों को मुआवजा देने का निर्देश दिया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कंधमाल सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुई गंभीर चोटों के कारण अक्टूबर, 2008 में मारे गए व्यक्ति के भाई को मुआवजे के अनुदान के दावे को ओडिशा सरकार द्वारा खारिज किए जाने पर 'हैरानी' व्यक्त की।जस्टिस अरिंदम सिन्हा ने राज्य को याचिकाकर्ता को अन्य दंगा पीड़ितों को भुगतान किए गए कुल मुआवजे का भुगतान करने का आदेश देते हुए कहा:"अदालत आश्वस्त है कि याचिकाकर्ता की कार्रवाई के कारण की निरंतरता और कम करने वाले कारक है। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने आर्कबिशप राफेल चीनाथ एसवीडी बनाम उड़ीसा राज्य,...
'सबसे अमानवीय': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 7 साल की अपनी बेटी के साथ रेप मामले में दोषी पिता की सजा बरकरार रखी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 7 साल की अपनी बेटी के साथ रेप मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आईपीसी की धारा 376 के तहत अपराध के लिए दोषसिद्धि रेप पीड़िता की एकमात्र गवाही पर आधारित हो सकती है।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस एनएस शेखावत की पीठ ने आगे कहा कि पिता द्वारा अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार करने से ज्यादा गंभीर और जघन्य अपराध कुछ नहीं हो सकता।कोर्ट ने कहा,"पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने पिता के साथ शिकायतकर्ता के घर पर रहने आई थी, लेकिन उसके पिता यानी अपीलकर्ता उसकी इच्छा के...
यदि व्यक्ति विदेश में रहता है तो अग्रिम जमानत देने पर कोई रोक नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दर्ज एफआईआर में याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने के लिए सीआरपीसी की धारा 438 के तहत दायर याचिका पर विचार करते हुए कहा कि केवल इसलिए कि आरोपी विदेश में रहता है, अग्रिम जमानत से इनकार करने का कोई आधार नहीं है।याचिकाकर्ता मृतक पति की सास है, जिसने सितंबर 2020 में याचिकाकर्ता द्वारा कथित तौर पर उससे आर्थिक मांग किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह फरवरी...
'लैब को व्हिस्की के सैंपल का विश्लेषण करने की मान्यता प्राप्त नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने शराब निर्माता के खिलाफ एफएसएसए की कार्यवाही रद्द की
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में व्हिस्की में एथिल अल्कोहल सामग्री के घोषित स्तर पर विनियमन के कथित उल्लंघन के लिए शराब निर्माता पर्नोड रिकार्ड के खिलाफ 2021 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया।अदालत ने देखा कि सैंपल का विश्लेषण करने वाली प्रयोगशाला को व्हिस्की के टेस्टिंग के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है और कहा कि टेस्टिंग मान्यता के वैध दायरे में किए जाने चाहिए। व्हिस्की खाद्य एवं औषधि प्रशासन प्रयोगशाला की मान्यता के दायरे से बाहर है जिसने...
न्यायाधीशों को अवमानना याचिकाओं के जरिये धमकाने का प्रयास अस्वीकार्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'दुस्साहस' के खिलाफ वादियों को चेतावनी दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित "हर गलत आदेश" को अवमानना अधिकार के तहत लाने की प्रथा को खारिज करते हुए कहा है कि अवमानना याचिकाओं के जरिये न्यायाधीशों को धमकाने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमथ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने एक ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ 'लापरवाह आरोप' लगाने के लिए चार वादियों की खिंचाई करते हुए कहा:"...हम इस तरह के रवैये की निंदा करते हैं। हम इस बात की सराहना नहीं करते हैं कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित हर गलत आदेश को...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (26 सितंबर, 2022 से 30 सितंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।राज्य अपने नागरिकों की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत का सहारा लेकर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता: कलकत्ता हाईकोर्टकलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कल्याणकारी राज्य होने का दावा करने वाला राज्य, अपने ही नागरिकों की संपत्ति हड़पने के लिए प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत को लागू करके भूमि के एक...
ईसी ने एचएनएलयू वीसी को शक्ति न सौंपी हो तो वह कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं कर सकते: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि हिदायतुल्ला नेशनल लॉ स्कूल के कुलपति कार्यकारी परिषद (ईसी) द्वारा उन्हें ऐसी शक्ति दिए बिना कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकते हैं।जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा, "यह एक सामान्य कानून है कि जब अधिनियम किसी विशेष निकाय को शक्ति का प्रयोग करने के लिए निर्धारित करता है, तो शक्ति का प्रयोग केवल उस निकाय द्वारा किया जाना चाहिए। जब तक इसे प्रत्यायोजित नहीं किया जाता है, तब तक इसका प्रयोग...


















