मुख्य सुर्खियां
राज्य अपने नागरिकों की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत का सहारा लेकर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कल्याणकारी राज्य होने का दावा करने वाला राज्य, अपने ही नागरिकों की संपत्ति हड़पने के लिए प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत को लागू करके भूमि के एक टुकड़े पर अपना अधिकार सिद्ध करने का दावा नहीं कर सकता है।जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की पीठ ने आगे कहा कि यह बहुत ही अजीब होगा यदि राज्य जबरन किसी नागरिक की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के आधार पर कब्जा कर लेता है।कोर्ट ने कहा,"न्याय के बिना कानून उतना ही व्यर्थ है जितना इंजन के बिना एक फैंसी मोटर कार और...
क्या रिट कोर्ट के दो अलग-अलग आदेशों के खिलाफ सिंगल रिट अपील सुनवाई योग्य है? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जवाब दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने हाल ही में एक रिट कोर्ट द्वारा पारित दो अलग-अलग आदेशों के खिलाफ दायर एक रिट अपील के सुनवाई योग्य होने को बरकरार रखा। अपील के सुनवाई योग्य होने को चुनौती देने वाले प्रतिवादियों द्वारा उठाए गए तर्कों को खारिज करते हुए जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस एसके सिंह ने कहा, इस न्यायालय का यह सुविचारित मत है कि यह न्याय के हित में होगा यदि अपीलकर्ता मूल आदेश के विरुद्ध की गई अपील में पुनर्विचार याचिका की अस्वीकृति के आदेश को भी चुनौती दे सकता है, क्योंकि तीन ऐसे अवसर...
आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ NIA एक्ट की धारा 21 के तहत अपील सुनवाई योग्य नहीं : मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने माना कि यूएपीए के कड़े प्रावधानों के तहत आरोप तय करने के आदेश को राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम की धारा 21 के तहत अपील में चुनौती नहीं दी जा सकती।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की पीठ ने कहा कि एनआईए अधिनियम की योजना में मुकदमे की त्वरित प्रक्रिया और कार्रवाई को अंतिम रूप देने की परिकल्पना की गई। इस प्रकार, एनआईए अधिनियम की धारा 21 में अपील प्रावधान को ठीक उसी तरह पढ़ा जाना चाहिए, जैसा कि कहा गया और इसकी व्यापक व्याख्या, जो प्रक्रिया को बढ़ाएगी, अनुमेय नहीं...
सरकार को एडवोकेट जनरल द्वारा दी गई कानूनी सलाह आरटीआई एक्ट के तहत प्रकटीकरण के दायरे से बाहर : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एडवोकेट जनरल द्वारा सरकार को दी गई कानूनी सलाह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8 (1) (ई) के तहत प्रकटीकरण के दायरे से बाह है, क्योंकि दोनों के बीच प्रत्ययी संबंध का गठन नहीं होता।जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा,"... नाजुक और संवेदनशील मुद्दे हो सकते हैं, जिनमें सरकार एडवोकेट जनरल की राय चाहती हो। वे सरकार और एडवोकेट जनरल के बीच गोपनीय बातचीत हैं। एडवोकेट जनरल द्वारा सरकार को दी गई कानूनी राय हमेशा होनी चाहिए गोपनीय। यह अधिनियम 2005 की धारा 8(1)(ई) के तहत...
'ईडी की आशंका फिल्मी नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएमएलए मामले में कार्यवाही के हस्तांतरण के खिलाफ सत्येंद्र जैन की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक विशेष अदालत से हाल ही में किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने के मामले में कार्यवाही को चुनौती दी गई थी।जस्टिस योगेश खन्ना ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आशंका तुच्छ या अनुचित नहीं है।अदालत ने कहा,"उठाई गई आशंका विलंबित चरण में नहीं है, क्योंकि स्वतंत्र मूल्यांकन के लिए अनुरोध लगातार किए गए हैं और प्रतिवादी सीआरएल.एमसी.सं.3401/2022 (सुप्रा) में...
निजता का अधिकार व्यक्ति को अपने रहस्य कब्र तक ले जाने का अधिकार देता है : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता में पुलिस को अपने दोस्त के साथ मृत महिला के व्हाट्सएप मैसेज और तस्वीरों को तुरंत "वापस लेने" का निर्देश देते हुए कहा कि निजता के अधिकार में यह विश्वास भी शामिल है कि एक व्यक्ति को अपने रहस्यों को कब्र तक ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसका खुलासा आरटीआई अधिनियम के तहत किया गया।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने महिला की पुरानी चैट के संदर्भ में टिप्पणी की जिसकी पिछले साल उसके वैवाहिक घर में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई :"दायित्व उच्च नैतिक आधार है, क्योंकि मृतक...
मृत व्यक्ति के खिलाफ जारी किया गया पुनर्मूल्यांकन नोटिस अमान्य होगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि मृत व्यक्ति के खिलाफ पुनर्मूल्यांकन नोटिस तब तक अमान्य होगा जब तक कि कानूनी प्रतिनिधि बिना किसी आपत्ति के मूल्यांकन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में प्रस्तुत नहीं करते।जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस वाल्मीकि सा मेनेजेस की खंडपीठ ने कहा कि जहां कानूनी प्रतिनिधि आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत नोटिस के अपने अधिकार का त्याग नहीं करते हैं, यह नहीं कहा जा सकता कि मृत व्यक्ति के खिलाफ जारी नोटिस आयकर अधिनियम के इरादे और उद्देश्य के अनुरूप है।याचिकाकर्ता के पिता रमणीकलाल...
क्या पुलिस आरटीआई अधिनियम के तहत जांच के दौरान एकत्र की गई व्हाट्सएप चैट और तस्वीरों का खुलासा कर सकती है? कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा 'नहीं'
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मृत महिला और उसके दोस्त की निजी चैट और तस्वीरों के आरटीआई खुलासे के खिलाफ आदेश पारित करते हुए कहा कि जांच के दौरान पुलिस को व्हाट्सएप मैसेज और तस्वीरें प्रदान करना उन्हें "निजी से गैर-निजी" में परिवर्तित नहीं करता।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने कहा कि निजता के अधिकार में अकेले या दूसरों के साथ रहने का अधिकार भी शामिल है और किसी की अंतरंगता, रिश्तों, विश्वासों और जुड़ाव को निजी डोमेन के भीतर रहने वाली जानकारी के रूप में मानने का अधिकार भी शामिल है।अदालत ने कहा,"यह इस विश्वास के...
आरएसएस रूट मार्च: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को 2 अक्टूबर के बजाय 6 नवंबर के लिए अनुमति देने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने तमिलनाडु सरकार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को 2 अक्टूबर के बजाय 6 नवंबर को अपना रूट मार्च करने की अनुमति देने का निर्देश दिया।इसके साथ ही अदालत ने उचित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका को लंबित रखने का फैसला किया।जस्टिस जीके इलांथिरैया ने 22 सितंबर को अदालत के आदेश पारित होने के बावजूद राज्य द्वारा अनुमति देने से इनकार करने के खिलाफ आरएसएस द्वारा दायर एक अवमानना याचिका पर आदेश पारित किए, जब अदालत ने सकारात्मक फैसला...
'बजरंगबली-दलित' टिप्पणी- एक जनसभा को संबोधित करना एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने से अलग है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी को राहत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ वर्ष 2018 में राजस्थान के अलवर जिले में एक चुनाव कैंपेन के दौरान दिए गए कथित 'आपत्तिजनक भाषण' के लिए शिकायत दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कथित तौर पर कहा था कि ''(हिंदू भगवान) हनुमान जी वनवासी, वंचित और दलित थे। बजरंग बली ने उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सभी भारतीय समुदायों को एक साथ जोड़ने का काम किया।'' जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने कहा कि चुनाव के दौरान आम...
एडवोकेट एक्ट वकीलों को न्यायालय परिसर के अंदर वाहन पार्क करने का अधिकार नहीं देता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि एडवोकेट एक्ट की धारा 30 केवल वकीलों को प्रैक्टिस करने का अधिकार प्रदान करती है और यह किसी भी वकील को न्यायालय परिसर के अंदर अपना वाहन पार्क करने का अधिकार प्रदान नहीं करती। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने एडवोकेट एनएस विजयंत बाबू द्वारा दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें एडवोकेट एसोसिएशन के सदस्यों के लिए नए वाहन स्टिकर जारी करने के संबंध में नोटिस रद्द करने की मांग की गई थी।यह तर्क दिया गया कि एडवोकेट...
'एक निष्पक्ष वादी के लिए अशोभनीय': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने के खिलाफ कोर्ट रूम में विरोध करने वाली महिला की निंदा की
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक आरोपी को जमानत दिए जाने के खिलाफ कोर्ट रूम में विरोध प्रदर्शन करने वाली महिला के आचरण की निंदा की।यह देखते हुए कि वह कथित तौर पर शिकायतकर्ता की ओर से थी, जस्टिस सिद्धार्थ की पीठ ने उसके आचरण को एक निष्पक्ष वादी के लिए अशोभनीय बताया।अनिवार्य रूप से, जब कोर्ट ने एक आरोपी सपना को जमानत दी, तो कोर्ट रूम में खड़ी एक महिला ने जोरदार आवाज में विरोध किया और वकीलों और वादियों द्वारा जबरन बाहर निकाला गया। इतना ही नहीं, उसने अदालत के बाहर भी बहुत अशांति पैदा...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता के होटल के अवैध हिस्से को गिराने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता के मीरा रोड स्थित सेवन इलेवन होटल के अवैध हिस्से को गिराने का आदेश दिया।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने फैयाज मुल्लाजी की जनहित याचिका को स्वीकार किया और 0.2 एफएसआई से आगे के सभी निर्माण को मेहता द्वारा दो महीने के भीतर गिराने का निर्देश दिया।मुल्लाजी की ओर से पेश वकील राकेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में शहरी विकास विभाग ने होटल के निर्माण के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार का मामला वापस लेने की राज्य की याचिका खारिज की, यूपी सरकार को फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद सरस्वती के खिलाफ बलात्कार के एक मामले को वापस लेने की मांग करते हुए सीआरपीसी की धारा 321 के तहत अभियोजन अधिकारी द्वारा अग्रेषित राज्य के एक आवेदन को अनुमति देने से इनकार करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर के आदेश को बरकरार रखा। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने सरस्वती के खिलाफ मामला वापस लेने के अपने फैसले पर उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई क्योंकि उसने याचिका में राज्य ने टिप्पणी की कि जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर आरोपी के खिलाफ...
वकील की आत्महत्या के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में विरोध प्रदर्शन
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ के समक्ष प्रैक्टिस कर रहे 32 वर्षीय एडवोकेट ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली , जिसके बाद जबलपुर में हाईकोर्ट परिसर के भीतर साथी वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। हिंदी समाचार पोर्टल नई दुनिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार , एक युवा एडवोकेट अनुराग साहू एक बलात्कार के आरोपी की जमानत अर्जी का विरोध करने के लिए हाईकोर्ट की एक पीठ के सामने पेश हो रहे थे और मामले की सुनवाई के दौरान पीठासीन न्यायाधीश के साथ-साथ सीनियर एडवोकेट के साथ ऐसा कुछ हुआ जिसके बाद वह अपने घर...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शराब पीकर गाड़ी चलाने की जांच के दौरान पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोपी को बरी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में 2017 में ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला करने का आरोप लगाते हुए दो लोगों को आरोपमुक्त कर दिया, जब उन पर कथित तौर पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुलिस को उसकी ड्यूटी करने से रोकने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) धारा 353 के तहत मामला दर्ज किया गया।जस्टिस मोहम्मद नवाज ने प्रियंशु कुमार और उसके दोस्त आलोक कुमार द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपी 20 साल हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को...
मोटर दुर्घटना मृत्यु| पैरेंटल कंसोर्टियम सभी बच्चों को उपलब्ध, वह मृतक पर निर्भर हों या नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल के एक फैसले में कहा कि मोटर दुर्घटना से होने वाली मौतों के मामलों में, माता-पिता की संगति और सहयोग का अधिकार (Parental Consortium) सभी बच्चों के लिए उपलब्ध है, भले ही वे मृतक पर निर्भर हों या नहीं।कोर्ट ने समझाया कि माता-पिता की सहायता, सुरक्षा, स्नेह, समाज, अनुशासन, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के नुकसान के लिए माता-पिता की अकाल मृत्यु पर बच्चे को माता-पिता की संगति और सहयोग का अधिकार दिया जाता है।जस्टिस गौरांग कंठ मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ...
"निजी जानकारी को इंटरनेट सर्च से हटाने का अधिकार को 'हिस्ट्री को मिटाने' के उपकरण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता": गूगल ने केरल हाईकोर्ट में कहा
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने निजी जानकारी को इंटरनेट सर्च से हटाने का अधिकार को लागू करने और विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित निर्णयों या आदेशों से पहचान योग्य जानकारी को हटाने की मांग वाली याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई जारी रखी।जस्टिस ए. मोहम्मद मुस्ताक और जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन की खंडपीठ ने एक डेंटिस्ट के मामले की सुनवाई की, जो गूगल सर्च इंजन पर अपने नाम की उपस्थिति से व्यथित है।यह आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ता की दूसरी शादी, उसकी बहन की शादी और उसके...
एनडीपीएस एक्ट| साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के तहत दिए गए सह-अभियुक्त के बयान के आधार पर आरोप तय करना स्वीकार्य नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 27 साक्ष्य अधिनियम के तहत दर्ज सह-अभियुक्त की गवाही के आधार पर, आरोप तय किए गए थे।आक्षेपित आदेश को रद्द करते हुए जस्टिस नंदिता दुबे ने कहा कि आरोप तय करते समय, निचली अदालत को उन दस्तावेजों पर भरोसा करना चाहिए, जो साक्ष्य के कानून के तहत स्वीकार्य हैं।उन्होंने कहा,स्वीकृति के चरण में यह आवश्यक नहीं होता कि जज अभियोजन द्वारा प्रस्तावित साक्ष्य को सावधानीपूर्वक...
एमएसीपी स्कीम| ट्रिब्यूनल ने क्लॉज को रद्द कर दिया हो और हाईकोर्ट फैसले की पुष्टि कर चुका हो तो उस क्लॉज के आधार पर दावेदार को लाभ से वंचित नहीं किया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि किसी योजना के एक क्लॉज को जब एक बार ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया हो और हाईकोर्ट ने उस निर्णय को बरकरार रखा हो तो वह क्लॉज योजना में मौजूद नहीं रहता, विशेषकर, जब सरकार ने निर्णय को स्वीकार कर चुकी हो और उसे लागू करने का फैसला कर चुकी हो।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की ओर से पारित एक आदेश के खिलाफ केंद्र की याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। कैट ने संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति योजना...



















