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दोषसिद्धि की तिथि पर सजा में छूट देने की जो नीति प्रचलित थी, वही सजा माफ करने के उद्देश्य के लिए लागू होगी: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि सजा में छूट देने के लिए दोषी के मामले पर विचार करते समय सजा की तिथि पर प्रचलित राज्य की सजा माफी नीति को छूट देने के एल आवेदन पर निर्णय लेने में लागू किया जाएगा।जस्टिस वैभवी डी. नानावती की पीठ ने राज्य सरकार को हत्या के दोषी (रफीक आलमभाई परमार) से संबंधित क्षमा आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश देते हुए यह देखा कि 2001 में 4 सप्ताह के भीतर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जो उसकी सजा के समय प्रचलित छूट देने की नीति के अनुसार थी।मामला संक्षेप...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत पुलिस जांच की मांग वाली बलात्कार पीड़िता की याचिका खारिज करने वाले सीजेएम के आदेश को रद्द किया, मामले को वापस विचार के लिए भेजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत पुलिस जांच की मांग वाली बलात्कार पीड़िता की याचिका खारिज करने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश को रद्द किया।दरअसल, रेप पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस जांच की मांग की थी।जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने इस मामले को फिर से विचार करने और और XYZ बनाम मध्य प्रदेश राज्य 2022 LiveLaw (SC) 676 मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अनुपात के आलोक में निर्णय लेने के निर्देश के साथ मामले को वापस सीजेएम की अदालत...
दुर्घटनावश गिरने से होने वाली मौत के मामलों में जीवन बीमा पॉलिसी के दावे को प्रोसेस करने के लिए एफआईआर का दर्ज होना अनिवार्य नहीं: जम्मू एंड कश्मीर एंड एल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में उपभोक्ता आयोग के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें यह कहा गया कि जिन मामलों में बीमाधारक की मृत्यु गिरने से लगी चोटों के कारण हुई है, जीवन बीमा के प्रोसेस के लिए एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं।अदालत ने कहा,"हम आयोग से पूरी तरह से सहमत हैं कि इस प्रकृति के मामले में एफआईआर का दर्ज होना जीवन बीमा पॉलिसी के तहत मामले को प्रोसेस करने के लिए अनिवार्य नहीं है। जब यह प्रदर्शित करने के लिए बहुतायत में अन्य सबूत हैं कि मृतक बीमाधारक की दुर्घटना में मृत्यु...
10-15 साल की लड़कियां बायोलॉजिकल चेंज से गुजरती हैं,पिता उसकी देखभाल नहीं कर पाएगाः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मां को कस्टडी सौंपी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में एक प्राकृतिक अभिभावक होने के बावजूद एक नाबालिग हिंदू लड़की की कस्टडी उसके पिता को सौंपने से इनकार कर दिया और कहा कि 10 से 15 वर्ष की आयु की एक लड़की कुछ जैविक परिवर्तनों(बायोलॉजिकल चेंज) से गुजरती है, जिनकी देखभाल पिता द्वारा नहीं की जा सकती है। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि बच्चे के सर्वाेपरि हित को देखते हुए यह उचित होगा कि बच्चे की कस्टडी मां के पास रहे। बलराम बनाम सुषमा मामले में की गई टिप्पणियों को दोहराते हुए अदालत ने कहाः...
सीआरपीसी की धारा 53-ए | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डीजीपी को बलात्कार के मामलों में डीएनए प्रोफाइलिंग के अनिवार्य प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में पुलिस डायरेक्टर जनरल (डीजीपी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बलात्कार के मामलों में डीएनए प्रोफाइलिंग के संबंध में सीआरपीसी की धारा 53-ए के तहत प्रावधानों को जांच एजेंसियों द्वारा लागू किया जाए।जस्टिस विशाल मिश्रा की पीठ ने छोटकाऊ बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर भरोसा करते हुए कहा कि यह अनिवार्य है कि डीएनए नमूने जांच के लिए भेजे जाएं, विशेष रूप से पॉक्सो मामलों में।पीठ ने कहा,माननीय सुप्रीम कोर्ट के उपरोक्त फैसले के...
"पांच साल में मेंटल हेल्थ अथॉरिटी ने कोई प्रगति नहीं की" : बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को तलब किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र मेंटल हेल्थ अथॉरिटी के काम नहीं करने और उदासीन रवैये से नाराज होकर हाल ही में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और अथॉरिटी के सीईओ को अदालत में अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया।जस्टिस एनजे जमादार और जस्टिस गौरी गोडसे की खंडपीठ ने कहा,"... पिछले लगभग पांच वर्षों से अथॉरिटी द्वारा कोई प्रगति हासिल नहीं की गई। इसलिए हमने सीनियर एडवोकेट जेपी सेन को एमिक्स क्यूरी नियुक्त किया।"अदालत ने सरकारी वकील द्वारा बताए गए राज्य के निर्देशों की कमी पर कड़ी...
प्लॉट पर लीजहोल्ड राइट्स रद्द करने पर मुआवजा पूंजीगत प्राप्ति है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि प्लॉट में निर्धारिती द्वारा रखे गए पट्टे के अधिकार पूंजीगत संपत्ति है और प्लॉट पर लीजहोल्ड राइट्स रद्द करने पर निर्धारिती द्वारा गोवा सरकार से प्राप्त मुआवजा पूंजीगत प्राप्ति है न कि राजस्व प्राप्ति।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने कहा कि यदि अचल संपत्ति में अधिकारों के हस्तांतरण के लिए समझौता हस्तांतरणकर्ता द्वारा नहीं किया जाता तो अंतरिती मुआवजे का हकदार है, क्योंकि वह कीमत वृद्धि से वंचित है। इसलिए अंतरिती द्वारा मुआवजे के रूप में...
सावरकर पर टिप्पणी | लखनऊ कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज की
लखनऊ की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनकी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी के खिलाफ शिकायत दर्ज की।उक्त आदेश भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 156 (3) के तहत एडवोकेट नृपेंद्र पांडे द्वारा दायर आवेदन पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव द्वारा पारित किया गया। कोर्ट ने अब शिकायतकर्ता के बयान को दर्ज करने के लिए 9 जनवरी की तारीख तय की। शिकायतकर्ता पांडे ने अपने आवेदन में एफआईआर दर्ज करने की मांग की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने वकील महमूद प्राचा के दफ्तर पर छापा मारने के लिए जारी सर्च वारंट पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा वकील महमूद प्राचा (Advocate Mehmood Pracha) के कार्यालय पर छापेमारी करने के लिए एक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी सर्च वारंट और ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित अन्य आदेशों के निष्पादन पर रोक लगा दी।जस्टिस जसमीत सिंह की प्रथम दृष्टया कहा कि दिल्ली पुलिस ने 24 दिसंबर, 2020 को प्राचा के कार्यालय परिसर की तलाशी ली थी और सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस की तामील नहीं की गई थी।अदालत ने मामले को 13 जनवरी को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए...
स्थायी लोक अदालत विद्युत अधिनियम की धारा 126 के तहत पारित अंतिम आदेश के खिलाफ शिकायतों पर सुनवाई नहीं कर सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने हाल ही में कहा कि स्थायी लोक अदालत विद्युत अधिनियम की धारा 126(5) के तहत पारित अंतिम आदेश के खिलाफ विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 22 के तहत दायर आवेदन को सुनवाई योग्य बनाए रखने के लिए सक्षम नहीं है।जस्टिस राकेश मोहन पांडे ने कहा कि विद्युत अधिनियम की धारा 126 और 127 अपने आप में एक पूर्ण संहिता है और अंतिम मूल्यांकन आदेश के खिलाफ अपील का उपाय है।कोर्ट ने कहा,"सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स द्वारा निर्धारित कानून को पढ़ने के बाद, यह काफी...
[यूपी गौ हत्या रोकथाम अधिनियम] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी व्यक्ति को जमानत दी, कोर्ट ने कहा- गौ सेवा आयोग के अकाउंट में 10,000 रुपए जमा करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश गौ हत्या रोकथाम अधिनियम, 1955 के तहत आरोपी व्यक्ति को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वह गौ सेवा आयोग के अकाउंट में एक महीने के भीतर 10,000 रुपये जमा करेगा।जस्टिस प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने सलीम नाम के एक व्यक्ति की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसके खिलाफ गौ हत्या रोकथाम अधिनियम, 1955 की धारा 3/8 के तहत केस दर्ज किया गया था।अदालत के समक्ष उनके वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष हैं और उन्हें वर्तमान मामले में झूठा...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (19 दिसंबर, 2022 से 23 दिसंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धारा 302 आईपीसी | सिर्फ इसलिए कि मकसद और दुश्मनी स्थापित नहीं की गई है, आरोपी को ब्राउनी पॉइंट नहीं दिया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्टमध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि एक व्यक्ति को मृतक के मरने से पहले दिए गए बयान के आधार पर हत्या के लिए दोषी ठहराया जा सकता है, भले ही अभियोजन...
तीसरे पक्ष को शामिल करने के आवेदन को खारिज करने का आदेश अंतरिम मध्यस्थता अवॉर्ड नहीं है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि ट्रिब्यूनल के एक पक्ष को मध्यस्थता के लिए पक्षकार बनाने के आवेदन को खारिज करने का आदेश एक अंतरिम निर्णय नहीं है, बल्कि केवल एक प्रक्रियात्मक आदेश है, इसलिए, अधिनियम की धारा 34 के तहत इसे चुनौती नहीं दी जा सकती है।जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ ने कहा कि एक मध्यस्थ न्यायाधिकरण, मध्यस्थता की कार्यवाही की निरंतरता के दौरान, कई आदेश पारित करता है और अंतरिम निर्णय के दायरे में आने के आदेश के लिए आवश्यक रूप से कुछ विशेषताएं होनी चाहिए। न्यायालय ने कहा कि एक आदेश को एक अवॉर्ड के...
'कोई भी जांच अधिकारी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं की अवहेलना नहीं कर सकता है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने घर की जब्ती करने पर पुलिस अधिकारी को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि किसी भी जांच में सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का पालन करना अनिवार्य है। उक्त टिप्पणी के साथ कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 102 के तहत एक आदमी के घर को जब्त करने के लिए एक पुलिस अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उक्त प्रावधान के तहत अचल संपत्ति की जब्ती की अनुमति नहीं है।जस्टिस सुनील बी शुकरे और जस्टिस एम डब्ल्यू चंदवानी की खंडपीठ ने कहा, "गंभीर अपराधों में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के नाम पर, कोई भी जांच अधिकारी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं की अवहेलना नहीं कर सकता,...
परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले छात्र इस राष्ट्र का निर्माण नहीं कर सकते, उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि जो छात्र परीक्षाओं में अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं और बच निकलते हैं, वे राष्ट्र निर्माण नहीं कर सकते हैं और ऐसे छात्रों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा,"अपनी योग्यता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे छात्रों से अनुचित साधनों का उपयोग कर सफलता छीन रहे छात्रों से कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। जो छात्र अनुचित साधनों का उपयोग करते हैं और बच निकलते हैं, वे इस राष्ट्र का निर्माण नहीं कर...
मप्र आवास नियंत्रण अधिनियम | धारा 3(1)(बी) के तहत कानून से छूट निर्दिष्ट परिसर के संबंध में है, न कि मकान मालिक-किरायेदार के रिश्तों के संबंध में: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में माना कि मध्य प्रदेश आवास नियंत्रण अधिनियम, 1961 की धारा 3(1)(बी) के तहत प्रदान की गई छूट संबंधित संपत्ति के संबंध में है और यह मकान मालिक और किरायेदार के बीच संबंधों के अधीन नहीं है।अधिनियम की धारा 3(1)(बी) विशेष रूप से गैर-आवासीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली स्थानीय प्राधिकरण की संपत्ति के संबंध में कानून को लागू करने पर छूट देती है। जस्टिस प्रणय वर्मा की पीठ ने कहा-...जो छूट प्रदान की गई है वह परिसर के लिए ही है और मकान मालिक और...
पीएमएलए मामले में कप्पन को जमानत | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, सह-आरोपी के बैंक खाते में प्राप्त पांच हजार रुपये के अलावा किसी अन्य लेनदेन का आरोप नहीं है
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को शुक्रवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में जमानत दे दी।जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि सह-अभियुक्त (अतीकुर रहमान) के बैंक खाते में पांच हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने के आरोपों को छोड़कर, कप्पन के बैंक खाते में या सह-आरोपी के बैंक खाते में कोई अन्य लेनदेन नहीं है।पीठ ने जोर देकर कहा,"अगर यह मान भी लिया जाए कि अपराध की आय का हिस्सा सह-आरोपी अतीकुर रहमान के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था तो भी यह साबित करने...
श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद| कोर्ट अमीन को विवादित स्थल का सर्वेक्षण करने का निर्देश, 20 जनवरी तक देनी होगी रिपोर्ट
श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह विवाद मामले में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की एक अदालत ने सिविल कोर्ट अमीन को विवादित स्थल का दौरा कर सर्वेक्षण करने और मानचित्रों के साथ 20 जनवरी तक एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।सिविल जज तृतीय सोनिका वर्मा हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की याचिका पर उक्त निर्देश दिया। शर्मा ने याचिका में शाही ईदगाह परिसर को अपने कब्जे में लेने और वहां बने मौजूदा ढांचे को गिराने की मांग की है। याचिका एडवोकेट शैलेश दुबे के माध्यम से दायर की गई है।गुप्ता...
'अरेस्ट मेमो में अपराध का कोई विवरण नहीं है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने 500 करोड़ के आईफोन की तस्करी के आरोपी को जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 500 करोड़ रुपये के आईफोन की खेप की तस्करी के आरोप में जमानत दे दी। अदालत ने इस आधार पर जमानत की अरेस्ट मेमो में मामले का कोई विवरण नहीं है।जस्टिस आर. एन. लड्डा ने कहा कि अभियुक्तों के कथित पूर्व अपराधों को संवैधानिक और वैधानिक दायित्वों के साथ DRI के गैर-अनुपालन को सही नहीं ठहराया जा सकता है।अदालत ने कहा,"अपराध का कोई विवरण दंडात्मक धाराओं को छोड़कर अरेस्ट मेमो से नहीं आ रहा है ... पहले प्रतिवादी (DRI)...
पीएफआई हड़ताल : पॉपुलर फ्रंट से नुकसान की वसूली में देरी के लिए केरल सरकार ने हाईकोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, डॉ. वेणु आईएएस द्वारा दिए गए आश्वासन पर ध्यान दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे कि सार्वजनिक हित के मामलों में न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा।जस्टिस ए.के. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सी.पी. की खंडपीठ ने आशा व्यक्त की कि यह आने वाले वर्ष के लिए कार्यपालिका-न्यायपालिका संबंधों में सुधार के लिए शुभ संकेत देगा।19 दिसंबर, 2022 को उनके निर्देश के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य...


















