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गुवाहाटी हाईकोर्ट कोहिमा खंडपीठ ने YouTube पर अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की
गुवाहाटी हाईकोर्ट की कोहिमा पीठ ने सोमवार से अपनी अदालती कार्यवाही की 'लाइव-स्ट्रीमिंग' शुरू की। इसके साथ यह गुवाहाटी (प्रिंसिपल बेंच) और मेघालय हाईकोर्ट के बाद अपनी कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम करने वाला उत्तर-पूर्व का तीसरा संवैधानिक न्यायालय बन गया है। स्ट्रीमिंग गुवाहाटी हाईकोर्ट (लाइव स्ट्रीमिंग और अदालती कार्यवाही की रिकॉर्डिंग) नियम, 2022 द्वारा शासित होगी। कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग यहां देखी जा सकती है।गुजरात हाईकोर्ट पिछले साल अपनी कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम करने वाला पहला...
मद्रास हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता पर 50 हजार का जुर्माना लगाया
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही उस याचिकाकर्ता के खिलाफ 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसने फैमिली कोर्ट के पीठासीन न्यायाधीश के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की। याचिकाकर्ता ने यह मांग यह दावा करते हुए कि फैमिली कोर्ट ने समय-सीमा के भीतर उसकी तलाक याचिका का निपटान करने के लिए हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया।जस्टिस जीके इलानथिरैयन ने याचिकाकर्ता को दो सप्ताह की अवधि के भीतर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के राहत कोष में राशि जमा करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा,यह अवमानना याचिका...
नोरा फतेही ने जैकलीन फर्नांडिज पर मानहानि का केस किया, कहा- जबरदस्ती मेरा नाम घसीटा जा रहा है
दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) के समक्ष अभिनेत्री नोरा फतेही (Nora Fatehi) ने सोमवार को जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज की। इसमें जैकलीन पर आरोप लगाया कि वह सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनका नाम 'गलत तरीके से घसीट' रही हैं।वकील विक्रम चौहान ने कहा कि कनाडाई नागरिक फतेही ने अपनी शिकायत में 15 मीडिया संगठनों को आरोपी बनाया है, जिस पर 19 दिसंबर को सुनवाई होने की संभावना है।शिकायतकर्ता ने कहा,"मेरी अपनी...
'कानून को ओल्ड बॉयज़ क्लब नहीं रहना चाहिए': जस्टिस हिमा कोहली ने अधिक लैंगिक प्रतिनिधित्व का आह्वान किया
जस्टिस हिमा कोहली ने शनिवार को कहा कि कानून के क्षेत्र में महिलाओं को न केवल कम काम मिलता है, बल्कि उन्हें पुरुष समकक्षों की तुलना में कम भुगतान भी किया जाता है। उन्हें कानूनी फर्मों में भागीदार बनने या कॉर्पोरेट या सरकारी क्षेत्रों में पैनलबद्ध होने के कम अवसर भी मिलते हैं। उन्होंने कहा, "पुरुषों और महिलाओं के बीच लैंगिक असमानता निरंतर मौजूद है, वह मुकदमेबाजी की प्रैक्टिस में हो या कानून फर्मों में। महिला वकील अक्सर बताती हैं कि उन्हें लैंगिक पूर्वाग्रह, रूढ़िबद्धता, कार्य और जीवन संतुलन...
कोर्ट में केंद्र और राज्य की लड़ाई अच्छी नहीं दिखती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बिजली विभाग के विवाद को हल करने के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल के एक विवाद में, जहां केंद्र की एक संस्था ने हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट दायर की थी, अपनी चिंता व्यक्त की और इसके निस्तारण के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा, कोर्ट में केंद्र और राज्य की लड़ाई अच्छी नहीं दिखती।कोर्ट ने कहा,"एक कल्याणकारी राज्य में एक सरकार के लिए यह ठीक नहीं है कि वह दूसरे राज्य से मुकदमेबाजी में रहे, वह भी संविधान के अनुच्छेद 226 के प्रावधानों को लागू करके। यह शासन के वेस्टमिंस्टर मॉड्यूल के मूल के खिलाफ जाता...
धारा 143 एनआई एक्ट| आदेश में कार्यवाही की प्रकृति का सारांश रिकॉर्ड करने में विफलता तब तक ट्रायल को खराब नहीं करती, जब तक कि पूर्वाग्रह न दिखाया जाए: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अपीलीय अदालत को मामले को नए सिरे से ट्रायल के लिए वापस भेजने का निर्णय सतर्कता और विवेकपूर्ण तरीके से लेना चाहिए।जस्टिस डॉ एचबी प्रभाकर शास्त्री की पीठ ने 2 सितंबर, 2013 को अपीलीय अदालत द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया, जिसने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत ट्रायल कोर्ट की ओर से दी गई सजा को रद्द कर दिया था। मामले को नए सिरे से सुनवाई का आदेश देते हुए ट्रायल कोर्ट को वापस भेज दिया गया।पीठ ने कहा कि एनआई एक्ट की धारा 143 के अनुसार एनआई की धारा 138 के...
यदि आरोपी पहले से ही एक अन्य आपराधिक मामले में हिरासत में है तो अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है यदि वह समान या अलग-अलग अपराध के लिए किसी अन्य आपराधिक मामले में पहले से ही जेल में है। जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने सुनील कलानी बनाम लोक अभियोजक के माध्यम से राजस्थान राज्य 2021 एससीसी ऑनलाइन राज 1654 के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए यह निष्कर्ष निकाला।अदालत ने कहा," यह अदालत सुनील कालानी (सुप्रा) के मामले में निर्धारित कानून के मद्देनजर सीबीआई के वकीलों द्वारा की गई प्रारंभिक...
मप्र हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में जब्ती संबंधी अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं करने पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस महानिरीक्षक, चंबल रेंज को एनडीपीएस मामले में सीज़र ऑफिसर (जब्ती अधिकारी) के खिलाफ जांच का निर्देश दिया। सीज़र ऑफिसर पर आरोप था कि उसने एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित सामग्री जब्त करने में अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया।जस्टिस दीपक कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने आरोपी को जमानत देत हुए, सीज़र ऑफिसर की ओर से की गई गलतियों की आलोचना की। उन्होंने जांच के सबंध आदेश प्राप्त होने की तारीख से दो महीने की अवधि के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश...
'खालिद सैफी के खिलाफ साक्ष्य संदिग्ध है, कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया': दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन ने जमानत पर सुनवाई में तर्क दिये, आदेश सुरक्षित
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को यूनाइटेड अगेंस्ट हेट (यूएएच) के सदस्य खालिद सैफी द्वारा 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साजिश का आरोप लगाते हुए जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की एक विशेष पीठ के समक्ष सैफी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट रेबेका एम. जॉन ने खंडन प्रस्तुत किया और तर्क दिया कि उसके खिलाफ सबूत संदिग्ध हैं, उन्होंने कहा कि सैफी ने कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया ।जॉन ने कहा, "यह कहना कि वह स्पीच शारजील इमाम की स्पीच के समान हैं, यह खींच...
मृतक के मृत्युकालिक बयान और मौखिक बयान में विसंगतियां: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की सजा निलंबित की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में हत्या के एक दोषी की सजा को इस आधार पर निलंबित कर दिया कि मरने से पहले दिए गए बयान और मृतक द्वारा अन्य गवाहों को दिए गए मौखिक बयानों के बीच कुछ विसंगतियां थीं।जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस प्रकाश चंद्र गुप्ता की खंडपीठ ने कहा-मृतक रिजवान पर कथित रूप से गोली चलाने वाले व्यक्ति के विवरण के संबंध में प्रथम दृष्टया विसंगति मौजूद है। आशिक (PW-4) और वसीम (PW-5) को मृत्यु पूर्व दिए गए मौखिक बयान के अनुसार, बंदूक की गोली से चोट सउद के कारण लगी थी।जांच अधिकारी देवेंद्र...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में पूर्व सांसद और 'ददुआ' डकैत के भाई को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल को चीटिंग और फ्रॉड के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि पटेल मारे गए डकैत ददुआ के भाई हैं।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने पटेल के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 और 406 के तहत दर्ज मामले को रद्द करने से भी इनकार कर दिया।उन्होंने कहा, "...आवेदक के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप, इस विषय पर कानून और आवेदक के आपराधिक पूर्ववृत्त, यह अदालत 482 याचिकाओं में कार्यवाही को रद्द करना उचित नहीं समझती है।"मामलापटेल के खिलाफ...
दिल्ली की अदालत ने उमर खालिद को एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को स्टूडेंट एक्टिविस्ट उमर खालिद को 2020 के पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र मामले में एक सप्ताह की अवधि के लिए अंतरिम जमानत दे दी। खालिद ने बहन की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आदेश पारित किया लेकिन स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत शर्तों के अधीन रहेगी। अंतरिम जमानत 23 दिसंबर से शुरू होगी और आदेश के अनुसार खालिद को 30 दिसंबर को आत्मसमर्पण करना होगा।सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पाइस ने खालिद का प्रतिनिधित्व किया...
दिल्ली कोर्ट ने 2017 के टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी लीडर नईम खान को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) ने कथित टेरर फंडिंग के एक मामले में अलगाववादी नेता नईम अहमद खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है।खान पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा कश्मीर घाटी में "अशांति पैदा करने" का आरोप लगाया गया है। उसे 24 जुलाई, 2017 को गिरफ्तार किया गया था। जो 14 अगस्त, 2017 से न्यायिक हिरासत में है।इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि खान के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं जिसे हाईकोर्ट द्वारा रोक या पलटा नहीं गया है। पटियाला हाउस अदालतों के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने...
'कुछ नियुक्तियों को तुरंत मंजूर कर लिया गया, कुछ को लंबित रखा गया' : कॉलेजियम की अलग-अलग सिफारिशों को स्वीकार करने में केंद्र की ओर से लगने वाले समय पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम प्रस्तावों के अनुमोदन में देरी के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ दायर एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कुछ सिफारिशें तेजी से स्वीकृत हो जाती हैं, लेकिन कुछ को महीनों तक लंबित रखा जाता है।कॉलेजियम के प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए केंद्र के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है, सिवाय कॉलेजियम द्वारा हाईकोर्ट के जजों के रूप में दोहराए गए नामों के संबंध में, जहां केंद्र को निश्चित न्यायिक निर्देश है कि 3-4 सप्ताह के भीतर नियुक्ति की जाए।एक निश्चित समय-सीमा की कमी के...
एआईबीई-XVII का आयोजन 5 फरवरी को होगा, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 13 दिसंबर से शुरू होगा, 16 जनवरी को रजिस्ट्रेशन की आखरी तारीख
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 5 फरवरी को ऑल इंडिया बार एक्जाम (एआईबीई) XVII आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 13 दिसंबर से शुरू होंगे और 16 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन किए जा सकते हैं।एक्जाम से जुड़ीं महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 13 दिसंबर, 2022 से शुरू होगा।ऑनलाइन मोड से भुगतान 13 दिसंबर, 2022 से शुरू होगा।ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 16 जनवरी, 2023 को बंद हो जाएगा।ऑनलाइन मोड के माध्यम से भुगतान की आखरी तारीख: 19 जनवरी, 2023 है।एडमिट कार्ड सत्यापन प्रक्रिया के...
हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर ओडिशा के संबलपुर में पुलिस और वकीलों के बीच भारी झड़प
ओडिशा के पश्चिमी जिले संबलपुर में उड़ीसा हाईकोर्ट की एक स्थायी खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को वकीलों और पुलिस के बीच भारी झड़प हुई। जिला बार एसोसिएशन, संबलपुर ने सोमवार को 'सत्याग्रह' के नाम से विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।बार काउंसिल ऑफ इंडिया और ओडिशा स्टेट बार काउंसिल की कथित मनमानी कार्रवाई का विरोध करने के लिए नागरिकों द्वारा समर्थित सैकड़ों वकीलों ने सोमवार को सुबह एक विरोध प्रदर्शन शुरू किया। कथित तौर पर विरोध के संकेत के रूप में न्यायाधीशों के पुतले जलाए गए।ओडिशा के...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 8 साल तक न्यायिक आदेश लागू नहीं करने पर तहसीलदारों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 24 जुलाई, 2014 से 10 फरवरी, 2022 के बीच पद पर रहे संबंधित तहसीलदारों को अदालत की अवज्ञा के लिए 68 वर्षीय महिला को संयुक्त रूप से अपनी व्यक्तिगत जेब से 3 लाख रुपये की लागत का भुगतान करने का निर्देश दिया है। 2014 में पारित आदेश में उसकी जमीन का सर्वे करने का निर्देश दिया।जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस के एस हेमलेखा की खंडपीठ ने भूमि सर्वेक्षण और भूमि रिकॉर्ड विभाग के आयुक्त मुनीश मुदगिल के खिलाफ पार्वथम्मा द्वारा शुरू की गई अवमानना कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा,"... एकल न्यायाधीश...
पत्नी की सहमति के बिना दूसरी महिला से शादी करना आईपीसी की धारा 498-ए के तहत क्रूरता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोहराया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पति का पहली शादी के अस्तित्व के दौरान और उसकी पत्नी की सहमति के बिना दूसरी महिला से शादी करना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-ए के तहत क्रूरता है।अदालत ने कहा,"अपनी पहली शादी के अस्तित्व के दौरान पति द्वारा दूसरी महिला से शादी करना ऐसी चीज है, जो पहली पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य को आघात और गंभीर चोट पहुंचाने की सबसे अधिक संभावना है, जब तक कि यह पहली पत्नी की सहमति से नहीं किया गया हो। यदि अधिनियम पहली शादी के निर्वाह के दौरान दूसरी शादी के प्रदर्शन की...
राज्य अपने विवेक से लोक सेवक के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को अस्वीकार कर सकता है; लोकायुक्त के पास इसे चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि लोकायुक्त के पास भ्रष्टाचार के मामले में लोक सेवक के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से राज्य के इनकार को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है।चीफ जस्टिस रवि मालिमथ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि लोकायुक्त की भूमिका राज्य को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ समाप्त हो जाती है-सिविल सेवकों के खिलाफ मुकदमा चलाने के मामले में मंजूरी देना बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है। यह सुनिश्चित करने का इरादा है कि कोई तुच्छ मुकदमा नहीं चलाया...
[मोरबी] "यह एक निशुल्क सेवा है। यह वही है जो आप समाज को वापस दे सकते हैं": गुजरात हाईकोर्ट ने सू मोटो पीआईएल में एमिकस क्यूरी के रूप में दो युवा वकीलों को नियुक्त किया
गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने 30 अक्टूबर को मोरबी ब्रिज हादसे से संबंधित स्वत: संज्ञान मामले में कोर्ट की सहायता के लिए आज दो 'युवा' वकीलों को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया। मोरबी ब्रिज ढहने से 135 लोगों की जान चली गई थी।कोर्ट ने एडवोकेट वरुण पटेल और एडवोकेट प्रिया पंचाल को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया है।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष जे शास्त्री ने मौखिक टिप्पणी की,"चूंकि यह एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका है, हम चाहते हैं कि ये युवा वकील (एडवोकेट वरुण पटेल और...



















