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कॉलेज में न शिक्षक, न प्राचार्य; कक्षाओं में खिलौने थे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठवाड़ा ‌यू‌निवर्सिटी की संबद्धता वापस लेने के फैसले को बरकरार रखा
कॉलेज में न शिक्षक, न प्राचार्य; कक्षाओं में खिलौने थे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठवाड़ा ‌यू‌निवर्सिटी की संबद्धता वापस लेने के फैसले को बरकरार रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के कारण श्री तुलजा भवानी कला और विज्ञान कॉलेज, औरंगाबाद की संबद्धता वापस लेने के मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी के फैसले को बरकरार रखा। औरंगाबाद में जस्टिस मंगेश एस पाटिल और जस्टिस शैलेश पी ब्रह्मे की खंडपीठ ने यूनिवर्सिटी के फैसले के खिलाफ एक रिट याचिका में कहा कि कॉलेज में गंभीर खामियां थीं और यूनिवर्सिटी ने संबद्धता वापस लेने के लिए उचित प्रक्रिया का पालन किया था।कोर्ट ने कहा,“प्रबंधन में विवाद आजकल आम बात हो गई है। लेकिन इसका...

उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कॉर्बेट पार्क में अवैध पेड़ कटाई की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया
"उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं", उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कॉर्बेट पार्क में अवैध पेड़ कटाई की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, सीबीआई को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और 6000 से अधिक पेड़ों की कटाई की जांच करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने कहा,"हम संतुष्ट हैं कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच की मांग करने वाले मामले का खुलासा करती है।"आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केवल कुछ अधिकारियों को निलंबित करना और उन्हें आरोप पत्र...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रही महिला को जमानत दी, डॉक्टर का प्राइवेट पार्ट काटकर उसकी हत्या करने के जुर्म में हुई थी उम्रकैद
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रही महिला को जमानत दी, डॉक्टर का प्राइवेट पार्ट काटकर उसकी हत्या करने के जुर्म में हुई थी उम्रकैद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह आजीवन कारावास की सजा काट रही एक महिला को जमानत दे दी। इस महिला को 2013 में एक डॉक्टर की हत्या कर उसका प्राइवेट पार्ट काटकर और बाद में उसे अन्यत्र भेजने का दोषी पाए जाने के बाद 2016 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दोषी महिला ने डॉक्टर का प्रायवेट पार्ट काटकर उसकी पत्नी को भेज दिया था। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने दोषी महिला द्वारा उसकी हिरासत अवधि के आधार पर दायर दूसरी जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया।पीठ ने...

फोन टैपिंग मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कीं
फोन टैपिंग मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कर दीं।आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला पर 2015-2019 के बीच कथित तौर पर राजनेताओं के फोन टैप करने का आरोप था, जब पूर्ववर्ती भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन राज्य में सत्ता में था।एडवोकेट जनरल बीरेंद्र सराफ ने पीठ को सूचित किया कि मुंबई पुलिस को सीआरपीसी की धारा 197 के तहत शुक्ला के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था, जिसके बाद जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस शर्मिला देशमुख ने...

आपको उस पर गर्भपात के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट ने गर्भपात की याचिका की अनुमति देते हुए नाबालिग लड़की के पिता से कहा
'आपको उस पर गर्भपात के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए': गुजरात हाईकोर्ट ने गर्भपात की याचिका की अनुमति देते हुए नाबालिग लड़की के पिता से कहा

गुजरात हाईकोर्ट ने 17 साल की एक लड़की को लगभग 17 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति प्रदान की। हालांकि कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा है कि लड़की के पिता को अपनी बेटी पर गर्भपात कराने के लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए।जस्टिस समीर जे दवे की पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब उसने लड़की की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किये गये उसके बयानों पर गौर किया।कोर्ट ने कहा, "आप अपनी बेटी पर दबाव डाल रहे हैं? मैंने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए उसके बयान को देखा है। पीड़िता की मां...

एपोस्टिल कन्वेंशन | सरकार को हस्ताक्षरकर्ता देशों की ओर से जारी दस्तावेजों को अस्वीकार नहीं करना चाहिएः इलाहाबाद हाईकोर्ट
एपोस्टिल कन्वेंशन | सरकार को हस्ताक्षरकर्ता देशों की ओर से जारी दस्तावेजों को अस्वीकार नहीं करना चाहिएः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत सरकार चेतावनी दी है कि वो एपोस्टिल कन्वेंशन, 1961 की भावना को कायम रखे। भारत एपोस्टिल कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है। यह कन्वेंशन एक हस्ताक्षरकर्ता देश के विदेशी सार्वजनिक दस्तावेजों को अन्य हस्ताक्षरकर्ता देशों में वैध बनाने की आवश्यकता को समाप्त कर देता है। कोर्ट बुधवार को गुयाना सरकार की ओर से जारी कुछ दस्तावेजों के आधार पर ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड देने की मांग करने वाले एक अमेरिकी नागरिक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।इस मामले में याचिकाकर्ता ने यह...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने होटल की अनुमति रद्द करने के बीएमसी आदेश के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) विधायक रवींद्र वायकर की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने होटल की अनुमति रद्द करने के बीएमसी आदेश के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) विधायक रवींद्र वायकर की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के विधायक रवींद्र वायकर द्वारा उन्हें और चार अन्य को मुंबई में एक लक्जरी होटल बनाने की दी गई अनुमति को रद्द करने के संबंध में दायर याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सुनील शुक्रे की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा यह आदेश चैंबर में पारित किया गया। हालांकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश पर चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी है ताकि वायकर सुप्रीम कोर्ट जा सकें।याचिकाकर्ताओं ने वकील जोएल कार्लोस के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया कि 2004 में उन्होंने...

शारदा चिट-फंड घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता कुणाल घोष को बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट प्रतिनिधि के रूप में स्पेन की यात्रा की अनुमति दी
शारदा चिट-फंड घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता कुणाल घोष को बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट प्रतिनिधि के रूप में स्पेन की यात्रा की अनुमति दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में शारदा चिट-फंड घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और पत्रकार कुणाल घोष द्वारा दायर जमानत शर्तों में छूट के लिए दायर आवेदन की अनुमति दी।घोष को बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट 2023 में प्रतिनिधि के रूप में चुना गया था। उन्होंने पश्चिम राज्य के लिए व्यावसायिक निवेश के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मैड्रिड और बार्सिलोना की विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस गौरांग कंठ की खंडपीठ ने उनके आवेदन को अनुमति...

अवैध खनन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने असली अपराधियों को बचाने के लिए गरीब लोगों पर आरोप लगाने के लिए पुलिस की आलोचना की
अवैध खनन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने असली अपराधियों को बचाने के लिए 'गरीब लोगों' पर आरोप लगाने के लिए पुलिस की आलोचना की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध खनन और कोयला परिवहन के मामले में केवल ड्राइवरों जैसे गरीब व्यक्तियों पर आरोप लगाने और वास्तविक दोषियों को बचाने के लिए पंजाब पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट को बताया गया कि पुलिस के इशारे पर ऐसी अवैध गतिविधियां की जा रही हैं। मामला पंजाब के रूपनगर में अवैध खनन से जुड़ा है।शियाओस शेखावत की पीठ ने टिप्पर चालक की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"ऐसा लगता है कि पुलिस उन लोगों के साथ मिल गई है, जो क्षेत्र में इस अवैध शिकार कार्य को...

बैंक लेनदारों से पैसा वसूलने के उपाय के रूप में लुक आउट सर्कुलर का इस्तेमाल नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
बैंक लेनदारों से पैसा वसूलने के उपाय के रूप में लुक आउट सर्कुलर का इस्तेमाल नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि क्रेडिटर्स से पैसा वसूलने के उपाय के रूप में बैंक लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) का उपयोग केवल इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि उसे लगता है कि कानून के तहत उपलब्ध उपाय पर्याप्त नहीं है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि एलओसी तभी जारी की जा सकती है जब पर्याप्त कारण हों। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी एलओसी जारी करने के लिए कोई पूर्व शर्त है, तो उसा उल्लेख किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा, “यह अच्छी तरह से स्थापित है कि लुक आउट सर्कुलर की वैधता पर उस तारीख को मौजूद परिस्थितियों को ध्यान...

एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 | तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी प्रक्रियाओं का अनुपालन न करना प्रॉसिक्यूशन के लिए घातक: राजस्थान हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 | तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी प्रक्रियाओं का अनुपालन न करना प्रॉसिक्यूशन के लिए घातक: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आरोपी को इस आधार पर जमानत दे दी कि तलाशी और जब्ती की कार्यवाही करते समय जब्ती अधिकारी को संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ के रूप में तैनात नहीं किया गया था। इससे एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 और उसके बाद राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आदेश का उल्लंघन हुआ।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। तलाशी और गिरफ्तारी के संबंध में इसमें उल्लिखित प्रक्रिया का अनुपालन न करना बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा,"एनडीपीएस एक्ट कड़े...

बॉम्बे हाईकोर्ट से सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका वापस ली गई
बॉम्बे हाईकोर्ट से सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका वापस ली गई

बॉम्बे हाईकोर्ट से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के डायरेक्टर के रूप में आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जयसवाल की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका वापस ले ली गई। यह याचिका कोर्ट को यह सूचित किए जाने के बाद वापस ले ली गई कि अधिकारी का कार्यकाल समाप्त हो गया है, जिस कारण जनहित याचिका निरर्थक हो गई है। यह पद अब आईपीएस अधिकारी प्रवीण सूद के पास है।चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस आरिफ डॉक्टर की खंडपीठ ने जनहित याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए खारिज कर दिया।खंडपीठ ने अपने आदेश में...

हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक पक्ष पर पारित आदेश को चुनौती देने के लिए एसएलपी दायर नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक पक्ष पर पारित आदेश को चुनौती देने के लिए एसएलपी दायर नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक पक्ष (Administrative Side) की ओर से हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली एक विशेष अनुमति याचिका अवलोकन करते हुए कहा कि प्रशासनिक आदेश के खिलाफ कोई विशेष अनुमति याचिका दायर नहीं की जा सकती। इस मामले में याचिकाकर्ता ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा पारित प्रशासनिक आदेश की आलोचना की, जिस आदेश में हाईकोर्ट ने सीजेआई के ऑनलाइन सुनवाई के निर्देशों को लागू करते हुय उसे याचिका को ऑनलाइन माध्यम से दायर करने और उस पर सुनवाई करने की अनुमति नहीं दी...

लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, व्यक्ति अपनी राय रखने का हकदार है: मद्रास हाईकोर्ट
लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, व्यक्ति अपनी राय रखने का हकदार है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति किसी विशेष विचारधारा के बारे में अपनी आपत्तियों और राय रखने का हकदार है। किसी को भी एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि केवल संवाद ही समाज में विकास की गुंजाइश सुनिश्चित कर सकता है।अदालत ने कहा,“लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह हमेशा संभव है कि किसी विश्वास या विचारधारा के संबंध में उनके विचार भिन्न होंगे। हर किसी को एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए मजबूर करना संभव नहीं है।...

सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी के लिए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा के खिलाफ एफआईआर की मांग,  सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी के लिए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा के खिलाफ एफआईआर की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के 'सनातन धर्म' के खिलाफ दिए गए हालिया बयानों के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की गई है।याचिका में घृणा भाषण मामलों में स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए दिल्ली पुलिस और चेन्नई पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की भी मांग की गई है।याचिका में स्टालिन के खिलाफ 'धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान करने और धर्म के...

जुवेनाइल जस्टिस: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से बच्चों के लिए केंद्र की वात्सल्य योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए वित्तीय प्रस्ताव दाखिल करने को कहा
जुवेनाइल जस्टिस: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से बच्चों के लिए केंद्र की वात्सल्य योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए वित्तीय प्रस्ताव दाखिल करने को कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्या उसने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी उस पत्र का जवाब भेजा है, जिसमें राज्य सरकार से वर्ष 2022-2023, मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रस्ताव और योजना प्रस्तुत करने को कहा गया था।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने मंत्रालय द्वारा 5 जुलाई, 2022 को जारी संचार का जिक्र करते हुए कहा,“ऐसा लगता है कि उक्त योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के लिए 'मिशन वात्सल्य...

पीड़ादायक आपराधिक शिकायत वापस लिए बिना वैवाहिक अधिकार बहाल करने का पत्नी का दावा पति द्वारा सही गई क्रूरता को कम नहीं करता: कलकत्ता हाईकोर्ट
'पीड़ादायक आपराधिक शिकायत' वापस लिए बिना वैवाहिक अधिकार बहाल करने का पत्नी का दावा पति द्वारा सही गई क्रूरता को कम नहीं करता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में पति के पक्ष में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई तलाक की डिक्री को बरकरार रखा। इस पति ने अपनी पत्नी के हाथों की गई 'क्रूरता' के आधार पर तलाक का दावा किया था।जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए पत्नी की अपील खारिज करते हुए कहा:अपीलकर्ता/पत्नी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर प्रतिशोध में दायर की गई है, क्योंकि इसे तलाक के लिए वैवाहिक मुकदमे की शुरुआत के बाद दायर किया गया है। पति द्वारा पत्नी के खिलाफ कथित क्रूरता के...

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | महिलाओं को अविवाहित होने के कारण सार्वजनिक रोजगार से वंचित करना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | 'महिलाओं को अविवाहित होने के कारण सार्वजनिक रोजगार से वंचित करना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन': राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि अविवाहित होने के आधार पर किसी महिला को सार्वजनिक रोजगार से वंचित करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत महिला को दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसके साथ ही यह महिला की गरिमा पर भी आघात करता है।जस्टिस दिनेश मेहता की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य किसी महिला को सिर्फ इसलिए नौकरी का दावा करने से नहीं रोक सकता, क्योंकि वह विवाह बंधन में नहीं बंधी है।कोर्ट ने आगे कहा,"किसी महिला की शादी करने की शर्त बिल्कुल अनुचित है और सार्वजनिक रोजगार के लिए आवेदन...

निषेध कहां है?: कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीएम सिद्धारमैया के मीडिया सलाहकार, राजनीतिक सचिवों की नियुक्ति के खिलाफ याचिका खारिज की
'निषेध कहां है?': कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीएम सिद्धारमैया के मीडिया सलाहकार, राजनीतिक सचिवों की नियुक्ति के खिलाफ याचिका खारिज की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिवों और मीडिया सलाहकार की नियुक्ति के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका खारिज कर दी। चीफ ज‌स्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने एडवोकेट उमापति एस की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया और कहा, "अलग से दर्ज किए जाने वाले कारणों से, याचिका खारिज की जाती है।"याचिकाकर्ता ने कांग्रेस एमएलसी डॉ के गोविंदराज और नजीर अहमद को राजनीतिक सचिव, सुनील कुनागोल को मुख्य सलाहकार और पत्रकार केवी प्रभाकर को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार...

धारा 100ए सीपीसी वहां दूसरी अपील पर रोक लगाती है, जहां एकल न्यायाधीश ने मूल या अपीलीय डिक्री या आदेश से अपील सुनी हो: दिल्ली हाईकोर्ट
धारा 100ए सीपीसी वहां दूसरी अपील पर रोक लगाती है, जहां एकल न्यायाधीश ने मूल या अपीलीय डिक्री या आदेश से अपील सुनी हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 100ए वहां दूसरी अपील दायर करने पर रोक लगाती है, जहां सिंगल जज ने मूल या अपीलीय डिक्री या आदेश के खिलाफ अपील सुनी थी।जस्टिस यशवंत वर्मा और जस्टिस धर्मेश शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि आगे की अपील पर रोक हाईकोर्ट के लेटर्स पेटेंट या उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित किसी भी बात के बावजूद लागू रहेगी।सीपीसी की धारा 100ए में कहा गया है कि किसी भी हाईकोर्ट के लिए किसी भी पत्र पेटेंट में या या किसी अन्य कानून में कुछ भी शामिल होने के...