मुख्य सुर्खियां
उड़ीसा हाईकोर्ट ने बालासोर एसपी को मोहर्रम ताजिया जुलूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने को कहा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने बालासोर के पुलिस अधीक्षक को संभावित कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बालासोर जिले के कुछ स्थानों पर मोहर्रम ताजिया जुलूस के अवलोकन पर लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। एसपी, बालासोर द्वारा 26.07.2023 को पारित एक आदेश में कुछ नियमों और शर्तों के तहत केवल कुछ चयनित सड़कों मोहर्रम ताजिया जुलूस को ले जाने की अनुमति दी गई थी। परंपरागत रूप से ताजिया महोत्सव बिद्याधरपुर, मंगलपुर और बड़ीबाजार गांवों के अंतर्गत 7 मुस्लिम बस्तियों में मनाया जाता...
अपर्याप्त मुद्रांकित समझौता केवल स्टाम्प अधिनियम के विरुद्ध, यह अवॉर्ड को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि मेसर्स एनएन ग्लोबल मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड बनाम मेसर्स इंडो यूनिक फ्लेम लिमिटेड और अन्य, 2023 एससीसी ऑनलाइन एससी 495 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संदर्भ में यह माना गया है कि एक ऐसा समझौता, जिसमें मध्यस्थता खंड शामिल है मगर जिस पर ठीक से मुहर नहीं लगी है, उसे साक्ष्य में स्वीकार नहीं किया जा सकता है, हालांकि, एक बार समझौते को मध्यस्थ द्वारा साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर लिया गया है, जिसने उक्त समझौते पर भरोसा करके एक अवॉर्ड पारित किया है, तो इस आधार...
मद्रास हाईकोर्ट के जज ने पुझल जेल का निरीक्षण किया, राज्य से कैदियों को वैवाहिक अधिकार प्रदान करने पर विचार करने का अनुरोध किया
मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने हाल ही में पुझल जेल में औचक निरीक्षण किया और उसके बाद अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसके बाद, जज ने जेल के बेहतर प्रबंधन के लिए कई निर्देश जारी किए। उल्लेखनीय है कि जस्टिस सुब्रमण्यम तिरुवल्लूर जिले के पोर्टफोलियो जज भी हैं। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से पंजाब और हरियाणा राज्य में लागू की गई योजना के समान कैदियों के लिए वैवाहिक अधिकार की योजना लागू करने पर विचार करने का अनुरोध किया।जज ने कहा, "तमिलनाडु सरकार से कैदियों को 'दाम्पत्य अधिकार'...
स्कूल शिक्षक का स्थानांतरण जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने WBSSC अधिनियम के तहत प्रावधान बरकरार रखा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग अधिनियम, 1997 (1997 अधिनियम) की धारा 10 सी की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जिसे वर्ष 2017 में संशोधन के ज़रिये से पेश किया गया, जो शिक्षक को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करने में सक्षम बनाता है।जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस प्रसेनजीत विश्वास की खंडपीठ को संवैधानिक वैधता के सामान्य प्रश्न पर निर्णय लेने का काम सौंपा गया, जो विभिन्न पीठों के समक्ष लंबित कई रिट याचिकाओं में उत्पन्न हुआ।उपरोक्त प्रावधान के तहत राज्य द्वारा उनके कथित "अवैध...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को जमानत देते समय हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की आलोचना की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते समय उस्मानाबाद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अवज्ञा और न्यायिक अनुपयुक्तता का हवाला देते हुए आलोचना की।जस्टिस आरएम जोशी ने कहा कि न्यायाधीश ने हाईकोर्ट के पिछले आदेश से अवगत होने के बावजूद आरोपी की जमानत याचिका पर विचार किया और उसे अनुमति दी, जिसमें आरोपी को जमानत के लिए निचली अदालत के बजाय हाईकोर्ट जाने की छूट दी गई।अदालत ने कहा,“ट्रायल कोर्ट से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायिक औचित्य बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि...
जादू टोना के शक में हत्या हत्या: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चाची की हत्या के आरोपी व्यक्ति की सजा को हत्या से गैर इरादतन हत्या में बदला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 'जादू-टोना' करने के संदेह में अपनी चाची की हत्या करने के लिए व्यक्ति को दी गई दोषसिद्धि और सजा के आदेश को बदल दिया।जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने हत्या की सजा को गैर इरादतन हत्या में बदलते हुए कहा,"चोट की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए मौत का कारण बनने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अपीलकर्ता को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उसके द्वारा मृतक को पहुंचाई गई चोट से मौत होने की संभावना है और अपीलकर्ता ने कोई अनुचित लाभ नहीं उठाया। असामान्य तरीके...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट परिसर के सामने 'ढाबों' को तोड़ने के चंडीगढ़ डीएम के आदेश पर रोक लगाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन के विध्वंस आदेश को अगली सुनवाई तक स्थगित रखा, जिसे हाईकोर्ट परिसर के सामने कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए योजना बनाई गई।जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन की खंडपीठ ने कहा,“जिला मजिस्ट्रेट, यू.टी., चंडीगढ़ द्वारा 24.07.2023 को पारित विध्वंस आदेश, जिसके तहत दिनांक 29.07.2023 एवं 30.07.2023 को प्रातः 08:00 बजे हाईकोर्ट परिसर के सामने सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण/ढाबों को हटाने के लिए अभियान चलाया जाना है, सुनवाई की अगली तारीख तक...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बच्चे की कस्टडी के लिए पिता के मामले को संभालने में सीडब्ल्यूसी के आचरण पर नाराजगी व्यक्त की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता व्यक्त की, जिस तरह से समिति ने बच्चे की कस्टडी के लिए जैविक पिता की दलीलों के बावजूद बच्चे को गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित कर दिया।अदालत ने कहा कि वह वर्तमान मामले के रिकॉर्ड को विचार के लिए उचित विभाग के समक्ष रखने का आदेश देगी।जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस गौरी गोडसे की खंडपीठ ने कहा,“क्या कुछ प्रशिक्षण आयोजित किया जाना चाहिए। इसकी निश्चित रूप से जरूरत है।''गोद लेने के मामलों में...
2006 तीस हजारी हिंसा: दिल्ली हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना मामले में 12 वकीलों को आरोपमूक्त किया, कहा न्याय में बाधा डालने के लिए कोई सबूत नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2006 में तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसा के संबंध में स्वत: संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना मामले में शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला और दिल्ली बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजीव नासियार सहित 12 वकीलों को आरोपमुक्त कर दिया।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल, जस्टिस रजनीश भटनागर और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पूर्ण पीठ ने पाया कि वकीलों द्वारा न्याय में बाधा डालने, हाथापाई करने या संपत्ति को नष्ट करने के आरोपोंत की पुष्टि करने के लिए कोई ठोस सबूत...
एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम | आरोपी को रिहा करने का मामला नहीं बना, यह जमानत कार्यवाही के बारे में पीड़ित को सूचित न करने का कोई आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कुछ विशेष न्यायाधीशों द्वारा अपने आदेशों में अधिनियम की धारा 15 ए के अनुसार पीड़ितों की दलीलों पर ठीक से विचार नहीं करने की प्रथा की निंदा की। जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस अभय एस वाघवासे की खंडपीठ ने हत्या के एक मामले में आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि जमानत अर्जी पर फैसला सूचना देने वाले या पीड़ित को सूचित करने और सुनने के बाद ही किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा,“वर्तमान आदेश यह नहीं कहता...
'पवित्र कुरान कहता है कि पत्नी और बच्चों की देखभाल करना पति का कर्तव्य है, खासकर जब वे विकलांग हों': कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी और बच्चों के पक्ष में गुजारा भत्ता देने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की एकल न्यायाधीश पीठ ने मोहम्मद अमजद पाशा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि उसके पास अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चों को 25,000 रुपये का सामूहिक गुजारा भत्ता देने के लिए पर्याप्त साधन नहीं है।पीठ ने कहा,“ पवित्र कुरान और हदीस कहते हैं कि यह पति का कर्तव्य है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों की देखभाल करे,...
एआईएडीएमके उम्मीदवार की 4 वोटों से मामूली जीत को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने मदुरै काउंसिल के वोटों की पुनर्गणना की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2022 में मदुरै निगम में पार्षद के रूप में एआईएडीएमके उम्मीदवार के चोक्कयी के चुनाव को चुनौती देने वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के मुथु सुमति द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता ने दोषी अधिकारियों द्वारा अनियमितता का आरोप लगाते हुए वोटों की दोबारा गिनती की मांग की थी। अधिकारियों ने एआईएडीएमके के एक उम्मीदवार को 4 वोटों से विजेता घोषित किया था। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज...
पासपोर्ट - पुलिस वैरिफिकेशन केवल दस्तावेजों की प्रामाणिकता का पता लगाने के लिए है, आवेदक इसकी निष्क्रियता के लिए अनिश्चित काल तक पीड़ित नहीं हो सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना है कि पासपोर्ट जारी करने के लिए 'पुलिस वैरिफिकेशन' प्रक्रिया के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी आवेदक द्वारा वैरिफिकेशन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की वास्तविकता का पता लगाने तक सीमित है और आवेदक को पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्क्रियता के लिए अनिश्चित काल के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ ने एक रिट-याचिका को स्वीकार करते हुए पुलिस अधिकारियों को याचिकाकर्ता के जन्म प्रमाण पत्र की वैरिफिकेशन प्रोसेस को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए...
मृतक पक्ष के कानूनी उत्तराधिकारियों को रिकॉर्ड पर लाने के लिए आदेश XXII सीपीसी, मुकदमे की बहाली की कार्यवाही पर लागू होगा: जम्मू एंड कश्मीर एंड हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश XXII की प्रयोज्यता, जो मृत वादी/प्रतिवादियों के कानूनी प्रतिनिधियों को रिकॉर्ड पर लाने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है, साथ ही छूट को रद्द करने की प्रक्रिया भी, केवल सूट तक ही सीमित नहीं है। जस्टिस संजय धर की एकल पीठ ने कहा कि आदेश XXII के प्रावधान मुकदमे, अपील और मुकदमे की बहाली से संबंधित कार्यवाही में समान रूप से लागू होते हैं।कुछ प्रतिवादियों की छूट के बावजूद, बकाया की वसूली के लिए एक...
जस्टिस ललिता कन्नेगांती ने कर्नाटक हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली
तेलंगाना हाईकोर्ट से ट्रांसफर के बाद जस्टिस ललिता कन्नेगांती ने शुक्रवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।शपथ ग्रहण समारोह के बाद कर्नाटक राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष विशालराघु एचएल ने स्वागत भाषण दिया।जवाब में जस्टिस कन्नेगंती ने कहा,“कर्नाटक राज्य मौजूदा पारंपरिक गुणों के साथ वैश्वीकरण का आदर्श मिश्रण है। यह अत्यंत विविधता की भूमि है चाहे वह संस्कृति हो, विरासत हो या प्रकृति हो। कर्नाटक में सामाजिक और राजनीतिक रूप से संचालित...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कोयला घोटाला मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्डा और उनके बेटे को अंतरिम जमानत दी
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा और व्यवसायी मनोज कुमार जयसवाल को अंतरिम जमानत दे दी, जिन्हें हाल ही में कोयला घोटाला मामले में दोषी ठहराया गया था और चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने मामले में उन्हें दोषी ठहराने और सजा सुनाने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दर्डा और जयासवाल की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से जवाब मांगा और जांच एजेंसी को आठ सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का...
मणिपुर: मैतेई समुदाय के खिलाफ बयानों पर समन को चुनौती देने वाली प्रोफेसर खाम खान सुआन हाउसिंग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 31 जुलाई को
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के राजनीतिशास्त्र के प्रोफेसर खाम खान सुआन हाउसिंग को मणिपुर कोर्ट की ओर से जारी समन के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई 31 जुलाई, 2023 को पुनर्निर्धारित की है। यह समन 'द वायर' के साथ एक साक्षात्कार के दौरान मैतेई समुदाय की कथित मानहानि के संबंध में था।मूल रूप से आज (28 जुलाई, 2023) को निर्धारित इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ द्वारा की जानी थी। हालांकि, चीफ जस्टिस की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई योजना के अनुसार नहीं हो सकी।...
जमशेदपुर सांप्रदायिक संघर्ष 2023| 'यह पता नहीं लगाया जा सकता कि कौन सा समुदाय हमलावर था': हाईकोर्ट ने 42 आरोपियों को जमानत दी
झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अप्रैल 2023 में राज्य के जमशेदपुर जिले में धार्मिक ध्वज के कथित अपमान को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच हुई झड़पों के सिलसिले में दर्ज 42 आरोपियों को जमानत दे दी।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस सुभाष चंद की खंडपीठ ने पाया कि किसी भी अपीलकर्ता को मौके पर नहीं पकड़ा गया और नामित आरोपियों और अज्ञात व्यक्तियों की जो भूमिका बताई गई वह सामान्य और सर्वव्यापी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस स्तर पर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि दोनों समुदायों के बीच हमलावर कौन...
[एनडीपीएस एक्ट धारा 52ए] बॉम्बे हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट के सामने लिए गए सैंपल को रासायनिक जांच के लिए नहीं भेजने पर आरोपी को जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित तौर पर अपने फार्महाउस से व्यावसायिक मात्रा में गांजा जब्त होने के बाद गिरफ्तार किए गए 35 वर्षीय व्यक्ति को इस आधार पर जमानत दे दी कि अधिकारियों ने मजिस्ट्रेट के सामने एकत्र किए गए नमूनों को रासायनिक विश्लेषक के पास नहीं भेजा।जस्टिस एस.एम. मोदक ने कहा,“मजिस्ट्रेट ने सूची ले ली है और पैरा नंबर 14 में उल्लिखित कुछ नमूने निकाले हैं। सर्टिफिकेट के पेज नं. 128 है, लेकिन तथ्य यह है कि ये नमूने रासायनिक विश्लेषक के पास नहीं भेजे गए। तो यह सच है कि पैरा नंबर 31(1) में दिए गए...
यह जानते हुए भी कि वह शादीशुदा है, शिकायतकर्ता स्वेच्छा से यौन संबंध के लिए आरोपी के साथ जंगल में गई: उड़ीसा हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा रद्द की
उड़ीसा हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी के खिलाफ पारित दोषसिद्धि का आदेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि पीड़िता/शिकायतकर्ता नियमित रूप से आरोपी के साथ जंगल गई। इसके अलावा, अच्छी तरह से यह जानते हुए कि वह शादीशुदा है, उसने उसके साथ यौन संबंध बनाए रखे।जस्टिस संगम कुमार साहू की एकल पीठ ने यौन कृत्य को सहमति से होने का उल्लेख करते हुए कहा,“वह इस तथ्य के प्रति सचेत रहते हुए कि उनकी शादी संभव नहीं है, यौन क्रिया करने के लिए अपीलकर्ता के साथ जंगल में जाकर अपनी पसंद का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर रही थी। सभी...



















![[एनडीपीएस एक्ट धारा 52ए] बॉम्बे हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट के सामने लिए गए सैंपल को रासायनिक जांच के लिए नहीं भेजने पर आरोपी को जमानत दी [एनडीपीएस एक्ट धारा 52ए] बॉम्बे हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट के सामने लिए गए सैंपल को रासायनिक जांच के लिए नहीं भेजने पर आरोपी को जमानत दी](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/07/28/500x300_483381-justiceshrirammmodakbombahc.jpg)
