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2008 जयपुर विस्फोट | '14 साल की कैद', राजस्थान हाईकोर्ट ने 'जिंदा बम की बरामदगी' मामले में मोहम्मद आजमी को जमानत दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक जैसी एफआईआर में बरी होने के बावजूद लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला देते हुए 2008 के जयपुर सिलसिलेवार बम विस्फोटों के आरोपियों में से एक मोहम्मद आजमी को सशर्त जमानत दे दी है।कोर्ट ने राज्य की दलीलों का विश्लेषण करने के बाद कहा,“रबी प्रकाश के मामले (सुप्रा) में आरोपी याचिकाकर्ता पिछले 3.5 वर्षों से हिरासत में था… यूएपीए की धारा 43 डी (5) (में) में निहित प्रतिबंध तब अपना महत्व खो देगा जब 14 साल की कैद का मामला अन्य एफआईआर में बरी होने के अन्य तथ्यों के साथ जुड़ा हो।...
ट्रायल कोर्ट को सीआरपीसी के तहत अपनी कार्यवाही पर रोक लगाने का अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि एक ट्रायल कोर्ट किसी आपराधिक मामले में अपनी कार्यवाही पर रोक नहीं लगा सकता है और संबंधित सिविल मामले के फैसले का आपराधिक मामले की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ता है।जस्टिस विवेक रूसिया की सिंगल जज बेंच ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता किसी मुकदमे में अपनी कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए ट्रायल कोर्ट को कोई अधिकार नहीं देती है।कोर्ट ने कहा, “…एक बार आरोपपत्र दाखिल हो जाने के बाद ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को या तो बरी किया जा सकता है या दोषी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वकील को पेश न होने पर खारिज किए गए मामले की बहाली के लिए एक घंटे की सामुदायिक सेवा करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि वादकारियों को उनके द्वारा नियुक्त वकील की गलती के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए, साल 2013 में दायर एक आपराधिक मामले की बहाली की अनुमति दी, बशर्ते वकील मर्सी होम में एक घंटे की सामुदायिक सेवा' करे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के न्यायाधीश जस्टिस आनंद पाठक ने आवेदक के वकील को इस संबंध में 'अनुभव रिपोर्ट' प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।बेंच ने कहा, "...एक घंटे की यह सामुदायिक सेवा न केवल आत्मा को संतुष्टि देगी बल्कि दिव्यांग बच्चों को यह संदेश...
'इस तरह व्यवहार नहीं कर सकते': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नई मां बनी महिला को पति के कार्यस्थल से दूर ट्रांसफर करने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक की खिंचाई की
पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय ने अपने कर्मचारी को पति के कार्यस्थल से दूर ट्रांसफर करने के लिए बैंक ऑफ इंडिया की खिंचाई की। कोर्ट ने कहा कि बैंक को "उस तरीके से व्यवहार नहीं करना चाहिए, जिस तरह से उन्होंने विवाहित महिला के साथ व्यवहार किया है, जिसके कुछ महीने का बच्चा हुआ है।" इसके साथ ही नीति का उल्लंघन किया और फिर उसका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया।चंडीगढ़ में बैंक की महाप्रबंधक चांदनी को बीमार छुट्टी पर रहते हुए राजकोट, गुजरात ट्रांसफर कर दिया गया। उनका कुछ महीने का बच्चा है और उनके...
बिना अनुमति के फोन पर बातचीत रिकॉर्ड करना अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का उल्लंघन: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने माना कि संबंधित व्यक्ति की जानकारी और अनुमति के बिना टेलीफोन पर बातचीत रिकॉर्ड करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके 'निजता के अधिकार' का उल्लंघन है।उस आदेश को रद्द करते हुए, जिसमें साक्ष्य के रूप में ऐसी रिकॉर्डिंग का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी, न्यायालय ने कहा,"...ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी ने याचिकाकर्ता की पीठ पीछे उसकी जानकारी के बिना उसकी बातचीत रिकॉर्ड कर ली, जो उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है। साथ ही भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त...
'मुद्दे पहले से ही हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद को 'हटाने' की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद स्थल को कृष्ण जन्म भूमि के रूप में मान्यता देने की मांग करने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका करते हुए खारिज कर दी कि जनहित याचिका में शामिल मुद्दे पहले से ही उचित कार्यवाही (यानी लंबित) में एचसी का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अपने आदेश में अपने 26 मई के आदेश का हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के बारे में विभिन्न राहतों के लिए...
पद्म पुरस्कार विजेता 'मिसलीडिंग' गुटखा विज्ञापनों में | 'पान मसाला कंपनियों को नोटिस जारी': यूओआई ने अवमानना मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया
केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने सरोगेट एड के लिए विमल पान मसाला, कमला पसंद और पान बहार सहित पान मसाला कंपनियों को नोटिस जारी किया है।जस्टिस राजेश सिंह चौहान की पीठ के समक्ष यह दलील जनहित याचिका में हाईकोर्ट के सितंबर 2022 के आदेश का अनुपालन न करने पर दायर अवमानना याचिका के जवाब में दी गई, जिसमें केंद्र सरकार के अधिकारियों को 'मिसलीडिंग' गुटखा विज्ञापन में पद्म पुरस्कार विजेता कुछ लोगों की भागीदारी के संबंध में उठाई गई शिकायत पर...
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से घर से भागे हुए जोड़ों की शिकायतों के समाधान के लिए मैकेनिज़्म के बारे में पूछा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को पंजाब राज्य के वकील को यह पता लगाने के लिए निर्देश मांगने का निर्देश दिया कि क्या राज्य में भागे हुए जोड़ों की शिकायतों के समाधान के लिए कोई विशिष्ट मैकेनिज़्म मौजूद है। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने वकील से कहा कि यदि ऐसा कोई मैकेनिज़्म मौजूद है तो रिकॉर्ड के लिए प्रासंगिक निर्देश या मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पेश करें।बेंच ने कहा," राज्य के वकील निर्देश लेंगे कि क्या पंजाब राज्य में घर से भागे हुए जोड़ों की शिकायतों के निवारण के लिए कोई विशिष्ट...
न्यूज़क्लिक केस | 'पंकज बंसल' मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला UAPA पर लागू नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पंकज बंसल मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जिसमें ईडी को आरोपी को गिरफ्तारी के आधार के बारे में लिखित रूप से सूचित करने का निर्देश दिया गया था, को यूएपीए के तहत पैदा मामले पर पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सकता है।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि यूएपीए के तहत गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों के बारे में सूचित किया जाना चाहिए, हालांकि अधिनियम के तहत ऐसे आधारों को लिखित रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है।कोर्ट ने कहा,“इस...
दिल्ली शराब नीति घोटाला : AAP सांसद संजय सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।सिंह को ईडी की तीन दिन की हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आज राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष एमके नागपाल के समक्ष पेश किया गया। इससे पहले उन्हें पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेजा गया था।आप नेता को प्रवर्तन निदेशालय ने 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में उनके आवास पर तलाशी ली गई। सिंह इस मामले में गिरफ्तार...
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुर्यकस्थ, एचआर हेड को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर अमित चक्रवर्ती द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद दर्ज यूएपीए मामले में उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। जस्टिस तुषार राव गेडेला ने उनकी 7 दिन की पुलिस रिमांड बरकरार रखी। दोनों वर्तमान में 10 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में हैं, जो अवधि 20 अक्टूबर को समाप्त हो रही है।अदालत ने आदेश सुनाते...
असफल अभियोजन के बाद गिरफ्तार नाबालिग पीड़िता के पिता को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत, कहा- POCSO Act का उद्देश्य पीड़ितों को हतोत्साहित करना नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) का उद्देश्य पीड़ितों को इस डर से शिकायत दर्ज करने से हतोत्साहित करना नहीं है। साथ ही कहा कि यदि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में विफल रहता है तो उन पर झूठे सबूतों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है।जस्टिस एमएस कार्णिक ने झूठे साक्ष्य देने के आरोप में नाबालिग पीड़िता के पिता के खिलाफ दर्ज शिकायत रद्द करते हुए कहा,“POCSO Act का उद्देश्य उन पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करना है, जिन्होंने अपराध का सामना...
धारा 18, 20 के तहत भरण-पोषण कार्यवाही हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम के अनुरूप नहीं है, यथामूल्य कोर्ट का भुगतान नहीं किया जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 18 और 20 के तहत भरण-पोषण की कार्यवाही मुकदमा नहीं है और ऐसे मामलों में "यथा मूल्य" कोर्ट का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने कहा कि ऐसी पत्नी या बच्चे पर शर्त थोपना, जो उपेक्षित है और जिसके पास अपने भरण-पोषण के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं कि वह दावा की गई राशि के दस गुना पर यथामूल्य कोर्ट की गणना कर सके तो यह उनके लिए "भेदभावपूर्ण, अनुचित और कठिन" होगा।अधिनियम की धारा...
न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत की आपराधिक अवमानना के लिए ऑक्टोजेरियन लॉ जर्नल के एडिटर को दोषी ठहराया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में अस्सी वर्षीय लॉ जर्नल एडिटर को अपने प्रकाशन के माध्यम से न्यायपालिका के खिलाफ कुछ टिप्पणियां करने के लिए आपराधिक अवमानना का दोषी पाया।चीफ जस्टिस रवि मलिमथ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने डॉ. एन.एस. पर 4,000/- रुपये का जुर्माना लगाना उचित समझा। 'लॉस्ट जस्टिस' के 85 वर्षीय संस्थापक, संपादक और प्रकाशक पूनिया ने अपने बिगड़ते स्वास्थ्य को प्राथमिक कारण बताया।वर्ष 2010 से कुछ जर्नल एडिशन में अवमाननाकर्ता ने हाईकोर्ट के कुछ मौजूदा न्यायाधीशों द्वारा मामलों का...
जब कोई दमनकारी राज्य होता है तो आशा न्यायपालिका में होती है : जस्टिस डॉ. एस मुरलीधर
उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. जस्टिस एस मुरलीधर ने गुरुवार को केरल हाईकोर्ट सभागार में 'न्यायपालिका की स्वतंत्रता' पर व्याख्यान देते हुए राज्य के प्रति-बहुमत अंग होने के नाते न्यायपालिका के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में जब-जब मजबूत कार्यपालिका रही है, तब-तब न्यायपालिका कमजोर नजर आती है। उन्होंने कहा, “जब कोई दमनकारी राज्य होता है तो आशा न्यायपालिका में होती है।”जस्टिस मुरलीधर ने कहा कि संविधान मजबूत और कमजोर दोनों की रक्षा करता है, लेकिन कमजोर की अधिक...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शॉर्ट स्कर्ट पहनने और उत्तेजक डांस करने को अश्लीलता मानने से किया इनकार, कहा- अश्लीलता पर "प्रगतिशील" दृष्टिकोण अपनाना चाहिए
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि महिलाओं का छोटे कपड़ों में उत्तेजक नृत्य करना या इशारे करना "अश्लील" या "अनैतिक" कृत्य नहीं है, जो किसी को परेशान कर सकता है।जस्टिस विनय जोशी और जस्टिस वाल्मिकी मेनेजेस की खंडपीठ ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 294 और सार्वजनिक रूप से अभद्रता के लिए महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराओं और महाराष्ट्र निषेध अधिनियम, 1949 के तहत आरोपी पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दी।पुलिस ने एक रिसॉर्ट और वाटर पार्क के बैंक्वेट हॉल में छापेमारी के बाद एफआईआर दर्ज की, जहां छह...
एफआईआर में धर्म का उल्लेख नहीं किया जाएगा: हरियाणा के डीजीपी ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया
हरियाणा के डीजीपी ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष एक हलफनामा प्रस्तुत किया है, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि एफआईआर में पीड़ित/शिकायतकर्ता और संदिग्ध के धर्म का उल्लेख न करने के निर्देश जारी किए गए हैं, सिवाय उन स्थितियों के जो स्पष्ट रूप आवश्यक हों। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने प्रस्तुतीकरण पर ध्यान देते हुए कहा," ...यह उम्मीद की जाती है कि डीजीपी, हरियाणा, पंचकुला समय-समय पर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके द्वारा जारी निर्देशों का सभी पुलिस स्टेशनों/सभी जांच एजेंसियां आदि द्वारा...
याचिकाकर्ता का दावा, "आई किल्ड बापू" फिल्म का निर्माण महात्मा गांधी को बदनाम करने के लिए किया गया, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्वावलोकन के लिए पैनल नियुक्त किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म "आई किल्ड बापू" का पूर्वावलोकन करने के लिए एक तीन सदस्यीय पैनल नियुक्त किया है, जो आपत्तिजनक सामग्री या सामाजिक वैमनस्य को गंभीर रूप से खतरे में डालने वाली किसी अन्य सामग्री की जांच करेगा। यह फिल्म हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी।जस्टिस सुनील शुक्रे और जस्टिस फिरदोश पूनीवाला की पीठ ने फिल्म की समीक्षा करने और अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए मुख्य न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) अमजद सईद, जस्टिस अभय थिप्से और अनुभवी अभिनेता/निर्देशक अमोल पालेकर की एक समिति नियुक्त की।आदेश...
धारा 439(1ए) सीआरपीसी | पीड़ित की सुनवाई के अधिकार से इनकार जमानत रद्द करने का वैध आधार: कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए
कर्नाटक हाईकोर्ट एक ऐतिहासिक फैसले में सीआरपीसी की धारा 439 (1ए) का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रायल कोर्ट और अभियोजन पक्ष द्वारा पालन किए जाने वाले कई निर्देश जारी किए हैं, जो यौन उत्पीड़न के आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका पर फैसला करते समय पीड़ित की भागीदारी को अनिवार्य बनाता है।जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी ने कहा कि जमानत आवेदन के शिकायतकर्ता या पीड़ित को सूचित करने का दायित्व अदालत और अभियोजन पक्ष पर था और इस आवश्यकता का पालन करने में विफलता के कारण याचिकाकर्ता के अधिकारों का...
वैधानिक शासन का कोई तत्व न होने पर रोजगार अनुबंध विशिष्ट रूप से लागू नहीं होते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक टिप्पणी की है कि जब रोजगार के अनुबंध वैधानिक शासन के किसी भी तत्व के बिना पूरी तरह से अनुबंध की शर्तों द्वारा शासित होते हैं, तो ऐसे अनुबंध जो मालिक और नौकर के बीच संबंध निर्धारित करते हैं, विशेष रूप से लागू करने योग्य नहीं होते हैं।जस्टिस मनिंदर एस भट्टी की सिंगल जज बेंच ने कहा,“इस न्यायालय ने WP संख्या 29.2023 (पुरुषोत्तम सूर्यबंशी बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य) में भारतीय स्टेट बैंक बनाम एसएम गोयल 2008 (8) SCC 92 के मामले में शीर्ष न्यायालय के फैसले पर...



















