मुख्य सुर्खियां
माता-पिता की आर्थिक परिस्थितियों को वैवाहिक घरों में उनकी बेटियों के लिए 'मौत का वारंट' नहीं बनने दिया जा सकता: दहेज हत्या पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के मामले से निपटते हुए कहा कि न्यायिक प्रणाली किसी लड़की के माता-पिता की आर्थिक परिस्थितियों को उनके वैवाहिक घरों में उनकी बेटियों के लिए मौत का वारंट और सजा बनने की अनुमति नहीं दे सकती।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि किसी महिला को केवल उसकी वैवाहिक स्थिति के कारण दास के समान जीवन देना घोर अन्याय है।यह देखते हुए कि यह मामला "सामाजिक मानसिकता में महत्वपूर्ण विफलता" को दर्शाता है और अदालतें उन लोगों का पक्ष नहीं ले सकती हैं, जो इस विफलता को कायम रखते हैं, जस्टिस...
सुप्रीम कोर्ट की वकील ने जयपुर में अदालती कार्यवाही तक वर्चुअल पहुंच की कमी से व्यथित होकर राजस्थान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा
एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड शोभा गुप्ता ने जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट की बेंच के रजिस्ट्रार जनरल को एक रिप्रेजेंटेशन दिया है, जिसमें वर्चुअल कोर्ट एक्सेस में त्रुटियों को सुधारने की मांग की गई है, जिसके कारण वह उस मामले में उपस्थित होने में असमर्थ थीं, जिसमें वह बहस कर रही थीं।वकील ने कहा कि पोस्टिंग की तारीख चूकना कई मामलों में हानिकारक हो सकता है, यह गड़बड़ी उनके साथ दो बार हुई थी।उन्होंने सर्वेश माथुर बनाम रजिस्ट्रार जनरल, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट 2023 लाइव लॉ (एससी) 871 में शीर्ष अदालत के फैसले...
नाकाम रोमांटिक रिश्ता बलात्कार की एफआईआर दर्ज करने का कोई आधार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं चल पाता है तो यह बलात्कार का मामला दर्ज करने का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने कहा, "यह स्थापित कानून है कि यदि कोई रिश्ता नहीं चल पाता है तो वह आईपीसी की धारा 376 के तहत दंडनीय अपराध के लिए एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकता।"अदालत ने एक महिला से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी एक सरकारी कर्मचारी को अग्रिम जमानत देते हुए यह टिप्पणी की।महिला ने दर्ज कराई एफआईआर में आरोप लगाया कि पिछले साल उसकी सगाई आरोपी...
किरायेदार मकान मालिक से एनओसी के बिना ध्वस्त परिसर का पुनर्निर्माण कर सकते हैं, यदि मालिक पुनर्विकास में विफल रहता है तो लागत वसूल करें: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने किरायेदारों को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 499 (6) के तहत मकान मालिक की अनुमति के बिना अपने ध्वस्त परिसर का पुनर्निर्माण करने और विध्वंस के एक वर्ष के भीतर पुनर्विकास योजना के अभाव में उससे लागत वसूलने की अनुमति दी है।हालांकि, जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस कमल खट्टा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि किरायेदार परिसर के पुनर्विकास और स्वामित्व के आधार पर फ्लैटों पर कब्जा करने के हकदार नहीं होंगे, मतलब पुनर्निर्माण के बाद भी किरायेदार किरायेदार ही बने रहेंगे।“[किरायेदारों] एसोसिएशन को...
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका में इतिहास की किताबों से ताज महल के निर्माण पर 'गलत ऐतिहासिक तथ्य' हटाने की मांग
स्कूलों और कॉलेजों में इतिहास की किताबों से शाहजहां द्वारा ताज महल के निर्माण से संबंधित कथित "गलत ऐतिहासिक तथ्यों" को हटाने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई कर सकती है।यह याचिका एक सुरजीत सिंह यादव ने दायर की है, जो एनजीओ हिंदू सेना एस के अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि राजा मान सिंह के महल को ध्वस्त करने और उसी स्थान पर ताज महल के नए सिरे से निर्माण का कोई...
ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के स्टेज- V में ओडिशा में 40 और पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन; कुल संख्या 199 कोर्ट तक पहुंची
उड़ीसा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस डॉ. विद्युत रंजन सारंगी ने ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के स्टेज-V में 40 और पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना प्रौद्योगिकी समिति के अध्यक्ष जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और हाईकोर्ट के जज मौजूद थे।5 और 6 मई, 2023 को कटक में डिजिटलीकरण, ई-पहल और पेपरलेस कोर्ट पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में तत्कालीन चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर ने उस समय तक विद्यमान 34 पेपरलेस कोर्ट के अतिरिक्त तीन महीने की निश्चित अवधि के भीतर राज्य में 100 पेपरलेस...
डीआरटी अहमदाबाद में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बीच गुजरात हाईकोर्ट अपने रिकॉर्ड में "छेड़छाड़" से हैरान है, जांच के आदेश दिए
गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद में डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) के भीतर कथित भ्रष्टाचार से संबंधित मामले में अपने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करके उसके साथ की गई 'छेड़छाड़' पर कड़ा रुख अपनाया।जस्टिस संदीप एन भट्ट की पीठ में वकील पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने का मामला शामिल था, जिसे डीआरटी की कार्यवाही में कोर्ट कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया था।सुनवाई के दौरान, न्यायाधीश ने संस्था की "बिगड़ती" स्थिति पर ध्यान दिया।उन्होंने कहा,"बैंक अधिकारियों, रजिस्ट्री कर्मचारियों और कई वकीलों और रजिस्ट्री के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की सजा को 'शेष जीवन' से बदलकर 'आजीवन कारावास' किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 में अपनाए गए शब्दों का पालन करने के महत्व का हवाला देते हुए अपनी पत्नी की हत्या के दोषी व्यक्ति की सजा को "शेष जीवन के लिए आजीवन कारावास" से "आजीवन कारावास" में बदल दिया।जस्टिस वीवी कंकनवाड़ी और जस्टिस अभय एस वाघवासे की खंडपीठ ने पाया कि ट्रायल जज ने दोषी को उसके शेष जीवन के लिए आजीवन कारावास की सजा देने में अति कर दी।अदालत ने कहा,“अपीलकर्ता के वकील द्वारा यह सही कहा गया कि ट्रायल जज ने प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा...
अभियुक्तों को मिटिगेटिंग फैक्टर दिखाने का समय देने के लिए मौत की सजा के मामलों में सजा पर सुनवाई स्थगित की जानी चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने POCSO Court की जल्दबाजी में 7 दिनों की सुनवाई पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जहां क़ानून संभावित सजा के रूप में मौत की सजा का प्रावधान करता है, अदालत स्पष्ट रूप से सूचित करने के बाद सजा से संबंधित किसी भी आगे की कार्यवाही को स्थगित करने के लिए बाध्य है। अभियुक्तों को परिस्थितियों को कम करने के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अधिकार है।हाईकोर्ट ने POCSO Court द्वारा दी गई मौत की सजा रद्द कर दी और सक्षम क्षेत्राधिकार के अलग न्यायाधीश द्वारा नए सिरे से...
न्यायालय को "उसका" कहना बॉर्डर लाइन अवमानना, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नए वकील को ड्राफ्ट तैयार करने और दलीलों को संबोधित करने में संयम बरतने की सलाह दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक वकील द्वारा अपीलीय अदालत को "उसका" ("His") कहने पर इसे बॉर्डर लाइन अवमानना बताया और वकील की दलीलों पर आपत्ति व्यक्त की। वकील ने अपीलीय अदालत को "उसका" संबोधित किया था और तर्क दिया कि उसका आवेदनअप्रासंगिक आधार पर खारिज कर दिया गया। 12 दिनों की देरी को माफ करने की अनुमति देने वाले आदेश के खिलाफ एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने ड्राफ्ट तैयार करने और न्यायालय को संबोधित करने के तरीके की आलोचना की।जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा," वर्तमान याचिका...
फुटओवर ब्रिज के अभाव में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आई यात्री मुआवजे की हकदार: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने फुट ओवरब्रिज और उचित प्रकाश सुविधाओं के अभाव में रेलवे ट्रैक पार करने का प्रयास करते समय अपनी जान गंवाने वाली महिला के परिवार को आठ लाख रुपये का मुआवजा दिया।सुरक्षित यात्रा के लिए सुविधाएं प्रदान करने के रेलवे के कानूनी दायित्व पर जोर देते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे दावा न्यायाधिकरण का फैसला रद्द कर दिया, जिसने मृत रेल यात्री के परिवार को मुआवजा देने से इनकार कर दिया था।जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा,"...वर्तमान मामले में मृतक वास्तविक रेलवे यात्री थी और रेलवे विभाग की...
परोपकारिता और वित्तीय लाभ की कमी की पुष्टि होने पर ही सरोगेसी की अनुमति: केरल हाईकोर्ट ने पुलिस को प्रस्तावित मां से पूछताछ करने का आदेश दिया
केरल हाईकोर्ट ने तिरुवनंतपुरम के डीआइजी को जांच करने और परोपकारी सरोगेसी सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित सरोगेट मां और उसके परिवार से बातचीत करने के बाद रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि सरोगेसी के लिए अनुमति केवल तभी दी जा सकती है जब परोपकारिता और वित्तीय भागीदारी की कमी उचित रूप से स्थापित हो।न्यायालय सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के अनुसार सरोगेसी कराने के लिए जिला मेडिकल बोर्ड से मेडिकल इंडिकेशन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत याचिका पर विचार कर रहा...
आरएसएस रूट मार्च: मद्रास हाईकोर्ट ने अनुमति न देने पर अवमानना याचिका पर तमिलनाडु के गृह सचिव, डीजीपी को नोटिस जारी किया
मद्रास हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को रूट मार्च निकालने की अनुमति देने के संबंध में पहले जारी किए गए अदालती आदेशों का पालन ना करने पर बुधवार को तमिलनाडु सरकार की आलोचना की।जस्टिस जी जयचंद्रन पार्टी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसके बाद राज्य ने उन्हें राज्य में पुलिस अधिकारियों को अनुमति देने के निर्देश देने वाले पहले के आदेश के बावजूद रूट मार्च करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।अदालत ने कहा कि राज्य अदालत के आदेशों का पालन नहीं करना चाहता और राज्य...
महिला ने बच्चा पैदा करने के लिए जेल में बंद पति के साथ रहने की मांग की; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह पता लगाने के लिए क्या वह गर्भधारण कर सकती है, उसके मेडिकल परीक्षण का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला की मेडिकल जांच करने का निर्देश दिया, जिसने बच्चा पैदा करने के लिए 15-20 दिनों के लिए जेल में बंद अपने पति के साथ रहने की मांग की थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह गर्भधारण करने के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है या नहीं।जस्टिस विवेक अग्रवाल की पीठ ने यह आदेश तब पारित किया जब राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने महिला की रिट याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि वह रजोनिवृत्ति की उम्र पार कर चुकी है और इसलिए, प्राकृतिक रूप से या कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से...
'सेवारत कर्मियों को भविष्य की तारीख से पूर्व सैनिक नहीं माना जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी के लिए पूर्व सैनिकों की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह कहते हुए कि सशस्त्र बल के सेवारत कर्मियों को भावी तिथि से पूर्व सैनिक नहीं माना जा सकता है, उत्तर प्रदेश राज्य सेवा में ग्राम विकास अधिकारियों के रूप में नियुक्तियों के लिए तीन अपीलकर्ताओं के दावे को खारिज कर दिया।अपीलकर्ताओं ने सशस्त्र बलों में सेवा करते हुए भी पूर्व सैनिकों की श्रेणी के तहत 2016 में यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञापित ग्राम विकास अधिकारियों के पदों पर आवेदन किया था। हालांकि अपीलकर्ताओं को पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि (10.02.2016) के कुछ...
केंद्रीय विद्यालय भर्ती: दिल्ली हाईकोर्ट ने केवीएस को दिव्यांग व्यक्तियों को 4% आरक्षण देने का निर्देश दिया, इसमें श्रवण बाधितों को 1% आरक्षण भी शामिल
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को कुल रिक्तियों के संबंध में दिव्यांग व्यक्तियों को 4% आरक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया है, जिसमें बधिर और कम सुनने वाले व्यक्तियों के लिए 1% आरक्षण भी शामिल है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव नरूला की खंडपीठ ने कहा,"बहरे और कम सुनने वाले व्यक्तियों सहित दिव्यांग व्यक्तियों की नियुक्ति की प्रक्रिया इस फैसले की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर समाप्त की जानी चाहिए।"खंडपीठ ने सामाजिक न्याय और...
पीएमएलए | गिरफ्तारी का आधार लिखित रूप से बताने वाला 'पंकज बंसल' मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट समूह एम3एम के निदेशक रूप बंसल की गिरफ्तारी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि पंकज बंसल मामले में ईडी की शक्तियों के नियंत्रण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले के मद्देनजर पीएमएलए की धारा 19 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने एम3एम के अन्य निदेशकों पंकज बंसल और बसंत बंसल की गिरफ्तारी को रद्द करते हुए कहा था, ''...अब से यह आवश्यक होगा कि गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के लिखित आधार की एक प्रति...
पत्नी अपने पति द्वारा नियोक्ता को दिया गया इस्तीफा वापस लेने की मांग नहीं कर सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि कोई पत्नी अपने पति द्वारा अपने नियोक्ता को सौंपे गए इस्तीफे को वापस लेने की मांग नहीं कर सकती।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने इस प्रकार एकल न्यायाधीश के आदेश पर सवाल उठाने वाली अपील खारिज कर दी। उक्त आदेश के तहत नियोक्ता द्वारा पति को अपना इस्तीफा वापस लेने की अनुमति देने वाला प्रस्ताव रद्द कर दिया गया था।खंडपीठ ने कहा,“बेशक, यह कर्मचारी का जीवनसाथी है जिसने कर्मचारी का इस्तीफा वापस लेने की मांग की और वह भी 30.11.2021 को प्रस्ताव...
दिल्ली दंगे: जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल को मणिपुर एचसी के सीजे के रूप में पदोन्नत करने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट शरजील इमाम, अन्य की जमानत याचिकाओं पर नए सिरे से सुनवाई करेगा
मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की पदोन्नति के बाद दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में शरजील इमाम, खालिद सैफी और अन्य आरोपी व्यक्तियों की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईएकोर्ट नए सिरे से सुनवाई करेगा।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस शैलेंदर कौर की खंडपीठ अब जनवरी 2024 से अपीलों पर सुनवाई शुरू करेगी।अदालत को आज सूचित किया गया कि जस्टिस मृदुल की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने कम से कम तीन जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। हालांकि, न्यायाधीश की पदोन्नति...
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 19 - ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली पत्नी भारतीय अदालत के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं कर सकती, जहां वह कुछ समय तक रही : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि यद्यपि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 19 (जिस अदालत में याचिका प्रस्तुत की जाती है) में आने वाला 'निवास' शब्द अधिनियम के तहत परिभाषित नहीं है, लेकिन वह किसी स्थान पर तलाक की कार्यवाही पर निर्णय देने के लिए उस क्षेत्र के न्यायालय में आकस्मिक यात्रा अधिकार क्षेत्र नहीं देगी। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस सैयद आफताब हुसैन रिजवी की पीठ ने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली पत्नी की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा,"हालांकि 'निवास' शब्द को अधिनियम के तहत परिभाषित नहीं किया...




















