मुख्य सुर्खियां

एक सदी बाद वेस्टर्न इंडिया की एडवोकेट्स एसोसिएशन को मिलेगी महिला प्रेसिडेंट
बॉम्बे हाईकोर्ट की वकीलों की संस्था 'एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया' (AAWI) को अपने 162 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला वकील प्रेसिडेंट के तौर पर मिलेगी।यह बदलाव AAWI द्वारा अपने संविधान और नियमों में संशोधन करके प्रेसिडेंट का पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित करने के बाद हुआ।इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए सीनियर एडवोकेट दीपा चव्हाण ने कहा कि यह एक अहम बदलाव है, क्योंकि इससे महिला वकीलों को देश की सबसे पुरानी बार एसोसिएशनों में से एक का नेतृत्व करने में मदद मिलेगी।चव्हाण ने कहा,"AAWI के...

दिल्ली दंगे UAPA केस: आरोपी अथर खान ने ज़मानत पाने वाले दूसरे आरोपी के आधार पर ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की "बड़ी साज़िश" (लार्जर कॉन्स्पिरेसी) मामले में सह-आरोपी अथर खान की ज़मानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने खान की स्पेशल लीव पिटीशन पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 7 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने भी उन्हें ज़मानत देने से मना कर दिया।अतहर खान ने शादाब अहमद के आधार पर ज़मानत मांगी,...

NLSIU ने रद्द किया 2026 बैच का दीक्षांत समारोह, छात्रों को अनुपस्थिति में दी जाएगी डिग्री
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों के लिए निर्धारित अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द किया। यूनिवर्सिटी ने 12 सितंबर को होने वाले समारोह को रद्द करने के पीछे अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला दिया।यूनिवर्सिटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब ग्रेजुएट छात्रों को उनकी डिग्री समारोह में उपस्थित हुए बिना यानी अनुपस्थिति में प्रदान की जाएगी। छात्रों को उनके प्रमाणपत्र डाक के जरिए भेजे जाएंगे। इसके अलावा वे चाहें तो यूनिवर्सिटी परिसर से भी अपने...

दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम और उमर खालिद की ज़मानत याचिकाओं का विरोध किया, कहा- हालात में कोई बदलाव नहीं
2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की नई ज़मानत याचिकाओं का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा कि ये याचिकाएं "गैर-कानूनी" हैं और कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश हैं। वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी दूसरे मामले में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मौजूदा कार्यवाही के लिए हालात में बदलाव के बराबर है।बता दें, खालिद और शरजील ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में अपनी...

ज़मानत के लिए ज्यूडिशियल ऑफिसर पर दबाव बनाने के मकसद से धरा सुप्रीम कोर्ट जज का रूप: कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को ठहराया दोषी
दिल्ली कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को दोषी ठहराया। उस पर आरोप है कि उसने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई कर रहे ज्यूडिशियल ऑफिसर को फोन किया, सुप्रीम कोर्ट के जज का रूप धरा और ट्रायल जज पर ज़मानत देने का दबाव बनाया। साथ ही ज़मानत न मिलने पर ज्यूडिशियल ऑफिसर को नौकरी पर बुरा असर पड़ने की धमकी भी दी।सुकेश पर आरोप है कि 2017 के भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस कस्टडी के दौरान, उसने उस कॉन्स्टेबल का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया, जिसकी कस्टडी में वह है। इसके बाद उसने उस ज्यूडिशियल ऑफिसर के सरकारी...

कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब को जारी बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को एस्टेट ऑफिसर द्वारा दिल्ली रेस क्लब को जारी बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि क्लब को अपना पक्ष रखने के कई मौके दिए गए, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहा।अदालत ने पाया कि एस्टेट ऑफिसर ने न केवल प्रतिवादी 'भारत संघ' द्वारा दायर शिकायत की कॉपी अपीलकर्ता क्लब को दी थी, बल्कि क्लब को अपना जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त मौके भी दिए थे, जिसे उसने "अपनी ही वजहों" से दाखिल नहीं किया।पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर आपत्ति जताने वाली अर्ज़ी पर फ़ैसला लेने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह चार हफ़्ते के अंदर 'दिल्ली प्रॉसिक्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन' की उस अर्ज़ी पर फ़ैसला करे, जिसमें पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की ज़रूरत पर आपत्ति जताई गई।कोर्ट एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में मांग की गई थी कि पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अटेंडेंस से जुड़े दिल्ली सरकार के सर्कुलर को रद्द किया जाए, या फिर इन सर्कुलर को लागू करने पर रोक लगाई जाए और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के लिए कोई...

'नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की PITNDPS Act के तहत महिला की निवारक हिरासत रद्द किया: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 'नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988' (PITNDPS एक्ट) के तहत एक महिला की निवारक हिरासत रद्द किया। कोर्ट ने माना कि अधिकारियों द्वारा उसे केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखने (रिप्रेजेंटेशन) के अधिकार के बारे में तुरंत न बताना, और उसके बाद उसकी अर्जी को आगे भेजने और उस पर फैसला लेने में बहुत ज़्यादा देरी करना, अनुच्छेद 22(5) के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन था। [2026 LiveLaw (PH) 295]जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि...

3 महीने में कार्रवाई करें: हाईकोर्ट ने हाथरस पीड़िता के परिवार को दूसरी जगह बसाने में 'बेवजह रुकावट' डालने पर यूपी सरकार को फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह हाथरस गैंगरेप और हत्या की पीड़िता के परिवार को 3 महीने के भीतर गाजियाबाद या नोएडा में बसाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार उसके पहले के निर्देशों का पालन करने में "बेवजह रुकावट" डाल रही थी।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने कहा कि 22 फरवरी 2025 को राज्य सरकार का जो फैसला आया था, जिसमें परिवार को कासगंज, एटा या अलीगढ़ में बसाने की पेशकश की गई, उसमें गाजियाबाद या नोएडा में बसाने की...

क्षत्रिय करणी सेना के प्रमुख कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद, लेकिन किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्हें कानून का पालन करना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को कहा कि क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए आज़ाद हैं, लेकिन अगर वह किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार ही ऐसा करना होगा।कोर्ट ने यह आदेश क्षत्रिय करणी सेना/अखंड करणी पार्टी के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत को पेश करने की मांग वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में आरोप लगाया गया कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया।दलील दी गई कि वह...

SC/ST Act के तहत दर्ज FIR में अग्रिम ज़मानत के लिए दिल्ली कोर्ट पहुंचे YouTuber अजीत भारती
YouTuber अजीत भारती ने मंगलवार (25 अगस्त) को दिल्ली कोर्ट में अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) के लिए अर्ज़ी दी। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया।एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने मामले की सुनवाई की और कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, मामले में आगे की बहस के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई।खबरों के अनुसार, भारती पर उनके YouTube शो में कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी करने के बाद मामला दर्ज किया गया। हालांकि, भारती ने सार्वजनिक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी अदालतों को अपनी बिल्डिंग में खामियों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सुरक्षा देने से रोका
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की सभी अदालतों को जोधपुर में अपनी बिल्डिंग में स्ट्रक्चरल खामियों (बनावट में कमी) के लिए कथित तौर पर ज़िम्मेदार किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को सुरक्षा देने से रोक दिया।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीज़न बेंच ने कहा कि अगर सुरक्षा देने का कोई आदेश दिया जाता है तो उसे तब तक बेअसर माना जाएगा जब तक कि उसे कोर्ट की डिवीज़न बेंच या सुप्रीम कोर्ट ने पास न किया हो।आगे कहा गया,"सुरक्षा के मकसद से पास किया गया कोई भी आदेश, या ऐसा कोई आदेश जिससे ज़िम्मेदार...

'राजनीतिक दखल' की वजह से वोटर लिस्ट से नाम नहीं हटाया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता को राहत दी। याचिकाकर्ता ने अपने निवास स्थान के आधार पर एक वार्ड की वोटर लिस्ट में अपना नाम ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया था। उसी दिन पहले आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद, बिना कोई कारण बताए या सुनवाई का मौका दिए उसे मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि राजस्थान पंचायती राज (चुनाव) अधिनियम, 1994 ("अधिनियम") और नियम, 1994 (नियम) के अनुसार, किसी व्यक्ति को चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने और वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना नदी में बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज बहने से रोकने के लिए 25 इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट का समर्थन किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को निर्देश दिया कि वह शहर के 25 नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट पर दूसरी अथॉरिटीज के साथ बैठक करे। कोर्ट ने कहा कि यह रीडेवलपमेंट ज़रूरी है ताकि यह पक्का किया जा सके कि बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज का पानी यमुना नदी में न जाए।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट के कई आदेशों के बाद इन 25 नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल इलाकों के रीडेवलपमेंट का काम शुरू होना था।इन इलाकों के लिए प्लान बनाने वाली...

बॉम्बे हाईकोर्ट का केंद्र को सुझाव- आधार एक्ट में बदलाव करे ताकि नकली पहचान का इस्तेमाल करने वाले विदेशी नागरिकों को वापस भेजा जा सकें
भारत की सीमाओं में घुसपैठ करने वाले और अपनी पहचान छिपाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ धोखाधड़ी से हासिल करने वाले विदेशियों के 'चिंताजनक पैटर्न' पर ध्यान देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं की लक्षित डिलीवरी) एक्ट, 2016 में बदलाव करने पर विचार करने का आदेश दिया। यह आदेश ऐसे विदेशी नागरिकों का तुरंत पता लगाने और उन्हें वापस भेजने के लिए दिया गया, जो भारत में...

शिकायत के बाद लेकिन फ़ैसले से पहले जारी स्पष्टीकरण वाला सर्कुलर, लंबित पब्लिक टेंडर शिकायत पर लागू होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई स्पष्टीकरण वाला सर्कुलर (Clarificatory Circular) जो किसी सह-बोलीदाता (Co-Bidder) के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज होने के बाद, लेकिन उस शिकायत पर अंतिम फ़ैसला होने से पहले लागू होता है, वह आम तौर पर लंबित शिकायत पर लागू होता है।कोर्ट ने कहा कि ऐसा सर्कुलर तब लागू नहीं होगा, जब यह किसी ऐसे अधिकार को प्रभावित करे जो पहले ही तय हो चुका हो, या जब यह साबित हो जाए कि इसे किसी खास शिकायत को नाकाम करने के लिए बनाया गया।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने...

विभागों को शोक-संतप्त परिवारों का मार्गदर्शन करना चाहिए कि पात्र आश्रित अनुकंपा नियुक्ति का दावा कैसे कर सकते हैं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का निर्णय लेने वाले सक्षम अधिकारी को तकनीकी और कठोर दृष्टिकोण के बजाय सहानुभूतिपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। [2026 LiveLaw (MP) 344]इस बात पर जोर देते हुए कि अक्सर मृतक के परिवार को गलत सलाह मिलती है, एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा;"अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से संबंधित मामलों में सक्षम अधिकारी को कठोर और तकनीकी रवैये के बजाय वास्तविक सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। अक्सर मृतक के...

हाईकोर्ट ने लखनऊ में ई-रिक्शा ट्रैफिक की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई, सरकार से नीति बनाने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने लखनऊ में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि शहर की सड़कों पर इनकी बढ़ती मौजूदगी से "ट्रैफिक की बड़ी समस्या" पैदा हो रही है और सरकार इस मुद्दे पर "सो नहीं सकती"।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि यह मुद्दा 'गंभीर' है और एक सही पॉलिसी बनाकर इसे जल्द-से-जल्द हल करने की ज़रूरत है।कोर्ट लखनऊ में ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रहा था।सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस का एक अलग कैडर...

बेदखली के खिलाफ अपील में देरी को माफ़ करने से पहले भी किरायेदार को अंतरिम सुरक्षा दी जा सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अपीलीय अदालत की अपील में अंतरिम सुरक्षा देने की शक्ति केवल इसलिए खत्म नहीं होती कि उस अपील के साथ देरी को माफ़ करने (Condonation of Delay) की अर्ज़ी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि प्रस्तावित अपील के विषय-वस्तु (Subject Matter) को सुरक्षित रखने का आदेश, उस अपील को सुनने या उस पर फैसला करने के आदेश से अलग होता है।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा,"देरी को माफ़ करने की अर्ज़ी का लंबित होना, अपने आप में अपीलीय अदालत को उचित सुरक्षात्मक आदेश पारित...

झारखंड हाईकोर्ट ने 2022 में लातेहार कोर्ट पर हुए हमले के मामले में शुरू की गई कार्यवाही बंद की, न्यायिक अधिकारियों के लिए सुरक्षा का निर्देश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार सिविल कोर्ट में 2022 में हुए हमले और तोड़-फोड़ के बाद स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया। कोर्ट ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों के लिए एक जैसी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीजन बेंच ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के उपाय करने के लिए अधिकारियों को लातेहार जैसी किसी और घटना का इंतजार करने की कोई वजह नहीं है।यह स्वतः संज्ञान कार्यवाही 11...
