मुख्य सुर्खियां

NH-24 पर युवा वकील से लूटपाट: दिल्ली कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा, SHO को जांच की खुद निगरानी करने का दिया निर्देश
दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को शहर के अक्षरधाम के पास NH-24 पर युवा वकील के साथ हुई लूट की घटना के संबंध में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।शिकायतकर्ता के वकील होने का संज्ञान लेते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अमित राणा ने संबंधित स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का आदेश दिया।अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई की तारीख यानी 1 अगस्त से पहले स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए।यह मामला करण मिश्रा की लूट से जुड़ा है, जो एक...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामलों की फास्ट-ट्रैक के लिए स्पेशल जज नियुक्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जज अनु ग्रोवर बालीगा को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज नियुक्त किया। यह कोर्ट खास तौर पर पब्लिक परीक्षाओं में पेपर लीक और गलत तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों की तेज़ी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक) करेगा।यह नियुक्ति परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े अपराधों—जैसे प्रश्न पत्र लीक होना और भर्ती व पब्लिक परीक्षाओं को प्रभावित करने वाले अन्य धोखाधड़ी के तरीके—की तेज़ी से सुनवाई सुनिश्चित करने की कोशिशों के तहत की गई।यह स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट पेपर लीक की घटनाओं और पब्लिक...

पिता की मौत के बाद शादीशुदा महिला 'अनुकंपा नियुक्ति' का दावा कर सकती है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि किसी शादीशुदा बेटी को सिर्फ़ इस अनुमान के आधार पर 'दया के आधार पर नौकरी' के लिए विचार करने से मना नहीं किया जा सकता कि वह अपने पति पर निर्भर है, न कि अपने दिवंगत पिता पर। कोर्ट ने कहा कि निर्भरता एक तथ्य का सवाल है, जिसे हर मामले में सबूतों के आधार पर तय किया जाना चाहिए। साथ ही वैवाहिक स्थिति (शादीशुदा होना) अपने आप में किसी शादीशुदा बेटी को विचार के दायरे से बाहर करने का सही आधार नहीं हो सकती, जब तक कि लागू नीति में उसे स्पष्ट रूप से मना न किया गया हो।जस्टिस संजय...

छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का एक समूह कोर्ट के लॉन में इकट्ठा हुआ। उन्होंने "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ" अभियान के तहत संविधान की प्रस्तावना को एक साथ पढ़ा। यह सब राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे छात्र विरोध-प्रदर्शनों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बीच हुआ।वकील कोर्ट के लंच ब्रेक के दौरान इकट्ठा हुए और उन्होंने ज़ोर-ज़ोर से प्रस्तावना पढ़ी, जिसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों को फिर से दोहराया गया।सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह और डॉ. एस. मुरलीधर ने इस पाठ का...

जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन पर बॉम्बे बार एसोसिएशन की चिंता, बल प्रयोग की निंदा; सरकार और छात्रों से सार्थक संवाद की अपील
बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA) ने जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग पर गहरी चिंता जताते हुए इसकी निंदा की।साथ ही एसोसिएशन ने प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की भी कड़ी आलोचना की। BBA के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट नितिन ठक्कर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि छात्रों ने देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, जिन पर गंभीरता से...

महुआ मोइत्रा की सुरक्षा याचिका पर तत्काल राहत से हाईकोर्ट का इनकार, 29 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने कथित भीड़ के हमले और अंडे फेंके जाने की घटनाओं के बाद पुलिस सुरक्षा की मांग की है।हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है और उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जा चुकी है।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में महुआ मोइत्रा की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने पक्ष रखा।उन्होंने अदालत को बताया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान महुआ मोइत्रा को लगातार निशाना बनाया...

NEET विरोध प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग वाली याचिका पर कल होगी सुनवाई, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी मंजूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित NEET पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को आयोजित संसद चलो मार्च की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति दी।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता वरुण कुमार सिन्हा ने मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया।अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि यह मामला तथाकथित छात्र आंदोलन से जुड़ा है और पूरी दिल्ली को बंधक बना दिया गया है। सड़कें बंद हैं और आम नागरिकों को भारी...

'संसद चलो' प्रदर्शन: SCBA अध्यक्ष ने PMO और गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, पुलिस कमिश्नर के निलंबन व न्यायिक जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने 'संसद चलो' छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध न्यायिक जांच, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और दिल्ली पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) के तत्काल निलंबन की मांग की है।अपने पत्र में विकास सिंह ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण...

वकीलों के हंगामे के दौरान कथित तौर पर कोई कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट का लखनऊ पुलिस से सवाल: पुलिस 'मूक दर्शक' क्यों बनी रही?
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने बुधवार को लखनऊ की एक घटना से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। इस घटना में वकील के भेष में आए लोगों पर पुलिस की मौजूदगी में जबरन घुसने, तोड़-फोड़ और गुंडागर्दी करने का आरोप है।मौके पर मौजूद लखनऊ पुलिसकर्मियों की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने पूछा:"जब ऐसी घटना हो रही थी तो पुलिस मूक दर्शक क्यों बनी रही? अतिरिक्त बल क्यों नहीं बुलाया गया और उन लोगों को...

बॉम्बे हाईकोर्ट में दलील: सरकार को भक्तों को बताना चाहिए कि PoP मूर्तियों पर रोक का आस्था से कोई लेना-देना नहीं है, 'प्रदूषण के कारण धरती माता रो रही हैं'
प्राकृतिक जल स्रोतों में प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग वाली PIL पर अंतिम बहस के चौथे दिन बुधवार (22 जुलाई) को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया गया कि देश में प्रदूषण का स्तर सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया और प्रदूषण के कारण 'धरती माता' रो रही हैं।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की डिवीजन बेंच एक्टिविस्ट रोहित जोशी द्वारा दायर PIL पर अंतिम बहस सुन रही है। जोशी ने महाराष्ट्र सरकार की उस पॉलिसी को भी चुनौती दी है, जो 6 फीट से ऊंची PoP मूर्तियों को प्राकृतिक...

पति से अधिक कमाने वाली पत्नी 'विदेश में रहने का खर्चा अधिक' होने का दावा कर भरण-पोषण नहीं मांग सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट
एक महिला जो अपने पति से 'काफी हद तक' अधिक कमाती है और विदेश में रहती है, वह केवल इस आधार पर उससे गुजारा भत्ता नहीं मांग सकती कि विदेश में रहने की लागत 'अत्यधिक' है, हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेरिका में रहने वाली एक महिला की उस याचिका को खारिज किया, जिसमें उसने अपने पति से 1 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता की मांग की।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने महिला के अंतरिम आवेदन खारिज की, जिसके द्वारा उसने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसके द्वारा अदालत ने जोड़े की...

ज्यूडिशियल अलाउंस को नॉन-टैक्सेबल इनकम बताने का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने जजों को ITR फाइल करने का अंतरिम आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पास किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों को अपने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय 'हाईकोर्ट जजेज़ (सैलरी एंड कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) एक्ट, 1954' की धारा 22D और 'सुप्रीम कोर्ट जजेज़ (सैलरी एंड कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) एक्ट, 1958' की धारा 23D के तहत तय ज्यूडिशियल अलाउंस को "इनकम की प्रकृति वाली प्राप्तियां नहीं" के तौर पर दिखाने की इजाज़त दी गई।बता दें, 1954 के एक्ट की धारा 22A, 22B और 22C के तहत मिलने वाले अलाउंस और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के जजों को मिलने वाली...

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के मामले में FIR की मांग वाली याचिका खारिज: दिल्ली हाईकोर्ट ने वैधानिक उपाय अपनाने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने की घटना पर FIR दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को किसी संज्ञेय अपराध की आशंका है तो वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत उपलब्ध वैधानिक उपाय अपना सकता है।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इसी घटना को लेकर सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी...

वकीलों ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की हिंसा की निंदा की, जवाबदेही की मांग की
650 से ज़्यादा वकीलों के एक समूह ने, जिसमें कई सीनियर वकील शामिल हैं, एक बयान जारी कर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर बल प्रयोग की निंदा की। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की आज़ादी और असहमति के अधिकार जैसे संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया।इस बयान पर सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह, राजू रामचंद्रन, चंद्र उदय सिंह, संजय हेगड़े, हुज़ेफ़ा अहमदी, रेबेका एम जॉन, नंदिता राव, संजय पारिख, अंजना प्रकाश, गोपाल शंकरनारायणन, गोपाल सुब्रमण्यम,...

राहुल गांधी के खिलाफ 'आय से अधिक संपत्ति' मामले में ED कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) असहाय नहीं है और अगर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ 'आय से अधिक संपत्ति' की शिकायत की जांच में कोई "गलत काम या गैर-कानूनी हरकत" सामने आती है, तो वह कानून के अनुसार सख्ती से कार्रवाई कर सकता है।साथ ही यह देखते हुए कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल हलफनामे में स्पष्टता की कमी थी, कोर्ट ने एजेंसी को इस मामले में नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।CBI, ED और याचिकाकर्ता (जो खुद पेश हुए थे) द्वारा दाखिल हलफनामों को देखने...

कपिल सिब्बल ने CJP प्रोटेस्ट में स्टूडेंट्स के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की, निष्पक्ष जांच की मांग की
सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने मंगलवार को CJP मार्च में शामिल स्टूडेंट्स के खिलाफ कथित पुलिस हिंसा की निंदा की। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उन दावों की निष्पक्ष जांच की मांग की जिनमें कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके जवान घायल हुए थे।सिब्बल ने चेतावनी दी कि जब तक इन दावों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, पुलिस बाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को आपराधिक मामलों में फंसा सकती है, जिसमें 'गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) भी शामिल है, जैसा कि 2020 में CAA के खिलाफ दिल्ली में हुए विरोध...

बिना स्थायी चीफ जस्टिस के काम कर रहे हैं लगभग एक-तिहाई हाईकोर्ट
देश के 25 हाई कोर्ट में से सात अभी बिना स्थायी चीफ जस्टिस के काम कर रहे हैं; इन कोर्ट की कमान एक्टिंग चीफ जस्टिस संभाल रहे हैं।इनमें से चार पद तब खाली हुए जब जस्टिस शील नागू (पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट), जस्टिस चंद्रशेखर (बॉम्बे हाईकोर्ट), जस्टिस संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट) और जस्टिस अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाई कोर्ट) को जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया।इसके बाद संबंधित हाईकोर्ट में अश्वनी कुमार मिश्रा, रवींद्र विट्ठलराव घुगे, विवेक रूसिया और संजीव कुमार को एक्टिंग...

अपनी पहली शादी छिपाने वाली महिला दूसरे पति से गुज़ारा-भत्ता पाने की हकदार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जो महिला अपनी पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी कर लेती है (जबकि पहली शादी अभी भी कायम है), वह CrPC की धारा 125 के तहत अपने दूसरे पति से गुज़ारा-भत्ता नहीं मांग सकती।सिंगल-जज जस्टिस मिलिंद साथये ने 16 जुलाई को एक आदेश में उस महिला की अपील खारिज की, जिसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके 'दूसरे पति' को उनकी अमान्य शादी से हुए बेटे के लिए केवल 1,000 रुपये का मासिक गुज़ारा-भत्ता देने का निर्देश दिया गया, लेकिन महिला के लिए कोई अलग भत्ता नहीं दिया...

राम मंदिर दान की चोरी से बेअसर लोगों को कोई शर्मिंदा नहीं कर सकता, यह भारतीयों की ईमानदारी का सबसे निचला स्तर: जस्टिस अतुल श्रीधरन
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन ने यूपी सरकार की हालिया "बुलडोज़र कार्रवाई" पर कड़ी टिप्पणी करते हुए भारतीय संस्थाओं में फैले भ्रष्टाचार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में दान की हालिया चोरी "भारतीयों की ईमानदारी" के "सबसे निचले स्तर" को दिखाती है।उन्होंने कहा कि आम भारतीय ने भ्रष्टाचार को सामान्य मान लिया और पकड़े जाने तक इसे गलत नहीं समझता। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल 2025 की रिपोर्ट में 182 देशों में भारत का 91वां स्थान होने के बावजूद, "हमें...

यह गुंडागर्दी है, आपको किस कानून ने अधिकार दिया? : संसद मार्च से पहले नेता को रोकने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को संसद मार्च में शामिल होने जा रहे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (UPP) के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को रास्ते में हिरासत में लेने पर राज्य पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जताई।कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि आखिर किस कानून के तहत उन्हें दिल्ली जाने से रोका गया। जस्टिस रवींद्र मैठाणी और जस्टिस सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार ने दलील दी कि ध्यानी की हिरासत पूरी तरह वैध थी।इस पर कोर्ट ने पूछा,"किस कानून के तहत? BNSS की किस धारा के तहत?" राज्य की ओर से BNSS की धारा...
