मुख्य सुर्खियां
गुजरात कोर्ट ने 2016 के ऊना कोड़ेबाजी मामले में पांच दोषियों को 5 साल की जेल की सज़ा सुनाई
गिर सोमनाथ ज़िले के वेरावल में एक गुजरात कोर्ट ने मंगलवार (17 मार्च) को 2016 के ऊना कोड़ेबाजी मामले में पांच लोगों को 5 साल की जेल की सज़ा सुनाई। यह मामला 11 जुलाई 2016 को ऊना में एक मरी हुई गाय की खाल उतारने के आरोप में चार दलित पुरुषों पर हुए हमले से जुड़ा है।आरोप है कि इन पुरुषों को गैर-कानूनी तरीके से पुलिस लॉकअप में भी रखा गया और पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की थी।PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सेशंस कोर्ट ने इन पांचों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया।सोमवार को सेशंस कोर्ट ने कोड़ेबाजी के इस...
कांग्रेस के तुर्की ऑफिस दावे पर विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को भेजा समन, अंतरिम राहत नहीं
दिल्ली हाइकोर्ट ने मंगलवार को मानहानि मामले में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को समन जारी किया। यह मामला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) द्वारा दायर किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि चैनल ने प्रसारण में पार्टी का तुर्की में अंतरराष्ट्रीय कार्यालय होने का गलत दावा किया।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया और केवल अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग पर नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि वाद को दर्ज किया जाए और प्रतिवादियों को समन सभी माध्यमों से...
बोर्ड परीक्षा को देखते हुए हाइकोर्ट ने 12वीं के स्टूडेंट को दी जमानत
छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने 12वीं कक्षा के 19 वर्षीय स्टूडेंट को बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान की, जिसे कथित तौर पर 40 लीटर देशी महुआ शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।मामले के अनुसार सरायपाली क्षेत्र की पुलिस ने सूचना के आधार पर छापा मारकर उक्त मात्रा में शराब बरामद करने का दावा किया और स्टूडेंट के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान स्टूडेंट की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया। जिस स्थान से शराब बरामद बताई गई वह घर के...
श्रीदेवी की संपत्ति पर दावा करने वाली याचिका खारिज करने की मांग लेकर मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे बोनी कपूर और उनकी बेटियां
फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनकी बेटियां जान्हवी और खुशी कपूर चेंगलपट्टू के एडिशनल जिला जज के आदेश के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे हैं। इस आदेश में जज ने ईस्ट कोस्ट रोड के पास दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की संपत्ति के संबंध में दायर याचिका खारिज करने से इनकार किया था।सोमवार (16 मार्च) को जब यह याचिका जस्टिस टीवी तमिलसेल्वी के सामने सुनवाई के लिए आई तो कोर्ट ने मामले को अंतिम निपटारे के लिए 26 मार्च, 2026 को उठाने का फैसला किया और मामले में चल रही सुनवाई (ट्रायल) पर रोक लगाने वाले अंतरिम आदेश को...
PMLA से पहले 'अपराध से मिली रकम' से खरीदी गई प्रॉपर्टी को ED बाद में भी ज़ब्त कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि अगर आरोपी, प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के लागू होने के बाद भी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा बनाए रखता है तो PMLA लागू होने से पहले, अपराध से मिली रकम से खरीदी गई प्रॉपर्टी को इस एक्ट के तहत अभी भी ज़ब्त किया जा सकता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की:“अगर कोई व्यक्ति अपराध से मिली रकम पर कब्ज़ा बनाए रखता है, या उसका इस्तेमाल करता रहता है—जिसमें अपराध से मिली रकम से सीधे या परोक्ष रूप से हासिल की गई...
AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जजों की मदद के लिए होना चाहिए, उनकी जगह लेने के लिए नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट जज जस्टिस रविंद्र घुगे
बॉम्बे हाईकोर्ट जज जस्टिस रविंद्र घुगे ने कहा कि ऐसे समय में जब न्यायपालिका 'डिजिटलीकरण' की ओर बढ़ रही है, आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी (AI) के इस्तेमाल को मानवीय फैसले का 'विकल्प' नहीं माना जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल फैसले लेने में जजों की जगह लेने के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि न्यायिक फैसला लेना कोई यांत्रिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें जज की अंतरात्मा शामिल होती है।13 मार्च को इकोनॉमिक टाइम्स ग्लोबल लीगल कन्वेंशन में बोलते हुए जज ने कहा,"टेक्नोलॉजी को जजों की मदद करनी चाहिए, उनकी जगह नहीं लेनी...
राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील हारिस बीरन ने यूथेनेशिया पर की कानून बनाने की अपील
सुप्रीम कोर्ट के वकील और संसद सदस्य हारिस बीरन ने सोमवार (16 मार्च) को राज्यसभा में अपने भाषण में संसद से यूथेनेशिया (इच्छामृत्यु) और गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों की पैलिएटिव हेल्थ केयर (दर्द कम करने वाली देखभाल) को नियंत्रित करने वाला कानून बनाने की अपील की।यह अपील सुप्रीम कोर्ट के उस पहले आदेश के बाद आई, जिसमें उसने 'पैसिव यूथेनेशिया' (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की अनुमति दी थी। इस आदेश के तहत कोर्ट ने 32 वर्षीय हरीश राणा का जीवन बचाने वाला इलाज हटाने की अनुमति दी थी। यह फैसला कोर्ट के 2018 के 'कॉमन...
भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद विवाद: हाईकोर्ट जज करेंगे विवादित स्थल का दौरा
भोजशाला मंदिर–कमाल मौला मस्जिद परिसर से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने विवादित स्थल का दौरा करने का फैसला किया। अदालत ने कहा कि अंतिम सुनवाई से पहले जज स्वयं स्थल का निरीक्षण करेंगे।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली तारीख पर केवल न्यायालय ही स्थल का दौरा करेगा।यह विवाद धार जिले में स्थित भोजशाला से जुड़ा है जो 11वीं सदी का स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित...
राज्यसभा सांसद के रूप में जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल समाप्त, 6 साल में न पूछा कोई सवाल, केवल एक बहस में लिया हिस्सा
भारत के पूर्व चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई का राज्यसभा में नामित सदस्य के रूप में छह वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने गोगोई को विदाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता के रूप में गोगोई ने सदन की कार्यवाही में अपने गहरे कानूनी अनुभव और समझ से महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनके संतुलित हस्तक्षेप तथा सलाह को सदन याद करेगा।गौरतलब है कि 16 मार्च 2020 को केंद्र सरकार ने रंजन गोगोई को राज्यसभा...
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 1.67 लाख से अधिक मामलों का निपटारा
मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुलभ, त्वरित और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराना था। यह पहल वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत करने और संविधान के अनुच्छेद 39(क) के तहत सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन चीफ़ जस्टिस द्वारा किया गया, जिसमें न्यायपालिका के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों और अधिकारियों की उपस्थिति रही। राज्य भर में इस लोक अदालत के लिए कुल 1618...
क्या हिंदुओं को भी घर में सामूहिक पूजा से रोका जा सकता है?: नमाज़ पर कथित रोक को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रमज़ान के दौरान नमाज़ पर कथित प्रतिबंध को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़ा सवाल करते हुए पूछा कि यदि मुसलमानों को निजी संपत्ति पर नमाज़ पढ़ने से रोका जा सकता है तो क्या हिंदुओं को भी अपने घरों में सामूहिक पूजा करने से रोका जा सकता है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ संभल जिले में रमज़ान के दौरान नमाज़ पढ़ने पर लगाए गए कथित प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान जस्टिस श्रीधरन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,“मुसलमानों को...
मध्य प्रदेश में सुनने में अक्षम पेशेवरों के लिए देश का पहला 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
न्याय तक समावेशी पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने सुनने में अक्षम पेशेवरों और सांकेतिक भाषा दुभाषियों के लिए देश का पहला 40 घंटे का प्रत्यक्ष मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यह पांच दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम इंदौर में आयोजित किया जा रहा है।यह कार्यक्रम इंदौर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से तथा सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।यह पहल मध्य प्रदेश...
दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया को जवाब दाखिल करने के लिए दिया समय, CBI की याचिका पर दो हफ्ते बाद होगी सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (16 मार्च) को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा उन्हें दिए गए डिस्चार्ज को चुनौती दी गई है।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या प्रतिवादी जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहते हैं। इस पर केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने बताया कि...
गैर-कानूनी हिरासत का दावा करने वाले एक्टिविस्ट को FIR की कॉपी नहीं दे सकते: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा
दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वे उन अलग-अलग एक्टिविस्ट के खिलाफ दर्ज FIR की कॉपी नहीं दे सकते, जिन्होंने दावा किया कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने रविवार को एक स्पेशल सुनवाई की और एहसानुल हक, राजबीर और सागरिका राजोरा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता एहसानुल हक की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कॉलिन गोंसाल्वेस ने कहा कि स्थिति "चिंताजनक" है।...
दिल्ली हाईकोर्ट चीफ़ जस्टिस ने CBI के एक्साइज़ पॉलिसी केस को जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा से हटाने अर्ज़ी खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल की अर्ज़ी खारिज की, जिसमें उन्होंने CBI के एक्साइज़ पॉलिसी केस को जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा से हटाकर किसी दूसरी बेंच को सौंपने की गुज़ारिश की थी।चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि मौजूदा रोस्टर के मुताबिक, CBI की अर्ज़ी जस्टिस शर्मा को ही सौंपी गई है और अगर कोई जज खुद को केस से अलग करना चाहता है तो यह फ़ैसला उसे खुद ही लेना होगा।कोर्ट ने कहा,"हालांकि, मुझे ऐसा कोई कारण नज़र नहीं आता कि मैं प्रशासनिक तौर पर कोई आदेश जारी करके...
दिल्ली पुलिस ने कहा- 10 एक्टिविस्ट रिहा कर दिए गए, हाईकोर्ट ने उनकी हिरासत के कारणों पर मांगा स्पष्टीकरण
दिल्ली पुलिस ने रविवार को हाईकोर्ट को बताया कि कथित तौर पर गैर-कानूनी हिरासत में रखे गए सभी 10 एक्टिविस्ट को रिहा कर दिया गया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने रविवार को हुई विशेष सुनवाई में पुलिस से उन परिस्थितियों और कानूनी अधिकार के बारे में स्पष्टीकरण मांगा, जिनके तहत उन्हें हिरासत में लिया गया था।कोर्ट ने एहसानुल हक, राजबीर और सागरिका राजोरा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।हक की ओर से सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्वेस,...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (09 मार्च, 2026 से 13 मार्च, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।CrPC की धारा 125 के तहत अंतरिम भरण-पोषण आमतौर पर आवेदन की तारीख से ही दिया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्टदिल्ली हाईकोर्ट ने फिर से दोहराया कि CrPC की धारा 125 के तहत अंतरिम भरण-पोषण आमतौर पर आवेदन दाखिल करने की तारीख से ही दिया जाना चाहिए, न कि किसी बाद की तारीख से; सिवाय इसके कि कोर्ट इस सामान्य नियम से...
जस्टिस विक्रम नाथ ने तेलंगाना स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी की मोबाइल लोक अदालत वैन का उद्घाटन किया
तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (TSLSA), हैदराबाद ने तेलंगाना के सभी ज़िलों के दूर-दराज के इलाकों तक कानूनी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से दो मोबाइल लोक अदालत वैन/ मल्टी-यूटिलिटी वाहन खरीदे हैं।अभी TSLSA के पास 34 ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के लिए केवल चार मोबाइल वैन हैं, जिनका इस्तेमाल पूरे राज्य में कानूनी साक्षरता शिविर लगाने, कानूनी सेवाओं की गतिविधियों का प्रचार करने, जेलों का दौरा करने और अन्य आउटरीच कार्यक्रमों के लिए मासिक रोटेशन के आधार पर किया जाता है।गांवों में आम...
2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.84 करोड़ मामलों का निपटारा, ₹10,920 करोड़ से अधिक की राशि का समझौता
नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) की पहल के तहत 14 मार्च 2026 को आयोजित वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें देशभर में 2,84,14,329 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 2,57,82,254 प्री-लिटिगेशन (पूर्व मुकदमेबाजी) मामले तथा 26,32,075 लंबित मामले शामिल थे। इन समझौतों के परिणामस्वरूप कुल ₹10,920.47 करोड़ की राशि का निस्तारण हुआ।यह राष्ट्रीय लोक अदालत भारत के मुख्य न्यायाधीश और नालसा के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस सूर्यकांत तथा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और नालसा के...
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 225 मामलों का निपटारा
नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) की देशव्यापी पहल के तहत शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के समन्वय से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।इस लोक अदालत का आयोजन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एवं हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के पैट्रन-इन-चीफ जस्टिस शील नागू तथा कमेटी के चेयरमैन जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु के समग्र मार्गदर्शन में किया गया।मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पांच लोक अदालत पीठों का गठन किया गया। इन पीठों की अध्यक्षता...




















