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नाबालिग के आंसू पोंछना या बिना सेक्सुअल इरादे के उसका हाथ पकड़ना सेक्सुअल असॉल्ट नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि आम मानवीय व्यवहार के दौरान होने वाला कोई भी संपर्क - जैसे हाथ पकड़ना, कंधे को छूना, आंसू पोंछना और किसी को सांत्वना देना - अपने आप में सेक्सुअल नहीं माना जाएगा। किसी सेक्सुअल इरादे का पता आसपास की परिस्थितियों से ही लगाया जा सकता है। [2026 LiveLaw (Mad) 408]जस्टिस आर विजयकुमार ने कॉन्स्टेबल के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। उस पर POCSO Act के तहत अपराधों का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि उस व्यक्ति ने केवल उस नाबालिग लड़की को सांत्वना दी थी, जिसके साथ उसका...

पति को उसकी आश्रित विधवा माँ से अलग करने के लिए पत्नी का ज़ोर देना क्रूरता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी का यह ज़ोर देना कि उसका पति अपनी आश्रित विधवा माँ से रिश्ते तोड़ ले और अलग रहे, इस मामले के तथ्यों के आधार पर मानसिक क्रूरता माना जाएगा। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अलग घर में रहने की पत्नी की मांग का आधार उनके नाबालिग बेटे के साथ छेड़छाड़ का आरोप है, जो पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुआ।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की डिवीज़न बेंच ने कहा कि हालांकि अलग घर में रहने की मांग को अकेले क्रूरता नहीं माना जा सकता, लेकिन पत्नी के व्यवहार को उस खास...

गार्जियन बनने के लिए अयोग्य ठहराये जाने तक पिता को नाबालिग बेटी की कस्टडी देने से मना नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 6 के तहत अपनी नाबालिग बेटी का स्वाभाविक गार्जियन (अभिभावक) होने के नाते पिता को उसकी कस्टडी देने से तब तक मना नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसे गार्जियन बनने के लिए अयोग्य न साबित कर दिया जाए।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की बेंच ने कहा,"हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 6 के प्रावधानों को देखते हुए बच्चों की कस्टडी का मुख्य अधिकार पिता का होता है; उसे नाबालिग बच्चे की कस्टडी से तब तक...

जेन Z के विरोध-प्रदर्शनों से भरोसा मिला कि भारत में लोकतंत्र खत्म नहीं होगा, दिमागी नक्सल का लेबल उन्हें रोक नहीं पाएगा: एस. मुरलीधर

सीनियर एडवोकेट और हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर ने आज जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र विरोध-प्रदर्शन की तारीफ़ करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत बताया। साथ ही, उन्होंने सरकार द्वारा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के गलत इस्तेमाल और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने वाले बताने की आलोचना की।उन्होंने कहा,"जेन-Z के हालिया विरोध-प्रदर्शन हमें भरोसा दिलाते हैं कि भारत में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने दिया जाएगा और लोग देश के भविष्य की रक्षा और उसे...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपर लीक से निपटने के लिए प्लान मांगा: Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के लिए खुद शुरू की PIL

राजस्थान हाईकोर्ट ने Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के मामले में खुद से संज्ञान लिया। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकारों को निर्देश दिया कि वे पेपर लीक, शिक्षा से रोज़गार के बीच अंतर, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल बर्नआउट, AI के असर जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सिस्टम बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट और एक्शन प्लान दाखिल करें।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने नई पीढ़ियों की बढ़ती शैक्षिक ज़रूरतों पर ध्यान दिया।यह देखते हुए कि ये पीढ़ियां 2047 में भारत का नेतृत्व करेंगी,...

नशे की हालत में साथी कॉन्स्टेबल पर कथित हमले के लिए नौकरी से निकालना कड़ी सज़ा: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस के कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी (नौकरी से निकालने) का आदेश रद्द किया। उस पर नशे की हालत में चाकू से दूसरे कॉन्स्टेबल पर हमला करने का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि विभागीय कार्यवाही में न तो कथित पीड़ित का बयान था, न ही कोई चोट की रिपोर्ट या मेडिकल सबूत था जिससे नशे की पुष्टि हो सके।जस्टिस डॉ. अंशुमन की सिंगल बेंच ने कहा कि भले ही कॉन्स्टेबल की यह बात मान ली जाए कि हाथापाई हुई, फिर भी उसे नौकरी से निकालना "बहुत ज़्यादा सज़ा" थी।याचिकाकर्ता 1984 में कॉन्स्टेबल के तौर पर बिहार...

गवर्नर पर ऑनलाइन कार्टून शेयर करने का मामला: हाईकोर्ट ने बिना शर्त माफी मांगने के बाद रद्द की FIR

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के गवर्नर के बारे में फेसबुक पर कार्टून-स्टाइल पोस्ट शेयर करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। कोर्ट ने देखा कि याचिकाकर्ताओं ने बिना शर्त माफी मांगी थी और पोस्ट हटाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसा व्यवहार न करने का वादा भी किया।याचिकाकर्ताओं ने FIR रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने-अपने फेसबुक अकाउंट पर एक कार्टून-स्टाइल पोस्ट शेयर किया, जिसे मूल रूप से सह-आरोपी अंकुर अली ने 15.04.2026 को अपलोड किया।...

बेटे का सीनियर सिटीजन होना 93 वर्षीय मां के घर पर कब्जे का अधिकार नहीं देता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का स्वयं सीनियर सिटीजन होना उसे किसी अन्य सीनियर सिटीजन की इच्छा के विरुद्ध उसके घर में रहने का असीमित अधिकार नहीं देता। कोर्ट ने कहा कि माता-पिता और सीनियर सिटीजन के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उपेक्षा, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न से सुरक्षा देना है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।...

जनसंख्या के आधार पर परिसीमन के बाद ख़त्म हो जाएगी दक्षिणी राज्यों के वोटों की अहमियत: जस्टिस के.एम. जोसेफ

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस के.एम. जोसेफ ने हाल ही में नई जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन (सीटों के बंटवारे में बदलाव) को लेकर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनसंख्या के आधार पर संसदीय सीटों के नए बंटवारे से दक्षिणी राज्यों में वोटों की अहमियत कम हो सकती है।जस्टिस जोसेफ ने यह बात अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणापत्र के मूल सिद्धांत "शासितों की सहमति" (Consent of The Governed) पर चर्चा करते हुए कही। उन्होंने इस सिद्धांत को भारत की संवैधानिक व्यवस्था से जोड़ा, जिसके तहत प्रतिनिधियों की संख्या...

20 से ज़्यादा बार ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए जांच अधिकारी, विचाराधीन कैदी ने जेल में बिताये 6 साल: दिल्ली हाईकोर्ट ने जताया अफ़सोस

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि वह जांच अधिकारियों (IOs) को संवेदनशील बनाएं ताकि वे लंबित मामलों को तेज़ी से निपटाने में समय पर सहयोग करें, खासकर उन मामलों में जहां आरोपी लंबे समय से हिरासत में हैं। [2026 LiveLaw (Del) 781]जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश दो आरोपियों को ज़मानत देते हुए पारित किया, जो 2020 के हत्या के मामले में लगभग छह साल से जेल में बंद थे।कोर्ट ने ट्रायल की धीमी गति और इस तथ्य पर ध्यान दिया कि जांच अधिकारी (IO) 20 से ज़्यादा बार कार्यवाही में...

26/11 मुंबई आतंकी हमला: महाराष्ट्र ने हाफ़िज़ सईद समेत 6 पाकिस्तानी नागरिकों पर उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाने की मांग की

महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार (21 अगस्त) को मुंबई कोर्ट से अनुरोध किया कि वह प्रतिबंधित संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' के हैंडलर - हाफ़िज़ सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी (जो शहर में हुए घातक 26/11 आतंकी हमलों के मुख्य मास्टरमाइंड थे) - समेत छह फरार पाकिस्तानी नागरिकों पर उनकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाए।सेशन जज सत्यनारायण नवलंदर ने राज्य को 17 सितंबर तक का समय दिया ताकि वह इंटरपोल के ज़रिए पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपियों - सईद, लखवी, साजिद मीर, अबू अलकमा, आसिम उर्फ ​​अबू कहफ़ा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा - को...

NGT का एमपी सरकार को निर्देश: भोपाल में वन भूमि की सीमा तय करें, 3 महीने में अवैध कब्ज़े हटाएं

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल ज़ोन बेंच ने भोपाल में सड़कों के बीच के हिस्से (सेंट्रल वर्ज) पर हुए कब्ज़ों को व्यवस्थित तरीके से हटाने का निर्देश दिया। इसके लिए तार की बाड़ लगाने, पेड़-पौधे लगाने और जियो-टैगिंग जैसे उपाय करने को कहा गया। साथ ही ग्रीन बेल्ट वाले इलाके में कंक्रीट का निर्माण करने पर भी रोक लगाई गई।ट्रिब्यूनल ने भोपाल के कलेक्टर और डिविज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर को संयुक्त सर्वे करने और ज़िले में दर्ज पूरी वन भूमि की सीमा तय करने का निर्देश दिया। यह काम मुख्य रूप से GIS...

अलग रह रहे पिता की सहमति न होने पर नाबालिग को पासपोर्ट देने से मना नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को नाबालिग बच्चे को पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि एप्लीकेशन में पिता की सहमति नहीं थी, बच्चे के विदेश जाने के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा:"याचिकाकर्ता का भविष्य और करियर उसके माता-पिता में से किसी एक की इच्छा या मर्जी पर निर्भर नहीं छोड़ा जा सकता। पासपोर्ट के लिए एप्लीकेशन पर पिता की सहमति न होने के कारण याचिकाकर्ता के महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार को नुकसान नहीं...

PC-PNDT नियम डॉक्टर को दो अलग-अलग ज़िलों के क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड करने से नहीं रोकते: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि क्वालिफाइड रेडियोलॉजिस्ट को दो अलग-अलग ज़िलों में स्थित दो अलग-अलग क्लीनिक/मेडिकल सेंटर्स में अल्ट्रासोनोग्राफी करने से नहीं रोका जा सकता, खासकर तब जब उसकी स्थायी नौकरी में उसके सीनियर अधिकारियों ने उसे आधिकारिक काम के घंटों के बाद प्रैक्टिस करने के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी किया हो। [2026 LiveLaw (Ori) 97]प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (लिंग चयन पर रोक) नियम, 1996 ('PCPNDT नियम') के नियम 3(3) का सही मतलब स्पष्ट करते हुए जस्टिस बिभु...

मुजफ्फरनगर: 22 मौत की सज़ा सुनाने वाले जज की कोर्ट से 97 गंभीर मामले वापस, जिला जज करेंगे सुनवाई

मुजफ्फरनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत में लंबित हत्या और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 97 मामलों को वापस ले लिया गया है। इनमें ऐसे अपराध भी शामिल हैं, जिनमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान है।इन मामलों को वापस लेने का प्रशासनिक आदेश मुजफ्फरनगर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह ने जारी किया है। अब इन मामलों की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में होगी।चार महीने में 10 मामलों में 22 मौत की सजा97 मामलों को वापस लिए जाने का घटनाक्रम इसलिए...