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हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की मांग: तेलंगाना मूल के वकीलों को ही बनाया जाए जज
हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की मांग: तेलंगाना मूल के वकीलों को ही बनाया जाए जज

तेलंगाना हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने बुधवार (17 जून) को एक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य के मूल वकीलों के नामों पर जज के तौर पर नियुक्ति के लिए विचार करने की मांग की गई।एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. सुरेंद्र रेड्डी, उपाध्यक्ष डी.एल. पांडु, सचिव पी. श्रवण कुमार गौड़, संयुक्त सचिव पी. कृष्णा कीर्तना और बार के वरिष्ठ सदस्यों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।यह विरोध प्रदर्शन एक विशेष आम सभा में पारित प्रस्ताव के तहत आयोजित किया गया। इस प्रस्ताव में तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और कॉलेजियम...

केंद्र सरकार के पास पूरा प्लेटफॉर्म बंद करने का अधिकार, केवल सामग्री हटाने तक सीमित नहीं धारा 69ए: दिल्ली हाईकोर्ट
केंद्र सरकार के पास पूरा प्लेटफॉर्म बंद करने का अधिकार, केवल सामग्री हटाने तक सीमित नहीं धारा 69ए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मैसेजिंग मंच टेलीग्राम की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69ए के तहत केंद्र सरकार के पास केवल किसी विशेष सामग्री को हटाने ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पूरे मध्यस्थ मंच को अस्थायी रूप से अवरुद्ध करने की भी शक्ति है।जस्टिस तेजस करिया की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि अधिनियम में "सूचना" की परिभाषा बहुत व्यापक है, जिसमें कोड, कंप्यूटर प्रोग्राम और सॉफ्टवेयर भी शामिल हैं। इसलिए किसी अनुप्रयोग या डिजिटल मंच को इस परिभाषा से बाहर नहीं रखा जा...

काला हिरण फिल्म पर रोक की मांग: सलमान खान की याचिका पर 1 जुलाई को सुनवाई, फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं
काला हिरण फिल्म पर रोक की मांग: सलमान खान की याचिका पर 1 जुलाई को सुनवाई, फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई 1 जुलाई तक के लिए स्थगित की, जिसमें उन्होंने अपनी कथित जीवन घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। फिलहाल अदालत ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया।अवकाशकालीन पीठ की जस्टिस मधु जैन ने निर्देश दिया कि याचिका और उससे संबंधित सभी दस्तावेजों की पूर्ण प्रति फिल्म निर्माता पक्ष को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद मामले को 1 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।सुनवाई के दौरान एक्टर...

CID द्वारा पूछताछ की अनुमति मांगे जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंद्योपाध्याय ने जताई आपत्ति, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को लिखा पत्र
CID द्वारा पूछताछ की अनुमति मांगे जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंद्योपाध्याय ने जताई आपत्ति, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को लिखा पत्र

सीनियर एडवोकेट और तृणमूल कांग्रेस सांसद Kalyan Bandopadhyay ने कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सीआईडी के एक अधिकारी ने उनसे एक आपराधिक मामले में पूछताछ करने की अनुमति मांगी, जबकि वह उसी मामले से संबंधित कार्यवाही में अधिवक्ता के रूप में पेश हो रहे हैं।अपने पत्र में बंद्योपाध्याय ने बार एसोसिएशन से अधिवक्ताओं की "गरिमा, सम्मान और विशेषाधिकार" की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है।पत्र के अनुसार, Sovandeb Chatterjee v. Speaker, West...

पगड़ी देने से किरायेदारी कभी खत्म न होने वाली नहीं बन जाती, मकान-मालिक अब भी बेदखली की मांग कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
'पगड़ी' देने से किरायेदारी कभी खत्म न होने वाली नहीं बन जाती, मकान-मालिक अब भी बेदखली की मांग कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किरायेदार द्वारा 'पगड़ी' (लंबे समय तक किरायेदारी के अधिकार पाने के लिए एक बार में दी जाने वाली रकम) का भुगतान करने से किरायेदारी कभी खत्म न होने वाली नहीं बन जाती और इससे मकान-मालिक और किरायेदार के बीच के बुनियादी रिश्ते में कोई बदलाव नहीं आता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा एक दुकान से जुड़े विवाद की सुनवाई कर रही थीं, जिसे 1 जनवरी, 2001 के किराये के समझौते के तहत अपीलकर्ता को किराये पर दिया गया।अपीलकर्ता का दावा था कि किराये के समझौते के अलावा, दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन...

एम्बेसडर होटल ने पब्लिक प्रीमिसेस एक्ट के तहत केंद्र के बेदखली नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
एम्बेसडर होटल ने 'पब्लिक प्रीमिसेस एक्ट' के तहत केंद्र के बेदखली नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

एम्बेसडर होटल के मालिक ने 'पब्लिक प्रीमिसेस एक्ट' के तहत जारी बेदखली नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की। यह नोटिस दशकों पुराने मामले में अपीलीय अदालत के उस फैसले के तुरंत बाद जारी किया गया, जिसमें केंद्र के पक्ष में फैसला सुनाया गया। अदालत ने माना कि मालिक ने संबंधित प्रॉपर्टी पर पब्लिक होटल बनाकर और चलाकर सरकारी ग्रांट (अनुदान) की शर्तों का उल्लंघन किया।होटल के मालिक 'सर शोभा सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड' ने हाई कोर्ट में अपील दायर कर तीस हजारी कोर्ट (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) के...

वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप: हाईकोर्ट ने CBI केस में हरियाणा पावर कंपनी के पूर्व फाइनेंस डायरेक्टर को दी ज़मानत
वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप: हाईकोर्ट ने CBI केस में हरियाणा पावर कंपनी के पूर्व फाइनेंस डायरेक्टर को दी ज़मानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के पूर्व डायरेक्टर (फाइनेंस) अमित दीवान को ज़मानत दी। यह मामला CBI के दो केस से जुड़ा है, जिनमें सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) से जुड़ी बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप है। [2026 LiveLaw (PH) 198]कोर्ट ने दो जुड़ी हुई याचिकाओं को मंज़ूरी देते हुए कहा कि आरोपी को कथित धोखाधड़ी से निजी फ़ायदा होने से जोड़ने वाले ठोस सबूतों के अभाव में ट्रायल से पहले लंबे समय तक जेल में रखना सही नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस...

अगर सहमति हुई हो तो वकील क्लाइंट के लिए मिले मुआवज़े से अपनी बकाया प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
अगर सहमति हुई हो तो वकील क्लाइंट के लिए मिले मुआवज़े से अपनी बकाया प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर क्लाइंट और वकील के बीच यह सहमति हुई कि केस में मिले मुआवज़े की रक़म से प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट की जाएगी तो वकील ऐसा एडजस्टमेंट करने का हक़दार होगा, बशर्ते क्लाइंट तय फ़ीस का भुगतान साबित न कर पाए।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने वकील के ₹36,000 की प्रोफेशनल फ़ीस की वसूली के काउंटरक्लेम को मंज़ूरी देने वाला फ़ैसला बरकरार रखा और क्लाइंट की दूसरी अपील खारिज की।बेंच ने कहा,"सबूतों से पता चलता है कि वादी (क्लाइंट) को वकील को फ़ीस देनी थी, जिसका भुगतान उसने कभी नहीं किया। उनके...

POSH Act | एम्प्लॉयर द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए ट्रांसपोर्ट में हुई यौन उत्पीड़न की शिकायत पर ICC सुनवाई नहीं कर सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट
POSH Act | एम्प्लॉयर द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए ट्रांसपोर्ट में हुई यौन उत्पीड़न की शिकायत पर ICC सुनवाई नहीं कर सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यौन उत्पीड़न का कोई कथित मामला ऐसे ट्रांसपोर्ट में होता है, जो आरोपी या पीड़ित के एम्प्लॉयर (नियोक्ता) ने उपलब्ध नहीं कराया है, तो उस पर 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम' (POSH Act) के प्रावधानों के तहत विचार नहीं किया जा सकता। [साइटेशन: 2026 LiveLaw (Bom) 290]इसलिए कोर्ट ने एक बैंकर के खिलाफ चल रही कार्यवाही रद्द की, जिस पर ऑफिस जाते समय एक शेयर्ड ऑटो-रिक्शा में एक महिला को गलत तरीके से छूने का आरोप था।जस्टिस सुमन श्याम और...

हिरासत में मौत और पुलिसिया हिंसा के मामलों में अभियोजन मंजूरी जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
हिरासत में मौत और पुलिसिया हिंसा के मामलों में अभियोजन मंजूरी जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा के मामलों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती। अदालत ने दो पुलिस आरक्षकों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों का सरकारी कर्तव्य के निर्वहन से कोई उचित संबंध नहीं माना जा सकता।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ इंदौर में वर्ष 2015 में हुई एक युवक की कथित हिरासत मौत से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी।...

अंजना ओम कश्यप की मानहानि याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में तय की अगली सुनवाई
अंजना ओम कश्यप की मानहानि याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में तय की अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर मानहानि वाद में फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया। यह मामला शिक्षाविद् फैसल खान उर्फ खान सर तथा अन्य शिक्षकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा कथित रूप से की गई मानहानिकारक टिप्पणियों से जुड़ा है।जस्टिस मधु जैन ने अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग पर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की।सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने अभी तक अंतरिम राहत आवेदन पर अपना जवाब...

भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी की जीत को ममता बनर्जी ने दी चुनौती: हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल
भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी की जीत को ममता बनर्जी ने दी चुनौती: हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्वाचन को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। इस संबंध में मंगलवार को चुनाव याचिका दायर की गई। ममता बनर्जी स्वयं हाइकोर्ट परिसर पहुंचीं और याचिका दाखिल की।यह विवाद 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जिसमें शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की थी। भवानीपुर को लंबे समय से ममता बनर्जी का...

सिर्फ FIR के आधार पर पायलट का लाइसेंस निलंबित नहीं कर सकता DGCA, कारण बताओ नोटिस जरूरी: बॉम्बे हाईकोर्ट
सिर्फ FIR के आधार पर पायलट का लाइसेंस निलंबित नहीं कर सकता DGCA, कारण बताओ नोटिस जरूरी: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल FIR दर्ज होने या फर्जी दस्तावेजों के आरोप सामने आने के आधार पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) किसी पायलट का लाइसेंस निलंबित नहीं कर सकता। ऐसा कदम उठाने से पहले संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस देना और सुनवाई का अवसर प्रदान करना अनिवार्य है।जस्टिस मनीष पितले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की खंडपीठ एक पायलट की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 12 मार्च 2011 के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके जरिए DGCA ने उसका एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट...

प्राइवेट स्कूल में कर्मचारी को शिक्षा निदेशक की मंज़ूरी के बिना नौकरी से हटाने का आदेश अमान्य: दिल्ली हाईकोर्ट
प्राइवेट स्कूल में कर्मचारी को शिक्षा निदेशक की मंज़ूरी के बिना नौकरी से हटाने का आदेश अमान्य: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला डिवीज़न बेंच ने कहा कि नौकरी से हटाने का आदेश अमान्य है, क्योंकि इसने दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 8(2) का उल्लंघन किया। इस धारा के तहत प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले स्कूल के किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाने की सज़ा देने से पहले शिक्षा निदेशक की मंज़ूरी लेना ज़रूरी है।पृष्ठभूमि की जानकारीअपीलकर्ता 'साई मेमोरियल गर्ल्स स्कूल' (एक प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाला स्कूल) में असिस्टेंट टीचर के तौर पर काम कर रही थी। उसके खिलाफ...

सज़ा के बदले सुधार पर ज़ोर: दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे व्यक्ति को समय से पहले किया रिहा
'सज़ा के बदले सुधार पर ज़ोर': दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे व्यक्ति को समय से पहले किया रिहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सज़ा के मामले में सुधारवादी नज़रिया अपनाते हुए 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे मोहम्मद राशिद खान को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली सज़ा के बदले सज़ा देने (retributive) के सिद्धांत से आगे बढ़कर सुधारवादी नज़रिए को अपना चुकी है।कोर्ट ने कहा,"असल में, यह मामला याचिकाकर्ता मोहम्मद राशिद खान की समय से पहले रिहाई से जुड़ा है। वह 3 मार्च 1993 से यानी लगभग 33 साल से न्यायिक हिरासत में है। उसे...

डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ याचिका खारिज, कर्नाटक ने कहा- सिर्फ प्रचार पाने की कोशिश, लगाया 50 हजार का जुर्माना
डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ याचिका खारिज, कर्नाटक ने कहा- 'सिर्फ प्रचार पाने की कोशिश, लगाया 50 हजार का जुर्माना

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में गठित मंत्रिपरिषद की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की।अदालत ने याचिका को प्रचार पाने की कोशिश और न्यायपालिका के समय का अनुचित उपयोग बताते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने मंगलप्पा हुलिकेरी नामक याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी याचिका संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) की गलत व्याख्या पर आधारित है।याचिकाकर्ता ने दावा...

सावरकर ने ब्रिटिश हुकूमत को 10 दया याचिकाएँ दी थीं, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने समझौता नहीं किया: पुणे कोर्ट में भतीजे का बयान
सावरकर ने ब्रिटिश हुकूमत को 10 दया याचिकाएँ दी थीं, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने समझौता नहीं किया: पुणे कोर्ट में भतीजे का बयान

पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत में सोमवार को वीर सावरकर से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण बयान सामने आया।विनायक दामोदर सावरकर के पड़पोते (ग्रैंडनेफ्यू) सत्यकी सावरकर ने अदालत में स्वीकार किया कि सावरकर ने ब्रिटिश सरकार के समक्ष अपनी सजा में राहत के लिए 10 दया याचिकाएँ दाखिल की थीं।उन्होंने यह भी माना कि भगत सिंह, राजगुरु, अशफाकउल्ला खान और बटुकेश्वर दत्त जैसे कई क्रांतिकारियों ने ऐसी याचिकाएँ दाखिल नहीं कीं और अपने सिद्धांतों से अंत तक समझौता नहीं किया।यह बयान स्पेशल...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया धमकियों का सामना कर रहे जस्टिस गौतम पटेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया धमकियों का सामना कर रहे जस्टिस गौतम पटेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (15 जून) को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल को सुरक्षा मुहैया कराए। जस्टिस पटेल को दाऊदी बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख से जुड़े 2024 के एक फ़ैसले के कारण धमकियां मिल रही हैं।खबरों के अनुसार, जस्टिस पटेल और उनके परिवार को पिछले 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। यह धमकियां 23 अप्रैल 2024 को दिए गए उस फ़ैसले के कारण मिल रही हैं, जिसमें जज ने कहा था कि सैयदना मुफ़द्दल सैफुद्दीन ही दाऊदी बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख...