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सम्मान मरने के बाद भी बना रहता है: लखनऊ श्मशान घाट पर आवारा जानवरों द्वारा शवों के अपमान पर हाईकोर्ट सख्त
'सम्मान मरने के बाद भी बना रहता है': लखनऊ श्मशान घाट पर आवारा जानवरों द्वारा शवों के अपमान पर हाईकोर्ट सख्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ प्रशासन को सार्वजनिक श्मशान घाट की तुरंत मरम्मत और नवीनीकरण करने का निर्देश दिया। यह निर्देश एक जनहित याचिका (PIL) में आवारा जानवरों द्वारा शवों के अपमान की घटनाओं का ज़िक्र किए जाने के बाद दिया गया।इस बात पर ज़ोर देते हुए कि "इंसानी सम्मान के साथ जीने का अधिकार मरने के बाद भी बना रहता है", जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि हर व्यक्ति का सम्मानजनक अंतिम संस्कार और उसे उचित सम्मान मिलना चाहिए।शिव गुप्ता द्वारा दायर इस जनहित याचिका में...

पुलिस सुधार पर हाईकोर्ट के निर्देशों को नहीं मानते IAS अधिकारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया कौटिल्य का ज़िक्र, मामला DoPT को भेजा
पुलिस सुधार पर हाईकोर्ट के निर्देशों को नहीं मानते IAS अधिकारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया कौटिल्य का ज़िक्र, मामला DoPT को भेजा

एक अनोखे आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को सीनियर IAS अधिकारी संजय प्रसाद के व्यवहार का मामला 'डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेनिंग' (DoPT) को भेजा, ताकि 'कैबिनेट की नियुक्ति समिति' (ACC) भविष्य की नियुक्तियों के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन कर सके।यह सख्त आदेश जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने दिया। उन्होंने UP सरकार में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) के तौर पर काम कर रहे प्रसाद की कोर्ट के अधिकार को कमज़ोर करने की जानबूझकर की गई कोशिश पर नाराज़गी जताई।फटकार लगाने के लिए कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों...

हाईकोर्ट का यूपी सीएम से आग्रह- अब समय आ गया है कि बड़े अफ़सरों को आपराधिक रूप से ज़िम्मेदार ठहराया जाए; जानिए क्यों
हाईकोर्ट का यूपी सीएम से आग्रह- अब समय आ गया है कि बड़े अफ़सरों को आपराधिक रूप से ज़िम्मेदार ठहराया जाए; जानिए क्यों

बुधवार को दिए गए एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह इस बात को स्वीकार करें कि अब वह समय आ गया है, जब वरिष्ठ अफ़सरों और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को उनके विभागों या उनके अधीन काम करने वालों की चूकों के लिए जवाबदेह, और यहां तक कि आपराधिक रूप से भी ज़िम्मेदार ठहराया जाए।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने कहा कि राज्य को "उच्च ज़िम्मेदारी" (Superior Responsibility) का सिद्धांत अपनाना चाहिए, जिसके तहत प्रशासनिक पदानुक्रम में वरिष्ठ अफ़सरों को जवाबदेह...

जांच अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश: अवैध शराब मामले में आरोपी को बिना वेरिफाइड सबूतों के किया था गिरफ्तार
जांच अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश: अवैध शराब मामले में आरोपी को बिना वेरिफाइड सबूतों के किया था गिरफ्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे उस जांच अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करें, जिसने अवैध शराब की ढुलाई के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि यह गिरफ्तारी एक ट्रक बिक्री समझौते के आधार पर की गई थी, जिसकी जांच न तो नोटरी ने की थी और न ही गवाहों ने।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने टिप्पणी की कि जांच करना इसलिए ज़रूरी है, ताकि भविष्य की जांचों में ऐसी गलतियां दोबारा न हों।कोर्ट ने कहा: "संबंधित पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया जाता है कि वे इस मामले...

जस्टिस विवेक रूसिया बने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना
जस्टिस विवेक रूसिया बने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने सोमवार (1 जून) को जस्टिस विवेक रूसिया को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। यह नियुक्ति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त होने के बाद की गई।कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई।अधिसूचना में कहा गहै कि जस्टिस संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट में जज...

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा बने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा बने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने सोमवार को जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। यह नियुक्ति पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त होने के बाद की गई।कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई।अधिसूचना में कहा गया कि जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में जज...

हाईकोर्ट का दिल्ली कोर्ट्स से आग्रह: अस्वाभाविक मौत से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने की अर्जियों पर तेज़ करें सुनवाई
हाईकोर्ट का दिल्ली कोर्ट्स से आग्रह: 'अस्वाभाविक मौत' से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने की अर्जियों पर तेज़ करें सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन मामलों में FIR दर्ज करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है, जिनमें कम उम्र की शादीशुदा महिलाओं की अस्वाभाविक मौत हुई हो।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अदालतों से आग्रह किया कि वे उन अर्जियों को ज़्यादा प्राथमिकता दें, जिनमें FIR दर्ज करने की मांग की गई हो और जहां दहेज से जुड़ी प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हों, लेकिन पुलिस समय पर कार्रवाई करने में नाकाम रही हो।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को उम्मीद है कि भविष्य में FIR दर्ज करने के निर्देश मांगने वाली अर्जियों पर—खासकर उन मामलों में...

गलत कानूनी प्रावधान का हवाला देना, आज़ादी पर रोक को चुनौती देने में बाधा नहीं: हाईकोर्ट ने खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने के आरोपी को दी ज़मानत
गलत कानूनी प्रावधान का हवाला देना, आज़ादी पर रोक को चुनौती देने में बाधा नहीं: हाईकोर्ट ने खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने के आरोपी को दी ज़मानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत ज़मानत की अपील दायर करते समय किसी गलत कानूनी प्रावधान का हवाला देना, आरोपी के आज़ादी पर लगी रोक को चुनौती देने के मूल अधिकार को खत्म नहीं कर सकता।ऐसा करते हुए कोर्ट ने UAPA के तहत आरोपी पर दर्ज मामले में उसे ज़मानत दी। कोर्ट ने आरोपी की साढ़े चार साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद रहने की लंबी अवधि और उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत न होने की बात पर गौर किया।यह अपील UAPA की धारा 28 के तहत दायर की गई...

Delhi Riots: हत्या के मामले में 5 लोग बरी, कोर्ट ने कहा- अभियोजन पक्ष के सबूतों में गंभीर विरोधाभास
Delhi Riots: हत्या के मामले में 5 लोग बरी, कोर्ट ने कहा- अभियोजन पक्ष के सबूतों में 'गंभीर विरोधाभास'

दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मोहम्मद अनवर की हत्या के आरोपी पांच लोगों को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष गवाहों की गवाही, पहचान के सबूतों और बरामदगी में मिली बड़ी विसंगतियों और गंभीर विरोधाभासों के कारण इन लोगों का दोष 'उचित संदेह से परे' साबित करने में नाकाम रहा।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज परवीन सिंह ने लखपत, योगेश, ललित और कुलदीप नाम के दो अन्य लोगों को बरी किया। इन पर हत्या, दंगा, आगजनी, डकैती और हथियार कानून के तहत अपराधों के आरोप में...

Twisha Sharma Dowry Death Case: भोपाल कोर्ट ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
Twisha Sharma Dowry Death Case: भोपाल कोर्ट ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

भोपाल कोर्ट ने मंगलवार (2 जून) को त्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन दोनों पर दहेज हत्या का आरोप है और इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।PTI की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने आज इन दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शुक्रवार को कोर्ट ने इन दोनों को पांच दिन की CBI हिरासत में भेजा था।33 साल की त्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज हत्या), 85 (क्रूरता) और...

हाईकोर्ट ने बढ़ाया कम उम्र में ब्याही दी गई पत्नी का गुजारा भत्ता, कहा- उसे उचित रकम देने से मना नहीं किया जा सकता
हाईकोर्ट ने बढ़ाया 'कम उम्र' में ब्याही दी गई पत्नी का गुजारा भत्ता, कहा- उसे उचित रकम देने से मना नहीं किया जा सकता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फ़ैमिली कोर्ट द्वारा महिला को दिए गए गुज़ारा भत्ते की रकम बढ़ाई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह लड़कियों के अधिकारों की एक दुखद तस्वीर है, जिसमें वह महिला, जो कथित तौर पर बाल विवाह की शिकार है, उसे "बहुत कम गुज़ारा भत्ता" देकर फिर से पीड़ित किया जा रहा है।महिला की शादी कथित तौर पर 2015 में हुई थी। उस वक्त वह सिर्फ़ 13 साल की थी, उसने आरोप लगाया कि गुज़ारा भत्ता न देकर उसके साथ क्रूरता की गई। उसने यह भी कहा कि उसके पति के पास गुज़ारा करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं और वह खुद...

हाईकोर्ट ने नैनीताल मैदान में ईद की नमाज़ की इजाज़त देने के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील खारिज की
हाईकोर्ट ने नैनीताल मैदान में ईद की नमाज़ की इजाज़त देने के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील खारिज की

उत्तराखंड हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच ने शुक्रवार को राज्य द्वारा दायर विशेष अपील को 'आगे न बढ़ाने' (not pressed) के आधार पर खारिज किया। इस अपील में सिंगल-जज के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नैनीताल के मशहूर जिमखाना और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी गई थी।जब 29 मई को चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हुई तो राज्य की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल BPS मेर ने बताया कि वे इस अपील...

इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रयागराज ADM ने मुस्लिम व्यक्ति के अपनी मर्ज़ी से हिंदू धर्म अपनाने को दी मंज़ूरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रयागराज ADM ने मुस्लिम व्यक्ति के 'अपनी मर्ज़ी से' हिंदू धर्म अपनाने को दी मंज़ूरी

इस महीने की शुरुआत में इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद प्रयागराज के अपर ज़िला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने औपचारिक रूप से मुस्लिम व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के आवेदन को मंज़ूरी दी। इस व्यक्ति ने 2022 में अपनी मर्ज़ी से सनातन धर्म/हिंदू धर्म अपना लिया था।संबंधित अधिकारी द्वारा 14 मई को पारित आदेश का संज्ञान लेते हुए जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने बुधवार को उस रिट याचिका का निपटारा किया, जिसे अनिल पंडित (पहले मोहम्मद अहसान) नामक व्यक्ति ने दायर किया था। अनिल पंडित...