मुख्य सुर्खियां

चीफ जस्टिस ने सीनियर एडवोकेट सोनिया माथुर और एडवोकेट मोनिका अरोड़ा को दिल्ली बार काउंसिल का सदस्य नॉमिनेट किया
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने दो महिला वकीलों को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली का सदस्य नॉमिनेट किया।ये दो महिला वकील सीनियर एडवोकेट सोनिया माथुर और एडवोकेट मोनिका अरोड़ा हैं।यह जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एक पत्र में दी गई।पत्र में लिखा है,"मुझे आपके 05.09.2026 के पत्र नंबर 183/Gen/SF/2026 के संदर्भ में यह बताने का निर्देश दिया गया है कि माननीय चीफ जस्टिस ने सुश्री सोनिया माथुर, सीनियर एडवोकेट... और सुश्री मोनिका अरोड़ा, एडवोकेट... को बार...

न्यायपालिका आलोचना से परे नहीं हो सकती: CJI सूर्यकांत, “जन विश्वास के लिए पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रक्रिया जरूरी”
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि न्यायपालिका जनता का विश्वास हासिल करने के लिए खुद को जांच-पड़ताल से ऊपर नहीं रख सकती। न्यायपालिका को अपने कामकाज पर सवाल, जांच और आवश्यक आलोचना के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित 6वें राम जेठमलानी मेमोरियल लेक्चर में “Justice Seen to Be Done: Transparency and Public Trust as Pillars of the Legal System” विषय पर बोल रहे थे।रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र का जरूरी हिस्साचीफ़ जस्टिस ने कहा कि न्यायिक कार्यप्रणाली की...

संविधान को समझने और लोकतंत्र में यकीन करने वाले हर व्यक्ति का 'उमर खालिद को रिहा करो' कहना सही: वकील वृंदा ग्रोवर
वकील वृंदा ग्रोवर ने हाल ही में कहा कि स्टूडेंट एक्टिविस्ट उमर खालिद को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में बिना ट्रायल के छह साल से जेल में रखा गया है, और इसकी वजह उनके विचार हैं।उन्होंने कहा,"एक बात जो साफ़ है और जिस पर कोई विवाद नहीं है, वह यह है कि उन्हें [उमर खालिद] उनके विचारों और सोच के कारण, और अपनी नागरिकता का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने के कारण जेल में डाला गया—न कि इसलिए कि वे एक ऐसे निष्क्रिय व्यक्ति थे जो शायद कभी-कभार वोट डालने जाते थे। इसीलिए वे जेल में हैं। उनकी...

वोटर लिस्ट से हटा कपिल सिब्बल की बहन का नाम, पूछा- क्या ECI प्रधानमंत्री से पूछा रहा है, 'SIR, हम वही करेंगे जो आप चाहेंगे'
चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि वोटर लिस्ट से उनकी बहन का नाम हटा दिया गया। सिब्बल ने आगे कहा कि इसी तरह जजों और विदेशी राजनयिकों के नाम भी हटाई गई लिस्ट में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, लेकिन बहुत कम लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म भरा है क्योंकि उन्हें डर है कि उन्हें परेशान किया जाएगा।वह कोच्चि में 'ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन' द्वारा 'हॉर्स-ट्रेडिंग और लोकतंत्र' पर आयोजित...

CJP प्रदर्शनकारी पर हमले का मामला: स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत अर्ज़ी पर दिल्ली कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत अर्ज़ी पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ललेर कल (मंगलवार) इस मामले में आदेश सुनाएंगे।इससे पहले सोमवार को अदालत ने बंद कमरे में सुनवाई करने का फ़ैसला किया, क्योंकि अदालत को बताया गया कि भारद्वाज के ख़िलाफ़ SC/ST Act और POCSO Act के तहत दो FIR दर्ज की...

जिला अदालतें नागरिकों की अदालतें, यहां प्रैक्टिस करने वाले वकील न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा: जस्टिस अभय ओक
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अभय ओक ने कहा कि जिला अदालतें आम नागरिकों के लिए न्याय व्यवस्था से सीधे जुड़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं और वहां प्रैक्टिस करने वाले वकील न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने युवा वकीलों से कानून की बुनियादी समझ के साथ-साथ अदालती प्रक्रिया और पेशेवर कौशल को लगातार मजबूत करने का आह्वान किया।जस्टिस अभय ओक पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज में विधि शिक्षा के सतत कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वकालत के क्षेत्र में सफलता के लिए मेहनत सबसे...

बड़े पैमाने पर चलने वाले बूचड़खाने के लिए रेगुलर FSSAI लाइसेंस ज़रूरी, सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट काफ़ी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'छोटे फ़ूड बिज़नेस' (Petty Food Business) के लिए तय क्षमता से ज़्यादा क्षमता पर चलने वाले बड़े पैमाने के बूचड़खाने के लिए 'फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' (FSSAI) के तहत रेगुलर लाइसेंस की ज़रूरत होती है और सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट से ऐसी गतिविधि की इजाज़त नहीं मिल सकती।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19(1)(g) के तहत व्यापार या कारोबार करने का मौलिक अधिकार, फ़ूड सेफ़्टी और पब्लिक हेल्थ के हित में लागू वैध...

सीनियर सिटिज़न के अपने बच्चे ज़िंदा हों तो भरण-पोषण के लिए बहू ज़िम्मेदार नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि 'माता-पिता और सीनियर सिटिज़न के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत बहू तब ज़िम्मेदार नहीं है, जब सीनियर सिटिज़न के बच्चे ज़िंदा हों। [2026 LiveLaw (Ker) 499]जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन ने कहा कि जब सीनियर सिटिज़न के दूसरे बच्चे हों तो बहू इस अधिनियम के तहत 'बच्चे' या 'रिश्तेदार' की परिभाषा में नहीं आएगी।कोर्ट ने कहा,“अधिनियम की धारा 9 को पढ़ने से पता चलता है कि केवल “बच्चों या रिश्तेदारों” को ही सीनियर सिटिज़न को मासिक भरण-पोषण का भुगतान करने का निर्देश दिया...

NLSIU स्टूडेंट ग्रुप ने उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग टाली, किसी भी दबाव से इनकार
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) की 'लॉ एंड सोसाइटी कमिटी' (LawSoc) ने ललित वचानी की डॉक्यूमेंट्री 'प्रिजनर नंबर 626710 इज़ प्रेजेंट' (Prisoner No. 626710 is Present) की स्क्रीनिंग टाल दी। यह डॉक्यूमेंट्री उमर खालिद की जेल की सज़ा पर बनी है। यह कार्यक्रम 14 सितंबर को यूनिवर्सिटी में होना था और इसके बाद चर्चा भी होनी थी।देर रात एक अपडेट में LawSoc ने छात्रों को ईमेल भेजकर कार्यक्रम टालने की घोषणा की। इसके लिए 'लॉजिस्टिकल और सुरक्षा कारणों' का हवाला दिया गया, हालांकि यह भी साफ़ किया...

AMU में फिलिस्तीन समर्थक नारों की 'भड़काऊ' कवरेज के लिए Zee News पर ₹2 लाख का जुर्माना, NBDSA ने दिया वीडियो हटाने का आदेश
न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान फिलिस्तीन के समर्थन में लगाए गए नारों की कवरेज के लिए Zee News पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अथॉरिटी ने माना कि यह ब्रॉडकास्टिंग आचार संहिता (Code of Conduct) का उल्लंघन है।यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए.के. सीकरी (रिटायर्ड) की अध्यक्षता वाली अथॉरिटी ने जारी किया।अथॉरिटी ने Zee News को अपनी वेबसाइट, YouTube और अन्य चैनल प्लेटफॉर्म से विवादित फुटेज...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (07 सिंतबर, 2026 से 11 सितंबर, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।RTE Act | नियुक्ति के समय TET नहीं था 31 मार्च 2015 से पहले पास किया तो नहीं जाएगी नौकरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि नियुक्ति के समय शिक्षक के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की योग्यता नहीं थी लेकिन उसने कानून...

2.10 करोड़ से ज्यादा मामलों का निपटारा, ₹13,589 करोड़ के समझौतों के साथ तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत संपन्न
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को देशभर में किया गया। इसका उद्देश्य लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से सरल एवं त्वरित तरीके से निपटाना रहा।इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 26 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न स्तरों पर लोक अदालत पीठों का गठन किया गया। इसमें उच्च न्यायालयों से लेकर तालुका स्तर तक न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पैरा-लीगल वॉलंटियर्स और पक्षकारों ने भाग लिया।NALSA के...

बिहार सरकार ने ऐश्वर्या सिन्हा और केशव रंजन को डिप्टी एडवोकेट जनरल (AAG) नियुक्त किया
बिहार सरकार के विधि विभाग ने श्री ऐश्वर्या सिन्हा और श्री केशव रंजन को राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता (Additional Advocate General-AAG) के रूप में वचनबद्ध किया है।यह नियुक्ति बिहार विधि पदाधिकारी (वचनबद्धता) नियमावली, 2023 के तहत गठित चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई है। विभाग की ओर से जारी आदेश में दोनों अधिवक्ताओं को सरकार से संबंधित मुकदमों में राज्य का पक्ष रखने और सौंपे गए मामलों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा गया है।नियुक्त किए गए अपर महाधिवक्ताओं को उन्हें आवंटित मामलों...

लखनऊ जिला कोर्ट के आसपास बचे अवैध कब्जे भी हटेंगे, हाईकोर्ट ने पांच हफ्ते में कार्रवाई के दिए निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ जिला एवं सेशन कोर्ट के आसपास बचे सभी अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने बताया कि उसके पहले के आदेशों के अनुपालन में 57 और अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं। इससे पहले 14 अवैध निर्माण हटाए गए।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की पीठ ने लखनऊ में जिला एवं सेशन कोर्ट परिसर तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में कथित अवैध कब्जों से संबंधित दो याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।लखनऊ नगर निगम के जोन-1 के जोनल अधिकारी ने 8 सितंबर 2026 के निर्देशों के साथ हटाए...

पूजा करना मौलिक अधिकार: मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपुर में गणेश प्रतिमा स्थापित करने की दी अनुमति
मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपुर में विनायक चतुर्थी के अवसर पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पूजा करना मौलिक अधिकार है और याचिकाकर्ताओं को प्रतिमा स्थापित करने से रोका नहीं जाना चाहिए।जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायण ने हिंदू मुन्नानी के कार्यकारी समिति सदस्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए तिरुपुर पुलिस को उस स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया, जिसे याचिकाकर्ता और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण के बाद तय किया था।याचिकाकर्ता...

Explained | यूपी जज रवि कुमार दिवाकर से जुड़े विवादों पर एक नज़र
उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले में तैनात एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर 7 सितंबर, 2026 को दिए गए फ़ैसले के बाद फिर से चर्चा में हैं। इस फ़ैसले में उन्होंने कहा कि "कायर जज कहलाने से बेहतर है कि मैं मर जाऊँ"।38 पेज के इस फ़ैसले में मुज़फ़्फ़रनगर के शाहपुर के रहने वाले नदीम को मौत की सज़ा सुनाई गई। नदीम पर अपनी 23 साल की पत्नी शहज़ादी पर केरोसिन डालकर उसे आग लगाने और उसकी हत्या करने का आरोप था। फ़ैसले में दर्ज है कि महिला का शरीर 98 प्रतिशत तक जल गया था।जज दिवाकर की ये बातें...

IT नियमों और 'सहयोग पोर्टल' के खिलाफ कुणाल कामरा की याचिका पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (11 सितंबर) को कॉमेडियन कुणाल कामरा और सीनियर एडवोकेट हरेश जगतियानी की उन याचिकाओं पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित, जिनमें 'सहयोग पोर्टल' और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के नियम 3(1)(d) में 2025 के संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने गौर किया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इसी मुद्दे पर बॉम्बे और कर्नाटक हाईकोर्ट में चल रही...

अच्छी नीयत से पुलिस में शिकायत करना मानहानि नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ़ कथित आपराधिक काम के आरोपों को लेकर पुलिस के सामने सिर्फ़ अर्ज़ी देना—जिस मामले में पुलिस को कानूनी अधिकार हो—मानहानि का अपराध नहीं माना जाएगा।भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 / IPC की धारा 500 के अनुसार, किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने के मामले में अगर अच्छी नीयत से उस व्यक्ति के खिलाफ़ ऐसे अधिकारी के पास आरोप लगाया जाता है, जिसके पास उस मामले में कानूनी अधिकार है, तो यह मानहानि नहीं है।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी नंबर 2 ने नर्मदा ज़िले...

मिर्ज़ापुर फिल्म से 'शूरवीर' गाना हटाने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें फिल्म "मिर्जापुर: द मूवी" के क्लाइमेक्स में "शूरवीर" गाने को हटाने की मांग की गई।याचिका प्रशांत कुमार सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई और वकील शशांक और शाश्वत के माध्यम से दायर की गई।जनहित याचिका में तर्क दिया गया कि यह ट्रैक मूल रूप से ऐतिहासिक प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धेय श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि इस गाने का इस्तेमाल काल्पनिक गैंगस्टरों का महिमामंडन करने के लिए अनुचित तरीके से किया गया।सिंह...

सहारनपुर मस्जिद विध्वंस | हाईकोर्ट ने बेदखली के खिलाफ याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा, ₹6.41 करोड़ के हर्जाने की वसूली पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर में मस्जिद को गिराने और वहां से बेदखल करने के खिलाफ दायर याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। साथ ही कोर्ट ने सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए ₹6.41 करोड़ के हर्जाने की वसूली पर रोक लगाई।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने राज्य सरकार को 3 हफ़्ते के अंदर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब का जवाब (रिज़ॉइंडर) दाखिल करने के लिए 1 हफ़्ते का समय दिया गया।मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर, 2026 को होगी। यह...
