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प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने के अधिकार में किसी खास सरकारी सड़क या हाईवे रूट से ज़मीन तक पहुँचने का अधिकार शामिल नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भारत के संविधान के आर्टिकल 300A के तहत प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने के अधिकार में सरकारी सड़क या हाईवे का हिस्सा रहे रूट से ज़मीन तक पहुंचने का कोई पक्का अधिकार शामिल नहीं है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"संविधान के आर्टिकल 300A के तहत प्रॉपर्टी रखने और उसका इस्तेमाल करने के अधिकार के साथ सरकार की किसी खास आस-पास की ज़मीन या सड़क से गाड़ियों के आने-जाने का रास्ता पाने का कोई स्वाभाविक या पक्का अधिकार नहीं मिलता है।" कोर्ट ने कहा कि ज़मीन का मालिक इस बात पर ज़ोर नहीं दे सकता...

गर्भवती उम्मीदवार का फिजिकल टेस्ट टालने से इनकार करना उसे माँ बनने और नौकरी में से किसी एक को चुनने पर मजबूर करता है, जो सही नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था के एडवांस स्टेज (अंतिम चरण) में चल रही महिला उम्मीदवार का फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) टालने से इनकार करना उसे बच्चा पैदा करने और नौकरी करने में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करता है। साथ ही यह उसके प्रजनन के अधिकार और नौकरी के अधिकार में भी दखल देता है।कोर्ट ने कहा कि जहाँ भर्ती के नियम टेस्ट टालने के बारे में चुप हैं और ऐसा करने पर कोई रोक नहीं लगाते, वहां कमीशन के पास असाधारण परिस्थितियों में टेस्ट टालने का अधिकार है। कमीशन सिर्फ़...

S. 8 UP Anti-Conversion Law | डीएम को दिया गया आवेदन 'शेड्यूल-I' फ़ॉर्मेट में धर्म-परिवर्तन से पहले की घोषणा का विकल्प नहीं हो सकता: हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि यूपी एंटी-कन्वर्ज़न लॉ (धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून) के तहत धर्म बदलने के इच्छुक व्यक्ति के लिए धारा 8 के तहत तय 'शेड्यूल-I' फ़ॉर्मेट में धर्म-परिवर्तन से पहले की घोषणा जमा करना ज़रूरी है, और ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) को दिया गया सामान्य आवेदन इसका विकल्प नहीं हो सकता।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने उस महिला की रिट याचिका खारिज की, जिसने डीएम को अपनी उस अर्ज़ी पर विचार करने का निर्देश देने की मांग की, जिसे उसने कथित तौर पर 'उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी...

बच्चों की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने और आरोपी को घर में रहने देने वाली माँ POCSO अपराध में "जानबूझकर मदद" करती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जो माँ अपने बच्चों की यौन शोषण की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करती है और आरोपी को घर में रहने देती है, वह 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ़्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस' एक्ट (POCSO Act) की धारा 16(iii) के तहत गैर-कानूनी तरीके से काम न करके (Illegal Omission) अपराध में "जानबूझकर मदद" करती है।धारा 16(iii) के अनुसार, कोई व्यक्ति इस कानून के तहत अपराध में तब मदद करता है, जब वह किसी काम या गैर-कानूनी तरीके से काम न करके (Illegal Omission) उस अपराध को करने में जानबूझकर सहायता करता है।जस्टिस...

दिल्ली कोर्ट ने 2021 के विरोध प्रदर्शन मामले में SFI नेता आइशी घोष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर लगाई रोक
दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट के अमल पर रोक लगाई। यह वारंट 2021 में बांग्ला भवन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में जारी किया गया।यह FIR 2021 में बांग्ला भवन के सामने आयोजित एक प्रदर्शन से संबंधित है। घोष पर सरकारी अधिकारी के आदेश की कथित अवहेलना (IPC की धारा 188) और आपराधिक अतिचार (IPC की धारा 447) जैसे अपराधों के आरोप लगाए गए। इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।पटियाला हाउस...

'वंदे मातरम' का अपमान अब माना जाएगा अपराध: राज्यसभा में पारित हुआ बिल, राष्ट्रगान के बराबर मिलेगी कानूनी सुरक्षा
राज्यसभा ने बुधवार को 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया। इस विधेयक का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।यह विधेयक 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में संशोधन करता है और अधिनियम के तहत दंड के प्रावधानों का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 'वंदे मातरम' के प्रति जानबूझकर किए गए अपमानजनक कार्यों को भी शामिल करता है।वर्तमान में 1971 का अधिनियम राष्ट्रगान गाने से जानबूझकर रोकने या इसे गाते समय सभा में...

विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल, बिजली के झटके का आरोप वाली शिकायत स्वीकार करेंगे: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में बताया
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट को बताया कि वह जंतर-मंतर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और लाठियों सहित बल के कथित उपयोग पर वरिष्ठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की प्राप्ति के संबंध में पावती देगी।दिल्ली पुलिस ने जस्टिस प्रतीक जालान को बताया कि सिस्टम में "अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण" 23 जुलाई को जब शिकायत दर्ज की गई थी तो पावती पहले नहीं दी गई।अदालत ने पुलिस के रुख पर गौर करते हुए कहा,"डीडी नंबर के साथ पावती दिन के दौरान तैयार की जाएगी और दी जाएगी।" ...

केंद्र के 'कोई तुरंत नुकसान नहीं' के आश्वासन के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने HPV वैक्सीनेशन ड्राइव पर रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन, गार्डसिल (Gardasil) देने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इससे कोई तुरंत नुकसान नहीं होता है।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए डेटा से पता चलता है कि कम उम्र की लड़कियों को यह वैक्सीन देने में कोई नुकसान नहीं है।कोर्ट ने कहा कि वह किशोरियों के लिए वैक्सीन शुरू करने के औचित्य के मुद्दे पर बाद में विचार करेगा, लेकिन अभी वैक्सीन देने पर रोक नहीं...

UP Tenancy Act | स्वतंत्र मालिकाना हक का दावा करने वाली तीसरी पार्टी बेदखली की कार्यवाही में ज़रूरी या उचित पार्टी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मकान-मालिक के खिलाफ़ स्वतंत्र मालिकाना हक का दावा करने वाली तीसरी पार्टी, यूपी रेगुलेशन ऑफ़ अर्बन प्रेमिसेस टेनेंसी एक्ट, 2021 की धारा 21 के तहत कार्यवाही में न तो ज़रूरी पार्टी है और न ही उचित पार्टी।कोर्ट ने कहा कि मालिकाना हक से जुड़े सवालों को सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के ऑर्डर I नियम 10 के तहत पार्टी बनने के आवेदन के ज़रिए बेदखली की कार्यवाही में नहीं लाया जा सकता, क्योंकि इनका निपटारा करना रेंट अथॉरिटी के कानूनी अधिकार क्षेत्र से बाहर है।डॉ. जस्टिस योगेंद्र...

हाईकोर्ट ने मीडिया पर राजेश खन्ना के पुराने बंगले को 'शापित', 'भूतिया' या 'अशुभ' कहने पर लगाई रोक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में मीडिया हाउस और कुछ YouTube चैनलों को बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना के मशहूर बंगले 'आशीर्वाद' के बारे में कोई भी अपमानजनक बात पोस्ट करने या "अशुभ, भूतिया, शापित या मनहूस" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से रोका।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने यह आदेश बिजनेसमैन शशि किरण शेट्टी द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया। शेट्टी अब मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा के कार्टर रोड पर स्थित इस बंगले के मालिक हैं।शेट्टी, जिन्होंने पुराने बंगले को गिराकर नया ढांचा बनवाया था, का कहना है...

खरगोन रामनवमी हिंसा: सबूतों के अभाव में 11 आरोपी बरी, एमपी कोर्ट ने कहा- अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका
मध्य प्रदेश के खरगोन में वर्ष 2022 की रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामले में अदालत ने 11 आरोपियों को बरी कर दिया। चतुर्थ अपर सत्र जज मुकेश नाथ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।अभियोजन के अनुसार, 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने हिंदू परिवारों के घरों पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके, जिससे मकानों को नुकसान पहुंचा। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की...

लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया, परीक्षा में धांधली पर न्यूनतम 5 साल की जेल का प्रावधान
लोकसभा ने बुधवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026) को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक में परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और संगठित नकल पर कड़े दंड, समयबद्ध जांच और सुनवाई तथा मामलों के निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का प्रावधान किया गया है।यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन करता है। केंद्र सरकार ने इसे देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र...

BCI नियम वकीलों को अपने परिवार के सदस्यों की पैरवी करने से नहीं रोकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियम किसी अधिवक्ता को अपने परिवार के सदस्यों की ओर से अदालत में पेश होने से नहीं रोकते। अदालत ने कहा कि BCI Rules के Rule 6 का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि कोई अधिवक्ता उस अदालत, न्यायाधिकरण या प्राधिकरण के समक्ष पेश न हो, जहां उसका कोई निर्दिष्ट रिश्तेदार न्यायनिर्णायक (Adjudicatory Body) का सदस्य हो।जस्टिस राजेश एस. पाटिल ने यह टिप्पणी एक बेदखली (Eviction) विवाद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान की। सुनवाई के दौरान...

सहमति से शादी करने वाले बालिगों के मामले में पुलिस को दखल का अधिकार नहीं, अपराध की जांच करे, विवाह की नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिग महिला के कथित अपहरण के मामले में दर्ज FIR रद्द करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की।अदालत ने कहा कि दो बालिग व्यक्तियों के आपसी सहमति से किए गए विवाह की जांच करना पुलिस का काम नहीं है। पुलिस का दायित्व अपराधों की जांच करना है, न कि वयस्कों के विवाह में दखल देना।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दंपति की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले में जांच जारी रखना न केवल आपराधिक कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है बल्कि संविधान के अनुच्छेद...

बालिग़ बच्चे द्वारा घर में रखे गए प्रतिबंधित सामान के लिए माता-पिता ज़िम्मेदार नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि माता-पिता को उनके बालिग़ बच्चे द्वारा रखे गए कथित प्रतिबंधित सामान के लिए सिर्फ़ इसलिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह सामान उनके घर से बरामद हुआ था।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा:“जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित सामान वाले लिफ़ाफ़े पर सह-आरोपी प्रतिभा उर्फ़ प्रीति का नाम देखने के बाद ही यह निष्कर्ष निकाल लिया था कि वह सामान सह-आरोपी प्रतिभा उर्फ़ प्रीति का था। ज़ाहिर है, अगर बच्चे ने कोई प्रतिबंधित सामान रखा है, तो उसके लिए माता-पिता को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा...

आजीविका और निवासियों का शांति से रहने का अधिकार साथ-साथ चलने चाहिए: हाईकोर्ट ने शालीमार बाग साप्ताहिक बाज़ार को दूसरी जगह शिफ्ट करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को शालीमार बाग के BH ब्लॉक में लगने वाले सोमवार के साप्ताहिक बाज़ार को दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि हालांकि सड़क किनारे सामान बेचने वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को आजीविका का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार निवासियों के शांतिपूर्ण जीवन जीने के अधिकार के साथ तालमेल बिठाकर चलना चाहिए, ताकि उन्हें भारी भीड़ और परेशानी का सामना न करना पड़े।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन की बेंच ने बाज़ार को 'केला गोदाम रोड' पर शिफ्ट करने के MCD का...

पत्नी के चरित्र पर बेबुनियाद आरोप और बच्चे का पिता होने से इनकार करना वैवाहिक क्रूरता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी के चरित्र (पवित्रता) पर सवाल उठाने वाले बेबुनियाद आरोप और उसके बच्चे का पिता होने से इनकार करना उसके चरित्र, सम्मान और प्रतिष्ठा पर गंभीर हमला है और यह वैवाहिक क्रूरता के दायरे में आता है।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीजन बेंच ने पति की अपील खारिज की, जिसमें उसने स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 की धारा 27(1)(b) और 27(1)(d) के तहत क्रूरता और परित्याग (छोड़ देने) के आधार पर शादी खत्म करने से फैमिली कोर्ट के इनकार को चुनौती दी थी।दोनों पक्षों ने 25...

त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह को नहीं मिली जमानत, भोपाल कोर्ट ने याचिका खारिज की
मॉडल और एक्ट्रेस त्विशा शर्मा की संदिग्ध दहेज मृत्यु के मामले में भोपाल कोर्ट ने रिटायर जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने कहा कि केस डायरी में उनके कथित संलिप्त होने के पर्याप्त प्रथमदृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं और मामले की जांच अभी जारी है।प्रथम अपर सेशन जज राम प्रताप मिश्रा ने अपने आदेश में कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।33 वर्षीय त्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की...

शिक्षकों से चुनावी ड्यूटी ली जा सकती है लेकिन उन पर असहनीय बोझ नहीं डाला जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग को सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की चुनाव संबंधी कार्यों में ड्यूटी लगाने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन यह भी सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है कि इससे शिक्षकों पर असहनीय मानसिक और शारीरिक दबाव न पड़े।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बड़े पैमाने पर बूथ स्तरीय अधिकारी और गणना कर्मी के रूप में तैनात किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर...

E-20 पेट्रोल नीति से जुड़े कथित डीपफेक मामले में नितिन गडकरी के 11 करोड़ रुपये के मानहानि वाद पर 5 अगस्त को होगी सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री और सीनियर भाजपा नेता नितिन गडकरी की ओर से दायर 11 करोड़ रुपये के मानहानि वाद की सुनवाई 5 अगस्त तक स्थगित की।इस वाद में गडकरी ने सोशल मीडिया और इंटरनेट से E-20 पेट्रोल नीति से जोड़ने वाली कथित मानहानिकारक और डीपफेक सामग्री हटाने की मांग की। गडकरी का कहना है कि सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इस सामग्री से उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने 11 करोड़ रुपये हर्जाने की भी मांग की।गडकरी की ओर से एडवोकेट संदीप एस. लड्डा ने यह वाद...
