उमर खालिद मेरे मेंटर नहीं, हिंसा के लिए उनसे कोई तालमेल नहीं था: शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में कोर्ट में कहा
Amir Ahmad
8 Jan 2026 6:19 PM IST

शरजील इमाम ने गुरुवार को दिल्ली कोर्ट में इस आरोप से इनकार किया कि उमर खालिद उनके मेंटर थे। साथ ही उन्होंने कहा कि 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा के लिए दोनों के बीच कोई तालमेल नहीं था।
वकील तालिब मुस्तफा ने कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी के सामने इमाम की ओर से यह बात कही, जबकि दंगों में बड़ी साजिश के आरोप वाले UAPA मामले में अपने क्लाइंट के खिलाफ आरोप तय करने का विरोध किया।
मुस्तफा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इमाम के पांच साल के दौरान उन्होंने कभी खालिद से बात नहीं की साथ ही दिल्ली पुलिस के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि हिंसा के लिए दोनों के बीच तालमेल था।
वकील ने आगे कहा कि इमाम ने 2019-20 में CAA विरोध प्रदर्शनों के दौरान कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया या हिंसा के लिए नहीं कहा और उन्होंने वास्तव में अहिंसा की बात की थी।
यह मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा जांच की गई FIR 59/2020 से संबंधित है। UAPA मामले में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को अंजाम देने में एक बड़ी साजिश का आरोप है।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इमाम और खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उनकी भूमिकाएं सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं थीं बल्कि मुख्य थीं, जो उन्हें कथित साजिश की कमांड चेन में सबसे ऊपर रखती हैं।
FIR 59/2020 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारतीय दंड संहिता, 1860 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 (UAPA) के तहत विभिन्न अपराधों के तहत दर्ज की थी।
इस मामले में अन्य आरोपी ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अथर खान, सफूरा जरगर, शरजील इमाम, देवंगाना कलिता, फैजान खान और नताशा नरवाल हैं।
जून 2020 में सफूरा जरगर को प्रेग्नेंसी के कारण मानवीय आधार पर जमानत दी गई थी। जून 2021 में हाईकोर्ट ने केस की खूबियों को देखते हुए तीन अन्य आरोपियों - आसिफ इकबाल तन्हा, देवांगना कलिता और नताशा नरवाल को जमानत दे दी।

