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हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (13 अप्रैल, 2026 से 17 अप्रैल, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।CAPF के जिन जवानों की उम्र 31 जनवरी, 2019 से पहले 60 साल हो गई, वे रिटायरमेंट के बढ़े हुए फायदों के हकदार नहीं हैं: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPFs) के रिटायर जवानों की तरफ से दायर कई रिट याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि जो लोग 31 जनवरी, 2019 तक 60 साल...
BREAKING | परिसीमन पर संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में हुआ रद्द, केंद्र ने लिया वापस
लोकसभा ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 खारिज किया। इस विधेयक का उद्देश्य सदन की सदस्य संख्या बढ़ाना और परिसीमन तथा महिलाओं के लिए आरक्षण के कार्यान्वयन को नियंत्रित करने वाले ढांचे में संशोधन करना था।सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले कुल 528 सदस्यों में से 298 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस प्रकार, यह विधेयक संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने में विफल...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कार्तिक आर्यन के 'पर्सनैलिटी राइट्स' की रक्षा की, AI से बने कंटेंट को हटाने का दिया निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन के 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) की रक्षा करते हुए यह टिप्पणी की कि एक्टर से जुड़ा जो कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया, वह पहली नज़र में अश्लील है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है, साथ ही उनकी ब्रांड वैल्यू को भी कम करता है।सिंगल-जज जस्टिस शर्मिला देशमुख ने 15 अप्रैल को आर्यन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। उन्होंने विभिन्न सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ (मध्यस्थों) को निर्देश दिया कि वे उस...
पति की गर्लफ्रेंड IPC की धारा 498A के तहत 'रिश्तेदार' की परिभाषा से बाहर, क्रूरता का मुकदमा नहीं चल सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि पति के साथ शादी के बाहर संबंध रखने वाली महिला रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 498-A (जो IPC की धारा 498-A के बराबर है) के तहत "रिश्तेदार" नहीं मानी जाएगी। इसलिए उस प्रावधान के तहत उस पर क्रूरता या उत्पीड़न का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।कोर्ट ने एक महिला के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की। इस महिला पर पति की प्रेमिका होने का आरोप था और उसे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इस मामले में आरोपी बनाया गया। इस मामले में शिकायतकर्ता पत्नी ने दहेज की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने NGT में 'बहुत ज़्यादा' फाइलिंग फीस को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने आवेदन, अपील और अन्य तरह के आवेदन दाखिल करने के लिए "बहुत ज़्यादा" फीस लगाने को चुनौती दी गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की डिवीज़न बेंच ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ NGT से भी जवाब मांगा।यह याचिका अजय दुबे नामक व्यक्ति ने दायर की, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (प्रैक्टिसेस एंड प्रोसीजर) रूल्स, 2011 के अलग-अलग प्रावधानों के साथ-साथ एक ऑफिस ऑर्डर...
ब्रिटिश नागरिकता विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का दिया आदेश
एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया। यह आदेश एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता की याचिका के संबंध में दिया गया, जिसमें राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता का आरोप लगाया गया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने इस तरह लखनऊ कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया गया था।गौरतलब है कि इस साल जनवरी में लखनऊ की ACJM अदालत ने गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय...
200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनेंगी जैकलीन फर्नांडीज, कोर्ट ने ED से मांगा जवाब
दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की।ED ने एक्ट्रेस को कई बार समन भेजा था और पहली बार एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें सह-आरोपी के तौर पर नामजद किया। इस मामले में उन्हें...
हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट का साक्ष्य मूल्य हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट का साक्ष्य मूल्य हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।जस्टिस विक्रम डी. चौहान ने फैसला दिया:“अनुशासनात्मक कार्यवाही में, जिस सवाल की जांच की जानी है, उसका मकसद यह पता लगाना होता है कि क्या कर्मचारी किसी ऐसे कदाचार का दोषी है, जिसके लिए उसे दंडित किया जाना चाहिए। सबूत का पैमाना संभावनाओं की प्रबलता पर आधारित होता है। यह हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, जो कर्मचारी को दंडित करने के लिए पर्याप्त हों।...
जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत जारी जन्म प्रमाण पत्र तब तक मान्य है, जब तक उसे रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी साबित न हो जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत जारी जन्म प्रमाण पत्र तब तक वैध और मान्य है, जब तक उसे रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी साबित न हो जाए।कक्षा VI में दाखिले से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ नंदन ने कहा:“जब तक कोई दस्तावेज़, जो किसी वैधानिक प्रावधान के तहत जारी किया गया, या तो रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी का कोई तत्व साबित न हो जाए, तब तक उसका संबंधित अधिकारियों पर बाध्यकारी प्रभाव रहेगा। संबंधित अधिकारियों के अधिकार...
UP Gangsters Act | 'कानून को छोटा समझते हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनिवार्य संयुक्त बैठक में शामिल न होने पर DM से स्पष्टीकरण मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में मिर्ज़ापुर के ज़िलाधिकारी (DM) पवन कुमार गंगवार को यूपी गैंगस्टर नियम, 2021 के तहत 'गैंग चार्ट' को मंज़ूरी देने के लिए ज़रूरी अनिवार्य संयुक्त बैठक में शामिल न होने पर कड़ी फटकार लगाई।उनकी अनुपस्थिति का गंभीर संज्ञान लेते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की पीठ ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया, अधिकारी "कानून को छोटा समझते हैं। इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं करते, जैसा कि अक्सर पढ़े-लिखे आम लोगों के साथ होता है।"कोर्ट ने अब इस मामले पर उनसे व्यक्तिगत...
अल्लू अर्जुन के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए आदेश पारित करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट तेलुगू एक्टर अल्लू अर्जुन के पर्सनैलिटी राइट्स को बचाने के लिए अंतरिम आदेश जारी करेगा।जस्टिस तुषार राव गेडेला एक्टर के नाम, तस्वीरों, आवाज़ वगैरह जैसी पर्सनैलिटी से जुड़ी चीज़ों के बिना उनकी इजाज़त और सहमति के गलत इस्तेमाल के खिलाफ यह आदेश जारी करेंगे।एक्टर की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार ने कोर्ट को उन विवादित चीज़ों के बारे में बताया, जिनमें डिफेंडेंट अर्जुन की तस्वीरों का इस्तेमाल करके सामान बेच रहे हैं। साथ ही अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री और AI चैटबॉट का भी...
महिला आरक्षण कानून लागू: केंद्र ने जारी की अधिसूचना
केंद्र सरकार ने संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 को 16 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण का प्रावधान है। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर इस तारीख को कानून के लागू होने की तिथि घोषित किया।गौरतलब है कि इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी 2023 में ही मिल गई थी, लेकिन इसकी धारा 1(2) के तहत इसे लागू करने की तारीख केंद्र सरकार की अधिसूचना पर निर्भर थी, जिसके कारण यह अब तक लागू नहीं हुआ था।यह अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब संसद...
UPSC परीक्षाओं में उम्र में छूट के लिए SC/ST/OBC के बराबर अधिकार के हकदार नहीं EWS उम्मीदवार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, जिसमें केंद्र सरकार के तहत सीधी भर्तियों और नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के उम्मीदवारों के लिए उम्र में छूट और अतिरिक्त मौकों की मांग की गई।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाया कि EWS उम्मीदवारों को उम्र और मौकों में छूट न देने का केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला न तो मनमाना है और न ही असंवैधानिक।कोर्ट ने EWS श्रेणी के विभिन्न उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं के समूह को खारिज किया। उन्होंने DoPT के 31 जनवरी,...
दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों को निशाना बनाने वाली, राजनीतिक और सांप्रदायिक पोस्ट के सर्कुलेशन पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'जॉन डो' (अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ) आदेश पारित करते हुए दो वकीलों के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के सर्कुलेशन पर रोक लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी सामग्री उनकी गरिमा और निजी जीवन पर असर डालती है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद वकीलों द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा, हर्जाना और X Corp. (पहले Twitter) को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश देने की मांग की थी।वादी विवाहित जोड़ा और कानूनी...
'युवाओं का दूसरों पर धर्म थोपना परेशान करने वाला चलन है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया धर्मांतरण विरोधी FIR में स्कूली छात्रा को राहत देने से इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कक्षा 12 की दो छात्राओं के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। इन छात्राओं पर यूपी धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपनी सहपाठी को बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया और उसे इस्लाम में धर्मांतरित करने की कोशिश की।अपने 11-पृष्ठ के आदेश में जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने युवाओं द्वारा दूसरों पर अपना धर्म/मान्यता 'थोपने' के 'परेशान करने वाले चलन' पर भी संज्ञान लिया। यह एक ऐसी प्रवृत्ति है, जिसे यूपी गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध...
सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग, चुनावी रैली में लगाए थे 'धर्मनिरपेक्षता मुर्दाबाद, नास्तिकता मुर्दाबाद' के नारे
कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। यह कार्रवाई कोलकाता में एक जनसभा के दौरान उनके द्वारा कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ और असंवैधानिक बयानों को लेकर मांगी गई। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसे बयान धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा पैदा करते हैं।याचिकाकर्ता सौमो मंडल भारत के चुनाव आयोग (ECI) को यह निर्देश देने की मांग कर रहे हैं कि वह भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से अधिकारी की उम्मीदवारी रद्द कर...
Advocates Act | इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: सिर्फ़ रजिस्टर्ड वकील ही कर सकते हैं वकालत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ तौर पर कहा कि कोई भी व्यक्ति, भले ही उसके पास पावर ऑफ़ अटॉर्नी हो, एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मुक़दमे लड़ने वालों की ओर से और उनकी तरफ़ से एक वकील या अटॉर्नी के तौर पर अधिकार के तौर पर पेश होकर बहस नहीं कर सकता।एडवोकेट्स एक्ट 1961 की धारा 29 और 33 का ज़िक्र करते हुए जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने साफ़ तौर पर कहा कि सिर्फ़ "रजिस्टर्ड वकील" ही किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से कोर्ट के सामने पेश होकर बहस कर सकते हैं।बेंच ने आगे कहा कि हालांकि कोई भी...
कुत्तों का गोद लेने वाले मालिकों के साथ भावनात्मक रिश्ता नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जानवरों की कस्टडी को बेजान चीज़ों की संपत्ति के बराबर नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे विवादों का फैसला करते समय पालतू जानवरों और उनकी देखभाल करने वालों के बीच के भावनात्मक रिश्ते को पूरा महत्व दिया जाना चाहिए।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने इस तरह तीन बचाए गए पालतू कुत्तों को उनके गोद लेने वाले मालिकों को लौटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन कुत्तों को उनके मालिकों से अलग करने पर उन्हें गहरा भावनात्मक आघात पहुंचेगा।यह फैसला एक याचिका पर...
पाकिस्तानी एजेंट के साथ संपर्क रखने और SIM धोखाधड़ी मामले में 7 लोगों को 3 सला की सजा
ओडिशा के खुर्दा ज़िला कोर्ट ने सात लोगों को दोषी ठहराया, जिन पर धोखाधड़ी से मोबाइल SIMs पहले से रजिस्टर करने और कमीशन कमाने के लिए विदेशी नागरिकों—जिनमें पाकिस्तान के एजेंट भी शामिल थे—के साथ अवैध रूप से वन-टाइम पासवर्ड (OTPs) शेयर करने का आरोप है।आरोपियों के इन कामों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए भुवनेश्वर के सब-डिविज़नल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (SDJM), अमित कुमार ने टिप्पणी की—“इसके अलावा, अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों और सभी प्रदर्शों की जांच करने के बाद, साथ ही आरोपियों...
जस्टिस एसके शर्मा के बच्चों का अरविंद केजरीवाल के केस में कोई रोल नहीं: CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने दिल्ली हाईकोर्ट में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर अतिरिक्त हलफनामे का विरोध किया। इस हलफनामे में केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाया, जिसका आधार यह है कि उनके बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं।अपने जवाब में CBI ने कहा कि जस्टिस शर्मा के दोनों बच्चों में से किसी ने भी शराब नीति मामले से जुड़े मामलों में न तो कभी काम किया, न किसी की मदद की, और न ही किसी भी क्षमता में शामिल रहे हैं।हलफनामे में कहा गया,"न तो मिस्टर ईशान...




















