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मोटर दुर्घटना मुआवज़े पर मिलने वाले ब्याज़ पर कोई इनकम टैक्स नहीं: केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में मोटर दुर्घटना मुआवज़े पर मिलने वाले ब्याज़ को इनकम टैक्स एक्ट से छूट देने के प्रस्ताव की घोषणा की। इसके परिणामस्वरूप, मोटर दुर्घटना मुआवज़े के लिए दिए गए ब्याज़ पर कोई TDS कटौती नहीं होगी।वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा,"मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किसी भी व्यक्ति को दिया गया कोई भी ब्याज़ इनकम टैक्स से मुक्त होगा और इस पर कोई TDS नहीं काटा जाएगा।" उल्लेखनीय है कि MACT मुआवज़े के लिए दिए गए ब्याज़ पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स लागू होता है...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (26 जनवरी, 2026 से 30 जनवरी, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।S.395 IPC | डकैती के दोषियों को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत फायदा नहीं मिलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट, 1958 (PO Act) के तहत प्रोबेशन का फायदा उन लोगों को नहीं दिया जा सकता, जिन्हें IPC की धारा 395 के तहत डकैती के अपराध के लिए दोषी ठहराया गया, क्योंकि...
मुंबई कोर्ट ने फिल्ममेकर अभिनव कश्यप को एक्टर सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ मानहानिकारक बयान देने से रोका
मुंबई की सिविल कोर्ट ने शुक्रवार (30 जनवरी) को फिल्ममेकर अभिनव कश्यप और YouTube चैनल से जुड़े दो और लोगों को बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ कोई भी मानहानिकारक बयान देने, फैलाने या पोस्ट करने से अस्थायी रूप से रोक दिया।यह तब हुआ जब खान ने जज पांडुरंग भोसले की अध्यक्षता वाली सिविल कोर्ट में तुरंत याचिका दायर कर कश्यप के खिलाफ रोक लगाने की मांग की, जिन्होंने हाल ही में YouTube चैनल "बॉलीवुड ठिकाना" को एक इंटरव्यू दिया था और एक्टर और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की...
यूपी पुलिस तारीफ़ पाने के लिए 'हाफ एनकाउंटर' कर रही है: हाईकोर्ट ने SP/SSP को एसी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर अवमानना की चेतावनी दी
पूर्ववर्ती जारी किए गए महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को गंभीर चोट लगने के मामलों में पुलिस अधिकारियों द्वारा पालन किए जाने वाले सख्त 6-पॉइंट गाइडलाइंस जारी किए।जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने यह भी साफ किया कि डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (SP), सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) और कमिश्नर शामिल हैं, अगर उनके अधिकार क्षेत्र में एनकाउंटर के संबंध में PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन नहीं किया जाता है तो...
ECIR में बाद में FIR जोड़ने से ED की गिरफ्तारी अवैध नहीं होती: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने रामप्रस्था प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर-डायरेक्टर्स द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी FIR को बाद में ECIR में जोड़ा जाता है तो उससे पहले की गई गिरफ्तारी अवैध नहीं हो जाती।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा कि केवल इस आधार पर कि दो FIR बाद में एडेंडम के माध्यम से ECIR का हिस्सा बनाई गईं, याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी को दोषपूर्ण नहीं ठहराया जा सकता।अदालत ने कहा कि ED पर ऐसा कोई...
18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों से सिर्फ दोस्ताना रिश्ते भी कानूनन मंज़ूर नहीं, इसी वजह से कई युवा जेलों में सड़ रहे हैं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले में दो युवकों की सजा को रद्द करते हुए कहा कि वे 'गुड समैरिटन' (Good Samaritans) थे, जिन्होंने संकट में फंसी लड़की की मदद की, लेकिन इसके बदले उन्हें जेल जाना पड़ा। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ किसी भी प्रकार के संबंध—even यदि वह मित्रतापूर्ण हों—को कानून की मंजूरी न होने के कारण कई युवा सख्त कानूनों के तहत जेलों में सड़ रहे हैं।जस्टिस गीता गोपी ने यह टिप्पणी दो युवकों—रोहन और...
दिल्ली दंगों की साज़िश का मामला: कोर्ट ने ताहिर हुसैन को ज़मानत देने से किया इनकार
दिल्ली कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को ज़मानत देने से इनकार कर दिया।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने हुसैन की रेगुलर ज़मानत याचिका यह देखते हुए खारिज की कि उन्हें 2024 में भी यह राहत नहीं दी गई, जिसमें यह पाया गया कि उनके खिलाफ आरोप पहली नज़र में सच थे।जज ने कहा कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पांच सह-आरोपियों मोहम्मद सलीम खान, गुलफिशा फातिमा, शादाब अहमद, शिफा-उर-रहमान और मीरान...
आरोपी को सबूत बनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, CrPC की धारा 91 के तहत फैक्ट्स मेमो का ड्राफ्ट: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व जज को CBI नोटिस को गलत ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस इशरत मसरूर कुरैशी को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा CrPC की धारा 91 के तहत जारी किए गए नोटिस को गलत ठहराया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे नोटिस का इस्तेमाल "आरोपी को मजबूर करने" के लिए नहीं किया जा सकता ताकि वह अपनी पर्सनल जानकारी के आधार पर तथ्यों का खुलासा करे।कोर्ट ने कहा कि विवादित नोटिस, जिसमें आरोपी से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और कर्मचारियों की डिटेल्स मांगी गईं, वह संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत प्रतिबंधित गवाही देने के...
अनुकंपा नियुक्ति का मतलब तुरंत मदद देना, न कि दशकों बाद सरकारी नौकरी का ज़रिया बनना: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को राहत देने से इनकार किया, जिसने अपने पिता की मौत के 14 साल बाद बहुत ज़्यादा देरी से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्तियों का मूल मकसद तुरंत मदद देना है, न कि मृतक की मौत के दशकों बाद सरकारी नौकरी का ज़रिया बनना।जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने दोहराया कि अनुकंपा नियुक्तियां मौत के समय की गंभीर वित्तीय ज़रूरत की स्थितियों तक ही सीमित होनी चाहिए। एक बार जब संकट खत्म हो जाता है तो अनुकंपा नियुक्ति का आधार भी खत्म हो जाता है।इस...
सबरीमाला से सोना चुराने का मामला: कोर्ट ने दी पूर्व देवस्वोम बोर्ड अधिकारी को ज़मानत
कोल्लम में इंक्वायरी कमिश्नर और स्पेशल जज की कोर्ट ने गुरुवार (29 जनवरी) को त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एस. श्रीकुमार को ज़मानत दी, जो सबरीमाला सोना चोरी मामले में छठे आरोपी हैं।स्पेशल जज श्री मोहित सी.एस. ने उन्हें ज़मानत देने का आदेश पारित किया।श्रीकुमार को 17 दिसंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया और तब से वह हिरासत में थे। वह 20 जनवरी, 2026 को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में थे।कोर्ट ने टिप्पणी की"जांच एजेंसी ने याचिकाकर्ता/आरोपी के सैंपल राइटिंग और सैंपल सिग्नेचर भी...
बार एसोसिएशन 'नियोक्ता' नहीं, POSH Act के अनुसार इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी का गठन नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि कोल्लम बार एसोसिएशन द्वारा इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) का गठन कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 [POSH Act] के उद्देश्य और आवश्यकता के खिलाफ है।जस्टिस पी.एम. मनोज ने तर्क दिया कि एक बार एसोसिएशन एक्ट के अर्थ में 'नियोक्ता' नहीं है। इसलिए गठित ICC एक्ट के अनुसार नहीं है।उन्होंने कहा:“बार एसोसिएशन के संबंध में एकमात्र उल्लेख केरल एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट, 1980 में मिलता है। वह पूरी तरह से उन व्यक्तियों का रोल बनाए...
वकीलों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने के बाद SCBA ने जारी किया अलर्ट, सदस्यों से मनी ट्रांसफर न करने की अपील
वकीलों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक किए जाने की घटनाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने अपने सदस्यों के लिए एक तत्काल चेतावनी जारी की।एसोसिएशन ने कहा कि कुछ अज्ञात साइबर अपराधी वकीलों के मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके नाम से अन्य सदस्यों से पैसे मांग रहे हैं।28 जनवरी, 2026 को जारी एक सर्कुलर में SCBA ने बताया कि अब तक कम से कम चार सदस्यों के व्हाट्सएप अकाउंट से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह एक संगठित साइबर...
ऑनलाइन मानहानि का मुकदमा केवल वहीं चलेगा, जहां प्रतिवादी स्थित हो या जहां वास्तविक नुकसान हुआ हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने आईआरएस अधिकारी समीर ज्ञानदेव वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ Ba***ds of Bollywood के खिलाफ दायर मानहानि वाद को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मानहानि का मुकदमा केवल उसी न्यायालय में दायर किया जा सकता है, जहां प्रतिवादी स्थित हो या जहां वास्तव में प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची हो।अदालत ने यह भी दोहराया कि इंटरनेट पर सामग्री की हर जगह उपलब्धता मात्र से किसी भी मंच पर मुकदमा दायर करने का असीमित अधिकार नहीं मिल जाता।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि ऑनलाइन मानहानि...
गौशाला में गायों की मौत, खुर और सींग गायब: हाइकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब तलब
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने चंडीगढ़ के रायपुर कलां स्थित एक गौशाला में बड़ी संख्या में मवेशियों की संदिग्ध मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा।मीडिया रिपोर्ट्स में गौशाला में कथित क्रूरता, लापरवाही और शवों के अवैध निपटान के गंभीर आरोप सामने आए।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की पीठ ने चंडीगढ़ यूटी प्रशासन को इस संबंध में अपना पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया।इससे पहले 16 जनवरी को जस्टिस संजय वशिष्ठ ने प्रारंभिक आदेश पारित करते हुए...
कन्वॉय हमले मामले में सुवेंदु अधिकारी को राहत, 19 फरवरी तक कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं होगी: राज्य सरकार का हाईकोर्ट में आश्वासन
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट से अस्थायी राहत मिली। राज्य सरकार ने बुधवार को अदालत को आश्वासन दिया कि अधिकारी के खिलाफ 19 फरवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक कोई दमनात्मक या बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी।यह मामला चंद्रकोणा थाने में दर्ज एक आपराधिक केस से जुड़ा है जिसके संबंध में सुवेंदु अधिकारी ने पिछले सप्ताह हाईकोर्ट का रुख करते हुए पुलिस द्वारा संभावित दमनात्मक कार्रवाई से संरक्षण की मांग की थी।जस्टिस सुव्रत घोष की एकल पीठ के समक्ष राज्य...
नोटरी के समक्ष दिए गए हलफनामे से विवाह विच्छेद संभव नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाह को केवल नोटरी के समक्ष दिए गए हलफनामे के माध्यम से भंग नहीं किया जा सकता।हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939 के प्रावधानों का विधिवत पालन किए जाने का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक केवल एक नोटरीकृत हलफनामे के आधार पर तलाक का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस प्रांजल दास ने यह टिप्पणी उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें बारपेटा के प्रधान जज, फैमिली कोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को...
नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba*ds of Bollywood को लेकर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba**ds of Bollywood में कथित मानहानिकारक चित्रण को लेकर दायर वाद को खारिज कर दिया।जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने क्षेत्राधिकार के आधार पर याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए वानखेड़े को सक्षम न्यायालय के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी।हाईकोर्ट ने कहा कि वादपत्र को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए लौटाया जाता है तथा अंतरिम आवेदन भी खारिज किए जाते हैं।यह वाद आर्यन खान द्वारा निर्देशित और रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट...
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि बोलने की आज़ादी महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह आज़ादी की आड़ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मानहानिकारक, अपमानजनक या दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने तक नहीं फैली हुई है।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल दूसरों के अधिकारों को कुचलने के लिए नहीं किया जा सकता, खासकर प्रतिष्ठा के अधिकार को, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग माना जाने वाला एक मूल्यवान अधिकार है।कोर्ट ने कहा...
ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी के खिलाफ FIR रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार, पूछा- 'कौन सुरक्षित है?
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (27 जनवरी) को बेंगलुरु में एक कपड़ों की दुकान के ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।याचिकाकर्ता ने BNS की धारा 77 के तहत ताक-झांक के अपराध के लिए पुलिस द्वारा दर्ज 2024 की FIR रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की। इस बीच याचिका में जांच पर रोक लगाने की भी मांग की गई।शुरुआत में जब मामला सामने आया तो जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने याचिकाकर्ता के वकील से मौखिक रूप से पूछा,"आपने फोन...
नीली बत्ती और 'जज' साइन वाली कार चलाने वाले बच्चे के खिलाफ मामला हुआ रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- JJ Act की जांच समय-सीमा से ज़्यादा हो गई
कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक बच्चे के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत शुरू की गई कार्यवाही रद्द की, जो नीली बत्ती वाली चार पहिया गाड़ी चला रहा था और डैशबोर्ड पर "जज" लिखा हुआ साइन लगा था। कोर्ट ने पाया कि JJ Act की धारा 14(2) के तहत तय चार महीने की समय सीमा के बाद भी जांच अधूरी रही।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की बेंच ने कहा,"धारा 14(2) में बताए गए प्रावधानों का पालन न करने का नतीजा, जैसा कि ऊपर बताया गया, Act की धारा 14(4) में बताया गया। इस मामले में चार्जशीट 4 (चार) महीने की अवधि के बाद दायर...



















