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पुणे कोर्ट में बोले सावरकर के रिश्तेदार: महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे RSS के सक्रिय सदस्य थे

दक्षिणपंथी विचारक विनायक सावरकर की कथित तौर पर बदनामी करने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के मुकदमे में एक अहम मोड़ आया। सावरकर के पोते (भाई के पोते) सत्याकी ने पुणे की एक विशेष MP/MLA कोर्ट को बताया कि उनके नाना गोपाल गोडसे और नाथूराम गोडसे - जिन्होंने 1948 में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 'सक्रिय' सदस्य थे।सत्याकी ने गांधी पर लंदन में भाषण देकर अपने दादा के भाई (ग्रैंड-अंकल) सावरकर की बदनामी करने का आरोप...

अगर आर्थिक निर्भरता साबित हो जाए तो मृतक के ससुराल पक्ष के भाई-बहन आश्रित के तौर पर दुर्घटना का मुआवज़ा दावा कर सकते हैं: सिक्किम हाईकोर्ट

सिक्किम हाईकोर्ट ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मुआवज़े का दावा करने के लिए मृतक के ससुराल पक्ष के भाई-बहनों को 'आश्रित' माना जा सकता है, बशर्ते सबूतों से उनकी आर्थिक निर्भरता साबित हो जाए।कोर्ट ने कहा कि निर्भरता तय करने का कोई तय नियम नहीं है और हर मामले में फ़ैसला तथ्यों और सबूतों के आधार पर किया जाना चाहिए।चीफ़ जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक ने कहा:“इसमें कोई शक नहीं कि दावा करने वाले 'कानूनी प्रतिनिधि' (लीगल रिप्रेजेंटेटिव) की परिभाषा में आते हैं। सवाल यह है कि क्या दावा करने वालों को मृतक...

राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला: पुणे कोर्ट ने सावरकर के जानकार होने का दावा करने वाले रिसर्चर की दखल देने की अर्ज़ी ठुकराई

पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने शुक्रवार (14 अगस्त) को पंकज फड़नीस की अर्ज़ी खारिज की। फड़नीस खुद को दक्षिणपंथी विचारक विनायक सावरकर के जीवन का 'जानकार' बताते हैं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ चल रहे आपराधिक मानहानि के मामले में दखल देना चाहते थे।बता दें, सावरकर के पोते (भाई के पोते) सत्याकी ने लंदन में भाषण के दौरान सावरकर की कथित तौर पर बदनामी करने के लिए गांधी के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया। स्पेशल कोर्ट में गांधी के वकील मिलिंद पवार उनसे जिरह (cross-examination) कर रहे...

हमीरपुर में जेन अल्फा का प्रदर्शन: स्कूल तक सड़क न होने के विरोध में स्टूडेंट्स ने निकाला 5 किमी लंबा मार्च, हाईकोर्ट ने लिया स्वत:संज्ञान

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के चंदूपुर गांव के 200 से ज़्यादा 'जेन अल्फा' स्टूडेंट्स की मुश्किलों पर छपी अख़बार की रिपोर्ट का स्वत:संज्ञान लिया। इन स्टूडेंट्स को स्कूल तक सड़क न होने के कारण अपने माता-पिता के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन करने के लिए 5 किलोमीटर पैदल मार्च निकाला था।चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने 12 अगस्त, 2026 को 'दैनिक जागरण' में छपी उस रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसमें हमीरपुर के...

केवल भक्ति से देवता की ओर से मुकदमा करने का अधिकार नहीं मिलता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी गिफ्ट डीड (दान-पत्र) में सिर्फ़ यह शर्त हो कि भविष्य में संपत्ति पर मूर्ति स्थापित की जाएगी और कोई मूर्ति कभी स्थापित या प्रतिष्ठित नहीं की जाती है, तो कोई 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' (कानूनी व्यक्ति) अस्तित्व में नहीं आता, जिसके नाम पर संपत्ति हो सके, और देवता में आस्था रखने वाले लोगों को देवता की ओर से मुकदमा करने का कोई कानूनी अधिकार (लोकस स्टैंडी) नहीं होता।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा,“हालांकि, वादियों ने खुद अपनी अर्जी में माना है कि उक्त गिफ्ट डीड के तहत विवादित...

बची हुई बिक्री की रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी एग्रीमेंट के तहत बिक्री की बची हुई रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता, जब तक कि वादा करते समय बेईमानी या धोखाधड़ी का इरादा न रहा हो।जस्टिस आलोक कुमार पांडे की सिंगल जज बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई पार्टी बाद में अपना वादा पूरा नहीं कर पाई, ऐसा इरादा नहीं माना जा सकता।यह मामला ज़मीन के एक सौदे से जुड़ा था, जिसमें शिकायतकर्ता ने ज़मीन खरीदने के लिए आरोपी के साथ एक एग्रीमेंट किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बाद में पूरी ज़मीन अपने नाम रजिस्टर...

स्वयंभू ईश्वर रामपाल के दामाद को 4 साल बाद मिली UAPA मामले में ज़मानत, हाईकोर्ट ने माना- सभी ज़रूरी गवाहों से पूछताछ हो चुकी है

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद को भगवान बताने वाले रामपाल के दामाद संजय उर्फ़ फौजी को रेगुलर ज़मानत दी। यह मामला नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा जारी गिरफ़्तारी वारंट को लागू करने के दौरान 111 पुलिसकर्मी घायल हो गए।जस्टिस राजेश भारद्वाज और जस्टिस दीपक मनचंदा की डिवीज़न बेंच ने गौर किया कि अपीलकर्ता 12.08.2026 तक चार साल और इक्कीस दिन जेल में बिता चुका था। साथ ही अभियोजन पक्ष ने उन सभी 49 ज़रूरी गवाहों से पूछताछ कर ली थी, जिनके बारे में...

SCBA की अपील: एडवोकेट जनरल अमित कुमार के खिलाफ पारित प्रस्ताव वापस ले मेघालय बार एसोसिएशन

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मेघालय हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और शिलांग बार एसोसिएशन से अपील की कि वह मेघालय के एडवोकेट जनरल अमित कुमार को हटाने के लिए लाए गए अपने संयुक्त प्रस्ताव पर फिर से विचार करें और उसे वापस ले लें।14 अगस्त के एक प्रस्ताव में SCBA ने कहा कि उसने कुमार के खिलाफ मेघालय स्थित दो बार एसोसिएशन द्वारा कथित तौर पर पारित संयुक्त प्रस्ताव का संज्ञान लिया। SCBA ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के बारे में कोर्ट में एडवोकेट जनरल का बयान, बार के एक सीनियर सदस्य के खिलाफ एक महिला लॉ...

उमर और शरजील रिहाई के नारे लगाने के आरोपी पूर्व TISS छात्र को हाईकोर्ट ने दी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (14 अगस्त) को TISS के पूर्व छात्र कामाख्या प्रसाद दास को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उन पर "उमर खालिद और शरजील इमाम को रिहा करने" के लिए नारे लगाने का आरोप है।जस्टिस प्रफुल्ल खुबालकर ने दास की अग्रिम ज़मानत की याचिका पर 31 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई और इस बीच उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते मुंबई की एक अदालत ने दास और एक अन्य छात्र अभिस्वरूप पॉल की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। इन दोनों को जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देने के...

BREAKING| सभी स्टूडेंट एनरोल कर सकते हैं: BCI ने वापस लिया NALSAR 2026 के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक वाला चेयरमैन का निर्देश

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का वह पुराने निर्देश वापस ले लिया, जिसमें स्टेट बार काउंसिल्स को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ के 2026 के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के तौर पर एनरोल करने से रोका गया था। BCI काउंसिल ने पाया कि ज़्यादातर छात्र बेगुनाह थे और यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं था।काउंसिल ने मामले पर चर्चा के बाद चेयरमैन के 13 अगस्त के निर्देश में बदलाव...

BREAKING| CJI के ख़िलाफ़ कैंपेन का मामला: NALSAR के स्टूडेंट्स को वकील के तौर पर एनलोरमेंट करने से BCI चेयरमैन का इनकार

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन ने सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया कि वह NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, हैदराबाद से 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न करें। साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी से उन लोगों के बारे में एक फैक्ट-बेस्ड रिपोर्ट मांगी, जो यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल थे।BCI चेयरमैन ने NALSAR के वाइस-चांसलर और सभी स्टेट बार काउंसिल्स को भेजे गए...