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भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद: जैन समुदाय ने भी मांगा विवादित स्थल पर पूजा करने का अधिकार
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद: जैन समुदाय ने भी मांगा विवादित स्थल पर पूजा करने का अधिकार

भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद पर चल रही सुनवाई में जैन याचिकाकर्ताओं ने बुधवार (6 मई) को यह तर्क दिया कि विवादित स्थल की वास्तुकला की विशेषताएं माउंट आबू में स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिरों से मिलती-जुलती हैं।यह विवाद भोजशाला से जुड़ा है, जो 11वीं सदी का एक स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित है। हिंदू इस स्थल को वाग्देवी, यानी देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम इसे कमल मौला मस्जिद मानते हैं। ASI द्वारा 2003 में किए गए एक समझौते के तहत हिंदू मंगलवार...

श्रीदेवी की संपत्ति को लेकर बोनी कपूर और उनकी बेटियों को राहत, हाईकोर्ट ने खारिज किया मुकदमा
श्रीदेवी की संपत्ति को लेकर बोनी कपूर और उनकी बेटियों को राहत, हाईकोर्ट ने खारिज किया मुकदमा

मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता बोनी कपूर और उनकी बेटियों जान्हवी और खुशी कपूर द्वारा दायर याचिका स्वीकार की। इस याचिका में उन्होंने ईस्ट कोस्ट रोड के पास स्थित दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की संपत्ति के संबंध में उनके खिलाफ दायर एक शिकायत को खारिज करने की मांग की थी।यह देखते हुए कि तीनों के खिलाफ उठाया गया कार्रवाई का आधार (cause of action) टिकने लायक नहीं है, जस्टिस टीवी तमिलसेल्वी ने टिप्पणी की कि यह “परेशान करने वाला” दावा केवल कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करके संपत्ति हड़पने के लिए किया...

युवा वकील को धमकाने वाले जज का मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ गया है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने कहा
'युवा वकील को धमकाने वाले जज का मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ गया है': आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने कहा

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जज का जूनियर वकील को पुलिस हिरासत में भेजने की धमकी देते हुए एक वीडियो क्लिप सामने आने के बाद मचे हंगामे के चलते आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा। इस पत्र में एसोसिएशन ने अपील की कि इस मामले को और आगे न बढ़ाया जाए, क्योंकि यह मुद्दा अब सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ चुका है।जज के आचरण की निंदा करते हुए एसोसिएशन ने कहा कि यह मुद्दा एसोसिएशन के हस्तक्षेप से पहले ही "सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ" गया।आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ...

बच्चे की देखभाल करने वाली नानी CrPC की धारा 125 के तहत नाबालिग की याचिका दायर कर सकती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
बच्चे की देखभाल करने वाली नानी CrPC की धारा 125 के तहत नाबालिग की याचिका दायर कर सकती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत नाबालिग बच्चे की ओर से भरण-पोषण की मांग करने वाली याचिका तब भी स्वीकार्य है, जब उसे बच्चे की नानी ने दायर किया हो—बशर्ते कि बच्चे की वास्तविक देखभाल वही कर रही हो।कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि याचिका की स्वीकार्यता को लेकर उठाई गई तकनीकी आपत्ति के पीछे एक गहरा मुद्दा छिपा है—कि क्या किसी नाबालिग के भरण-पोषण के वैधानिक अधिकार को केवल इसलिए खत्म किया जा सकता है, क्योंकि याचिका उसकी माँ ने दायर नहीं...

राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी पेरारिवलन के वकील के तौर पर एनरोलमेंट को चुनौती, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी पेरारिवलन के वकील के तौर पर एनरोलमेंट को चुनौती, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों में से एक ए.जी. पेरारिवलन के तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल में वकील के तौर पर एनरोलमेंट को चुनौती दी गई।जस्टिस एस. सौंथर और जस्टिस पी.बी. बालाजी की वेकेशन बेंच ने प्रतिवादियों बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI), तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल, एनरोलमेंट कमेटी के चेयरमैन और पेरारिवलन को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस का जवाब 4 हफ़्तों के भीतर देना होगा।गौरतलब है कि पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में रिहा किया था।...

आइजोल में स्थित 100 वर्ष पुराने पेड़ों की कटाई पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब
आइजोल में स्थित 100 वर्ष पुराने पेड़ों की कटाई पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब

गुवाहाटी हाइकोर्ट की आइजोल पीठ ने शहर के बीच स्थित खाली कराई गई असम राइफल्स भूमि पर लगभग 100 वर्ष पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पेड़ों की कटाई पर अंतरिम रोक लगाई।जस्टिस माइकल जोथंखुमा और जस्टिस कौशिक गोस्वामी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक संबंधित क्षेत्र में कोई और पेड़ न काटा जाए।यह जनहित याचिका पर्यावरण कार्यकर्ता साइजामपुई साइलो द्वारा दायर की गई। याचिका में कहा गया कि आइजोल की मुख्य सड़क को बाजार बंकॉन से...

युवा वकील को हिरासत की धमकी देने वाले हाईकोर्ट जज पर कार्रवाई की मांग, BCI ने CJI को लिखा पत्र
युवा वकील को हिरासत की धमकी देने वाले हाईकोर्ट जज पर कार्रवाई की मांग, BCI ने CJI को लिखा पत्र

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस जज के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को पत्र लिखा, जिन्होंने सुनवाई के दौरान आदेश की कॉपी प्रस्तुत न करने पर एक युवा वकील को 24 घंटे पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था।हालांकि, बाद में यह आदेश वापस ले लिया गया। फिर भी BCI के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा ने इस घटना को गंभीर रूप से चिंताजनक बताया और कहा कि इससे विधि समुदाय में व्यापक चिंता उत्पन्न हुई है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो...

हाईकोर्ट जज ने जूनियर वकील को 24 घंटे पुलिस हिरासत में भेजने का दिया आदेश, बाद में लिया वापस
हाईकोर्ट जज ने जूनियर वकील को 24 घंटे पुलिस हिरासत में भेजने का दिया आदेश, बाद में लिया वापस

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान असामान्य घटनाक्रम सामने आया, जब जस्टिस टी. राजशेखर राव ने कथित रूप से अशिष्ट व्यवहार करने पर जूनियर वकील को 24 घंटे के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का मौखिक निर्देश दिया। हालांकि बाद में बार के हस्तक्षेप के पश्चात यह आदेश वापस ले लिया गया।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है जिसमें जज को वकील पर नाराजगी जताते और पुलिस को बुलाने का निर्देश देते देखा गया। वीडियो में वकील हाथ जोड़े हुए क्षमा मांगते नजर आते हैं।जस्टिस राव ने सुनवाई के...

तत्कालीन BJP MLA आरसी यादव के खिलाफ 2012 के दंगा मामले को वापस लेने की हाईकोर्ट ने दी अनुमति
तत्कालीन BJP MLA आरसी यादव के खिलाफ 2012 के दंगा मामले को वापस लेने की हाईकोर्ट ने दी अनुमति

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें राज्य सरकार के उस आवेदन को खारिज किया गया था, जिसमें 2012 की मूर्ति विसर्जन दंगा घटना के संबंध में BJP विधायक (रुदौली से) राम चंद्र यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमा वापस लेने की मांग की गई थी।मुकदमा वापस लेने के राज्य का अनुरोध स्वीकार करते हुए जस्टिस राजीव सिंह की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का आवेदन "रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद सद्भावना में" दायर किया...

अवैध बांग्लादेशी फेरीवालों को हटाया जाएगा, पहचान वेरिफ़ाई करने के लिए समय चाहिए: BMC ने हाईकोर्ट से कहा
अवैध बांग्लादेशी फेरीवालों को हटाया जाएगा, पहचान वेरिफ़ाई करने के लिए समय चाहिए: BMC ने हाईकोर्ट से कहा

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि जो बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में घुसे हैं, उनका यहां कोई काम नहीं है और उन्हें फेरी लगाने की गतिविधियों में शामिल होने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। उन्हें जल्द ही हटा दिया जाएगा।BMC ने सीनियर एडवोकेट अनिल सिंह और एडवोकेट चैतन्य चव्हाण के ज़रिए जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की डिवीज़न बेंच को बताया कि नगर निकाय को कुछ समय लगेगा, लेकिन वह निश्चित रूप से किसी भी अवैध बांग्लादेशी फेरीवाले को हटा देगा।सिंह ने जजों से...

ई-रिक्शा के रेगुलेशन और हाईवे पर उनके चलने पर रोक लगाने की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
ई-रिक्शा के रेगुलेशन और हाईवे पर उनके चलने पर रोक लगाने की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें राज्य में ई-रिक्शा के बिना किसी रेगुलेशन के चलने को लेकर चिंता जताई गई।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीज़न बेंच ने याचिका स्वीकार करने पर शुरुआती दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया:"प्रतिवादियों को सात कामकाजी दिनों के भीतर प्रोसेस फीस जमा करने पर नोटिस जारी किया जाए, जिसका जवाब चार हफ़्तों के भीतर देना होगा। इस बीच प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपना जवाब दाखिल करें।"याचिका में कहा गया कि भारत में...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 100% दृष्टिहीन महिला को पिता की आपत्ति के बावजूद अपने पार्टनर के साथ रहने की इजाज़त दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 100% दृष्टिहीन महिला को पिता की आपत्ति के बावजूद अपने पार्टनर के साथ रहने की इजाज़त दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक 100% दृष्टिहीन वयस्क महिला को अपनी पसंद के पार्टनर के साथ रहने की इजाज़त दी। कोर्ट ने दोहराया कि एक वयस्क व्यक्ति को, माता-पिता की आपत्तियों की परवाह किए बिना, अपना निवास स्थान चुनने की पूरी आज़ादी होती है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच महिला के पार्टनर द्वारा दायर 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला के माता-पिता उसे उसकी मर्ज़ी के खिलाफ ज़बरदस्ती अपने पास रोककर रखे हुए हैं।कोर्ट के...

पहली नज़र में देरी करने की चाल चली: गुजरात हाईकोर्ट ने रेप केस में नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा निलंबित करने से किया इनकार
'पहली नज़र में देरी करने की चाल चली': गुजरात हाईकोर्ट ने रेप केस में नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा निलंबित करने से किया इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार (5 मई) को नारायण साई की याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने रेप केस में अपनी उम्रकैद की सज़ा निलंबित करने की मांग की थी। इस केस में सूरत सेशन कोर्ट ने 2019 में उन्हें दोषी ठहराया था। कोर्ट ने पहली नज़र में यह पाया कि वह अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपील की जल्द सुनवाई में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे और उन्होंने जानबूझकर देरी करने की चाल चली थी।याचिकाकर्ता की इस दलील पर कि वह 11 साल जेल में बिता चुके हैं और उनकी आपराधिक अपील की सुनवाई में देरी हो रही है, जस्टिस इलेश जे....

मथुरा भगदड़ मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, भीड़ प्रबंधन नीति और अवैध निर्माण पर प्रशासन को लगाई फटकार
मथुरा भगदड़ मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, भीड़ प्रबंधन नीति और अवैध निर्माण पर प्रशासन को लगाई फटकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में हालिया भगदड़ जैसी घटनाओं और अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासनिक तंत्र पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण तथा जिला प्रशासन को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन की उदासीनता चिंताजनक है।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा दाखिल हलफनामे पर असंतोष जताते हुए पूछा कि उसके अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई नीति क्यों नहीं...

डॉ. आंबेडकर शोर-शराबे नहीं, बौद्धिक विकास और वंचितों के उत्थान को देते थे प्राथमिकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने जन्म जयंती समारोहों पर उठाए सवाल
डॉ. आंबेडकर शोर-शराबे नहीं, बौद्धिक विकास और वंचितों के उत्थान को देते थे प्राथमिकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने जन्म जयंती समारोहों पर उठाए सवाल

बॉम्बे हाइकोर्ट ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर तेज आवाज, नारेबाजी और पटाखों के साथ होने वाले आयोजनों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संभवतः ऐसे उत्सव के बजाय बौद्धिक विकास, सामाजिक सुधार और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर केंद्रित आयोजन को प्राथमिकता देते थे।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने नागपुर स्थित संविधान चौक पर डॉ. आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर हुए कार्यक्रमों के दौरान अत्यधिक शोर, नारेबाजी और पटाखों पर आपत्ति जताई। अदालत के समक्ष न्यायमित्र...