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पुणे कोर्ट में बोले सावरकर के रिश्तेदार: महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे RSS के सक्रिय सदस्य थे
दक्षिणपंथी विचारक विनायक सावरकर की कथित तौर पर बदनामी करने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के मुकदमे में एक अहम मोड़ आया। सावरकर के पोते (भाई के पोते) सत्याकी ने पुणे की एक विशेष MP/MLA कोर्ट को बताया कि उनके नाना गोपाल गोडसे और नाथूराम गोडसे - जिन्होंने 1948 में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 'सक्रिय' सदस्य थे।सत्याकी ने गांधी पर लंदन में भाषण देकर अपने दादा के भाई (ग्रैंड-अंकल) सावरकर की बदनामी करने का आरोप...

चुनाव नतीजे के बाद RTI सूचना न देना 'भ्रष्ट आचरण' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद RTI आवेदन के जरिए मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराना, उम्मीदवार के चुनावी prospects को आगे बढ़ाने के लिए सहायता प्राप्त करना नहीं माना जा सकता। इसलिए ऐसा कृत्य जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (RPA) की धारा 123(7) के तहत भ्रष्ट आचरण (corrupt practice) नहीं बनता।जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख ने यह टिप्पणी 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से संबंधित एक चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए की। अदालत के समक्ष Order VII Rule 11(a) CPC के तहत आवेदन दायर कर...

सुप्रीम कोर्ट ने 27 अगस्त को छुट्टी घोषित की, इसके बदले 22 अगस्त को कामकाज होगा
सुप्रीम कोर्ट ने 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन' (SCAORA) के अनुरोध पर 27 अगस्त, 2026 (गुरुवार) को कोर्ट और उसकी रजिस्ट्री के लिए छुट्टी घोषित की।सुप्रीम कोर्ट की एडमिनिस्ट्रेटिव जनरल ब्रांच द्वारा 14 अगस्त को जारी सर्कुलर के अनुसार, इस फैसले को 'फुल कोर्ट' ने मंज़ूरी दी।इसके परिणामस्वरूप, 27 अगस्त की छुट्टी के बदले 22 अगस्त, 2026 (शनिवार) को सुप्रीम कोर्ट और उसकी रजिस्ट्री के लिए पूरा कामकाज का दिन घोषित किया गया।सर्कुलर में यह भी कहा गया कि 22 अगस्त को रजिस्ट्री ऑफिस शाम 5 बजे तक...

अगर आर्थिक निर्भरता साबित हो जाए तो मृतक के ससुराल पक्ष के भाई-बहन 'आश्रित' के तौर पर दुर्घटना का मुआवज़ा दावा कर सकते हैं: सिक्किम हाईकोर्ट
सिक्किम हाईकोर्ट ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मुआवज़े का दावा करने के लिए मृतक के ससुराल पक्ष के भाई-बहनों को 'आश्रित' माना जा सकता है, बशर्ते सबूतों से उनकी आर्थिक निर्भरता साबित हो जाए।कोर्ट ने कहा कि निर्भरता तय करने का कोई तय नियम नहीं है और हर मामले में फ़ैसला तथ्यों और सबूतों के आधार पर किया जाना चाहिए।चीफ़ जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक ने कहा:“इसमें कोई शक नहीं कि दावा करने वाले 'कानूनी प्रतिनिधि' (लीगल रिप्रेजेंटेटिव) की परिभाषा में आते हैं। सवाल यह है कि क्या दावा करने वालों को मृतक...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (10 अगस्त, 2026 से 14 अगस्त, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।प्रमोशन से पिछली खराब एंट्रीज़ खत्म नहीं होतीं, अनिवार्य रिटायरमेंट के लिए पूरा सर्विस रिकॉर्ड ज़रूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारी के अनिवार्य रिटायरमेंट के मामले पर विचार करते समय, प्रमोशन से पहले मिली खराब एंट्रीज़ (Adverse Entries) प्रमोशन के बाद खत्म नहीं हो...

वकीलों के सामूहिक संगठन 'LAFC' का गठन, संवैधानिक जवाबदेही और न्यायिक पारदर्शिता पर जोर
स्वतंत्रता दिवस को संगठन के प्रतीकात्मक स्थापना दिवस के रूप में चुनते हुए दिल्ली में कानूनी पेशेवरों के एक नए सामूहिक संगठन 'Lawyers Association for Constitution (LAFC)' का औपचारिक शुभारंभ किया गया। दिल्ली के केरल हाउस में आयोजित उद्घाटन बैठक में देशभर से करीब 170 अधिवक्ताओं, कानूनविदों और विधि शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया।LAFC का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, कानूनी पेशे की स्वतंत्रता, न्यायिक पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही को बढ़ावा देना बताया गया है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह किसी...

राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला: पुणे कोर्ट ने सावरकर के जानकार होने का दावा करने वाले रिसर्चर की दखल देने की अर्ज़ी ठुकराई
पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने शुक्रवार (14 अगस्त) को पंकज फड़नीस की अर्ज़ी खारिज की। फड़नीस खुद को दक्षिणपंथी विचारक विनायक सावरकर के जीवन का 'जानकार' बताते हैं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ चल रहे आपराधिक मानहानि के मामले में दखल देना चाहते थे।बता दें, सावरकर के पोते (भाई के पोते) सत्याकी ने लंदन में भाषण के दौरान सावरकर की कथित तौर पर बदनामी करने के लिए गांधी के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया। स्पेशल कोर्ट में गांधी के वकील मिलिंद पवार उनसे जिरह (cross-examination) कर रहे...

NALSAR विवाद के बीच BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने लॉ स्टूडेंट्स से मांगी माफ़ी
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR के स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ जारी किए गए अपने निर्देशों की आलोचना के बाद लॉ स्टूडेंट्स से माफ़ी मांगी।स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक पत्र में मिश्रा ने खेद व्यक्त किया कि अगर इस विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या उनके द्वारा जारी किसी संदेश से लॉ स्टूडेंट्स की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका अफ़सोस है।मिश्रा ने पत्र में कहा,"अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी भी चीज़, मेरी किसी बात या पत्र से हमारे लॉ स्टूडेंट्स की भावनाएं आहत हुई हैं, तो...

हमीरपुर में 'जेन अल्फा' का प्रदर्शन: स्कूल तक सड़क न होने के विरोध में स्टूडेंट्स ने निकाला 5 किमी लंबा मार्च, हाईकोर्ट ने लिया स्वत:संज्ञान
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के चंदूपुर गांव के 200 से ज़्यादा 'जेन अल्फा' स्टूडेंट्स की मुश्किलों पर छपी अख़बार की रिपोर्ट का स्वत:संज्ञान लिया। इन स्टूडेंट्स को स्कूल तक सड़क न होने के कारण अपने माता-पिता के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन करने के लिए 5 किलोमीटर पैदल मार्च निकाला था।चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने 12 अगस्त, 2026 को 'दैनिक जागरण' में छपी उस रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसमें हमीरपुर के...

NALSAR मामला: NLSIU स्टूडेंट ने BCI आदेशों के लिए की माफी की मांग, दीक्षांत समारोह में मनन कुमार मिश्रा को बुलाने का विरोध किया
एक कड़े बयान में NLSIU बैंगलोर के 2026 में ग्रेजुएट होने वाले बैच और 120 से ज़्यादा पूर्व छात्रों ने NALSAR, हैदराबाद के पास होने वाले छात्रों के बैच के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) की कार्रवाई (जिसे अब वापस ले लिया गया) की निंदा की। साथ ही उन्होंने BCI से NALSAR के छात्रों और फैकल्टी समुदाय से "बिना शर्त माफ़ी" मांगने की मांग की।इस बयान पर 128 NLSIU पूर्व छात्रों, 2026 में ग्रेजुएट होने वाले बैच के 165 छात्रों और BALLB (ऑनर्स), LLB (ऑनर्स), LLM और MPP कोर्स सहित विभिन्न प्रोग्राम के 409...

केवल भक्ति से देवता की ओर से मुकदमा करने का अधिकार नहीं मिलता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी गिफ्ट डीड (दान-पत्र) में सिर्फ़ यह शर्त हो कि भविष्य में संपत्ति पर मूर्ति स्थापित की जाएगी और कोई मूर्ति कभी स्थापित या प्रतिष्ठित नहीं की जाती है, तो कोई 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' (कानूनी व्यक्ति) अस्तित्व में नहीं आता, जिसके नाम पर संपत्ति हो सके, और देवता में आस्था रखने वाले लोगों को देवता की ओर से मुकदमा करने का कोई कानूनी अधिकार (लोकस स्टैंडी) नहीं होता।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा,“हालांकि, वादियों ने खुद अपनी अर्जी में माना है कि उक्त गिफ्ट डीड के तहत विवादित...

बची हुई बिक्री की रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी एग्रीमेंट के तहत बिक्री की बची हुई रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता, जब तक कि वादा करते समय बेईमानी या धोखाधड़ी का इरादा न रहा हो।जस्टिस आलोक कुमार पांडे की सिंगल जज बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई पार्टी बाद में अपना वादा पूरा नहीं कर पाई, ऐसा इरादा नहीं माना जा सकता।यह मामला ज़मीन के एक सौदे से जुड़ा था, जिसमें शिकायतकर्ता ने ज़मीन खरीदने के लिए आरोपी के साथ एक एग्रीमेंट किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बाद में पूरी ज़मीन अपने नाम रजिस्टर...

NEET-UG 2026: नतीजे घोषित होने के बाद उम्मीदवार EWS आरक्षण का दावा नहीं कर सकते: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि जिन उम्मीदवारों ने NEET-UG 2026 के लिए जनरल अनरिजर्व्ड या OBC-NCL कैटेगरी के तहत आवेदन किया, वे नतीजे घोषित होने और काउंसलिंग शुरू होने के बाद इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) कैटेगरी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते।जस्टिस अमृता सिन्हा ने कहा कि काउंसलिंग के चरण में उम्मीदवारों को अपनी कैटेगरी बदलने की अनुमति देने से ऑल-इंडिया मेरिट लिस्ट प्रभावित होगी और उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने NEET आवेदन जमा करते समय अपना EWS स्टेटस बताया था।कोर्ट आठ NEET-UG 2026...

'स्वयंभू ईश्वर' रामपाल के दामाद को 4 साल बाद मिली UAPA मामले में ज़मानत, हाईकोर्ट ने माना- सभी ज़रूरी गवाहों से पूछताछ हो चुकी है
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद को भगवान बताने वाले रामपाल के दामाद संजय उर्फ़ फौजी को रेगुलर ज़मानत दी। यह मामला नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा जारी गिरफ़्तारी वारंट को लागू करने के दौरान 111 पुलिसकर्मी घायल हो गए।जस्टिस राजेश भारद्वाज और जस्टिस दीपक मनचंदा की डिवीज़न बेंच ने गौर किया कि अपीलकर्ता 12.08.2026 तक चार साल और इक्कीस दिन जेल में बिता चुका था। साथ ही अभियोजन पक्ष ने उन सभी 49 ज़रूरी गवाहों से पूछताछ कर ली थी, जिनके बारे में...

SCBA की अपील: एडवोकेट जनरल अमित कुमार के खिलाफ पारित प्रस्ताव वापस ले मेघालय बार एसोसिएशन
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मेघालय हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और शिलांग बार एसोसिएशन से अपील की कि वह मेघालय के एडवोकेट जनरल अमित कुमार को हटाने के लिए लाए गए अपने संयुक्त प्रस्ताव पर फिर से विचार करें और उसे वापस ले लें।14 अगस्त के एक प्रस्ताव में SCBA ने कहा कि उसने कुमार के खिलाफ मेघालय स्थित दो बार एसोसिएशन द्वारा कथित तौर पर पारित संयुक्त प्रस्ताव का संज्ञान लिया। SCBA ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के बारे में कोर्ट में एडवोकेट जनरल का बयान, बार के एक सीनियर सदस्य के खिलाफ एक महिला लॉ...

उमर और शरजील रिहाई के नारे लगाने के आरोपी पूर्व TISS छात्र को हाईकोर्ट ने दी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (14 अगस्त) को TISS के पूर्व छात्र कामाख्या प्रसाद दास को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उन पर "उमर खालिद और शरजील इमाम को रिहा करने" के लिए नारे लगाने का आरोप है।जस्टिस प्रफुल्ल खुबालकर ने दास की अग्रिम ज़मानत की याचिका पर 31 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई और इस बीच उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते मुंबई की एक अदालत ने दास और एक अन्य छात्र अभिस्वरूप पॉल की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। इन दोनों को जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देने के...

NALSAR स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ BCI के आदेशों की 400 पूर्व छात्रों ने की निंदा
नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (NALSAR) के 441 पूर्व छात्रों ने बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को खुला पत्र लिखा। यह पत्र BCI द्वारा जारी उन निर्देशों के विरोध में है (जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया था) जिनमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के कारण NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के एनरोलमेंट (पंजीकरण) को रोकने की बात कही गई थी।पत्र में कहा गया कि भले ही "एनरोलमेंट पर रोक और जांच की मांग" और रिपोर्ट को "जनता के दबाव" के कारण जल्द ही वापस...

विरोध के बाद BCI चेयरमैन ने NALSAR 2026 बैच के खिलाफ जांच रोकी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के 2026 बैच के खिलाफ सभी कार्यवाही रोकने का फैसला किया। इस फैसले से उस विवाद का अंत हो गया, जो यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी पर कुछ छात्रों की आपत्तियों के कारण शुरू हुआ था।मिश्रा ने देर रात एक पोस्ट में इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीनियर वकीलों, बार के सदस्यों, कानून के छात्रों और आम जनता से मिली प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद काउंसिल...

BREAKING| 'सभी स्टूडेंट एनरोल कर सकते हैं': BCI ने वापस लिया NALSAR 2026 के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक वाला चेयरमैन का निर्देश
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का वह पुराने निर्देश वापस ले लिया, जिसमें स्टेट बार काउंसिल्स को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ के 2026 के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के तौर पर एनरोल करने से रोका गया था। BCI काउंसिल ने पाया कि ज़्यादातर छात्र बेगुनाह थे और यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं था।काउंसिल ने मामले पर चर्चा के बाद चेयरमैन के 13 अगस्त के निर्देश में बदलाव...

BREAKING| CJI के ख़िलाफ़ कैंपेन का मामला: NALSAR के स्टूडेंट्स को वकील के तौर पर एनलोरमेंट करने से BCI चेयरमैन का इनकार
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन ने सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया कि वह NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, हैदराबाद से 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न करें। साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी से उन लोगों के बारे में एक फैक्ट-बेस्ड रिपोर्ट मांगी, जो यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल थे।BCI चेयरमैन ने NALSAR के वाइस-चांसलर और सभी स्टेट बार काउंसिल्स को भेजे गए...
