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दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया सैनिक फ़ार्म के जंगल से होकर गुजरने वाली सड़क को तोड़ने का आदेश [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया सैनिक फ़ार्म के जंगल से होकर गुजरने वाली सड़क को तोड़ने का आदेश [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने उस सड़क को तोड़ने का आदेश दिया है जो सैनिक फ़ार्म को इंदिरा एन्क्लेव से जोड़ती है क्योंकि यह जंगल से होकर गुजरती है। कार्यवाहक न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने इस जंगल को घेरने का आदेश दिया है जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता बनाम भारत सरकार W.P.(C) No. 4677/1985 मामले में अपने आदेश में कहा था।कोर्ट ने कहा, “निजी पार्टियाँ जंगल में बाड़ लगाने में रुकावट पैदा कर रहे हैं। निजी पार्टियों और प्रतिवादी को सुप्रीम कोर्ट, हरित अधिकरण, इस अदालत के आदेशों को...

37 साल से पेंशन नहीं मिलने पर मद्रास हाई कोर्ट ने 89 वर्ष के स्वतंत्रता सेनानी से माँगी माफी [आर्डर पढ़े]
37 साल से पेंशन नहीं मिलने पर मद्रास हाई कोर्ट ने 89 वर्ष के स्वतंत्रता सेनानी से माँगी माफी [आर्डर पढ़े]

“मुझे अफ़सोस है कि आपको हमारे लोगों के हाथों भी फजीहत झेलनी पड़ी, यह दुर्भाग्य है पर इस देश में, जिसकी आजादी के लिए आप लड़े, लालफीताशाही कभी कभी ऐसे ही काम करती है।”मद्रास हाई कोर्ट ने 89 साल के वी गाँधी से माफी मांफी जिनको अपने पेंशन के लिए 37 साल तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। इतनी लंबी प्रतीक्षा के बाद भी जब उन्हें पेंशन नहीं मिल रहा था तो अंततः वे अदालत की शरण में आए।न्यायमूर्ति के रविचंद्रबाबू ने गाँधी से माफी माँगी और तमिलनाडु पब्लिक (राजनीतिक पेंशन - III) विभाग के सचिव और जिलाधिकारी को निर्देश दिया...

निगम का कानूनी सलाहकार वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य है ? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा [आर्डर पढ़े]
निगम का कानूनी सलाहकार वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य है ? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट इस सवाल पर विचार करने के लिए तैयार हो गया है कि किसी निगम का कानूनी सलाहकार एक वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य है या नहीं।सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में गुजरात हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई है  जिसने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा था कि एक कानून स्नातक जो पूर्णकालिक नौकरी की प्रकृति में एक अनुबंध के साथ किसी निगम के साथ एक कानूनी परामर्शदाता के रूप में काम कर रहा है, कानून का अभ्यास करने के लिए एक वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य नहीं...

वकील में ज्ञान और अनुभव का अभाव गवाहों को दोबारा बुलाने का आधार नहीं : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
वकील में ज्ञान और अनुभव का अभाव गवाहों को दोबारा बुलाने का आधार नहीं : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट  ने हाल ही में दोहराया कि एक वकील की अक्षमता अपराध प्रक्रिया  संहिता की धारा 311 के तहत गवाहों को वापस बुलाने के लिए आधार नहीं हो सकती। हाईकोर्ट ग्वालियर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली एक आपराधिक संशोधन याचिका पर सुनवाई कर रहा थी जिसमें इस आधार पर गवाह को वापस बुलाने के  आवेदन को खारिज कर दिया था कि वकील "उचित प्रश्न पूछने के लिए अनुभवी नहीं थे  ताकि बचाव के मामले को पूर्वाग्रहित किया जाए।”जस्टिस  शील नागू ने सुप्रीम कोर्ट के राज्य ( दिल्ली...

जमानत के लिए आधार: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को 10 दिन के अंदर छत्तीसगढ़ बार काउंसिल की अपील पर कार्रवाई करने को कहा [आर्डर पढ़े]
जमानत के लिए आधार: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को 10 दिन के अंदर छत्तीसगढ़ बार काउंसिल की अपील पर कार्रवाई करने को कहा [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी को जमानत के लिए आरोपी और जनानतदार से आधार कार्ड लेने को जरूरी बताने वाले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश  को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई की।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एडवोकेट पीयूष भाटिया की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ बार काउंसिल के वकील ने पीठ को बताया कि उसने आदेश में संशोधन के लिए हाई कोर्ट में अपील दायर की है।सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा कि वह बार काउंसिल की अपील...

छात्र को गोल्ड मैडल देने से सिर्फ इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि वो पहले प्रयास में परीक्षा में नहीं बैठ पाया था : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
छात्र को गोल्ड मैडल देने से सिर्फ इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि वो पहले प्रयास में परीक्षा में नहीं बैठ पाया था : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट  ने मंगलवार को कहा कि पाठ्यक्रम की अनुसूची के अनुसार नियंत्रण से बाहर हालात में परीक्षा में बैठने मेंअसमर्थता के कारण छात्र द्वारा दूसरे शैक्षणिक वर्ष में परीक्षा देने को उसका 'पहला प्रयास' माना जाएगा।हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि यूनिवर्सिटी बैच में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए छात्र को इस आधार पर पुरस्कार से वंचित नहीं कर सकती कि उसने दो पेपर के संबंध में परीक्षा अगले साल दी थी। दरअसल  वर्तमान याचिकाकर्ता को B.A.LLB के 5 वर्ष के पाठ्यक्रम में वर्ष 2010 में गुरु गोबिंद सिंह...

हिरासत में मौत पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई जांच के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
हिरासत में मौत पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई जांच के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने वृहस्पतिवार को राजस्थान सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार ने यह याचिका राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी जिसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिरासत में मौत पर दायर एफआईआर को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था।हाई कोर्ट ने रुबाबुद्दीन शेख बनाम गुजरात राज्य मामले में दिए गए फैसले के आधार पर यह आदेश दिया। इस फैसले में कहा गया था,“यह सर्वविदित है कि जब राज्य के पुलिस अधिकारी अपराध में संलग्न...

आधार पर चौथे दिन की सुनवाई [सत्र 2] : आधार जिस बुनियाद पर खड़ा है वह राज्य की निगरानी को बढ़ावा देता है : एडवोकेट श्याम दीवान
आधार पर चौथे दिन की सुनवाई [सत्र 2] : आधार जिस बुनियाद पर खड़ा है वह राज्य की निगरानी को बढ़ावा देता है : एडवोकेट श्याम दीवान

भोजनावकाश के बाद आधार अधिनियम पर बहस दुबारा शुरू हुई और वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ से कहा कि आधार की बुनियाद एक ऐसी संरचना पर खड़ी है कि यह राज्य की ओर से निगरानी को बढ़ावा देता है।दीवान ने कहा कि कि लोगों से जमा किए गए जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक आंकड़े सेंट्रल आइडेंटिटीज डाटा रिपॉजिटरी (सीआईडीआर) में रखा गया है और यह कई सालों तक यहाँ पड़ा रहेगा।  सरकार को एक नागरिक से उसके पूरे जीवनावधि के दौरान सूचना इकट्ठा करने का अधिकार है। इस तरह के रिकॉर्ड जिसको कि जीवन की पूरी अवधि...

निस्संतान मरने पर महिला को अपने माँ-बाप से मिली संपत्ति उसके पति को नहीं उसके माँ-बाप के कानूनी वारिसों को मिलेगा : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
निस्संतान मरने पर महिला को अपने माँ-बाप से मिली संपत्ति उसके पति को नहीं उसके माँ-बाप के कानूनी वारिसों को मिलेगा : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

पुणे के संयुक्त सिविल जज, जूनियर डिवीजन, के आदेश को निरस्त करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि हिंदू उत्तराधिकार क़ानून की धारा 15 के तहत हिंदू महिला को अपने माँ या बाप से मिली कोई संपत्ति उसके निस्संतान मरने पर उसके माँ या बाप के उत्तराधिकारी को मिलेगा न कि उस महिला के पति को। यह फैसला न्यायमूर्ति शालिनी फंसालकर जोशी ने सुनाया जो सुंदराबाई के रिश्तेदारों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुंदराबाई लगभग 55 साल पहले 18 जून 1962 को मर गई।मामले की पृष्ठभूमिसुंदराबाई के पति ने सुंदराबाई...

आरोपी को जमानत में इसलिए विशेष तरजीह नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह विदेशी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
आरोपी को जमानत में इसलिए विशेष तरजीह नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह विदेशी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि किसी आरोपी को जमानत देने के समय सिर्फ इसलिए विशेष तरजीह नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह विदेशी है।न्यायमूर्ति एनवी रामना और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा, “सीआरपीसी की धारा 439 के तहत हर आरोपी बराबर है भले ही उसकी राष्ट्रीयता कुछ भी क्यों न हो।”पीठ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए यह बात कही। यह आदेश रेशन चन्द कालेर नामक एक ब्रिटिश नागरिक को हत्या के एक मामले में जमानत देने से जुड़ा है। एफआईआर में कहा...

इंदिरा जयसिंह ने कहा, जज लोया के मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उनकी सहमति की बात कहना गलत
इंदिरा जयसिंह ने कहा, जज लोया के मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उनकी सहमति की बात कहना गलत

मंगलवार को एक ट्वीट में वरिष्ठ एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में गलती से यह कहा है कि जज लोया के मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने में उनकी सहमति थी।“मैंने कहा कि इसे सही किया जाना चाहिए, मैंने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि हस्तक्षेप संबंधी मेरा आग्रह रिकॉर्ड किया गया है। इसलिए इस स्वाभाविक गलती को अवश्य ही ठीक किया जाना चाहिए। जजों ने हमारे आग्रह को मान लिया।”मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने 22...

SC  और ST  के लिए दलित शब्द का प्रयोग बंद करो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को कहा [आर्डर पढ़े]
SC और ST के लिए 'दलित' शब्द का प्रयोग बंद करो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को कहा [आर्डर पढ़े]

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए 'दलित' शब्द का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। "हालांकि, हमारे पास कोई संदेह नहीं है कि केन्द्र सरकार / राज्य सरकार और उसके कर्मचारी अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए “दलित " का प्रयोग करने से बचेंगे जो कि  भारत के संविधान या किसी भी क़ानून में उल्लिखित नहीं है। " जस्टिस संजय यादव और जस्टिस अशोक कुमार जोशी की बेंच ने ये आदेश दिया।दरअसल हाईकोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता डा. मोहनलाल महोर...

मद्रास हाई कोर्ट ने एक दंपति को ई-मेल से सम्मन प्राप्त करने की बात स्वीकार करने पर ओमान जाने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाई कोर्ट ने एक दंपति को ई-मेल से सम्मन प्राप्त करने की बात स्वीकार करने पर ओमान जाने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]

अधिक से अधिक अदालतें अब आधुनिक तकनीक को अपनाने लगी हैं।इस तरह की एक नवीनतम घटना में, मद्रास हाई कोर्ट ने आव्रजन अधिनियम के तहत आपराधिक मामला झेल रहे एक दंपति को इस शर्त पर ओमान जाने की अनुमति दे दी कि उसे ईमेल के माध्यम से सम्मन भेजा जाएगा और वह इस तरह से सम्मन प्राप्त करने पर आपत्ति नहीं करेगा।न्यायमूर्ति सीटी सेल्वम ने याचिकाकर्ता प्रेमकुमार थंगादुराई और हन्ना वनिता कुमारी जोसफ  को ओमान जाने की अनुमति दे दी।इस दंपति ने इससे पहले तम्बरम के मजिस्ट्रेट की अदालत में आवेदन देकर ओमान जाने की अनुमति...

सेमेस्टर परिक्षा के पहले मुंबई विश्वविद्यालय के एलएलएम के छात्रों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिलाई राहत [आर्डर पढ़े]
सेमेस्टर परिक्षा के पहले मुंबई विश्वविद्यालय के एलएलएम के छात्रों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिलाई राहत [आर्डर पढ़े]

मुंबई विश्वविद्यालय के एलएलएम के छात्रों को जिनको अपने सेमेस्टर की परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, उन्हें बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि वे अपने दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा के साथ ही पहले सेमेस्टर की परीक्षा भी दे सकते हैं।न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला ने इस मामले में अपना आदेश सुनाया। इसके लिए दायर एक जनहित याचिका और एक अन्य याचिका दोनों की साथ सुनवाई की गई। दोनों ही में 23 जनवरी को शुरू होने वाले सेमेस्टर की परीक्षा को स्थगित किए जाने की मांग की...

कोई उदारवादी लोकतंत्र स्वतंत्र न्यायपालिका के बिना ज़िंदा नहीं रह सकता : न्यायमूर्ति चेलामेश्वर
कोई उदारवादी लोकतंत्र स्वतंत्र न्यायपालिका के बिना ज़िंदा नहीं रह सकता : न्यायमूर्ति चेलामेश्वर

“आज यहाँ बैठे सभी लोग यह मानते हैं कि एक स्वतंत्र और पक्षपातहीन न्यायपालिका किसी भी लोकतंत्र के जीवित रहने की पहली शर्त है। इसके अभाव में कोई उदार लोकतंत्र फलफूल नहीं सकता।” ये शब्द हैं न्यायमूर्ति चेलामेश्वर के। मौक़ा था नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के संयुक्त कार्यक्रम का जिसमें प्रोफ़ेसर जॉर्ज एच गाद्बोई जूनियर, यूनिवर्सिटी ऑफ़ केंटुकी की पुस्तक ‘Supreme Court of India- The Beginnings’ के विमोचन का।इस पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस दूसरे सबसे वरिष्ठ...

मेडिकल कॉलेज घोटाला : सीबीआई ने कोर्ट में कहा, कुदुसी की याचिका जांच में हस्तक्षेप करने के लिए
मेडिकल कॉलेज घोटाला : सीबीआई ने कोर्ट में कहा, कुदुसी की याचिका जांच में हस्तक्षेप करने के लिए

मेडिकल कॉलेज घोटाले में आरोपी उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व जज आई एम कुदुसी की अर्जी पर दिल्ली की अदालत में जवाब दाखिल करते हुए सीबीआई ने कहा है किउनकी कथित टेलीफोन बातचीत के टेप लीक होने संबंधी याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इस प्रकृति की याचिका जांच में "गंभीर हस्तक्षेप" के समान है। विशेष जज मनोज जैन की अदालत में सोमवार को सीबीआई ने कहा, "वर्तमान याचिका मुख्य रूप से व्यावहारिक नहीं है क्योंकि इसमें मीडिया रिपोर्टों के आधार पर जांच की निगरानी का अनुमान लगाया जा रहा है। ये अर्जी इस मामले में केस...

दूरस्थ शिक्षा कोर्स से वर्ष 2001-2005 के दौरान इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से एकमुश्त राहत [आदेश पढ़ें]
दूरस्थ शिक्षा कोर्स से वर्ष 2001-2005 के दौरान इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से एकमुश्त राहत [आदेश पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने इंजीनियरिंग के उन छात्रों को आज एक मुश्त राहत की घोषणा की जो अकादमिक वर्ष 2001-2005 के लिए दूरस्थ शिक्षा कोर्स में पंजीकृत हैं। कोर्ट के निर्देश के अनुसार : ऐसे उम्मीदवार जो एआईसीटीई द्वारा मई-जून 2018 में आयोजित परीक्षा में बैठना चाहते हैं और जिनके पास फैसले के संदर्भ में टेस्ट में बैठने का विकल्प है वे 11 प्रश्नों में डिग्री बनाए रख सकते हैं और इसके होने वाले फायदे उन्हें परिणाम प्रकाशित होने के एक महीने या 31 अगस्त 2018 तक (जो भी पहले होगा) मिलता रहेगा। यह सुविधा एकमुश्त है...

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों पर GST के खिलाफ याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाई [याचिका और आदेश पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों पर GST के खिलाफ याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाई [याचिका और आदेश पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित कानून फर्मों के माध्यम से या वकीलों के व्यक्तिगत तौर पर  सेवाओं के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी )  को चुनौती देने वाली याचिकाओं में आगे की सुनवाई पर रोक लगा दी। केंद्र सरकार ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 13 9 ए के तहत सुप्रीम कोर्ट से याचिकाओं के ट्रांसफर करने की मांग की थी कि उनमें सारे मुद्दे एक जैसे हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस  एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किया है।इस...