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हदिया केस : शफीन जहां ने बिना रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की देखरेख जांच करने पर NIA के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की [याचिका पढ़े]
हदिया केस : शफीन जहां ने बिना रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की देखरेख जांच करने पर NIA के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की [याचिका पढ़े]

केरल हाईकोर्ट के अखिला उर्फ हदिया के साथ शादी रद्द करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे शफीन जहां ने अब बिना सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच करने पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दाखिल की है।दरअसल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की  सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आरवी रविंद्रन की देखरेख में NIA जांच के आदेश दिए थे लेकिन निजी कारणों का हवाला देते हुए जस्टिस रविंद्रन ने जांच की देखरेख करने से इंकार कर दिया।याचिका में कहा गया है कि...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले के परिवार के लोग पंचायत की सदस्यता के लिए अयोग्य नहीं [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले के परिवार के लोग पंचायत की सदस्यता के लिए अयोग्य नहीं [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कहा है कि सरकारी जमीन या सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करने वालों के परिजन पंचायत का सदस्य बनने के अयोग्य नहीं हो सकते। सुप्रीम कोर्ट ने सागर पांडुरंग धुन्दरे  बनाम केशव आभा पाटिल  मामले में महाराष्ट्र ग्रामीण पंचायत अधिनियम की धारा 14 की व्याख्या करते हुए कहा कि सिर्फ सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले की ही सदस्यता जाएगी और वह अयोग्य  होगा न कि उसके परिवार के सदस्य।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस आर. भानुमति की बेंच के समक्ष अपील में कहा गया कि पंचायत के चुने...

नानी और दादी के बीच संरक्षण लेने की लड़ाई में नानी जीती, बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
नानी और दादी के बीच संरक्षण लेने की लड़ाई में नानी जीती, बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने आठ साल की एक लड़की को उसके नानी के संरक्षण में भेज दिया है। लड़की के संरक्षण को लेकर उसकी नानी और दादी में अदालत में मामला चल रहा था।न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर ने नानी को बच्चे का अभिभावक नियुक्त करने के रायगढ (मनगाँव) के जिला जज के निर्णय को उचित ठहराया।इस लडकी के माँ-बाप निम्मी और आतिफ थे जिन्होंने 2008 में शादी की। निम्मी ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और बुशरा नाम रख लिया। 2 मार्च 2009 को उनकी लड़की पैदा हुई। चार साल बाद 11 मार्च 2013 ने आतिफ ने दुबई में बुशरा का गला घोंट दिया।...

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा, बेहतर सड़क लोगों के जीवन के अधिकार का हिस्सा, नगर निगम फंड नहीं होने का बहाना बनाकर पल्ला नहीं झाड़ सकता [आर्डर पढ़े]
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा, बेहतर सड़क लोगों के जीवन के अधिकार का हिस्सा, नगर निगम फंड नहीं होने का बहाना बनाकर पल्ला नहीं झाड़ सकता [आर्डर पढ़े]

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा है कि सड़कों का उचित रखरखाव होना और बेहतर स्थिति में होना लोगों का अधिकार है। ये लोगों के जीवन के अधिकार का मसला है। वित्तीय कमी का बहाना बनाकर नगर निगम इस जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।सुप्रीम कोर्ट ने पंकज साहू की अर्जी  पर सुनवाई के दौरान उक्त व्यवस्था दी जिसमें कहा गया कि लोग सड़कों से दुकान तक नहीं जा पा रहे हैं। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। जस्टिस के. अग्रवाल की बेंच ने कहा कि म्युनिसिपल अथॉरिटी की जिम्मेदारी है कि वह सड़क को...

उपभोक्ता फोरम को शिकायत पर सुनवाई का अधिकार, भले ही विरोधी ने सिविल सूट दाखिल किया हो : NCDRC [निर्णय पढ़ें]
उपभोक्ता फोरम को शिकायत पर सुनवाई का अधिकार, भले ही विरोधी ने सिविल सूट दाखिल किया हो : NCDRC [निर्णय पढ़ें]

नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमिशन (NCDRC) ने कहा है कि अगर विरोधी पक्ष ने सिविल सूट भी दाखिल कर दिया हो तो उपभोक्ता फोरम का किसी शिकायत पर सुनवाई के लिए अधिकारक्षेत्र बना रहेगा। भले ही सिविल सूट को भी उसी करार के आधार पर दाखिल किया गया हो जो उपभोक्ता संबंधी शिकायत का मूल आधार हो।दरअसल राज्य आयोग ने याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मुआवजे के साथ फ्लैट का कब्जा मांगा गया था। लेकिन आयोग बिल्डर की इस दलील से सहमत था कि उन्होंने पहले ती शिकायतकर्ता के साथ हुए करारनामे को रद्द करने के लिए सिविल...

‘टाइपोग्राफिकल’ गलती : गुजरात हाईकोर्ट ने फांसी की सजायाफ्ता पर आदेशों में संशोधन किया [आर्डर पढ़े]
‘टाइपोग्राफिकल’ गलती : गुजरात हाईकोर्ट ने फांसी की सजायाफ्ता पर आदेशों में संशोधन किया [आर्डर पढ़े]

गुजरात हाईकोर्ट ने एक मामले में ये पाते हुए कि जमानत की अर्जी दाखिल करने वाले को ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास नहीं बल्कि मौत की सजा सुनाई है, अपने आदेश में संशोधन करते हुए कडी शर्तें जोडी हैं।ठाकुर नागजीजी बाबूजी को दो नवंबर को अस्थाई जमानत दी गई थी। इस आदेश में खंडपीठ ने लिखा था कि वो आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।लेकिन बाद में अभियोजन ने इस संबंध में एक अर्जी दाखिल की और कोर्ट को ध्यान दिलाया कि उस वास्तव में मौत की सजा दी गई है  ये आदेश में एक ‘ टाइपोग्राफिकल’ गलती है। अर्जी में संशोधन की...

अस्थाना की CBI स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर  नियुक्ति : प्रशांत भूषण को SC से मिला एक हफ्ते का वक्त
अस्थाना की CBI स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति : प्रशांत भूषण को SC से मिला एक हफ्ते का वक्त

गुजरात काडर के IPS अफसर राकेश अस्थाना को सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त किए को चुनौती देने जाने याचिका पर सुनवाई फिर से टल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण के उस आग्रह को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने इसके लिए अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का वक्त मांगा था।जस्टिस आर के अग्रवाल और जस्टिस ए एम सप्रे की बेंच ने कहा कि अब सुनवाई 24 नवंबर को होगी।दरअसल 13 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नवीन सिन्हा ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि उनके...

ब्राह्मण महिला शादी करके एससी/एसटी का स्टेटस नहीं प्राप्त कर सकती : हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
ब्राह्मण महिला शादी करके एससी/एसटी का स्टेटस नहीं प्राप्त कर सकती : हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने इस बात को दुहराया है कि एक व्यक्ति जो जन्मजात अनुसूचित जनजाति या अनुसूचित जाति का नहीं है, अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति से शादी कर उस जाति या जनजाति विशेष की जाति का नहीं हो सकता।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति मोहन गोएल की पीठ ने अथॉरिटी के इस आदेश को सही ठहराया जिसमें अनुसूचित जनजाति के एक व्यक्ति से शादी कर लेने वाली ऊंची जाति की एक महिला को मिले अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया गया था। इस प्रमाणपत्र के आधार पर  प्राप्त रोजगार को...

21 साल जेल में बिताने के बाद निर्दोष घोषित; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, आपराधिक अपील निपटाने में देरी गंभीर चिंता का कारण [आर्डर पढ़े]
21 साल जेल में बिताने के बाद निर्दोष घोषित; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, आपराधिक अपील निपटाने में देरी गंभीर चिंता का कारण [आर्डर पढ़े]

वर्ष 1996 में एक हत्या के अभियुक्त के रूप में 21 साल तक जेल में रहने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस व्यक्ति को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि 2005 से इस मामले की सुनवाई का लंबित होना न्याय प्रशासन से जुड़े सभी लोगों के लिए गंभीर चिंता का कारण है।इस आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति नारायण शुक्ला और न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने अभियुक्त राम लखन को बरी कर दिया और निचली अदालत द्वारा आजीवन कारावास की उसकी सजा को माफ़ कर दिया। निचली अदालत ने राम लखन को छविनाथ नामक व्यक्ति की चाकू से हत्या...

मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं कर सकता : केरल हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं कर सकता : केरल हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

केरल हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि एक मंत्री अपनी ही सरकार या इसके पदाधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करने के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने दो अलग अलग लेकिन सहमति से ये फैसला सुनाया है।हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी मंत्री अपने पद पर रहते हुए अपनी ही सरकार या इसके नुमाइंदों के कार्य पर अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दाखिल नहीं कर सकता।दरअसल हाईकोर्ट केरल के मंत्रा थॉमस चंडी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। चंडी ने जिला कलेक्टर की उस रिपोर्ट को चुनौती दी थी जिसमें...

दिवालिया केस के कोर्ट में जाने के बाद भी मामले को निपटाने के लिए नियम संशोधित किए जा सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
दिवालिया केस के कोर्ट में जाने के बाद भी मामले को निपटाने के लिए नियम संशोधित किए जा सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी (एप्लीकेशन टू एड्जुडीकेटिंग अथॉरिटी) रूल्स, 2016 में संशोधन का सुझाव दिया ताकि इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 (आईबीसी) के तहत मामले को स्वीकार करने के बाद भी ट्रिब्यूनल सेटलमेंट को रिकॉर्ड कर सके।कोर्ट ने इस मामले में अनुच्छेद 142 के तहत ऋण लेने वाली कंपनी उत्तरा फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि वह ऋणदाता कंपनी मोना फर्माकेम के साथ मामले को सुलझा लिया...

क़ानून मंत्रालय ने आरटीआई के जवाब में कहा, जजों के तबादले के लिए उनकी सहमति की जरूरत नहीं
क़ानून मंत्रालय ने आरटीआई के जवाब में कहा, जजों के तबादले के लिए उनकी सहमति की जरूरत नहीं

सूचना का अधिकार के तहत एक आवेदन के जवाब में क़ानून मंत्रालय ने कहा है कि किसी जज का तबादला करने के लिए किसी जज की सहमति लेने की जरूरत नहीं है।क़ानून और न्याय मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “किसी जज के तबादले के प्रस्ताव पर अमल भारत का मुख्य न्यायाधीश कर सकता है और उनका दृष्टिकोण ही इस मामले में मायने रखता है। इस मामले में पहली बार या उसके बाद के तबादले के लिए उस जज की सहमति प्राप्त करने की जरूरत नहीं है। हर तबादला आम हित को ध्यान में रखकर होता है यानी पूरे देश में बेहतर न्यायिक...

क्रिप्टो करेंसी को विनियमित करने की अपील पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस [याचिका पढ़े]
क्रिप्टो करेंसी को विनियमित करने की अपील पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस [याचिका पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन (Crypto Currency) के प्रचलन को विनियमित करने के लिए दायर अपील पर केंद्र की राय माँगी है। वह चाहता है कि इस वर्चुअल करेंसी को राजकोष के प्रति उत्तरदायी बनाया जाए।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने वित्त मंत्री, क़ानून मंत्री, सूचना एवं तकनीक मंत्री और बाजार नियंत्रक सेबी और रिजर्व बैंक को इस मामले में नोटिस जारी किया है।सुप्रीम कोर्ट में यह अपील एडवोकेट द्वैपायन भौमिक ने दायर किया है। भौमिक ने कोर्ट से एक पैनल गठित करने की मांग की है ताकि बिटकॉइन को...

पति या पत्नी भले ही अच्छा कमाएं लेकिन बच्चे की देखरेख के लिए योगदान देना होगा : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
पति या पत्नी भले ही अच्छा कमाएं लेकिन बच्चे की देखरेख के लिए योगदान देना होगा : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर दोहराया है कि  पति या पत्नी में से किसी को भी बच्चे की देखरेख के लिए दिए जाने वाले योगदान में छूट नहीं दी जा सकती भले की बच्चे को रखने वाला पति या पत्नी अच्छा कमाते हों।हाईकोर्ट में जस्टिस आई एस मेहता ने  कहा कि ये पहले से तय कानूनी सिद्धांत है कि दोनों अभिभावको का ये कानूनी, नैतिक और सामाजिक दायित्व है कि वो अपने बच्चे को अपने साधनों द्वारा बेहतर शिक्षा और जिंदगी प्रदान करे।ये भी तथ्य है कि बच्चा पति या पत्नी किसी के पास भी रह रहा हो, भले ही वो अच्छा कमाता हो,...

नुकसानदेह कीटनाशकों पर शीघ्र प्रतिबन्ध लगाने की याचिका पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस [याचिका पढ़े]
नुकसानदेह कीटनाशकों पर शीघ्र प्रतिबन्ध लगाने की याचिका पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस [याचिका पढ़े]

भारत में नुकसान पहुंचाने वाले कीटनाशकों के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में कहा गया है कि ये नुकसान पहुंचानेवाले रसायन और कीटनाशक खेतों में काम करने वालों, आसपास रहने वाले लोगों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खरनाक प्रभाव डाल रहे हैं।यह याचिका बेंगलुरु की कविता कुरुगंति ने दायर किया है। कविता अलायन्स फॉर सस्टेनेबल एंड होलिस्टिक एग्रीकल्चर की राष्ट्रीय संयोजक हैं और देश में खेती...

हरिद्वार के रिसार्ट को लेकर मुख्यमंत्रियों ने की बैठक, सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का और वक्त दिया
हरिद्वार के रिसार्ट को लेकर मुख्यमंत्रियों ने की बैठक, सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का और वक्त दिया

हरिद्वार के एक रिसार्ट को लेकर उत्तर प्रदेश और उतराखंड के बीच कानूनी लडाई अब खत्म हो सकती है।उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से AAG ऐश्वर्या भाटी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आपस में बैठक की है और जल्द ही मामले का हल निकाल लिया जाएगा।इस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को समझौता करने के लिए दो हफ्ते का और वक्त दे दिया है।दरअसल 2004 से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच चल रही एक कानूनी लडाई पर सुप्रीम कोर्ट अब सख्त हो गया था।मामले की...

शादी के पहले मुस्लिम दंपति के बच्चे वैध वारिस नहीं : मद्रास हाई कोर्ट [मद्रास हाई कोर्ट]
शादी के पहले मुस्लिम दंपति के बच्चे वैध वारिस नहीं : मद्रास हाई कोर्ट [मद्रास हाई कोर्ट]

मुस्लिम दंपति के शादी से पहले अगर संतान पैदा हुए हों तो वह संतान वैध नहीं हैं और वह मुस्लिम लॉ के तहत वैध वारिस नहीं हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने उक्त व्यवस्था दी है।मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले पैदा हुए संतान कानूनी वारिस नहीं होंगे। मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस आर. सुबैया और जस्टिस पी. वेलमुरुगन ने मुस्लिम क़ानून का हवाला देकर कहा कि अवैध संतान को मां का संतान कहा जाएगा। वह मां का वंशज होगा और उसका वारिस होगा। यह विवाद तब शुरू हुआ था जब एक पिता ने अपनी संपत्ति का वसीयत किया था। इसमें पिता...

सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रूप से बीमार युक्रेनी नागरिक की अपील पर मद्रास हाई कोर्ट से जल्द निर्णय लेने को कहा [याचिका पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रूप से बीमार युक्रेनी नागरिक की अपील पर मद्रास हाई कोर्ट से जल्द निर्णय लेने को कहा [याचिका पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट को युक्रेन के एक नागरिक दुद्निक वैलेंतिन की याचिका पर जितना जल्दी हो सके निर्णय लेने का निर्देश दिया। उसको आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया है।कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि वैलेंतिन को प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त होने का पता चला है। उसको किसी निजी अस्पताल में दाखिल कराने के बारे में शुक्रवार को निर्णय लिया जाएगा।वैलेंतिन को अन्य 22 विदेशियों के साथ गत वर्ष जनवरी में तूतीकोरिन की निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। ये सभी 23 अभियुक्त एक अमरीकी जहाज पर थे...

नोटबंदी के दौरान काले धन को सफ़ेद करने के मामले में टंडन को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत [निर्णय पढ़ें]
नोटबंदी के दौरान काले धन को सफ़ेद करने के मामले में टंडन को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार एडवोकेट रोहित टंडन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उनके खिलाफ नोटबंदी के बाद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने एडवोकेट टंडन की अर्जी खारिज कर दी। काले धन के मामले में रोहित टंडन के घर छापेमारी हुई थी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में रोहित टंडन के यहां से 13 करोड़ 60 लाख रुपये बरामद किए थे और इस के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन...