मुख्य सुर्खियां
RTI Act के तहत LIC की जानकारी मांगने के लिए पॉलिसी नंबर ज़रूरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि कोई भी व्यक्ति सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पॉलिसियों की जानकारी बिना पॉलिसी नंबर दिए भी मांग सकता है, लेकिन ऐसी रिक्वेस्ट के साथ पहचान की बुनियादी जानकारी देना ज़रूरी है, ताकि जानकारी ढूंढी जा सके।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीज़न बेंच ने पॉलिसीहोल्डर की तरफ से दायर इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज की। इस पॉलिसीहोल्डर ने उन सभी LIC पॉलिसियों की पूरी लिस्ट मांगी थी, जिनमें वह बीमित थी, लेकिन उसने पॉलिसी...
डीएम ने बंद किए 'अमर उजाला' को सरकारी विज्ञापन, हाईकोर्ट ने कहा- 'तानाशाही आदेश चौथे स्तंभ की स्वायत्तता पर चोट करते हैं'
'अमर उजाला' अखबार को राहत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में संभल के ज़िलाधिकारी (DM) को निर्देश दिया कि वह इस मामले में 'व्यावहारिक' दृष्टिकोण अपनाएं, जिसमें अखबार ने आरोप लगाया था कि उन्हें सरकारी विज्ञापन नहीं दिए जा रहे हैं।'अमर उजाला' का पक्ष यह था कि संबंधित डीएम ने एक गुरुद्वारा विवाद से जुड़ी खबर के आधार पर आदेश पारित किया था। हालांकि, याचिकाकर्ता ने बाद में स्पष्टीकरण (Corrigendum) प्रकाशित करके अपना पक्ष साफ कर दिया था, फिर भी आदेश पारित कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें सरकारी...
बिहार राज्य वित्त निगम राज्य की मंज़ूरी के बिना कर्मचारियों का वेतन तय कर सकता है: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट की चीफ़ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीज़न बेंच ने फ़ैसला दिया कि State Financial Corporations Act, 1951 के तहत एक State Financial Corporation के पास अपने कर्मचारियों का वेतन और सेवा शर्तें तय करने का अधिकार है, जिसके लिए उसे राज्य सरकार से पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं है।पृष्ठभूमि के तथ्यये कर्मचारी Bihar State Financial Corporation (BSFC) में काम कर रहे थे। बिहार सरकार के वित्त विभाग ने जनवरी 2010 में एक प्रस्ताव जारी किया, जिसमें अपने राज्य कर्मचारियों...
'एसिड हमले एक अलग ही श्रेणी के होते हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार किया, रिपोर्ट में देरी पर पुलिस को फटकारा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि जिन मामलों में एसिड का इस्तेमाल हमले के हथियार के तौर पर किया जाता है, वे अपराध में इस्तेमाल हथियार की प्रकृति के कारण 'एक अलग ही श्रेणी' के होते हैं।गहन जांच की ज़रूरत को देखते हुए जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने रिट याचिका खारिज की। इस याचिका में संपत्ति विवाद को लेकर किए गए सुनियोजित एसिड हमले से जुड़ी FIR को रद्द करने की मांग की गई।मामले के खास तथ्यों से परे हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस विभाग के प्रति अपनी "गहरी नाराज़गी" भी ज़ाहिर...
अदालतें 'असली' और 'मनगढ़ंत' मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 के तहत आरोपी द्वारा किए गए 'सोची-समझी' कोशिश को देखते हुए, ताकि मुक़दमा शुरू ही न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया कि अदालतों को 'लंबे समय तक जेल में रहने' के 'असली' मामलों और 'मनगढ़ंत' मामलों के बीच फ़र्क करना चाहिए; ऐसे मामलों में मुक़दमे में देरी का कारण आरोपी ही होता है।सिंगल जज जस्टिस रवींद्र जोशी ने रंगदारी के मामले में आरोपी द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि उनके सामने पेश आवेदक विक्रम भुतेकर ने...
पिता ने छोड़ी बच्चे की कस्टडी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट पिता के नाम के बिना जारी करने का दिया निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट बिना उसके पिता का नाम बताए दोबारा जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पिता ने कोर्ट से मंज़ूर एक समझौते के तहत कस्टडी और मिलने-जुलने के सभी अधिकार छोड़ दिए।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश माँ की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। माँ ने अपनी नाबालिग बेटी का पासपोर्ट बिना पिता का नाम शामिल किए दोबारा जारी करने की मांग की थी।याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि माता-पिता ने 2021 में आपसी सहमति से समझौता किया था, जिसे बाद में 2022 में तलाक़ के आदेश...
चीनी नागरिक ने धोखाधड़ी से हासिल की भारतीय नागरिकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट का केंद्र को याचिका पर फैसला करने का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह 4 हफ़्तों के भीतर याचिका पर उचित कारणों के साथ आदेश पारित करे। इस याचिका में ऐसे पूर्व चीनी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई, जिस पर धोखाधड़ी से भारतीय नागरिकता हासिल करने का आरोप है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश 'महाबोधि सोसाइटी ऑफ़ इंडिया' द्वारा दायर एक रिट याचिका पर दिया।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी नंबर 6 (जो पहले चीन का नागरिक था और अब नैचुरलाइज़ेशन के ज़रिए भारत का...
जांच के अधीन सस्पेंशन ऑर्डर ब्लैकलिस्टिंग नहीं है, राज्य गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के आधार पर बोली खारिज करने के लिए स्वतंत्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सस्पेंशन ऑर्डर को यूं ही ब्लैकलिस्टिंग ऑर्डर नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब सस्पेंशन ऑर्डर किसी जांच के अधीन हो।हालांकि, कोर्ट ने एक तकनीकी बोली खारिज किए जाने के फैसले को सही ठहराया, क्योंकि कोर्ट ने पाया कि पिछला खराब प्रदर्शन जनहित में बोली खारिज करने का एक वैध आधार है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने फैसला दिया:"हमारी राय में जांच के अधीन सस्पेंशन ऑर्डर ब्लैकलिस्टिंग ऑर्डर के बराबर नहीं होता। हम उन तमाम मिसालों (Precedents) को...
दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में आरोपी खालिद सैफ़ी को मिली अंतरिम ज़मानत
दिल्ली कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में आरोपी खालिद सैफ़ी को अंतरिम ज़मानत दी।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने सैफ़ी को 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक के लिए अंतरिम ज़मानत दी। यह ज़मानत उनकी भतीजी और भतीजे की शादी के कार्यक्रमों के चलते दी गई।सैफ़ी ने बताया कि उनकी भतीजी और भतीजे की शादी के कार्यक्रम 14 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच होने तय हैं।यह देखते हुए कि भतीजे और भतीजी की शादी की रस्मों की पुष्टि अभियोजन पक्ष द्वारा कर ली गई, कोर्ट ने कहा कि...
'शर्मनाक, बेबुनियाद और खोखले': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटियों पर सेक्स रैकेट चलाने का झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्ति को फटकारा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को व्यक्ति की क्रिमिनल रिट याचिका खारिज की। इस व्यक्ति ने कानपुर नगर में चल रहे कथित सेक्स रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की।हालांकि, याचिकाकर्ता ने शुरू में अपनी पत्नी और बेटी के अश्लील वीडियो ऑनलाइन अपलोड किए जाने पर चिंता जताई, लेकिन बाद की सुनवाई में उसने अपने परिवार के सदस्यों पर अनैतिकता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अपमानजनक और झूठे आरोप लगाए।इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने याचिकाकर्ता...
'आरोप तय करने के चरण में केवल प्रथम दृष्टया मामला देखा जाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'कुरान का अपमान' करने के आरोपी एडिटर को राहत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते किताब के संपादक द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (Criminal Revision Petition) खारिज की। इस याचिका में संपादक ने इस्लाम और कुरान के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक शब्द प्रकाशित करने के एक मामले में खुद को आरोपमुक्त करने की मांग की थी।यह देखते हुए कि आरोप तय करने के चरण में केवल प्रथम दृष्टया मामला ही देखा जाता है, जस्टिस सुभाष चंद्र शर्मा की पीठ ने ट्रायल कोर्ट का उस आदेश बरकरार रखा, जिसमें याचिकाकर्ता-डॉ. मदन गोपाल सिन्हा (जो विचाराधीन किताब के नामित संपादक हैं)...
भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
जब विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीय वहाँ के ट्रैफिक से जुड़े नियमों और कानूनों का पालन कर सकते हैं तो वे यहां भारत में सड़क नियमों का पालन क्यों नहीं कर सकते? बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सड़क दुर्घटना मुआवज़ा मामले का निपटारा करते हुए यह सवाल उठाया। इस मामले में पार्किंसन बीमारी से पीड़ित एक पुजारी की मौत ठाणे म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TMTC) की बस की टक्कर लगने से हो गई।सिंगल बेंच जज जितेंद्र जैन ने इस बात पर नाराज़गी ज़ाहिर की कि भारतीय लोग सड़क पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन...
बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: 'गॉडमैन' अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग
महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपी खुद को 'गॉडमैन' कहने वाले अशोक खरात के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच में PIL दायर की गई। इस PIL में दावा किया गया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2013' का क्रियान्वयन 'असरदार नहीं' है।इस अधिनियम को 'अंधविश्वास विरोधी कानून' के नाम से भी जाना जाता है।यह याचिका 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के 11 सदस्यों द्वारा वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर की...
'आम पुलिसवाले कंटेंट हटाने का निर्देश दे रहे हैं': IT Rules संशोधन के खिलाफ फिर हाईकोर्ट पहुंचे कुणाल कामरा
कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने दावा किया कि केंद्र के Sahyog पोर्टल की वजह से हालात ऐसे हो गए हैं कि एक आम पुलिसवाला भी ऐसे कंटेंट को हटाने का आदेश दे रहा है, जिसे वह "आपत्तिजनक" मानता है। यह पोर्टल IT Rules में 2025 के संशोधन के ज़रिए लाया गया था।कामरा ने SAHYOG पोर्टल और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) में 2025 के संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की।सुनवाई के दौरान, कामरा की ओर से...
'निजी हित को जनहित बताकर दायर याचिका': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली डिप्टी मेयर पर लगाया ₹25,000 का जुर्माना
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली के डिप्टी मेयर द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) को व्यक्तिगत हित से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।चीफ़ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मोहाली में सड़कों के उन्नयन, पुनर्सतहकरण और सौंदर्यीकरण से जुड़े टेंडर प्रक्रियाओं को चुनौती दी गई थी। इससे पहले अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी राजनीतिक संबद्धता बताने का निर्देश दिया था, जिसके बाद हलफनामा दायर किया गया।सुनवाई...
अनिवार्य टेंडर शर्तों में ढील नहीं दी जा सकती: पटना हाईकोर्ट ने बोलीदाता की योग्यता रद्द की
पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित अनिवार्य शर्तों को नजरअंदाज या शिथिल नहीं किया जा सकता। अदालत ने आवश्यक दस्तावेज जमा न करने वाले एक बोलीदाता को तकनीकी रूप से योग्य घोषित करने और उसे एल-1 घोषित करने का फैसला रद्द किया।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस शैलेन्द्र सिंह की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग के एक टेंडर से जुड़े विवाद को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई कि निजी पक्ष ने टेंडर की अनिवार्य शर्तों के तहत जरूरी “पेमेंट सर्टिफिकेट”...
संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी ठहराने का फैसला बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटेन में रह रहे हथियार सलाहकार संजय भंडारी को “भगोड़ा आर्थिक अपराधी” घोषित करने के ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा। अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि इस फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने संक्षिप्त आदेश में कहा, अपील खारिज की जाती है।यह आदेश तिस हजारी कोर्ट के जिला जज द्वारा 5 जुलाई, 2023 को पारित फैसले के खिलाफ दायर अपील पर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत घोषित किया था।ट्रायल कोर्ट...
रिटायर जज को 8 हफ्तों में पुरानी पेंशन योजना का लाभ दें: तेलंगाना हाईकोर्ट का निर्देश
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अहम आदेश में रिटायर जज जस्टिस जी. श्री देवी को पुरानी पेंशन योजना का लाभ 8 सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने को कहा।जस्टिस पी. सैम कोशी और जस्टिस नरसिंग राव नंदिकोंडा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए याचिका का निपटारा किया। अदालत ने यह नोट किया कि संबंधित प्राधिकरण पहले ही याचिकाकर्ता को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाभ देने की मंजूरी दे चुका है।अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया कि 13 मार्च, 2026 को भारत सरकार...
असम सीएम की पत्नी के 'पासपोर्ट' पर विवाद: हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुरक्षित रखा फ़ैसला
तेलंगाना हाईकोर्ट ने गुरुवार (9 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। यह याचिका असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज FIR के सिलसिले में दायर की गई थी, जिसमें उन पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए।जस्टिस के. सुजाना शुक्रवार को इस मामले पर अपना फ़ैसला सुना सकती हैं।अग्रिम ज़मानत याचिका हैदराबाद में दायर की गई, जहां खेड़ा का निवास स्थान है।खेड़ा की ओर से पेश हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि मानहानि...
'पब्लिसिटी पाने की कोशिश': 2003 के 'खराब मोबाइल' मामले में मुकेश अंबानी के खिलाफ केस उड़ीसा हाईकोर्ट ने किया रद्द
ओडिशा हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 के एक मामूली उपभोक्ता विवाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और उसके चेयरमैन मुकेश धीरूभाई अंबानी के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत और समन आदेश को रद्द कर दिया है।डॉ. जस्टिस संजीब कुमार पाणिग्रही की पीठ ने कहा कि यह मामला “अदालत की प्रक्रिया का सुनियोजित दुरुपयोग” है और इसे प्रचार पाने के उद्देश्य से दायर किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति को केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए आपराधिक मामले में घसीटना उचित नहीं है।मामला क्या थाशिकायतकर्ता...




















