मुख्य सुर्खियां
सिर्फ़ कई FIR होना ही BNS के तहत 'संगठित अपराध' का आरोप लगाने के लिए काफ़ी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ सिर्फ़ कई मामले होना ही BNS की धारा 111(4) के तहत संगठित अपराध का आरोप लगाने के लिए काफ़ी नहीं है, क्योंकि "कुछ बुनियादी मापदंड" हैं, जिन्हें यह आरोप लगाने से पहले पूरा करना ज़रूरी है।जस्टिस गजेंद्र सिंह ऐसे मामले पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें कोर्ट ने पहले राज्य से यह बताने को कहा था कि इस मामले में धारा 111 (संगठित अपराध) कैसे लागू होती है।कोर्ट ने पाया कि राज्य ने धारा 111 लगाने को इस आधार पर सही ठहराया कि याचिकाकर्ता के ख़िलाफ़ अलग-अलग...
पर्सनैलिटी राइट्स केस: एंटरप्रेन्योर अमन गुप्ता के खिलाफ AI और अश्लील कंटेंट हटाने का आदेश
एंटरप्रेन्योर्स के लिए अपनी तरह के पहले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया। इस आदेश के तहत 'शार्क टैंक इंडिया' के जज अमन गुप्ता के नाम, तस्वीर, आवाज़, मशहूर जुमलों और व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) को सुरक्षा दी गई। यह गलत इस्तेमाल कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा था, जिसमें AI-जनरेटेड 'डीपफेक' और अश्लील कंटेंट भी शामिल हैं।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने टिप्पणी की कि गुप्ता ने काफी अच्छी साख और सार्वजनिक...
द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत 2026 में 2.07 करोड़ मामलों का निपटारा, ₹3440 करोड़ से अधिक के समझौते
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तत्वावधान में 9 मई 2026 को आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में देशभर में 2,07,66,548 मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा किया गया। इनमें 1,87,63,883 प्री-लिटिगेशन मामले और 20,02,665 लंबित मामले शामिल रहे। कुल निपटारे की राशि ₹3,440.81 करोड़ रही।NALSA ने बताया कि यह आंकड़े 7 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर हैं, जहां राष्ट्रीय लोक अदालत बाद की तारीखों में आयोजित की जानी है या जहां से आंकड़े अभी प्राप्त नहीं हुए हैं।राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (04 मई, 2026 से 08 मई, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।CrPC की धारा 125 के तहत पहली पत्नी के भरण-पोषण के मामले में दूसरी पत्नी आवश्यक पक्षकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि CrPC की धारा 125 के तहत पहली पत्नी और बच्चों द्वारा शुरू की गई भरण-पोषण की कार्यवाही में दूसरी पत्नी न तो ज़रूरी पक्षकार है और न ही उचित पक्षकार। कोर्ट ने यह...
CrPC की धारा 125 के तहत पहली पत्नी के भरण-पोषण के मामले में दूसरी पत्नी आवश्यक पक्षकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि CrPC की धारा 125 के तहत पहली पत्नी और बच्चों द्वारा शुरू की गई भरण-पोषण की कार्यवाही में दूसरी पत्नी न तो ज़रूरी पक्षकार है और न ही उचित पक्षकार। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी कार्यवाही को बेवजह उन सभी लोगों को शामिल करके नहीं बढ़ाया जा सकता, जो पति पर निर्भर होने का दावा करते हैं।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने महिला द्वारा दायर अर्जी खारिज की, जिसमें उसने पहली पत्नी द्वारा अपने पति के खिलाफ दायर भरण-पोषण की पुनरीक्षण...
पटना हाईकोर्ट में कुछ जजों के व्यवहार पर गंभीर आरोप: वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार का ऐलान
पटना हाईकोर्ट की तीन बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने 15 मई 2026 को सुबह 10:30 बजे के बाद न्यायिक कार्य से दूर रहने का आह्वान किया। समिति ने बार और बेंच के बीच बढ़ते तनाव तथा कुछ जजों के कथित व्यवहार को लेकर गहरी नाराजगी जताई।समन्वय समिति ने असाधारण स्थिति में आयोजित बैठक के बाद जारी प्रस्ताव में कहा कि 7 मई 2026 को रजिस्ट्रार जनरल (प्रभार) के हस्ताक्षर से जारी नोटिस के खिलाफ बार के सदस्यों ने एकमत होकर चिंता और आक्रोश व्यक्त किया।प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि हाल के दिनों में बार और बेंच के...
पुलिसकर्मी के निजी मोबाइल से जारी ई-चालान अवैध, प्रक्रिया का उल्लंघन: श्रीनगर कोर्ट
श्रीनगर जिला कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि किसी पुलिस अधिकारी के निजी मोबाइल फोन से जारी किया गया ई-चालान कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जा सकता। अदालत ने ऐसे तीन ई-चालानों को रद्द करते हुए कहा कि वे केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167ए का उल्लंघन करते हैं।जज शबीर अहमद मलिक ने कहा,“किसी पुलिस अधिकारी के निजी मोबाइल या स्मार्टफोन से जारी चालान, आधिकारिक रूप से प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से जारी चालान के बराबर नहीं माना जा सकता। ऐसा चालान प्रक्रिया संबंधी खामियों से ग्रस्त और...
सिर्फ़ आरक्षित श्रेणी से होने से फ़ायदा नहीं मिलता, कट-ऑफ़ तारीख़ से पहले जाति प्रमाण पत्र जमा करना ज़रूरी है: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि आरक्षण चाहने वाले उम्मीदवारों को भर्ती विज्ञापनों में बताई गई शर्तों का सख़्ती से पालन करना होगा, जिसमें कट-ऑफ़ तारीख़ के अंदर तय फ़ॉर्मेट में जाति प्रमाण पत्र जमा करना भी शामिल है। सिर्फ़ आरक्षित श्रेणी से होने से ही कोई उम्मीदवार ऐसे फ़ायदे का दावा करने का हक़दार नहीं हो जाता।चीफ़ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की एक डिवीज़न बेंच अपीलों के एक समूह की सुनवाई कर रही थी, जिसमें 20.12.2019 को सिंगल जज द्वारा दिए गए साझा फ़ैसले को चुनौती दी गई। उस फ़ैसले...
“प्रशासनिक सुस्ती कभी भी पर्याप्त कारण नहीं हो सकती”: हाईकोर्ट ने DDA की 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में हुई 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि “प्रशासनिक सुस्ती और लापरवाही” देरी को माफ़ करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं हो सकती।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने DDA की अर्जी खारिज की, जिसमें फ्लैट के आवंटन से जुड़े विवाद में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज द्वारा 8 जून, 2018 को दिए गए फैसले के खिलाफ 'रेगुलर फर्स्ट अपील' दायर करने में हुई देरी को माफ़ करने की मांग की गई थी।DDA ने दलील दी...
सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में अमित शाह को मिली राहत बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मिली राहत को चुनौती देने वाली अंतरिम याचिका खारिज की।अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह याचिका संभवतः किसी “राजनीतिक विरोधी” के इशारे पर दायर की गई हो सकती है। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के फैसले को भी बरकरार रखा।यह मामला सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ से जुड़ा है।अदालत ने अपने...
क्लाइंट के पास से ड्रग्स हुए थे बरामद, हाईकोर्ट ने Rapido कैब ड्राइवर को ज़मानत दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक कैब ड्राइवर को नियमित ज़मानत दी है। इस ड्राइवर पर Tramadol की कमर्शियल मात्रा बरामद होने से जुड़े एक मामले में आरोप है। कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि पहली नज़र में यह प्रतिबंधित सामान उस यात्री के पास से बरामद हुआ था, जिसने Rapido ऐप के ज़रिए राइड बुक की थी। यह सवाल कि क्या ड्राइवर को इस सामान के बारे में पता था (conscious possession), इसका फ़ैसला ट्रायल के दौरान किया जाएगा।जस्टिस सुभाष मेहता ने कहा,"याचिकाकर्ता कैब ड्राइवर है और वह एक ऐसी कैब चला रहा था,...
आधार डीएक्टिवेशन, बायोमेट्रिक मिसमैच के कारण असली निवासियों को बिना किसी उपाय के नहीं छोड़ा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी कीं गाइडलाइंस
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन बढ़ते मामलों पर संज्ञान लेते हुए, जिनमें नागरिकों को बायोमेट्रिक मिसमैच, आधार कार्ड के डीएक्टिवेशन या सस्पेंशन के कारण अदालतों का दरवाज़ा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है, विस्तृत गाइडलाइंस जारी कीं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों से निपटने में 'नागरिक-केंद्रित' (citizen-centric) दृष्टिकोण अपनाएं और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निवारण चार हफ़्तों के भीतर हो जाए।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस हितेन वेनेगांवकर की डिवीज़न बेंच ने पाया कि ऐसे कई...
2026 CLAT-UG | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ाइनल आंसर-की बहाल की, मेरिट लिस्ट में बदलाव के सिंगल जज का निर्देश रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस साल फ़रवरी में सिंगल जज द्वारा दिए गए आदेश को रद्द किया। इस आदेश में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ के कंसोर्टियम को कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) यूजी 2026 के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव करने का निर्देश दिया गया था।ऐसा करके जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की डिवीज़न बेंच ने वास्तव में 16 दिसंबर, 2025 को कंसोर्टियम द्वारा जारी की गई फ़ाइनल आंसर-की को बहाल किया। यह आंसर-की एक्सपर्ट कमेटियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों की समीक्षा करने के बाद जारी की गई थी।इस तरह बेंच...
हाईकोर्ट का जोधपुर एयर फ़ोर्स और सेना के ठिकानों के पास बनी अवैध इमारतों को गिराने का निर्देश
जोधपुर में भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के ठिकानों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध निर्माण से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थानीय अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच ने राय दी कि याचिका में राष्ट्रीय महत्व के सवाल उठाए गए। इन दोनों संगठनों के क्षेत्रों के आस-पास निर्माण के लिए दी गई सभी अनुमतियाँ रक्षा मंत्रालय/केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं/दिशानिर्देशों के सख्त अनुसार...
बुज़ुर्ग माँ को प्रॉपर्टी संबंधित 'लंबे' मुक़दमे में घसीटने का आरोप: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेटे पर लगाया ₹50,000 का जुर्माना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेटे की अपील खारिज करते हुए उस पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया। बता दें, इस अपील में बेटे ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम' के तहत एक ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती दी थी।ट्रिब्यूनल ने बेटे को अपनी बुज़ुर्ग माँ को हर महीने ₹10,000 गुज़ारा भत्ता देने का निर्देश दिया था और उस 'गिफ्ट डीड' (दान-पत्र) को भी रद्द किया था, जिसके ज़रिए माँ ने अपनी पुश्तैनी प्रॉपर्टी में अपने अधिकार छोड़ दिए थे। कोर्ट ने यह जुर्माना उस बुज़ुर्ग नागरिक को एक 'कई-स्तरों वाले' और...
'पर्सनैलिटी राइट्स' की मांग लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे शशि थरूर, कल होगी सुनवाई
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।थरूर की इस याचिका पर कल (शुक्रवार( जस्टिस मिनी पुष्करणा सुनवाई करेंगी।थरूर ने इस मामले में कई लोगों को प्रतिवादी बनाया, जिनमें 'जॉन डो' (अज्ञात व्यक्ति) भी शामिल हैं।Title: Shashi Tharoor v. Ashok Kumar & Ors
'मैंने इसे नहीं गाया': हनी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट के सामने विवादित गाना 'वॉल्यूम 1' गाने से इनकार किया
सिंगर हनी सिंह ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के सामने उस दावे का विरोध किया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने पिछले साल 1 मार्च को इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में एक इवेंट के दौरान “वॉल्यूम 1” नाम के विवादित गाने की कुछ लाइनें गाई थीं।सिंगर की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और उन्होंने वह गाना नहीं गाया।उन्होंने कोर्ट से कहा,“मैंने नहीं गाया। अगर स्टेडियम में, जहां 50,000 से ज़्यादा लोग मौजूद थे, ऐसी कोई घटना हुई होती तो उसका...
3 महीने अवैध हिरासत में रखने का आरोप: हाईकोर्ट का निर्देश- ₹10 लाख का मुआवज़ा दे यूपी सरकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह एक व्यक्ति को उसकी अवैध गिरफ्तारी और 3 महीने से ज़्यादा समय तक जेल में रखने के लिए ₹10 लाख का मुआवज़ा दे।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने पाया कि राज्य के अधिकारियों ने याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी के लिखित कारण न बताकर उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सीमित किया था। कोर्ट ने कहा कि इससे भारत के संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है।इस संबंध में बेंच ने मिहिर राजेश शाह...
कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम ने SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल से दिया इस्तीफ़ा
कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम ने SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल से इस्तीफ़ा दे दिया। यह ट्रिब्यूनल उन लोगों की अपीलें सुन रहा था, जिन्हें हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों से पहले हुई 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था।जस्टिस शिवज्ञानम उन 19 जजों में से एक हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपीलीय ट्रिब्यूनल के रूप में नामित किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, जस्टिस शिवज्ञानम ने निजी...
POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अवमानना याचिका से अलग हुए जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग की।बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अग्रवाल ने निर्देश दिया कि चीफ जस्टिस से नामांकन प्राप्त करने के बाद इस मामले को नई याचिका के रूप में किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।यह अवमानना याचिका आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की ओर से दायर की गई। याचिका में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ कड़ी...




















