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MCD की अपनी गलतियों के कारण वह बकाया रोक नहीं सकती: हाईकोर्ट ने ठेकेदार के पक्ष में ₹1.01 करोड़ का फैसला बरकरार रखा
MCD की अपनी गलतियों के कारण वह बकाया रोक नहीं सकती: हाईकोर्ट ने ठेकेदार के पक्ष में ₹1.01 करोड़ का फैसला बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा ठेकेदार के पक्ष में दिए गए ₹1.01 करोड़ से ज़्यादा के फैसले के खिलाफ दायर अपील यह कहते हुए खारिज की कि जब देरी उसकी अपनी गलतियों के कारण हुई हो तो नगर निकाय पेमेंट रोक नहीं सकता।जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस अनीश दयाल की डिवीजन बेंच ने कहा,“अपीलकर्ता ने खुद ऐसी स्थिति बनाई, जिसमें पेड़ हटाने में उनकी विफलता के कारण रुकावटें आईं, जिससे कॉन्ट्रैक्ट के सुचारू रूप से पूरा होने पर असर पड़ा। ऐसी स्थिति में और पेड़ हटाने में विफलता के लिए, जिसके...

पीएम केयर्स फंड कानूनी संस्था, लेकिन RTI Act के तहत उसे प्राइवेसी का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट
पीएम केयर्स फंड कानूनी संस्था, लेकिन RTI Act के तहत उसे प्राइवेसी का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पीएम केयर्स फंड, एक कानूनी या सरकारी संस्था होने के बावजूद, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत प्राइवेसी के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि भले ही यह फंड एक राज्य हो, लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह एक पब्लिक अथॉरिटी है। कुछ सार्वजनिक काम करता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपने प्राइवेसी के अधिकार को खो देता है।कोर्ट एक गिरीश मित्तल द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रहा...

जीवन और स्वतंत्रता के प्रतिकूल: गुलफिशा फातिमा मामले में जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की दलीलें
जीवन और स्वतंत्रता के प्रतिकूल: गुलफिशा फातिमा मामले में जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की दलीलें

नया वर्ष उमर ख़ालिद और शरजील इमाम के लिए शुभ संकेत लेकर नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा बनाम राज्य (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार) मामले में दिए गए 142 पृष्ठों के विस्तृत निर्णय में इन दोनों आरोपियों को जमानत देने से एक बार फिर इनकार कर दिया। इसके विपरीत अदालत ने सह-आरोपी अन्य पाँच व्यक्तियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि उनकी भूमिका गंभीर प्रकृति की नहीं थी। निर्णय में जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक तर्कों पर तो विचार किया गया, किंतु वह दृष्टिकोण अत्यंत सीमित...

सिविल जज मुस्लिम शादी खत्म करने का आदेश नहीं दे सकते, फैमिली कोर्ट ही सक्षम फोरम: गुवाहाटी हाईकोर्ट
सिविल जज मुस्लिम शादी खत्म करने का आदेश नहीं दे सकते, फैमिली कोर्ट ही सक्षम फोरम: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि सिविल जज के पास तलाक के रूप में मुस्लिम शादी को खत्म करने को प्रमाणित करने और तलाक का घोषणात्मक आदेश देने का अधिकार क्षेत्र नहीं है और सक्षम कोर्ट फैमिली कोर्ट या फैमिली कोर्ट न होने पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट होगा।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कe एक आदेश बरकरार रखा, जिसने अपीलीय कोर्ट – सिविल जज (जूनियर डिवीजन) द्वारा पारित आदेश खारिज कर दिया, जिसने एक वैवाहिक मुकदमे में एक व्यक्ति को तलाक के रूप में घोषणात्मक राहत दी और लिखित तलाक की पुष्टि के लिए एक...

अनिल अंबानी के खिलाफ धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्यवाही पर रोक को बैंक ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
अनिल अंबानी के खिलाफ 'धोखाधड़ी' वर्गीकरण की कार्यवाही पर रोक को बैंक ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

उद्योगपति अनिल अंबानी के लिए यह मुश्किल खड़ी कर सकता है, तीन बैंक - बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और IDBI बैंक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में सिंगल-जज के आदेश को चुनौती दी। इस जज ने रिलायंस ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन के खिलाफ तीनों बैंकों द्वारा शुरू की गई धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, क्योंकि उन्हें बैंकों द्वारा इस्तेमाल किए गए फोरेंसिक ऑडिट में पहली नज़र में 'गंभीर कमियां' मिली थीं।तीनों बैंकों की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस...

जमानत आदेश में कोई यात्रा प्रतिबंध नहीं: हाईकोर्ट ने डांसर सपना चौधरी को पासपोर्ट NOC देने का दिया निर्देश
जमानत आदेश में कोई यात्रा प्रतिबंध नहीं: हाईकोर्ट ने डांसर सपना चौधरी को पासपोर्ट NOC देने का दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ्ते ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें लोकप्रिय एक्ट्रेस-डांसर और स्टेज परफॉर्मर सपना चौधरी को उनके पासपोर्ट के रिन्यूअल के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) देने से इनकार कर दिया गया।CrPC की धारा 482 के तहत दायर उनकी याचिका स्वीकार करते हुए जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने ट्रायल कोर्ट को उन्हें रिन्यूअल के लिए NOC जारी करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि चौधरी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले में बेल ऑर्डर में देश छोड़ने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया...

धुरंधर फ़िल्म-निर्माताओं को राहत, बलोच समुदाय पर आपत्तिजनक शब्द म्यूट करने पर हाईकोर्ट ने याचिका की बंद
'धुरंधर' फ़िल्म-निर्माताओं को राहत, बलोच समुदाय पर आपत्तिजनक शब्द म्यूट करने पर हाईकोर्ट ने याचिका की बंद

गुजरात हाइकोर्ट ने फिल्म 'धुरंधर' में बलोच समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक संवाद हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका को बंद कर दिया। फिल्म निर्माताओं की ओर से अदालत को यह जानकारी दिए जाने के बाद कि संबंधित शब्द को पहले ही म्यूट कर दिया गया, कोर्ट ने माना कि अब कोई विवाद शेष नहीं रह गया।यह मामला बलोच समुदाय से जुड़े दो व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिनमें उत्तर गुजरात बलोच समाज ट्रस्ट, पाटन के उपाध्यक्ष भी शामिल थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म में बलोच समुदाय को लेकर कुछ संवाद...

गलत गिरफ्तारी और 54 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए NRI को 14 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश
गलत गिरफ्तारी और 54 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए NRI को 14 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश

केरल हाइकोर्ट ने एक अहम फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक NRI व्यक्ति और उसके परिवार को गलत गिरफ्तारी और अवैध हिरासत के लिए कुल 14 लाख रुपये मुआवजा अदा करे। कोर्ट ने माना कि पुलिस की कार्रवाई के कारण याचिकाकर्ताओं को मानसिक पीड़ा, सामाजिक अपमान, उत्पीड़न और गंभीर नुकसान उठाना पड़ा।जस्टिस पी.एम. मनोज ने NRI व्यक्ति वी.के. ताजुद्दीन को 10 लाख रुपये तथा उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्री और नाबालिग पुत्र को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता वी.के. ताजुद्दीन...

S.48 UP Municipality Act | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगरपालिका अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया बताते हुए जारी किए दिशा-निर्देश
S.48 UP Municipality Act | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'नगरपालिका' अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया बताते हुए जारी किए दिशा-निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने खास प्रक्रिया के दिशा-निर्देश दिए , जिनका पालन राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 48 के तहत नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष को हटाने से पहले करना होगा।कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ऐसा हटाना सिर्फ शुरुआती जांच और कारण बताओ नोटिस के आधार पर नहीं किया जा सकता, बल्कि आरोपों को तय करने और गवाहों से जिरह सहित एक "पूरी जांच" ज़रूरी है।जस्टिस शेखर बी. सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने निम्नलिखित सिद्धांत बताए, जिनका पालन राज्य को धारा 48(2-A) के...

नाबालिग को 2.5 महीने तक गैर-कानूनी हिरासत में रखने के लिए ₹5 लाख मुआवज़ा देने का आदेश, हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई
नाबालिग को 2.5 महीने तक गैर-कानूनी हिरासत में रखने के लिए ₹5 लाख मुआवज़ा देने का आदेश, हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई

पटना हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एक नाबालिग को ₹5,00,000/- का मुआवज़ा देने का आदेश दिया, जिसे बिहार पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने इस काम को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके मौलिक अधिकार का घोर उल्लंघन बताया।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस रितेश कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि गिरफ्तारी कानून की तय प्रक्रिया की पूरी तरह से अनदेखी करके सिर्फ़ डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DIG) के कहने पर की गई, जबकि नाबालिग को पहले ही चार्जशीट में बरी कर दिया गया।हाईकोर्ट ने...

उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार एक मौलिक अधिकार, इसे हल्के में कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार एक मौलिक अधिकार, इसे हल्के में कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार किसी व्यक्ति का मौलिक अधिकार है जिसे हल्के में कम नहीं किया जा सकता।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा,"उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार, भले ही भारत के संविधान के भाग III में मौलिक अधिकार के रूप में साफ तौर पर नहीं बताया गया, लेकिन यह राज्य की एक सकारात्मक जिम्मेदारी है कि वह इस अधिकार को सुनिश्चित करे और इसे हल्के में कम करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।"कोर्ट ने उम्मीदवार हर्षित अग्रवाल द्वारा दायर याचिका मंज़ूरी की, जिसने...

I-PAC रेड के दौरान CM ममता बनर्जी द्वारा कथित दखलअंदाजी के खिलाफ ED की याचिका पर 14 जनवरी को होगी सुनवाई
I-PAC रेड के दौरान CM ममता बनर्जी द्वारा कथित दखलअंदाजी के खिलाफ ED की याचिका पर 14 जनवरी को होगी सुनवाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी) को 2020 के कोयला घोटाले में चल रही जांच में रुकावट और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दखलअंदाजी के आरोप वाली ED की याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसके बाद कोर्टरूम में हंगामा हुआ।यह मामला जस्टिस सुव्रा घोष के सामने लिस्टेड है, अब इस पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट...

दिल्ली कोर्ट ने नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली कोर्ट ने नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए

दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा दर्ज कथित नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय किए।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि यादव और उनके परिवार ने आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया और उनकी तरफ से एक बड़ी साज़िश रची गई थी।जज ने आदेश सुनाते हुए कहा,"कोर्ट को शक के आधार पर लगता है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार (बेटियों, पत्नी और बेटों) के लिए अचल संपत्ति हासिल करने के लिए...

लगातार जेल में रहने के दौरान दर्ज दोषसिद्धि कैदी को आदतन अपराधी नहीं बना सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
लगातार जेल में रहने के दौरान दर्ज दोषसिद्धि कैदी को 'आदतन अपराधी' नहीं बना सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई कैदी लगातार जेल में हो तो उस दौरान दर्ज दोषसिद्धि दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत फरलो देने से इनकार करने के मकसद से कैदी को "आदतन अपराधी" नहीं बना सकती।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी एक उम्रकैद की सज़ा पाए कैदी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका में दिल्ली जेल नियमों के नियम 1223(ii) के तहत आदतन अपराधी होने के आधार पर उसकी फरलो याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता अक्टूबर, 2007 से लगातार न्यायिक हिरासत में है। उसने...

महिलाओं के सम्मान के बिना कोई भी संस्था खुद को पूरा नहीं कह सकती: चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान झारखंड हाईकोर्ट से रिटायर हुए
'महिलाओं के सम्मान के बिना कोई भी संस्था खुद को पूरा नहीं कह सकती': चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान झारखंड हाईकोर्ट से रिटायर हुए

सुपरएनुएशन पर झारखंड हाईकोर्ट को विदाई देते समय चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने गुरुवार (8 जनवरी) को महिलाओं के प्रति ज़्यादा संवेदनशीलता की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कोर्ट परिसर के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बेटियों के होने से जीवन के प्रति उनका नज़रिया बदल गया।चीफ जस्टिस चौहान ने कहा:“मैंने हमेशा लड़कियों के प्रति संवेदनशील रहने की कोशिश की। जब मैंने देखा कि कोर्ट में कोई क्रेच नहीं है तो मुझे वे दिन याद आ गए जब मैं एक वकील के तौर पर संघर्ष कर रहा था और उस समय...

जिस जज ने फैसला सुरक्षित रखा, उसे ट्रांसफर के बावजूद फैसला सुनाना होगा, उत्तराधिकारी जज दोबारा सुनवाई का आदेश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
जिस जज ने फैसला सुरक्षित रखा, उसे ट्रांसफर के बावजूद फैसला सुनाना होगा, उत्तराधिकारी जज दोबारा सुनवाई का आदेश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब किसी क्रिमिनल ट्रायल में फाइनल बहस पूरी हो जाती है और मामला फैसले के लिए सुरक्षित रख लिया जाता है तो जिस जज ने केस सुना है, उसे फैसला सुनाना ही होगा, भले ही बाद में उसका ट्रांसफर हो जाए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी 18.11.2025 और 26.11.2025 के आदेशों पर भरोसा किया, जिसमें कहा गया कि सभी ट्रांसफर किए गए ज्यूडिशियल अधिकारियों को उन मामलों के बारे में सूचित करना होगा, जिनमें चार्ज छोड़ने से पहले फैसले या आदेश सुरक्षित रखे गए और उन्हें...