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हाईकोर्ट का दिल्ली कोर्ट्स से आग्रह: अस्वाभाविक मौत से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने की अर्जियों पर तेज़ करें सुनवाई
हाईकोर्ट का दिल्ली कोर्ट्स से आग्रह: 'अस्वाभाविक मौत' से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने की अर्जियों पर तेज़ करें सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन मामलों में FIR दर्ज करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है, जिनमें कम उम्र की शादीशुदा महिलाओं की अस्वाभाविक मौत हुई हो।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अदालतों से आग्रह किया कि वे उन अर्जियों को ज़्यादा प्राथमिकता दें, जिनमें FIR दर्ज करने की मांग की गई हो और जहां दहेज से जुड़ी प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हों, लेकिन पुलिस समय पर कार्रवाई करने में नाकाम रही हो।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को उम्मीद है कि भविष्य में FIR दर्ज करने के निर्देश मांगने वाली अर्जियों पर—खासकर उन मामलों में...

गलत कानूनी प्रावधान का हवाला देना, आज़ादी पर रोक को चुनौती देने में बाधा नहीं: हाईकोर्ट ने खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने के आरोपी को दी ज़मानत
गलत कानूनी प्रावधान का हवाला देना, आज़ादी पर रोक को चुनौती देने में बाधा नहीं: हाईकोर्ट ने खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने के आरोपी को दी ज़मानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत ज़मानत की अपील दायर करते समय किसी गलत कानूनी प्रावधान का हवाला देना, आरोपी के आज़ादी पर लगी रोक को चुनौती देने के मूल अधिकार को खत्म नहीं कर सकता।ऐसा करते हुए कोर्ट ने UAPA के तहत आरोपी पर दर्ज मामले में उसे ज़मानत दी। कोर्ट ने आरोपी की साढ़े चार साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद रहने की लंबी अवधि और उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत न होने की बात पर गौर किया।यह अपील UAPA की धारा 28 के तहत दायर की गई...

Delhi Riots: हत्या के मामले में 5 लोग बरी, कोर्ट ने कहा- अभियोजन पक्ष के सबूतों में गंभीर विरोधाभास
Delhi Riots: हत्या के मामले में 5 लोग बरी, कोर्ट ने कहा- अभियोजन पक्ष के सबूतों में 'गंभीर विरोधाभास'

दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मोहम्मद अनवर की हत्या के आरोपी पांच लोगों को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष गवाहों की गवाही, पहचान के सबूतों और बरामदगी में मिली बड़ी विसंगतियों और गंभीर विरोधाभासों के कारण इन लोगों का दोष 'उचित संदेह से परे' साबित करने में नाकाम रहा।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज परवीन सिंह ने लखपत, योगेश, ललित और कुलदीप नाम के दो अन्य लोगों को बरी किया। इन पर हत्या, दंगा, आगजनी, डकैती और हथियार कानून के तहत अपराधों के आरोप में...

Twisha Sharma Dowry Death Case: भोपाल कोर्ट ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
Twisha Sharma Dowry Death Case: भोपाल कोर्ट ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

भोपाल कोर्ट ने मंगलवार (2 जून) को त्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन दोनों पर दहेज हत्या का आरोप है और इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।PTI की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने आज इन दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शुक्रवार को कोर्ट ने इन दोनों को पांच दिन की CBI हिरासत में भेजा था।33 साल की त्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज हत्या), 85 (क्रूरता) और...

हाईकोर्ट ने बढ़ाया कम उम्र में ब्याही दी गई पत्नी का गुजारा भत्ता, कहा- उसे उचित रकम देने से मना नहीं किया जा सकता
हाईकोर्ट ने बढ़ाया 'कम उम्र' में ब्याही दी गई पत्नी का गुजारा भत्ता, कहा- उसे उचित रकम देने से मना नहीं किया जा सकता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फ़ैमिली कोर्ट द्वारा महिला को दिए गए गुज़ारा भत्ते की रकम बढ़ाई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह लड़कियों के अधिकारों की एक दुखद तस्वीर है, जिसमें वह महिला, जो कथित तौर पर बाल विवाह की शिकार है, उसे "बहुत कम गुज़ारा भत्ता" देकर फिर से पीड़ित किया जा रहा है।महिला की शादी कथित तौर पर 2015 में हुई थी। उस वक्त वह सिर्फ़ 13 साल की थी, उसने आरोप लगाया कि गुज़ारा भत्ता न देकर उसके साथ क्रूरता की गई। उसने यह भी कहा कि उसके पति के पास गुज़ारा करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं और वह खुद...

हाईकोर्ट ने नैनीताल मैदान में ईद की नमाज़ की इजाज़त देने के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील खारिज की
हाईकोर्ट ने नैनीताल मैदान में ईद की नमाज़ की इजाज़त देने के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील खारिज की

उत्तराखंड हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच ने शुक्रवार को राज्य द्वारा दायर विशेष अपील को 'आगे न बढ़ाने' (not pressed) के आधार पर खारिज किया। इस अपील में सिंगल-जज के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नैनीताल के मशहूर जिमखाना और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी गई थी।जब 29 मई को चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हुई तो राज्य की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल BPS मेर ने बताया कि वे इस अपील...

इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रयागराज ADM ने मुस्लिम व्यक्ति के अपनी मर्ज़ी से हिंदू धर्म अपनाने को दी मंज़ूरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रयागराज ADM ने मुस्लिम व्यक्ति के 'अपनी मर्ज़ी से' हिंदू धर्म अपनाने को दी मंज़ूरी

इस महीने की शुरुआत में इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद प्रयागराज के अपर ज़िला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने औपचारिक रूप से मुस्लिम व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के आवेदन को मंज़ूरी दी। इस व्यक्ति ने 2022 में अपनी मर्ज़ी से सनातन धर्म/हिंदू धर्म अपना लिया था।संबंधित अधिकारी द्वारा 14 मई को पारित आदेश का संज्ञान लेते हुए जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने बुधवार को उस रिट याचिका का निपटारा किया, जिसे अनिल पंडित (पहले मोहम्मद अहसान) नामक व्यक्ति ने दायर किया था। अनिल पंडित...

हेट स्पीच PILs | इंटरव्यू के चुनिंदा हिस्से वास्तविक अर्थ को बिगाड़ सकते हैं: असम सीएम ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से कहा, पूरे ट्रांसक्रिप्ट मांगे
'हेट स्पीच' PILs | इंटरव्यू के चुनिंदा हिस्से वास्तविक अर्थ को बिगाड़ सकते हैं: असम सीएम ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से कहा, पूरे ट्रांसक्रिप्ट मांगे

अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कथित हेट स्पीच के मामले में कार्रवाई की मांग करने वाली जनहित याचिकाओं (PIL) के जवाब में असम सीएम डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के सामने कहा कि उन पर लगे आरोप न्यूज़ क्लिपिंग की फोटोकॉपी पर आधारित हैं, जिनमें से कुछ चुनिंदा लाइनें निकाली गई हैं जो उनके असली इरादे को बिगाड़ सकती हैं।अपने हलफनामे में सीएम सरमा ने याचिकाकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई सामग्री की असलियत पर गंभीर सवाल उठाए।उन्होंने यह भी कहा कि किसी इंटरव्यू से चुनिंदा हिस्से या कुछ लाइनें...

राज्य सड़क मरम्मत कार्य के लिए अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुर्घटना में मारे गए युवक के लिए मुआवज़ा सही ठहराया
राज्य सड़क मरम्मत कार्य के लिए अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुर्घटना में मारे गए युवक के लिए मुआवज़ा सही ठहराया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 25 साल के युवक की माँ को दिए गए मुआवज़े को सही ठहराया। इस युवक की मौत नेशनल हाईवे-20 पर असुरक्षित सड़क मरम्मत कार्य के कारण हुई मोटरसाइकिल दुर्घटना में हुई थी। कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों और ठेकेदार को लापरवाही का दोषी ठहराया, क्योंकि उन्होंने घटनास्थल पर चेतावनी वाले साइनबोर्ड और सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए।कोर्ट ने टिप्पणी की कि अधिकारियों का यह फ़र्ज़ था कि वे सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक से बैरिकेड करें, वहां रोशनी का इंतज़ाम करें और सड़क इस्तेमाल करने...