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प्रोबेशन आॅफ आफेंडर एक्ट नहीं वर्जित करता है सीआरपीसी की धारा 360 के प्रावधानों को-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
प्रोबेशन आॅफ आफेंडर एक्ट नहीं वर्जित करता है सीआरपीसी की धारा 360 के प्रावधानों को-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि सीआरपीसी की धारा 360 के प्रावधानों को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958(प्रोबेशन आॅॅॅफ आफेंडर एक्ट) वर्जित या बाहर नहीं करता है। इस मामले में कोर्ट मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एक आदेश पर विचार कर रही थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 360 के तहत एक अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह कोई अर्जी नहीं है क्योंकि जिस मामले में यह अर्जी दायर की गई है उस मामले पर अपराधी परिवीक्षा अधिनियम १९५८ (प्रोबेशन आॅॅॅफ आफेंडर एक्ट) की धारा 3 व 4 लागू होती...

आरोपी की अनुपस्थिति में गवाहों के बयान दर्ज करना है एक साध्य उल्लंघन-सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में फिर से सुनवाई के आदेश को ठहराया सही [निर्णय पढ़े]
आरोपी की अनुपस्थिति में गवाहों के बयान दर्ज करना है एक साध्य उल्लंघन-सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में फिर से सुनवाई के आदेश को ठहराया सही [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अभियोजन पक्ष की गवाही के समय अगर आरोपी अनुपस्थित है तो इससे अपने आप में केस की सुनवाई दूषित नहीं होती है,बशर्ते इससे आरोपी पर कोई प्रतिकूल असर न हो। जस्टिस उदय उमेश ललित वाली बेंच ने इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने एक मामले में फिर से सुनवाई के आदेश देते हुए निचली अदालत से कहा था कि कानूनीतौर पर गवाहों के बयान दर्ज करे। हाईकोर्ट ने कहा था कि पहले राउंड में जो बयान दर्ज किए गए है,उस समय आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं...

जनप्रतिनिधि अधिनियम नहीं देता है चुनाव आयोग को यह अधिकार कि वह सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के कर्मचारियों का कर ले अधिग्रहण-बाॅम्बे हाईकोर्ट
जनप्रतिनिधि अधिनियम नहीं देता है चुनाव आयोग को यह अधिकार कि वह सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के कर्मचारियों का कर ले अधिग्रहण-बाॅम्बे हाईकोर्ट

बाॅम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि जनप्रतिनिधि अधिनियम ( प्यूपल रेप्रीजेंटेशन एक्ट) 1950 चुनाव आयोग या उसके किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं देता है कि चुनाव में ड्यूटी देने के लिए वह किसी सहायता प्राप्त निजी स्कूल के शिक्षण या गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं अधिग्रहण कर ले या उनकी सहायता ले। दो सदस्यीय खंडपीठ के जस्टिस ए.एस ओका व जस्टिस एम.एस सनकचलेचा इस मामले में गोरेगांव,मुम्बई के दो स्कूलों की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। याचिकाकर्ताओं ने असिस्टेंट इलैक्ट्रोल रजिस्ट्रेशन आॅफिसर के...

NI अधिनियम की धारा 143A (अंतरिम मुआवज़ा) को पिछले प्रभाव से लागू करने का प्रावधान नहीं : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े ]
NI अधिनियम की धारा 143A (अंतरिम मुआवज़ा) को पिछले प्रभाव से लागू करने का प्रावधान नहीं : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े ]

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट ऐक्ट (एनआईए) की धारा 143A को पिछले प्रभाव से लागू करने का प्रावधान नहीं है जबकि 148 के प्रावधान उन लंबित अपीलों पर लागू होंगे जिस दिन इसके प्रावधान को लागू करने की अधिसूचना जारी की गई। न्यायमूर्ति राजबीर सहरावत ने कहा कि अधिनियम कि धारा 143A ने आरोपी के ख़िलाफ़ एक नया दायित्व तय किया है जिसका प्रावधान वर्तमान क़ानून में नहीं था। लेकिन धारा 148 को यथावत रहने दिया गया है; और कुछ हद तक इसे आरोपी के हित में संशोधित किया गया है। ...

एक्साईज ड्यूटी-कर निर्धारण के लिए धर्मादा की रसीद को नहीं शामिल कर सकते है सौदे के मूल्य में-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
एक्साईज ड्यूटी-कर निर्धारण के लिए धर्मादा की रसीद को नहीं शामिल कर सकते है सौदे के मूल्य में-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

किसी वस्तु को बेचते समय जो पैसा 'धर्मादा' के तौर पर दिया जाता है,जो यह राशि वस्तु के बेचने के मूल्य में शामिल नहीं की जानी चाहिए। न ही इस राशि को एक्साईज ड्यूटी का आकंलन करने के लिए सौदे के मूल्य में शामिल किया जा सकता है। यह बात मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कही है। 'धर्मादा' एक दान है या इस चैरिटी के लिहाज से दिया जाता है,इसलिए यह मूल्य व्यवसायिक लेन-देन से अलग है। एक्साईज विभिाग ने 'धर्मादा' के संबंध में ड्यूटी दिए जाने की मांग की थी,'धर्मादा' की यह राशि डी.जे मालपानी ने प्राप्त...

पत्नी को गुजारा भत्ता देने के लिए कुर्क की जा सकती है पेंशन-बाॅम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
पत्नी को गुजारा भत्ता देने के लिए कुर्क की जा सकती है पेंशन-बाॅम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

बाॅम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि पत्नी को गुजारे भत्ते की राशि देने के लिए सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन को अटैच या कुर्क किया जा सकता है। नागपुर बेंच के जस्टिस एम.जी गिराटकर इस मामले में एक पुनःविचार याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। यह याचिका भगवंत नारनावारे ने एक दंडाधिकारी कोर्ट द्वारा गुजारे भत्ते के मामले में दिए अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर की थी। कोर्ट ने दंडाधिकारी कोर्ट के आदेश को सही ठहराया है,परंतु मासिक गुजारे भत्ते की राशि में संशोधन कर दिया है। उसे प्रतिमाह तीस हजार रुपए से घटाकर बीस हजार...

अगर मध्यस्थता क्लाउज पर्याप्त रूप से स्टांप नहीं लगे हैं तो अदालत मध्यस्थ की नियुक्ति नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
अगर मध्यस्थता क्लाउज पर्याप्त रूप से स्टांप नहीं लगे हैं तो अदालत मध्यस्थ की नियुक्ति नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मध्यस्थता अधिनियम की धारा 11(6) के अधीन किसी अपील पर कोई अंतिम निर्णय देने से पहले उन मामलों में जहाँ जिन दस्तावेज़ों पर आपत्ति की गई है अगर उस पर पर्याप्त स्टांप नहीं लगे हैं तो स्टांप अथॉरिटीज़ के फ़ैसले की प्रतीक्षा करना ज़रूरी है। न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरनन्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने कहा कि SMS Tea Estates (P) Ltd. v. Chandmari Tea Co. (P) Ltd. मामले में जिस क़ानून को निर्धारित किया गया था वह मध्यस्थता और समाधान (संशोधन) अधिनियम,...

अधिकारियों को अदालत बुलाने की परिपाटी उचित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
अधिकारियों को अदालत बुलाने की परिपाटी उचित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अधिकारियों को अदालत में बुलाए जाने की परिपाटी उचित नहीं है और इससे कार्यपालिका और न्यायपालिका में शक्तियों के विभाजन को देखते हुए न्याय प्रशासन का उद्देश्य पूरा नहीं होता। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने एक अपील पर ग़ौर करते हुए कहा कि हाईकोर्ट समय समय पर राज्यों के अधिकारियों को अदालत में पेश होने के बारे में आदेश देता रहा है।हाईकोर्ट ने इस तरह के आदेश ऐसे कुछ कर्मचारियों द्वारा दायर अवमानना के मामलों में पास किया। इन कर्मचारियों ने...

रिट प्रक्रिया में हर टेंडर को चुनौती देना आम हो गया है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
रिट प्रक्रिया में हर टेंडर को चुनौती देना आम हो गया है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

मंगलवार को एक फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अमूमन हर टेंडर को रिट याचिका में चुनौती देना आम बात हो गई है। पीठ ने कहा कि इस वजह से ऐसे सरकारी क्षेत्र, जो निजी क्षेत्रों से प्रतिस्पर्धा कर रहे होते हैं, की वाणिज्यिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ता है। "सामान्यतया पक्ष क़रार और टेंडर की शर्तों से बँधे होते हैं और सामान्यतया संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी भी तरह की रिट याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों के आर्थिक गतिविधियों में शामिल...

निजी ट्यूशन कलास लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ की जाए कार्यवाही,मद्रास हाईकोर्ट ने दिया सरकार का आदेश [आर्डर पढ़े]
निजी ट्यूशन कलास लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ की जाए कार्यवाही,मद्रास हाईकोर्ट ने दिया सरकार का आदेश [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों व सरकार से वेतन लेने वाले उन शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की जाए जो पैसों के लिए या अपने वित्तिय लाभ के लिए ट्यूशन पढ़ाते है या निजी कक्षाएं लेते है। जस्टिस एस.एम सुब्रामण्यिम ने कहा कि तमिलनाडू सरकार कर्मचारी बर्ताव नियमों के अनुसार एक शिक्षक द्वारा ट्यूशन पढ़ाने या कोई अन्य बिजनेस करना दुराचार माना गया है। इस मामले में एक शिक्षक ने अपने तबादले के आदेश को चुनौती दी थी। उसी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की है।...

ज़मानत और सज़ा को निलंबित करने की अपील जैसे मामलों को निपटाने में देरी न्याय का उपहास है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
ज़मानत और सज़ा को निलंबित करने की अपील जैसे मामलों को निपटाने में देरी न्याय का उपहास है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ज़मानत और लंबित आपराधिक मामलों में सज़ा को निलंबित करने की अपील पर सुनवाई में देरी न्याय का उपहास है। सुप्रीम कोर्ट ने एक आपराधिक मामले में सज़ा को निलंबित करने को लेकर दायर अपील की सुनवाई के दौरान यह बात कही। यह अपील पिछले सात सालों से उड़ीसा हाईकोर्ट में लंबित है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा, "हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि सज़ा को निलंबित करने की अपील पर सुनवाई के दौरान क्यों इतने सारे स्थगन दिए गए।" एसके हैदर को हत्या के एक...

ईवीएम पर चुनाव आयोग के निर्देश का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कांग्रेस उम्मीदवार की याचिका पर रविवार को दिया निर्णय [आर्डर पढ़े]
ईवीएम पर चुनाव आयोग के निर्देश का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कांग्रेस उम्मीदवार की याचिका पर रविवार को दिया निर्णय [आर्डर पढ़े]

रविवार को अमूमन अदालत किसी मामले की सुनवाई नहीं करती, हालाँकि हमने सुप्रीम कोर्ट की आधी रात की सुनवाई के बारे में सुना है। पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने रविवार को सुनवाई कर एक फ़ैसला दिया है। न्यायमूर्ति रवि के देशपांडे और न्यायमूर्ति एसएम मोदक की पीठ ने नागपुर शहर (ज़िला) कांग्रेस कमिटी और नागपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार नाना पटोले ने चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के बारे में चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों को लागू कराने के बारे में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका को शनिवार को स्वीकार किया...

वकालत की पढ़ाई कर लेने व रजिस्ट्रेशन करवा लेने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति बतौर वकील कर रहा है प्रैक्टिस-दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
वकालत की पढ़ाई कर लेने व रजिस्ट्रेशन करवा लेने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति बतौर वकील कर रहा है प्रैक्टिस-दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले दिनों ही कहा है कि सिर्फ एक व्यक्ति ने वकालत की पढ़ाई कर ली है और अपना वकील के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया है,इस आधार पर यह नहीं माना जा सकता है कि वह व्यक्ति बतौर वकील प्रैक्टिस कर रहा है और पैसे कमा रहा है। जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने कहा कि-प्रतिवादी पढ़ी-लिखी है और उसने वकील के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा रखा है,सिर्फ इस आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि वह बतौर वकील प्रैक्टिस कर रही है और पैसा कमा रही है। इस मामले में कोर्ट एक पुनविचार याचिका पर सुनवाई कर रही...

हाईकोर्ट के जज पर आरोप लगाने वाले वकील को बाॅम्बे हाईकोर्ट ने चेताते हुए,बीस हजार रुपए हर्जाना लगाया [आर्डर पढ़े]
हाईकोर्ट के जज पर आरोप लगाने वाले वकील को बाॅम्बे हाईकोर्ट ने चेताते हुए,बीस हजार रुपए हर्जाना लगाया [आर्डर पढ़े]

बाॅम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवा को एक वकील अरविंद वाघमारे पर बीस हजार रुपए का हर्जाना लगाया है क्योंकि इस वकील ने अन्य चार के साथ मिलकर हाईकोर्ट में कार्यरत एक जज पर आरोप लगाए थे। जब इन सबके खिलाफ स्वत संज्ञान लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई तो इन्होनें अवमानना की अपील दायर कर दी। वाघमारे,नागोराओ इंगले,उसकी पत्नी ज्योति व दो बेटों ने अवमानना की अपील दायर कर जस्टिस आर.के देशपांडेय द्वारा दिए गए 19 जून 2018 के आदेश को वापिस लेने की मांग की थी। इन्होंने लाॅ एंड ज्यूडिशयरी विभाग के अधिकारी व कई...

RDBA,SARFAESI,IBC नहीं है मनी लाॅड्रिंग से प्रबल, होना चाहिए आपसी समझ का समन्वय-दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
RDBA,SARFAESI,IBC नहीं है मनी लाॅड्रिंग से प्रबल, होना चाहिए आपसी समझ का समन्वय-दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि रिकवरी आॅफ डेब्ट एंड बैंक्रेप्सी एक्ट,एसएआरएफएईएसआई एक्ट व इंसोलवंसी एंड बैंक्रेप्सी कोड कभी भी प्रीवेंशन आॅफ मनी लाॅड्रिंग एक्ट के प्रावधानों पर प्रबल नहीं हो सकते है। जस्टिस आर.के गाबा ने कहा है कि यह सभी कानून आपसी समझ व समन्वय के तहत लागू होने चाहिए। न कि एक दूसरे को नीचा दिखाए या उसका अपमान करे। मामले में उपलब्ध तथ्यों का आदर करना चाहिए,जिनके आधार पर पीएमएलए के तहत प्रोसिड आॅफ क्राइम हुआ है। हाईकोर्ट इस मामले में अपीलेट ट्रिब्यूनल (ंपीएमएलए एक्ट के तहत...