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पेंशन खाता कुर्की का मामला: ऋणी के आवेदन पर विचार का आईटी विभाग को दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने आयकर विभाग को उस ऋणी के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया है जिसका पेंशन खाता विभाग ने कुर्क कर लिया है।न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की एकल पीठ ने आईटी विभाग को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता के पक्ष पर विचार करे और कानून के दायरे में, एक सप्ताह में आदेश पारित करे।मौजूदा रिट याचिका में, याचिकाकर्ता ने उसके बैंक खाते को कुर्क करने के आदेश में संशोधन करने तथा भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों में जमा पेंशन राशि की निकासी की अनुमति का प्रधान आयकर आयुक्त को निर्देश देने...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, एक ही धार्मिक समूह या संप्रदाय के सदस्यों के बीच शत्रुता को उकसाने या बढ़ावा देने के मामले में भी धारा 153A लग सकती है
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि यदि लिखे या छपे हुए शब्दों से, एक ही धार्मिक समूह या संप्रदाय के सदस्यों के बीच दुश्मनी को उकसाया जाए या बढ़ावा दिया जाए या सार्वजनिक शांति को भंग किया जाए तो यह कहा जा सकता है कि उक्त कृत्य आईपीसी की धारा 153-ए के तहत किया गया अपराध है। जस्टिस सूरज गोविंदराज ने यह भी माना कि मानहानि की शिकायत न केवल ऐसी व्यक्ति कर सकता है, जिसे बदनाम किया गया है, बल्कि ऐसे संस्था या संस्था के प्रतिनिधि कर सकता है, जिसे कथित रूप से बदनाम किया गया है। इस मामले में अभियुक्तों...
[167[(2)CrPC] एक ही अपराध में दो बार हिरासत में रह चुका अभियुक्त, हिरासत की दोनों अवधियों को जोड़कर "डिफ़ॉल्ट जमानत" का दावा कर सकता है
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को विचार किया कि क्या एक अभियुक्त, जिसे एक ही अपराध के लिए दो बार हिरासत में रखा जा चुका है, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 की उप-धारा (2) के प्रावधान (ए) (i) के तहत, दोनों बार की हिरासत अवधि को जोड़कर "डिफ़ॉल्ट जमानत" का दावा करने का हकदार है? जस्टिस सीएस डायस ने कहा, "... अगर ऐसी व्याख्या की अनुमति दी जाती है, संहिता की धारा 167 की उप-धारा (2) के प्रावधान के तहत वैधानिक समयावधि की समाप्ति से पहले, यदि एक और जांच एजेंसी को अपराध की जांच सौंपी जाती है , कोड की...
प्रवासी मज़दूरों को उनके गृह राज्य ले वाली वाली ट्रेनों को कर्नाटक सरकार द्वारा रद्द करने के मुद्दे पर AICCTU ने हाईकोर्ट की शरण ली
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (AICCTU) ने बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया AICCTU और प्रवासी मज़दूरों के लिए तत्काल राहत की मांग की है, जो कर्नाटक में फंसे हुए हैं।कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को ऐसी सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया था, जो प्रवासी मज़दूरों को लेकर कर्नाटक से उनके गृह राज्य में मूल स्थान धानापुर बिहार लेकर जाने वाली थी। इस मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करने वाला ज्ञापन बताता है कि राज्य सरकार का रुख भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (डी) और अनुच्छेद 14 के...
दिल्ली की अदालत ने क्वारंटीन से भागने और पुलिस अधिकारियों की पिटाई करने वाले COVID-19 मरीज़ को ज़मानत देने से इनकार किया
दिल्ली की एक अदालत ने COVID-19 वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति को ज़मानत देने से इनकार कर दिया है। यह आदमी क्वारंटीन से भाग गया था और पकड़े जाने पर हंगामा मचाया और पुलिस आधिकारियों पर हमला किया। ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए तीस हज़ारी अदालत ड्यूटी मजिस्ट्रेट ऋषभ कपूर ने कहा, "…आरोपी ने सरकारी कर्मचारियों पर हमले की कोशिश की…प्रथम दृष्टया यह भी पता चला है कि आरोपी ने क्वारंटीन केंद्र से भागने की कोशिश की जबकि उसमें COVID-19 से संक्रमित होने के लक्षण हैं और इससे शेष समुदाय के हितों के लिए...
COVID-19 टेस्ट की जांच रिपोर्ट 48 घंटे या इससे पहले अवश्य ही मिल जानी चाहिए : दिल्ली सरकार को दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश जारी कर कहा है कि दिल्ली के अधिकृत लैब जो COVID-19 संक्रमण की जांच करते हैं उन्हें जांच की रिपोर्ट 24/48 घंटे के भीतर अवश्य ही उपलब्ध कराना चाहिए। न्यायमूर्ति हिम कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद ने दिल्ली सरकार को अपने निर्देश में कहा कि वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट हो, यह सुनिश्चित किया जाए ताकि दिल्ली में हो रही जांच की सही संख्या का पता चलता रहे। इस पर पुष्ट और अपुष्ट मामलों की संख्या दी जाए और जांच के बाद जितनी जांच लंबित है, उसकी जानकारी...
SCAORA ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र कहा, एनसीआर में रहने वाले वकीलों को दिल्ली में आने-जाने की अनुमति दी जाए
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के सचिव जोसेफ अरस्तू एस ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को एक पत्र लिखा है, जिसमें मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया गया है कि वह निर्देश जारी करें ताकि नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और अन्य एनसीआर क्षेत्रों में रहने वाले अधिवक्ताओं को उनके दिल्ली स्थित कार्यालयों में आने-जाने की अनुमति दी जा सके। पत्र में कहा गया है कि भले ही दिल्ली में 4 मई से कार्यालयों में 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ काम करने की अनुमति दे दी गई है, परंतु एनसीआर क्षेत्र...
पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल "डिजिटल युग में कानून" विषय पर 7, 8 और 9 मई को वर्चुअल चर्चा आयोजित करेगी
पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल डिजिटल लॉ और इंडियन लीगल सर्विस इंडस्ट्री ट्रांसफॉर्मेशन में लॉ पर वर्चुअल डायलॉग सेशन आयोजित कर रही है। सेशन की तारीख 7 मई, 2020 17:00 - 18:30 IST 8 मई, 2020 17:00 - 18:30 IST 9 मई, 2020 17:00 - 18:30 IST पहले सेशन के वक्ता :माननीय श्री जस्टिस अजय तिवारी न्यायाधीश पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय माननीय श्री जस्टिस ए मोहम्मद मुश्ताक न्यायाधीश केरल उच्च न्यायालय श्री दुष्यंत दवे वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्षओम्निया स्ट्रैटेजी एलएलपी लंदन...
विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लौटने पर 14 दिन तक संस्थागत क्वारन्टीन में रहना अनिवार्य : गृहमंत्रालय ने SOP जारी किया
गृह मंत्रालय ने विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। उन्हें उस देश में, जहां वे फंसे हुए हैं, विदेश मंत्रालय द्वारा निर्धारित आवश्यक विवरणों के साथ वहां भारतीय मिशन में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। विदेशों में फंसे भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की गैर अनुसूचित वाणिज्यिक उड़ानों और सैन्य मामलों के विभाग द्वारा दिए गए नौसैनिक जहाजों द्वारा भारत की यात्रा करेंगे। केवल उन लोगों को, जिनमें COVID -19 का कोई लक्षण नहीं दिखेगा, उन्हें यात्रा करने की अनुमति...
केरल हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों का नहीं दी राहत, वेतन भुगतान स्थगित करने के केरल सरकार के अध्यादेश पर रोक से किया इनकार
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को केरल आपदा और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (विशेष प्रावधान) अध्यादेश, 2020 पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि केरल सरकार यह अध्यादेश पिछले हफ्ते लागू किया था, जिसके जरिए आपदाओं और सार्वजनिक आपात स्थितियों में केरल सरकार को अपने कर्मचारियों के मासिक वेतन का 25% तक भुगतान स्थगित करने का अधिकार दिया गया है। अध्यादेश के विरोध में कई याचिकाएं डाली गई थीं, जिनमें अध्यादेश को भारतीय संविधान का उल्लंघनकारी बताया गया था, और स्टे लगाने की मांग की गई थी।...
'Bois Locker Room' : दिल्ली महिला आयोग ने लिया मामले का स्वतः संज्ञान; इंस्टाग्राम, दिल्ली पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने सोमवार को इंस्टाग्राम चैटग्रुप 'Bois Locker Room' में नाबालिग लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियों के बारे में आयी रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया।डीसीडब्ल्यू ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर 'Bois Locker Room' नामक चैटग्रुप में नाबालिग लड़कियों के बारे में की गई अभद्र और अश्लील टिप्पणियों के स्क्रीन शॉट के सार्वजनिक होने पर इस इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।डीसीडब्ल्यू ने इस ग्रुप में दिल्ली के स्कूली लड़कों के बीच हुई बातचीत का...
मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी ऑनलाइन माध्यम से देगा सिविल जजों को प्रशिक्षण, स्कीम की अधिसूचना जारी
मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी ने राष्ट्रीय स्तर पर जारी लॉकडाउन के मद्देनजर 155 नव नियुक्त सिविल जजों (प्रवेश स्तर) के प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन ऑनलाइन वीडियो के जरिए करने का फैसला किया है। प्रशिक्षण का पहला चरण 24 मार्च को निर्धारित किया गया था, हालांकि, कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण उसे टाल दिया गया। उसके बाद लगातार जारी लॉकडाउन के कारण अकादमी ने ऑनलाइन प्रशिक्षण का फैसला लिया है। नए कार्यक्रम मात्र चार सप्ताह के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि एनजेएसी ने 12 महीने का प्रशिक्षण...
सुनवाई के लिए तैयार, लंबित मामलों पर भी वेकेशन बेंच करेगी सुनवाई : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने वेकेशन बेंच के बैठने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम जारी किया है, जो तत्काल मामलों और अन्य मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगी जो निपटान के में चरण हैं। पिछले महीने हाईकोर्ट ने घोषणा की थी कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तत्काल मामलों की सुनवाई के लिए गर्मियों की छुट्टियों में 2020 में से बैठेगा। सोमवार को रजिस्ट्रार जनरल द्वारा एक अधिसूचना में, यह सूचित किया गया है कि सभी लंबित मामलों "सुनवाई के लिए तैयार" को भी अवकाश अवधि के दौरान सुनवाई के लिए लिया...
इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट बेंच 8 मई से शिफ्ट में सुनवाई करेंगी
कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लॉकडाउन के तीसरे चरण के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद और लखनऊ में "शिफ्ट" में काम करने का फैसला किया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार, उच्च न्यायालय की बेंच 8 मई, 2020 से "दो अलग-अलग शिफ्ट में आपराधिक और सिविल मामलों के लिए अलग-अलग सत्रों में खुलेगी।नोटिस में कहा गया है, "प्रत्येक सत्र के लिए समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और दोपहर 1.30 बजे से 3.30 बजे तक होगा। अदालतों का संचालन करते समय सामाजिक दूरी से संबंधित सभी...
ई-फ़ाइलिंग में आ रही समस्या को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी पत्र याचिका
ई-फ़ाइलिंग से जुड़े मामलों को लेकर हाईकोर्ट और अधीनस्थ कोर्ट को एक एसओपी जारी करने के लिए निर्देश देने की मांग के बारे में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र याचिका भेजी गई है। इस विषय में आवेदन/पीआईएल एडवोकेट सैयद मोहम्मद हैदर ने दायर किया है। इस याचिका में कहा गया है कि ज़रूरी मामलों की ई-सुनवाई वकीलों और मुक़दमादारों को सहूलियत नहीं दे रही है, जैसा कि सोचा गया था और इसके कई कारण हैं और इन पर अदालत को ग़ौर करने की ज़रूरत है। चूंकि अभी इस बात की उम्मीद कम है कि आने वाले कुछ...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से सीमित मामलों की सुनवाई का दायरा बढ़ाने के निर्देश जारी किये
COVID-19 के वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण लॉकडाउन घोषित किये जाने के उपरांत, सीमित संख्या में अर्जेंट प्रकृति के प्रकरणों की सुनवाई किये जाने के निर्देश दिनांक 25-03-2020 को जारी किये गये थे। इसके पश्चात् लॉकडाउन की अवधि बढ़ने पर पुनः प्रकरणों की सुनवाई के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं किन्तु लंबित मामलों में सुनवाई प्रारंभ नहीं हो पाई। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों...
सिर्फ़ बहुत ज़रूरी मामलों की सुनवाई तक ही अदालत के काम को सीमित रखना तर्क से परे : जीएचसीएए के अध्यक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा
गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (जीएचसीएए ) के अध्यक्ष यतिन ओझा ने मुख्य न्यायधीश विक्रम नाथ को पत्र लिखकर हाईकोर्ट को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरी सुनवाई का आग्रह किया है। पत्र मेंं लिखा है, "…आपसे मेरा अनुरोध है कि अदालत को पूरी तरह वीडियो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुनवाई करनी चाहिए और नए और पुराने सभी मामलों की सुनवाई होनी चाहिए।" ओझा ने मुख्य न्यायाधीश से कहा है कि वह इस बारे में शुक्रवार को जारी हाईकोर्ट के सर्कुलर को वापस ले लें।" इस सर्कुलर के माध्यम से हाईकोर्ट ने...
COVID-19 महामारी के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय की स्थिति को लेकर दायर याचिका पर पटना हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
पटना हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय की बदहाल स्थिति को लेकर दायर एक याचिका पर बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में इस समुदाय के लोगों को वित्तीय मदद देने का निर्देश देने की मांग अदालत से की गई है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की पीठ ने इस याचिका पर ग़ौर किया जिसमें बताया गया है कि इस समुदाय के लोगों को बहिष्करण झेलना पड़ता है और वह भी आज के समय में जब महामारी फैला हुई है। याचिका एडवोकेट आकाश केशव और...
NCR में रहने वाले वकीलों को दिल्ली आने जाने की अनुमति दी जाए, DHCBA ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि वह दिल्ली पुलिस को एनसीआर क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद) में रहने वाले वकीलों को स्वतंत्र रूप से दिल्ली में और दिल्ली से बाहर आने जाने की अनुमति देने का निर्देश दे। दिल्ली हाईकोर्ट को संबोधित करते हुए एक पत्र में डीएचसीबीए के अध्यक्ष मोहित माथुर ने कहा है कि वकीलों को अदालत द्वारा जारी किए गए वैध पहचान पत्र, या किसी भी बार एसोसिएशन / बार काउंसिल द्वारा आने जाने की अनुमति दी जानी चाहिए जिन्होंने...
जनहित याचिका में आरोप, नागपुर में नहीं हो रहा सरकार के निर्देशों का पालन, अधिकारी मनमाने तरीके से लोगों को क्वारंटीन कर रहे
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने रविवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें COVID 19 के संबंध में केंद्र सरकार/ ICMR द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने करने का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ता ने अनुरोध किया था कि यह अति-आवश्यक मामला है, जिसकी तात्कल सुनवाई की जाए। याचिका में यह भी आरोप लगाया था कि अधिकारी नागपुर के विशेष इलाकों से लोगों को बेतरतीब तरीके से उठा रहे हैं और उन्हें क्वारंटीन सेंटर में डाल रहे थे। भले ही वे संक्रमित हों या न हों। जस्टिस अनिल एस किलोर ने मामले में...



![[167[(2)CrPC] एक ही अपराध में दो बार हिरासत में रह चुका अभियुक्त, हिरासत की दोनों अवधियों को जोड़कर डिफ़ॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है [167[(2)CrPC] एक ही अपराध में दो बार हिरासत में रह चुका अभियुक्त, हिरासत की दोनों अवधियों को जोड़कर डिफ़ॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/04/22/500x300_373567-366543-cs-dias-and-kerala-hc.jpg)
















