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(सीएए) : साल्वे को कुछ भी भेदभावपूर्ण नहीं लगता, जबकि सुहरित ने इसे असंवैधानिक कहा, दोनों पक्षों को अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति होनी चाहिए : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एंटी सीएए विरोध प्रदर्शन करने और सीएए के समर्थन में सार्वजनिक बैठक करने की अनुमति देते हुए कहा कि भारत एक जीवंत और कार्यशील लोकतंत्र है, जिसमें दोनों को अपने-अपने पक्ष को स्पष्ट करने की अनुमति दी जानी चाहिए। नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के विरोध प्रदर्शन करने के लिए जनसभा की अनुमति मांगने वाली रिट याचिका का निस्तारण करते हुए न्यायमूर्ति जी.आर स्वामीनाथन ने कहा कि- " कोई भी इस बात को नकार नहीं सकता है कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे पर इस समय सभी स्तरों पर बहस चल...
COVID-19: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी बेंच में कामकाज सीमित किया, एक सप्ताह तक केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई होगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रिंसिपल बेंच में घातक नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप की आशंका के मद्देनज़र न्यायालय के कामकाज को सीमित मामलों की सुनवाई तक प्रतिबंधित कर दिया है और 16 मार्च, 2020 से शुरू होने वाले सप्ताह से नागपुर, औरंगाबाद और गोवा बेंच केवल जरूरी मामलों में की सुनवाई करेंगी। शनिवार को जारी सर्कुलर में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी और शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी एडवाइजरी के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने नोटिस में कहा कि "सभी...
COVID 19 : सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई वाले मामलों को मेंशन करने की व्यवस्था की, रविवार को उपस्थित रहेंगे अधिकारी
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार और रविवार को तत्काल मामलों की सुनवाई के लिए मामलों का उल्लेख करने की व्यवस्था की है। न्यायालय द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाए जाने वाले अर्जेंट सुनवाई योग्य मामलों का उल्लेख उन तीन अधिकारियों के समक्ष किया जा सकता है जो शनिवार और रविवार परिसर में उपस्थित होंगे। मेंशनिग ऑफिसर सुशील अनुज त्यागी (अतिरिक्त रजिस्ट्रार) और जेएस रावत (डिप्टी रजिस्ट्रार) शनिवार के बाद अब रविवार को सुबह 10.30 बजे से शाम 5.00 बजे तक मेंशनिग ब्रांच में उपलब्ध...
मास्क और हैंड सैनिटाइज़र को सरकार ने आवश्यक वस्तु घोषित किया
COVID-19 (नॉवेल कोरोनावायरस) के फैलने पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को मास्क और हैंड सैनिटाइज़र को 30 जून, 2020 तक "आवश्यक वस्तुएं" घोषित किया। केंद्र सरकार और राज्य सरकार (प्रतिनिधिमंडल द्वारा) को मास्क (2 प्लाई और 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन 95 मास्क और सैनिटाइज़र) के उत्पादन, गुणवत्ता और वितरण को विनियमित करने के लिए इन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत रखा गया है। इस कदम से बाजार में उचित मूल्य पर मास्क और सैनिटाइज़र की उपलब्धता भी बढ़ेगी और इससे काला बाज़ारी करने...
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई सोमवार को
मुंबई के एक 42 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करके घातक COVID-19 या नॉवेल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए निवारक और एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न दिशा-निर्देशों की मांग की है। शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीपी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की पीठ के समक्ष उक्त जनहित याचिका का उल्लेख किया गया और पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की। उक्त जनहित याचिका के अनुसार, जैसा कि अमेरिकी सरकार ने वहां की आबादी में तेजी...
नया POCSO नियम लागू, अब मुआवजे का भुगतान 30 दिनों के अंदर करना होगा
केंद्र सरकार ने बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण नियम (POCSO)2020 को अधिसूचित कर दिया है जो 2012 के स्थान पर लागू होगा। इस नए नियम में जो बदलाव किया गया है उसके अनुसार अब बाल पीड़ितों को मुआवज़े का भुगतान 30 दिनों के अंदर होना है। इस नियम के माध्यम से विशेष अदालत को अंतरिम मुआवज़े का आदेश देने का अधिकार दे दिया गया है ताकि एफआईआर दायर किए जाने तक किसी भी स्तर पर पुनर्वास और राहत की ज़रूरत की पूर्ति हो सके। नए नियम के अनुसार, अगर आरोपी दोषी साबित होता है या उसको रिहा कर दिया जाता है या आरोपी का पता...
COVID-19 : दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने कामकाज को केवल तत्काल मामलों की सुनवाई तक सीमित किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 (कोरोना वायरस) के प्रकोप की आशंका के मद्देनजर, 16 मार्च से अपने कामकाज को तत्काल मामलों की सुनवाई तक सीमित कर दिया है। हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों की मौजूदगी में शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल के चैंबर्स में आयोजित उच्च न्यायालय के प्रशासन और सामान्य पर्यवेक्षण समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। हाईकोर्ट ने फैसला किया है कि वह सोमवार से केवल तत्काल मामलों की सुनवाई करेगा और अदालत के असेंबली से पहले नियमित मामलों में तारीखें कोर्ट मास्टर द्वारा दी...
दिल्ली हिंसा : पीड़ितों के लिए मुआवजा बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता, हर्ष मंदर और अन्य ने सीएम केजरीवाल को पत्र लिखा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर कर कुछ नागरिकों के एक समूह ने कहा है कि हाल ही में राजधानी को घेरने वाले दंगों के कारण हुई हिंसा में प्रभावित व्यक्तियों को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। फराह नकवी, अंजलि भारद्वाज, एनी राजा, हर्ष मंदर, अपूर्वानंद, अनिर्बान भट्टाचार्य और अमृता जौहरी द्वारा तैयार किए गए इस पत्र में दिल्ली के सीएम से आग्रह किया गया है कि दिल्ली की हिंसा में मारे गए लोगों के लिए मुआवजे की रकम को बढ़ाया जाए और इन दंगों से प्रभावित अन्य...
COVID-19 महामारी : दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस मेन्स एक्ज़ाम स्थगित, नई तारीखों की घोषणा अभी नहीं
कोरोना वायरस (COVID-19)के प्रकोप की आशंका के कारण, दिल्ली हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने अधिसूचित किया है कि दिल्ली उच्च न्यायिक सेवाओं के लिए मेन्स एक्ज़ाम (मुख्य परीक्षा) निर्धारित तिथियों पर आयोजित नहीं की जाएगी। 13 मार्च, 2020 के नोटिस द्वारा, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उक्त परीक्षा की तारीखों को स्थगित करने का निर्णय लिया है। ये परीक्षाएं 14 और 15 मार्च को आयोजित की जाने वाली थीं। उक्त परीक्षाओं को स्थगित करते हुए अदालत की रजिस्ट्री ने नोटिस में नई तारीखों को अधिसूचित नहीं किया है। कोरोना वायरस...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रवीना टंडन, फराह खान और भारती सिंह को कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में दिया अंतरिम संरक्षण
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को पंजाब राज्य को निर्देश दिया है कि वह बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन, फिल्म निर्माता फराह खान और कॉमेडियन भारती सिंह के खिलाफ कोई ''कठोर कदम''न उठाए।इन तीनों की तरफ से दायर याचिकाओं में इनके खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकियों को रद्द करने की मांग की गई है। कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में इन तीनों के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने फ्लिपकार्ट द्वारा जारी ''बैकबेंचर्स'' नामक एक वेब शो के दौरान धार्मिक भावनाओं को आहत किया...
उन्नाव केस : दिल्ली की अदालत ने कुलदीप सेंगर को बलात्कार पीड़िता के पिता की मौत के मामले में 10 साल की सज़ा सुनाई
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को भाजपा के पूर्व नेता कुलदीप सिंह सेंगर सहित सभी दोषियों को उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की मौत का ज़िम्मेदार मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई। सेंगर जो वर्तमान में तिहाड़ जेल में बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, उसे और उसके भाई अतुल सेंगर को भी पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में 10-10 लाख रुपये देने को कहा गया है। तीस हजारी कोर्ट के जिला जज धर्मेश शर्मा ने पिछले हफ्ते सेंगर को छह अन्य लोगों के साथ सदोष मानव वध का दोषी करार दिया...
BCI ने सरकार को दी चेतावनी, यदि वकीलों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे में लाया गया तो सड़क पर आंदोलन करेंगे
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे में अधिवक्ताओं को लाने के सरकार के कदम पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। बीसीआई ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह का कानून पारित हुआ तो कानूनी बिरादरी द्वारा "बड़े पैमाने पर आंदोलन" किया जाएगा। बीसीआई ने कानूनी बिरादरी की ओर से असंतोष व्यक्त करते हुए, 11 मार्च, 2020 को एक पत्र में उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान को "गहरी पीड़ा" और "आक्रोश" व्यक्त किया, जिसमें कहा गया कि यदि विवादास्पद प्रस्ताव वापस नहीं लिया जाता है तो...
मास मीडिया का राष्ट्रीयकरण करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया है, जिसमें देश की रक्षा, सुरक्षा और अखंडता के हित में बड़े पैमाने पर मास मीडिया का राष्ट्रीयकरण करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर की खंडपीठ ने एक गायत्री रविशंकर की तरफ से दायर याचिका का निपटारा करते हुए कहा, ''यदि सभी सरकार राष्ट्रीयकरण के मुद्दे पर विचार करना चाहती हैं, तो यह एक कानून या विधान के माध्यम से करना होगा।'' याचिका में सभी निजी मीडिया...
एससी/एसटी अधिनियम के तहत विशेष अदालतों को आईपीसी अपराधों का प्रत्यक्ष संज्ञान लेने का अधिकार : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एससी/एसटी अधिनियम के तहत विशेष अदालतों को आईपीसी की धाराओं के तहत आने वाले अपराधों पर प्रत्यक्ष रूप से संज्ञान लेने का अधिकार है और सीआरपीसी की धारा 193 के तहत किसी मजिस्ट्रेट द्वारा इस मामले की सुपुर्दगी आवश्यक पूर्व शर्त नहीं है। सीआरपीसी की धारा 193 के अनुसार, कोई सत्र अदालत मूल क्षेत्राधिकार वाली अदालत के रूप में ऐसे किसी अपराध का संज्ञान नहीं ले सकती जब तक कि यह केस उसे सीआरपीसी के तहत किसी मजिस्ट्रेट ने नहीं भेजा हो। याचिकाकर्ता ने एससी/एसटी अधिनियम के...
दिल्ली हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनिया गांधी, कपिल मिश्रा और अन्य पर कथित हैट स्पीच के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सोनिया गांधी, वारिस पठान कपिल मिश्रा और अन्य राजनेताओं के खिलाफ कथित रूप से हैट स्पीच देने के लिए कार्रवाई करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर और विभिन्न राजनीतिक नेताओं को याचिका पर अपना अपना पक्ष रखने वाले को नोटिस जारी किए हैं। याचिका में दिल्ली में हुए दंगों के संबंध में दायर याचिका में सोनिया गांधी, वारिस पठान, अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और अन्य जैसे...
अगर पहली डिलीवरी में जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं तो तीसरे बच्चे की दूसरी डिलीवरी पर मातृत्व लाभ नहीं : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय सिविल सर्विस नियम के तहत अगर किसी महिला कर्मचारी को पहली डिलीवरी में जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं तो उसे तीसरी तीसरे बच्चे की दूसरी डिलीवरी में मातृत्व लाभ नहीं मिलेगा। नियम के तहत मातृत्व का लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जिनके दो से कम बच्चे जीवित हैं। न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति सुब्रामणनियम प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। यह अपील केंद्र सरकार ने एकल पीठ के 18.06.2019 के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर की है जिसमें तीसरे बच्चे की डिलीवरी...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सिर्फ मध्यस्थता के स्थान के निरुपण से मध्यस्थता की जगह का निर्धारण नहीं हो सकता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ मध्यस्था के स्थान के निरुपण से यह निर्धारण नहीं हो सकता कि मध्यस्थता किस जगह होगी। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति आर बानुमती, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि "जगह" का निर्धारण समझौते की अन्य बातों और पक्षकारों के व्यवहार पर भी निर्भर करता है। अदालत मध्यस्थ की नियुक्ति के बारे में एक याचिका की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच जो समझौता हुआ उसमें हांगकांग को मध्यस्थता का स्थान बताया गया है पर इससे ही यह नहीं...
जम्मू और कश्मीर में अगस्त 2019 से अब तक सात हज़ार से अधिक लोग प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखे गए
गृह मंत्रालय ने खुलासा किया है कि जम्मू और कश्मीर में अगस्त, 2019 से अब तक सात हजार से अधिक लोगों कथित तौर पर पथराव करने वाले, उपद्रवी, अलगाववादियों आदि को प्रतिबंधात्मक हिरासत में रखा गया है। इन व्यक्तियों में से, 451 व्यक्ति वर्तमान में निवारक निरोध या प्रतिबंधात्मक नजरबंदी के अधीन हैं, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिए गए 396 व्यक्ति भी शामिल हैं। यह खुलासा, सांसद सरदार सुखदेव सिंह ढींडसा और तिरुचि शिवा द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में किया गया है।...
असम में 800 लोगों को हिरासत केंद्रों में रखा गया है : गृह मंत्रालय
राज्यसभा में बुधवार को एक सवाल का जवाब देते हुए, गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री, नित्यानंद राय ने खुलासा किया कि 6 मार्च, 2020 तक असम में कुल 802 लोगों को हिरासत केंद्रों में रखा गया है। राय समाजवादीए पार्टी सांसद सुखराम सिंह यादव द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सरकार से असम में उन लोगों की संख्या के बारे में पूछा था जो अपनी नागरिकता साबित करने में विफल रहे हैं और हिरासत केंद्रों में रखे गए हैं। लिखित उत्तर में राय ने कहा, "माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार...


















