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प्रिंट और विजुअल मीडिया पर कोरोना को सांप्रदायिक रूप देने का आरोप, मद्रास हाईकोर्ट ने दिशानिर्देश तय करने की मांग वाली याचिका खारिज की
प्रिंट और विजुअल मीडिया पर कोरोना को सांप्रदायिक रूप देने का आरोप, मद्रास हाईकोर्ट ने दिशानिर्देश तय करने की मांग वाली याचिका खारिज की

पिछले दिनों अपने एक आदेश में ,मद्रास हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी के चलते मीडिया के विनियमन के लिए दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने दोहराया कि इस पहलू पर भारत सरकार को विचार करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि- ''अदालत ने भी इस बात पर ध्यान दिया है कि सभी संस्थाएँ संबंधित कानून के तहत आती हैं,परंतु विजुअल या दृश्य मीडिया कानून के दायरे में नहीं आ रहा है। इसलिए भारत सरकार को चाहिए कि वह इस मामले को देखें। यह न्यायालय इस मामले पर विचार नहीं कर रहा है।'' न्यायमूर्ति एम....

दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्री अधिकारी का COVID 19 टेस्ट पॉज़िटिव आया,  अस्पताल में भर्ती
दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्री अधिकारी का COVID 19 टेस्ट पॉज़िटिव आया, अस्पताल में भर्ती

दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्री के एक अधिकारी का COVID 19 टेस्ट पॉज़िटिव आया है। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है। इस अधिकारी को लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाईकोर्ट के सूत्रों के अनुसार, अधिकारी 20 मार्च से अदालत परिसर में नहीं आ रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि ओरिजिनल साइड रजिस्ट्री में तैनात अधिकारी को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हाईकोर्ट अपने अधिकारी के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रख रहा है और उसने परिवार को किसी...

घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण अधिकारी के काम को आवश्यक सेवा में शामिल करें, जेजीएलएस के लीगल एड क्लीनिक ने गृह मंत्रालय को लिखा
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण अधिकारी के काम को आवश्यक सेवा में शामिल करें, जेजीएलएस के लीगल एड क्लीनिक ने गृह मंत्रालय को लिखा

जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (जेजीएलएस) के लीगल एड क्लीनिक ने गृहमंत्रालय को लिखा है कि घरलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत संरक्षण अधिकारी के कार्य को आवश्यक सेवाओं में शामिल किया जाए। इस बारे में लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मार्च में दर्ज घरेलू हिंसा की कुल संख्या 63 थी जो कि अप्रैल में तेज़ी से बढ़कर 310 हो गई। इसी तरह एक महीने के भीतर गरिमा से रहने के अधिकार की श्रेणी के तहत दर्ज मामलों की संख्या 66 बढ़कर 216 हो गई। पत्र में कहा गया है कि यह वृद्धि भी इस समस्य की वास्तविक विकरालता को नहीं...

COVID-19 संक्रमण के कारण छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके त्रिपाठी का निधन
COVID-19 संक्रमण के कारण छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके त्रिपाठी का निधन

COVID-19 संक्रमण के कारण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और लोकपाल सदस्य न्यायमूर्ति एके त्रिपाठी की मृत्यु हो गई। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) त्रिपाठी लोकपाल के चार न्यायिक सदस्यों में से एक थे और उन्हें 23 मार्च 2019 को नियुक्त किया गया था। उन्हें 2 अप्रैल को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी और रसोइया भी संक्रमित हो गए थे, लेकिन सूत्र बताते हैं कि वे ठीक हो गए हैं। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) त्रिपाठी ने एसआरसीसी से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में स्नातक किया था...

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग व्यवस्था अपनाने के लिए निर्देश जारी किये
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग व्यवस्था अपनाने के लिए निर्देश जारी किये

देश में COVID-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए.के. मित्तल द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर व खंडपीठ ग्वालियर व इंदौर तथा प्रदेश के समस्त जिला न्यायालयों में प्रकरणों की सुनवाई हेतु तकनीक आधारित वीडियो कांफ्रेंसिंग व्यवस्था अपनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिससे अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई होने के साथ-साथ लॉकडाउन अवधि में जारी किये जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन किया जा सके।साथ ही सामाजिक दूरी बनाये रखते हुए अभिभाषक,...

नेशनल लॉकडाउनः कानून के पेशेवरों को सूचना संसाधनों तक निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराने के लिए एनएलयू-डी ने शुरू की ई लाइब्रेरी
नेशनल लॉकडाउनः कानून के पेशेवरों को सूचना संसाधनों तक ''निर्बाध पहुंच'' उपलब्ध कराने के लिए एनएलयू-डी ने शुरू की ई लाइब्रेरी

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली ने नेशनल लाॅकडाउन के चलते अपने छात्रों व कानूनी पेशे से जुड़े लोगों तक कानूनी सूचना संसाधनों की ''निर्बाध पहुंच'' उपलब्ध कराने के लिए एक ई-लाइब्रेरी लॉन्च की है। एनएलयू-डी में स्थापित जस्टिस टी.पी.एस चावला लाइब्रेरी आईसीटी तकनीकों के उपयोग से अपने छात्रों और संकाय सदस्यों को सूचना सेवाएं प्रदान करेगी। इससे डिजिटल एक्सेस पोर्टल के जरिए शुल्क पर आधारित डेटाबेस तक इस समय कैंपस से बाहर रह रहे छात्रों और संकाय सदस्यों की पहुंच हो जाएगी, जिसके लिए उनको दिए गए...

जिम्मेदार पत्रकारिता में गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग की कोई जगह नहीं,  कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपलोड आदेश के आधार पर मीडिया से अपनी रिपोर्ट सत्यापित करने को कहा
"जिम्मेदार पत्रकारिता में गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग की कोई जगह नहीं", कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपलोड आदेश के आधार पर मीडिया से अपनी रिपोर्ट सत्यापित करने को कहा

COVID-19 महामारी के खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने मीडिया को चेताया है कि वह अपने आपको ''गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग'' से दूर रखे। यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश थोटाथिल बी. राधाकृष्णन के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय खंडपीठ ने की है। चूंकि राज्य सरकार ने इंगित किया था यह जनहित याचिका एक ''पब्लिसिटी ओरिएंटेड लिटिगेशन'' है, जिसका इस्तेमाल याचिकाकर्ता अपनी राजनीतिक पहचान बढ़ाने और सार्वजनिक कार्यक्षेत्र में अपनी...

मद्रास हाईकोर्ट ने राशन कार्डधारकों को मिलने वाले नक़द लाभ में बढ़ोतरी करने संबंधी याचिका ख़ारिज की
मद्रास हाईकोर्ट ने राशन कार्डधारकों को मिलने वाले नक़द लाभ में बढ़ोतरी करने संबंधी याचिका ख़ारिज की

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु में राशन कार्डधारी लोगों को मिलने वाली 1000 रुपए की नक़द राशि में बढ़ोतरी किए जाने का आदेश दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज कर दी। यह याचिका एडवोकेट के भारती ने दायर की थी कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने के बाद राशन कार्डधारकों को जो 1000 रुपए मिलते हैं वह पर्याप्त नहीं है। भारती ने कहा कि दिहाड़ी मज़दूरों, ठेके पर काम करने वाले और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित ग़रीब लोगों के लिए किसी भी तरह के पैकेज की घोषणा नहीं की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से...

क्वारंटाइन करने पर ट्रेड यूनियन के सदस्य की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर  बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य और बीएमसी से जवाब मांगा
क्वारंटाइन करने पर ट्रेड यूनियन के सदस्य की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य और बीएमसी से जवाब मांगा

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के एक सदस्य की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुनवाई करते हुए गुरुवार को बॉम्बे हाइकोर्ट ने राज्य सरकार और बीएमसी को निर्देश दिया है कि वह इस याचिका पर अपना जवाब दायर करें। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने उसके एक साथी सदस्य को ''अवैध रूप से क्वारंटाइन''किया है। न्यायमूर्ति सी.वी भदांग ने एक महेंद्र सिंह द्वारा दायर की गई इस बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में उसने सीआईटीयू के एक सदस्य के.नारायणन को रिहा...

केंद्र ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति स्थायी न्यायाधीश के रूप में की
केंद्र ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति स्थायी न्यायाधीश के रूप में की

केंद्र सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को स्थायी न्यायाधीश के रूप में अधिसूचित किया है। वो हैं: जस्टिस बिबेक चौधरी न्यायमूर्ति सुभासि दासगुप्ता न्यायमूर्ति सुव्रा घोष सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 अप्रैल को एक प्रस्ताव के माध्यम से उक्त नियुक्तियों की सिफारिश की थी। जस्टिस चौधरी और जस्टिस दासगुप्ता को 12 अक्टूबर, 2018 को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। न्यायमूर्ति सुव्रा को 19 नवंबर, 2018 को न्यायाधीश के रूप में...

धार्मिक आधार पर निजी अस्पताल ने कथित रूप से इलाज से किया इनकार, उड़ीसा हाईकोर्ट ने किडनी के मरीज की मौत की जांच तेज़ी से करने के निर्देश दिए
धार्मिक आधार पर निजी अस्पताल ने कथित रूप से इलाज से किया इनकार, उड़ीसा हाईकोर्ट ने किडनी के मरीज की मौत की जांच तेज़ी से करने के निर्देश दिए

उड़ीसा हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को कटक निवासी एक व्यक्ति सईद अब्दुल हसन की मौत की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया। मृतक व्यक्ति को लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पर उसके धर्म के आधार पर एक निजी अस्पताल में इलाज से वंचित कर दिया गया था। वकील-एक्टिविस्ट अज़रा जमाल ने कटक में शांति नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस अस्पताल शांति नर्सिंग होम ने 10 अप्रैल को सईद अब्दुल हसन का इलाज करने से इनकार कर दिया था। अस्पताल ने उन्हें कथित रूप से...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, लॉकडाउन हटने के बाद भी जिन इलाकों में काम पर नहीं आ रहे मजदूर, उनकी मजदूरी काट लें मालिक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, लॉकडाउन हटने के बाद भी जिन इलाकों में काम पर नहीं आ रहे मजदूर, उनकी मजदूरी काट लें मालिक

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने गुरुवार को उन इलाकों में, जहां लॉकडाउन खत्म हो चुका है, नियोक्ताओं को उन मजदूरों की मजदूरी काटने की अनुमति दी, जो काम पर नहीं आ सके।गृह मंत्रालय द्वारा 29 मार्च को जारी निर्देंश, जिनमें लॉकडाउन की अवधि में कर्मचारियों को पूरी मजदूरी का भुगतान करने को कहा गया था, में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए जस्टिस आर वी घुगे ने स्पष्ट किया: "यह स्पष्ट किया जाता है कि चूंकि महाराष्ट्र ने आंशिक रूप से राज्य में कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में लॉकडाउन खत्म कर दिया है, इसलिए...

झारखंड बार काउंसिल ने लॉकडाउन के दौरान वकीलों के कल्याण के लिए 50 लाख रुपए दिये, बीसीआई 45 लाख रुपए देगा
झारखंड बार काउंसिल ने लॉकडाउन के दौरान वकीलों के कल्याण के लिए 50 लाख रुपए दिये, बीसीआई 45 लाख रुपए देगा

झारखंड राज्य बार काउंसिल ने हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान किसी भी मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए उसने 50 लाख रुपए की राशि निर्धारित की है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने राज्य के एडवोकेट वेलफ़ेयर फंड ट्रस्टी कमेटी से जितना जल्दी हो बैठक आयोजित करने को कहा ताकि इस राशि को बांटने के बारे में निर्णय लिया जा सके। पीठ ने ट्रस्टी कमेटी को शीघ्र बैठक बुलाने को कहा क्योंकि राज्य बार काउंसिल ने उसको सूचित किया है कि समिति ने...

मुक़दमा लड़ना अच्छा है पर जो मुक़दमा लड़ता है उसे इसकी क़ीमत भी चुकानी चाहिए; बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीपीसीएल की दूसरी अपील ख़ारिज की
मुक़दमा लड़ना अच्छा है पर जो मुक़दमा लड़ता है उसे इसकी क़ीमत भी चुकानी चाहिए; बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीपीसीएल की दूसरी अपील ख़ारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्परेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की दूसरी अपील ख़ारिज कर दी और साथ में उससे इसकी क़ीमत भी वसूली। यह मुक़दमा बीपीसीएल को 22 वर्ष पहले 20 साल के लिए 14,550 वर्ग फ़ुट का प्लॉट लीज़ पर देने से संबंधित है। न्यायमूर्ति डीएस नायडू ने कहा कि इसके नवीनीकरण का बीपीसीएल का आग्रह विफल हो चुका है और इस मामले को आगे बढ़ाने कि लिए उसे फटकार लगाई। न्यायमूर्ति डीएस नायडू ने कहा, "आपको जो चाहिए अगर वह क़ानून नहीं देता है, तो मुक़दमा आपको देगा। ऐसा लगता है कि...

ज़िला जजों का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सीमित प्रतिस्पर्धी परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के बीच वरिष्ठता का आधार एलसीई में मेरिट होना चाहिए न कि पूर्व वरिष्ठता
ज़िला जजों का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सीमित प्रतिस्पर्धी परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के बीच वरिष्ठता का आधार एलसीई में मेरिट होना चाहिए न कि पूर्व वरिष्ठता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज़िला जजों के बीच वरिष्ठता का निर्धारण सीमित प्रतिस्पर्धी परीक्षा में उनके मेरिट के आधार पर होना चाहिए न कि उनके पूर्व कैडर में वरिष्ठता के आधार पर। दिनेश कुमार गुप्ता बनाम राजस्थान हाईकोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट की 15 मई 2019 को बनाई ज़िला जजों की वरिष्ठता की सूची में हस्तक्षेप किया ताकि इसमें एलसीई उम्मीदवारों को उचित जगह दी जा सके। ज़िला जजों को प्रोमोशन में एलसीई के स्ट्रीम को ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2002 के...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
‌चिन्मयानंद मामले में कानून की छात्रा ने एसआईटी पर लगाया था पक्षपात का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया खारिज

‌चिन्मयानंद मामले में शाहजहांपुर की कानून की छात्रा के आवेदन को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को रद्द कर दिया। आवेदन में छात्रा ने उसके रेप के मामले और उस पर लगे जबरन वसूली आरोपों की जांच करने वाली एसआईटी पर पक्षपात का आरोप लगाया ‌था। एक विस्तृत फैसले में जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस दीपक वर्मा की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त एसआईटी की जांच पर संतोष व्यक्त किया और पक्षपात के आरोपों को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने कहा, "हम इस बात से संतुष्ट हैं कि जांच एजेंसी ने सभी पहलुओं की...

पीड़िता और आरोपी ने किया समझौता, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले में दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया
पीड़िता और आरोपी ने किया समझौता, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले में दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले महीने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें एक व्यक्ति ने उसके खिलाफ एक टीवी अभिनेत्री द्वारा दर्ज करवाई गई प्राथमिकी (FIR ) रद्द करने की मांग की थी। इस मामले में दिल्ली की एक टीवी अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि आरोपी व्यक्ति ने उसका यौन शोषण किया और बंदूक की नोक पर उसका जबरन गर्भपात भी कराया था। न्यायमूर्ति एस.एस शिंदे और न्यायमूर्ति वी.जी बिष्ट की खंडपीठ ने यह कहते हुए प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया कि आरोपी पर लगाए गए आरोप गंभीर हैंं। आरोपी मुंबई...