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अमेरिकी जज की वकीलों से अपील, वर्चुअल सुनवाई में भी ड्रेस कोड का पालन करें, उचित तरीके से तैयार होकर आएं
अमेरिकी जज की वकीलों से अपील, वर्चुअल सुनवाई में भी ड्रेस कोड का पालन करें, उचित तरीके से तैयार होकर आएं

दुनिया भर में अदालतें COVID-19 के संक्रमण को रोकने के लिए लिए डिजिटल सुनवाई का सहारा ले रही हैं, हालांकि अदालती कामकाज का यह नया तरीका वर्चुअल कोर्टरूम श‌िष्टाचार सहित कई मुद्दों को जन्म दे रहा है। हाल ही में, फ्लोर‌िडा के ब्रोवार्ड सर्किट के एक जज डेनिस बेली ने वकीलों से आग्रह किया कि वे कैमरे पर "अनुचित रूप से" दिखाई न दें और औपचारिक ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करें। उन्होंने एक पत्र लिखकर कहा कि वकीलों और उनके मुवक्किलों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ‌डिजिटल सुनवाई भी अदालती सुनवाई की तरह है, फोन...

सार्वजनिक स्थान और कार्य स्थल पर मुंह पर कवर लगाना अनिवार्य, सार्वजनिक स्थान पर थूकना प्रतिबंधित : गृह मंत्रालय
सार्वजनिक स्थान और कार्य स्थल पर मुंह पर कवर लगाना अनिवार्य, सार्वजनिक स्थान पर थूकना प्रतिबंधित : गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक स्थानों और कार्य स्थलों पर मुंह पर कवर लगाने को अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना भी प्रतिबंधित किया गया है और शराब, गुटका, तम्बाकू आदि की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। ये निर्देश गृह सचिव द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 10 (2) (एल) के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के रूप में शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया। इन निर्देशों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जुर्माना और दंडात्मक...

राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों में 3 मई तक होगा सीमित कामकाज, वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग और ई फाइलिंग के लिए नए दिशानिर्देश

राष्ट्रव्यापी स्तर पर लॉकडाउन का एक बार फिर विस्तार होने के कारण राजस्‍थान हाईकोर्ट ने अदालती कामकाज सीमित रखने के फैसले को जारी रखा है। 3 मई तक राजस्‍थान हाईकोर्ट समेत सभी निचली अदालतों में सीमित कामकाज होगा। साथ ही, 15 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच सूचीबद्ध मामलों को 6 मई से 26 मई, 2020 के बीच सूचीबद्ध करने के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसके अलावा, याचिका / आवेदन / मुकदमा/ अपील और अन्य कार्यवाहियों को दायर करने की सीमा को, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर, 15 मार्च, 2020 तक या अगले आदेश तक...

केरल हाईकोर्ट गर्मी की छुट्टियों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करेगा, ई-फ़ाइलिंग की प्रक्रिया सुझायी
केरल हाईकोर्ट गर्मी की छुट्टियों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करेगा, ई-फ़ाइलिंग की प्रक्रिया सुझायी

केरल हाईकोर्ट ने घोषणा की है कि वह गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी ज़रूरी मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके माध्यम से मामलों की सुनवाई करेगा।अदालत हाईकोर्ट की 7 अप्रैल की अधिसूचना के अनुरूप यदि ज़रूरत हुई तो एकल जज की पीठ ज़मानत और रिट याचिकाओं की सुनवाई सोमवार से शुक्रवार तक करेगी। हाईकोर्ट ने उन दिशा निर्देशों को भी जारी किया है जिन्हें वीडियो कंफ्रेंसिंग और ई-फ़ाइलिंग के दौरान पालन करना है। फ़ाइलिंग की प्रक्रिया सभी आवेदन, याचिका रजिस्ट्री को ईमेल के माध्यम से इस मेमो के साथ भेजा...

लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानों को खोलने पर राज्य विपणन निगम की समिति बनाने के आदेश को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ख़ारिज किया
लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानों को खोलने पर राज्य विपणन निगम की समिति बनाने के आदेश को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ख़ारिज किया

छत्तीसगढ़ में शराब की दुकानों को लॉकडाउन के दौरान खोलने के बारे में छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड का एक समिति गठित करने के आदेश को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। राज्य सरकार ने 31 मार्च को आदेश जारी कर राज्य में शराब की बिक्री पर 7 अप्रैल तक रोक लगा दी थी। इस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी गई कि भारत सरकार ने राज्य सरकार को शराब की दुकानों को खुला रखने के बारे में कोई छूट नहीं दी है। इसलिए न तो राज्य सरकार और न विपणन निगम को शराब की दुकानों को खोलने का अधिकार है। सुनवाई के...

राज्य को समाज के कमजोर वर्गों में भोजन वितरित करने से स्वैच्छिक संगठनों को नहीं रोकना चाहिए : कर्नाटक हाईकोर्ट
राज्य को समाज के कमजोर वर्गों में भोजन वितरित करने से स्वैच्छिक संगठनों को नहीं रोकना चाहिए : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह स्वैच्छिक संगठनों को समाज के कमजोर वर्गों में भोजन वितरित करने से न रोके। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति बी. वी.नागरथना की खंडपीठ ने नो योर राइट्स एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें कालाबुरागी जिला प्रशासन द्वारा जारी एक आदेश का मामला उठाया गया था। इस आदेश में कहा गया है कि जो संगठन भिखारियों, जरूरतमंदों और बेघरों को भोजन वितरित कर रहे हैं, वे आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक...

जिन अधिवक्ताओं को कंप्यूटर की कम जानकारी है, वे अदालतों से संपर्क नहीं कर सकते, दिल्ली बार काउंसिल ने लॉकडाउन में सुनवाई के लिए नया सिस्टम बनाने का अनुरोध किया
'जिन अधिवक्ताओं को कंप्यूटर की कम जानकारी है, वे अदालतों से संपर्क नहीं कर सकते', दिल्ली बार काउंसिल ने लॉकडाउन में सुनवाई के लिए नया सिस्टम बनाने का अनुरोध किया

दिल्‍ली बार काउंसिल के चेयरमैन केसी मित्तल ने दिल्‍ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लॉकडाउन के मद्दनजर पेश आ रही मुश्किलों को कम करने के लिए सीमित कामकाज का एक सिस्टम बनाने की बात कही है। पत्र में उस संकटपूर्ण चरण को स्वीकार किया गया है, जिससे होकर देश गुजर रहा है और जिसके परिणामस्वरूप अदालतों ने वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जर‌िए केवल जरूरी मामलों की सुनवाई का फैसला किया है और कोर्ट के कामकाज को सीमित किया गया है। पत्र में उन कठिनाइयों की चर्चा की गई है, जिनका...

वीडियो कॉलिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई से समय की बचत, हर मामले की परिस्थिति का विश्लेषण करने में मददगार : मद्रास हाईकोर्ट
वीडियो कॉलिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई से समय की बचत, हर मामले की परिस्थिति का विश्लेषण करने में मददगार : मद्रास हाईकोर्ट

COVID-19 महामारी के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हो रही मामलों की सुनवाई को मद्रास हाईकोर्ट ने सही माना है और इसके फ़ायदे गिनाए हैं। दो कोरियाई नागरिकों की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग के माध्यम से तमिलनाडु में डिटेंशन शिविरों का जायज़ा लिया। कोरियाई नागरिकों ने काफ़ी भीड़भाड़ होने के कारण इस शिविर से बाहर निकाले जाने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने इस सुनवाई के क्रम में कहा, "व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग के माध्यम से...

अंबेडकर जयंती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का संदेश: सांप्रदायिकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद और लैंगिक पक्षपात हमारे संवैधानिक आदर्शों के विपरीत
अंबेडकर जयंती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का संदेश: "सांप्रदायिकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद और लैंगिक पक्षपात हमारे संवैधानिक आदर्शों के विपरीत"

इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ बी.आर अंबेडकर की 129 वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक संदेश भेजा है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि साम्प्रदायिकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद, लैंगिक पक्षपात और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों के प्रति छोटे या दमघोटू विचार हमारे संवैधानिक आदर्शों के विरोधी हैं।उन्होंने कहा कि संवैधानिक मूल्यों का पालन करना केवल राज्य का काम नहीं है , बल्कि ये मूल्य हमारे जीवन का तरीका और हर नागरिक की दिन-प्रतिदिन की गतिविधि होने चाहिए। मुख्य...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, मी‌डिया यह सुन‌िश्चित करे की COVID 19 के मामलों में कोर्ट में कही गई बातों की गलत रिपोर्ट‌िंग न हो
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, मी‌डिया यह सुन‌िश्चित करे की COVID 19 के मामलों में कोर्ट में कही गई बातों की गलत रिपोर्ट‌िंग न हो

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि मीडिया, विशेष रूप से, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को COVID-19 के मामलों में अदालत के आदेशों की रिपोर्टिंग करते समय बहुत सावधान रहना चाहिए। चीफ जस्टिस अभय ओका और जस्टिस बीवी नागरथना की खंडपीठ ने कहा, "हमें COVID-19 से सबंधित विभिन्न संवेदनशील मुद्दों का सामना करना पड़ रहा हैं। हम यह स्पष्ट करते हैं कि हमारे आदेशों की रिपोर्टिंग करते समय, मीडिया और विशेष रूप से, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बहुत सावधान रहना होगा। मीडिया को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि न्यायालय की कार्यवाही में रखी...

राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सेक्स-वर्कर को बलात्कार पीड़िता की तरह ही गर्भपात की अनुमति दी

एक सेक्स-वर्कर की मानसिक पीड़ा को बलात्कार की शिकार महिला के बराबर मानते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने उसे गर्भपात की इजाज़त दे दी। यह आदेश देने वाली एकल न्यायाधीश की बेंच ने कहा, "अगर गर्भ में पल रहे बच्चे को जन्म लेने की इजाज़त दी जाए तो इससे उसकी मानसिक पीड़ा कम नहीं होगी। उसे (बच्चे को) हमेशा ही उसके अतीत की याद दिलाई जाएगी और चूंकी इस तरह के बच्चे के पिता का कोई पता नहीं होगा, उसके दिल और दिमाग़ पर हमेशा ही यह चोट करता रहेगा।" अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता जिसे ज़बरदस्ती वेश्यावृत्ति में...

दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए ई-फाइलिंग सॉफ्टवेयर टेस्टिंग एडवांस स्टेज में,  क्लर्कों को फाइलिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट आने की आवश्यकता नहीं होगी : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़
दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए ई-फाइलिंग सॉफ्टवेयर टेस्टिंग एडवांस स्टेज में, क्लर्कों को फाइलिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट आने की आवश्यकता नहीं होगी : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़

मध्य प्रदेश मामले में सोमवार को फैसला सुनाने के बाद सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के प्रमुख जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुनवाई अच्छी तरह चल रही है। उन्होंने कहा कि कोर्ट 24/7 दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए ई-फाइलिंग सॉफ्टवेयर टेस्टिंग एडवांस स्टेज में है और जल्द ही क्लर्कों को फाइलिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट आने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र के दौरान कुछ गड़बड़ियां हुई थीं। पिछले...

ऐसा अपराध जिसमें क़ैद की सज़ा हो सकती है और जिसमें तीन साल के लिये  सज़ा बढ़ाई जा सकती है, संज्ञेय है या असंज्ञेय, बड़ी पीठ करेगी फैसला
ऐसा अपराध जिसमें क़ैद की सज़ा हो सकती है और जिसमें तीन साल के लिये सज़ा बढ़ाई जा सकती है, संज्ञेय है या असंज्ञेय, बड़ी पीठ करेगी फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट की बड़ी पीठ इस मुद्दे पर ग़ौर करने वाली है कि ऐसा अपराध जिसमें तीन साल तक की क़ैद की सज़ा हो सकती है, उसकी प्रकृति (संज्ञेय या असंज्ञेय) क्या है? एकल पीठ ने इस मामले को एक बड़ी पीठ को सौंपने का फ़ैसला किया। इस पीठ को यह निर्णय करना है कि भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 91(6)(a) (बिना किसी क़ानूनी अधिकार के भूमि पर क़ब्ज़ा करना) और कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 और 68A के तहत होने वाला अपराध दोनों ही संज्ञेय हैं या असंज्ञेय? न्यायाधीश ने कहा कि पिंटू देवी बनाम राजस्थान राज्य...

बॉम्बे हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश, एनपीए की गणना के लिए तय अवधि से लॉकडाउन को बाहर रखें
बॉम्बे हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश, एनपीए की गणना के लिए तय अवधि से लॉकडाउन को बाहर रखें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित किया है, जिसमें कहा गया है कि लोन एकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित करने के लिए लॉकडाउन के 90 दिन की अवध‌ि को बाहर रखा जाना चाहिए। एक मार्च, 2020 को डिफॉल्ट हो चुके लोन एकाउंट पर COVID-19 राहत पैकेज के तहत दिया गया मोहलत का लाभ लागू होता है। वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता ने एक मार्च से पहले ही डिफॉल्ट हो चुके एक लोन एकाउंट को एनपीए घोष‌ित किए जाने के संबंध में आरबीआई के राहत पैकेज के तहत पूर्ण लाभ का दावा किया गया था, हालांकि आईसीआईसीआई बैंक ने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15-17 अप्रैल के बीच अत्यंत आवश्यक  मामलों की सुनवाई के लिए बेंच गठित की, सभी न्यायालयों / न्यायाधिकरणों के लिए तय किए प्रोटोकॉल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15-17 अप्रैल के बीच अत्यंत आवश्यक मामलों की सुनवाई के लिए बेंच गठित की, सभी न्यायालयों / न्यायाधिकरणों के लिए तय किए प्रोटोकॉल

इलाहाबाद में 15 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2020 के बीच अत्यंत आवश्यक मामलों की सुनवाई के लिए 2 डिविजन बेंच और 12 एकल पीठों का गठन किया गया है, जिनमें तीन ई-कोर्ट भी शामिल होंगी। ये सभी पीठ उन दो दिनों में मामलों की सुनवाई करेंगी जब राष्ट्रव्यापी लाॅकडाउन में ढील दिए जाने की संभावना है। प्रतिदिन काफी संख्या में होने वाली फाइलिंग को ध्यान में रखते हुए मुख्य न्यायाधीश की पूर्व स्वीकृति के साथ इन बेंच का गठन किया गया है। सभी बेंच की सूची और उनके द्वारा सुने जाने वाले मामलों की प्रकृति को तय कर दिया...

गृह मंत्रालय ने राज्यों को प्रवासी मज़दूरों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए पत्र लिखा
गृह मंत्रालय ने राज्यों को प्रवासी मज़दूरों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए पत्र लिखा

गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को COVID-19 महामारी के कारण राष्ट्रीय लॉकडाउन के मद्देनजर देश भर में राहत आश्रयों / शिविरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों के कल्याण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के लिए पत्र लिखा है। MHA की ओर से ये दिशा-निर्देश एक्टिविस्ट हर्ष मंदर और अंजलि भारद्वाज और पश्चिम बंगाल से सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई से पहले आया है। इन याचिकाओं में से मंदर और भारद्वाज की याचिका श्रमिकों को...

COVID 19: गोवा का सामुदायिक सर्वेक्षण गलत सलाह पर आधारित, सीजेआई को पत्र लिखकर रोक लगाने की मांग
COVID 19: "गोवा का सामुदायिक सर्वेक्षण 'गलत सलाह' पर आधारित", सीजेआई को पत्र लिखकर रोक लगाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के समक्ष पत्र के जर‌िए दायर याचिका में COVID 19 की जांच के लिए 13 अप्रैल, 2020 से गोवा में शुरू हो रहे सामुदायिक सर्वेक्षण पर रोक लगाने की मांग की गई है। पत्र में न्यायालय से अपील की गई है कि वह सामुदायिक सर्वेक्षण की प्रक्र‌िया में तत्काल हस्तक्षेप करे। याच‌िका में जोर देकर कहा गया है कि अगर जांच पर रोक के मुद्दे को एक दिन भी टाला गया तो यह पूरे समुदाय को खतरे में डाल देगा। सर्वेक्षण की "गलत सलाह" पर आधारित है और "पूरी तरह से योजनाबद्ध" नहीं है। ...