Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

श्रमिकों की सेवा : श्रमिक ट्रेन के एक लाख यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध करवाने के लिए अक्षय पात्रा फाउंडेशन के साथ की साझेदारी

LiveLaw News Network
5 Jun 2020 5:31 AM GMT
श्रमिकों की सेवा : श्रमिक  ट्रेन के एक लाख यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध करवाने के लिए अक्षय पात्रा फाउंडेशन के साथ की साझेदारी
x

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (एनएलएसआईयू) और बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पिलानी (बिट्स, पिलानी) के पूर्व छात्रों ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन के साथ मिलकर श्रमिक ट्रेन के एक लाख यात्रियों को भोजन और पानी परोसने का मिशन बनाया है। यह मिशन उन सभी यात्रियों के लिए बनाया गया है जो 3 जून से मुंबई और दिल्ली से इन ट्रेनों में यात्रा शुरू करेंगे।

यह मिशन उन खबरों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिनमें बताया गया था कि श्रमिक ट्रेनों में यात्रा करने वाले प्रवासियों श्रमिकों की बुरी हालत है। इतनी गर्मी में उनको ठीक से भोजन व पानी नहीं मिल पा रहा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही एनएलएसआईयू और बिट्स के पूर्व छात्रों ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन के साथ सहयोग किया है। जो कि एक गैर- लाभ संगठन है,जो गरीबों व निचले तबके के लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराती है और उसने यात्रियों की मदद के लिए भी हाथ बढ़ाया है।

तीन जून को उन्होंने अपने मिशन को शुरू करते हुए पहला प्रयास किया है और फाउंडेशन ने गुडगांव से बालासोर ट्रेन में जा रहे यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया। वहीं चक्रवात के कारण मुंबई के स्टेशनों पर फंसे प्रवासियों को भी आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

एनएलएसआईयू के एक पूर्व छात्र ने लाइव लाॅ को बताया कि मुंबई और दिल्ली से ट्रेनें मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार तक जाती हैं। इसलिए यात्रा में 24 से 48 घंटों का समय लगता है। जिससे यात्रियों को कई तरह की परेशानी हो रही थी। इतने लंबे समय तक वह गर्मी में भोजन और पानी से वंचित रह जाते हैं।

महिलाओं और बच्चों सहित कई यात्रियों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। जो मुख्यतौर पर भुखमरी और गर्मी से पीड़ित थे। इसी समस्या से निपटने के लिए ''सर्विंग दाॅ श्रमिक्स''पहल के तहत एक सप्ताह के भीतर 1,00,000 यात्रियों की सेवा करने की योजना बनाई गई है। खासतौर पर उन यात्रियों के लिए जो 3 जून से मुंबई और दिल्ली से चलने वाली ट्रेनों में सवार होने वाले हैं।

"अक्षय पात्रा फाउंडेशन अपने गोदामों से खाद्य और पानी के पैकेटों की आपूर्ति करेगी और कुर्ला स्टेशन पर केंद्रीय रेलवे और पुरानी दिल्ली व नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उत्तर रेलवे को सौंपेगी। रेलवे अधिकारी प्रत्येक यात्री को बोर्डिंग से पहले एक-एक पैकेट सौंपेंगे। प्रत्येक पैकेट में ब्रेड, बिस्कुट (2 पैक), चिक्की, केला, ओआरएस (1 पैक) और बोतलबंद पानी (2 लीटर) होगा। प्रत्येक पैकेट की लागत 50-60 रुपये आएगी।''

इस काम के लिए विदेशी योगदान भी सक्षम किया गया है। इसके अतिरिक्त फाउंडेशन को दिए जाने सभी योगदान पर कर से छूट ले सकते हैं।

उनके मिशन को अच्छा सहयोग मिला है। उनका लक्ष्य साठ लाख रुपये है और उन्होंने आधा लक्ष्य एक दिन में ही प्राप्त कर लिया है। मिशन में कई वकीलों ने अपने दिल खोलकर सहयोग किया हैं। जिनमें वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी, अभिषेक मनु सिंघवी, मुकुल रोहतगी और सैकड़ों अन्य शामिल हैं।

प्रवासी श्रमिकों की परेशानियों को कम करने के लिए संपूर्ण कानूनी बिरादरी द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों पर एनएलएसआईयू के पूर्व छात्र ने लाइव लाॅ से बात की।

''परेशानी के इस समय में कानूनी बिरादरी ने आगे हाथ बढ़कार यह दर्शाया है कि भारत परवाह करता है। हम सभी गर्व करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह पेशा किसी भी महान पेशे से कम न हो। बंगाल में आए चक्रवात के लिए भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। भारत भर में COVID बेड की संख्या कम है और अधिक प्रवासी घर जा रहे हैं। ये प्रयास अभी शुरुआत है।''

विवरण

श्रमिकों की सहायता करने के इस मिशन में योगदान करने के लिए कोई भी व्यक्ति निम्नलिखित विवरण पर संपर्क कर सकता है।




Next Story