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हिंसा खराब पत्रकारिता का जवाब नहीं, पीसीआई ने अर्नब गोस्वामी पर कथित हमले की घटना पर संज्ञान लिया, महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट देने की मांग

LiveLaw News Network
23 April 2020 6:08 PM GMT
हिंसा खराब पत्रकारिता का जवाब नहीं, पीसीआई ने अर्नब गोस्वामी पर कथित हमले की घटना पर संज्ञान लिया, महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट देने की मांग
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रिपब्लिक टीवी न्यूज चैनल के एडिटर-कम-एंकर अर्नब गोस्वामी पर हुए कथित हमले की घटना पर भारतीय प्रेस काउंसिल (पीसीआई) ने स्वत: संज्ञान लिया है।

मुंबई में गुरुवार को दो बाइक सवारों ने कथित तौर पर वरिष्ठ पत्रकार की कार पर हमला किया। गोस्वामी द्वारा पालघर मॉब लिंचिंग की घटना पर विपक्ष की चुप्पी के खिलाफ तीखी टिप्पणी करने के बाद यह घटना घटी।

एक वरिष्ठ पत्रकार पर इस तरह के गैरकानूनी हमले की निंदा करते हुए, पीसीआई ने कहा कि पत्रकार के रूप में विचार व्यक्त करने पर गोस्वामी पर हुई हमले की घटना व्यथित करने वाली है।

परिषद ने कहा,

"एक पत्रकार सहित देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है, जो कई लोगों के लिए सारगर्भित नहीं हो सकता लेकिन यह किसी भी निकाय को ऐसी आवाज का गला घोंटने का अधिकार नहीं देता है। खराब पत्रकारिता के खिलाफ भी हिंसा कोई जवाब नहीं है।"

परिषद ने अब महाराष्ट्र सरकार मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त, मुंबई के माध्यम से मामले के तथ्यों पर जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है।

परिषद ने कहा,

"परिषद इस हमले की निंदा करती है और राज्य सरकार से अपराधियों को पकड़ने की उम्मीद करती है और आशा है कि उन्हें तुरंत न्याय दिलाया जाएगा।"

दो भगवाधारी साधुओं और उनके ड्राइवर को कथित तौर पर पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक अनियंत्रित भीड़ ने पीट पीटकर मार दिया था, जबकि वे लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस वैन में बंद थे।

इस घटना के संबंध में अब तक कुल 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उक्त घटना के संबंध में नौ नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। जबकि मौके पर मौजूद दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जांच स्टेट सीआईडी ​​को सौंप दी गई है।



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