ताज़ा खबरें

उन्नाव बलात्कार केस :  कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद, सज़ा सुनकर कोर्ट में रोने लगा दोषी
उन्नाव बलात्कार केस : कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद, सज़ा सुनकर कोर्ट में रोने लगा दोषी

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के विधायक और पूर्व भाजपा सदस्य कुलदीप सिंह सेंगर को उन्नाव बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि आजीवन कारावास का मतलब भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) के संदर्भ में "उसके प्राकृतिक या जैविक जीवन के शेष दिनों के लिए कारावास" होगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने सेंगर को पीड़ित को दस लाख रुपये और अभियोजन पक्ष को पंद्रह लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सीबीआई को पीड़िता और परिवार को खतरे की आशंका के...

अदालत में नारेबाज़ी की घटना पर दिल्ली हाईकोर्ट मामले को देखने के लिए समिति बनाने पर सहमत
अदालत में नारेबाज़ी की घटना पर दिल्ली हाईकोर्ट मामले को देखने के लिए समिति बनाने पर सहमत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अदालत में नारेबाज़ी की घटना को देखने के लिए एक समिति बनाने पर सहमति व्यक्त की। कुछ वकीलों ने शुक्रवार सुबह चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामले का उल्लेख किया और मुकदमा चलाने की मांग की। गुरूवार को चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने जामिया के छात्रों को एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा के लिए पुलिस की आक्रामक कार्रवाई से छात्रों को अंतरिम संरक्षण से इनकार कर दिया था। इसके बाद कुछ लोगों ने 'शर्म करो' का नारा ...

वैधानिक नियमों के गलत इस्तेमाल और उसमें भेदभावों के आरोप हों तो किसी उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया को चुनौती देने से नहीं रोका जाएगा : सुप्रीम कोर्ट
वैधानिक नियमों के गलत इस्तेमाल और उसमें भेदभावों के आरोप हों तो किसी उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया को चुनौती देने से नहीं रोका जाएगा : सुप्रीम कोर्ट

सेवा कानून को लेकर एक उल्लेखनीय निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि जब उसमें "वैधानिक नियमों के गलत इस्तेमाल और उसमें उत्पन्न होने वाले भेदभावों" के आरोप हों तो किसी उम्मीदवार को इसमें भाग लेने के आधार पर चयन प्रक्रिया को चुनौती देने से नहीं रोका जाएगा। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने एक याचिका को स्वीकार किया जाए या नहीं इस बारे में ग़ौर करते हुए यह कहा। यह अपील बिहार में सामान्य चिकित्सा अधिकारी की चयन प्रक्रिया से संबंधित थी। अपीलकर्ता डॉ. मेजर मीता...

जामिया हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों को अंतरिम संरक्षण देने से इनकार किया, सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा
जामिया हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों को अंतरिम संरक्षण देने से इनकार किया, सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया के छात्रों को आक्रामक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया है। इन छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई हिंसा के कथित कृत्यों के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग करने वाली कई याचिकाओं में से एक के रूप में कारवाई से अंतरिम सुरक्षा की मांग की गई थी। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को भी...

एमिकस- मृत्यदंड या उम्रकैद के दंडनीय अपराध के मुकदमे में अभियुक्त की पैरवी करने के लिए वकील को 10 वर्ष की प्रैक्टिस का अनुभव आवश्यक : सुप्रीम कोर्ट
एमिकस- मृत्यदंड या उम्रकैद के दंडनीय अपराध के मुकदमे में अभियुक्त की पैरवी करने के लिए वकील को 10 वर्ष की प्रैक्टिस का अनुभव आवश्यक : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर आपराधिक मामलों में अभियुक्तों के बचाव के लिए एमिकस क्यूरी की नियुक्ति के मामले में दिशानिर्देश जारी किए हैं।न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने एक बलात्कार और हत्या के आरोपी (जिसके खिलाफ चल ट्रायल को 13 दिनों के भीतर निपटा दिया गया था) को दी गई मृत्युदंड की सजा को रद्द करते हुए ये दिशानिर्देश जारी किए हैं।कोर्ट ने पाया कि इस मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी को न तो बुनियादी दस्तावेजों को देखने का पर्याप्त समय...

CAA विरोध प्रदर्शन : कर्नाटक हाईकोर्ट बेंगलुरु में धारा 144 के आदेश  के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत
CAA विरोध प्रदर्शन : कर्नाटक हाईकोर्ट बेंगलुरु में धारा 144 के आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत

कर्नाटक उच्च न्यायालय नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में बेंगलुरु में होने वाले प्रदर्शन से पहले शहर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत दिए गए आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। संसद राज्यसभा के सदस्य, राजीव गौड़ा और विधानसभा सदस्य, सौम्या रेड्डी ने कोर्ट में जो पुलिस आयुक्त द्वारा जारी किए गए उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पांच या अधिक लोगों के समूह में किसी भी प्रकार के एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है। गुरुवार को...

अनुच्छेद 142 का प्रयोग मृतप्राय हो चुके विवाहों को खत्म करने के लिए किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
अनुच्छेद 142 का प्रयोग मृतप्राय हो चुके विवाहों को खत्म करने के लिए किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

कहते है कि शादियां स्वर्ग में तय हो जाती हैं, मगर धरती पर वो टूट गई हैं, सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्‍पणी एक शादी को खत्म करते हुए कि जिसमें समझौते की उम्‍मीद खत्म हो गई थी। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 को विवाह के उन मामलों को भंग करने प्रयोग किया जा सकता है, जहां विवाह एक मृतप्राय चुका हो। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस मामले में एक पत्नी ने अपील की थी, जो तलाक न दिए जाने से दुखी थी। यह दंपति मुश्किल से ढाई महीने तक एक साथ रहा था। 2003 से...

13 दिन के ट्रायल में मौत की सज़ा पाने वाले आरोपी को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जल्दी केस निपटारे का परिणाम ऐसा न हो कि न्याय  दफ़्न हो जाए
13 दिन के ट्रायल में मौत की सज़ा पाने वाले आरोपी को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जल्दी केस निपटारे का परिणाम ऐसा न हो कि न्याय दफ़्न हो जाए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों के त्वरित निपटारे का परिणाम कभी भी ऐसा नहीं होना चाहिए कि यह न्याय के दफ्न होने का कारण बन जाए। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने बलात्कार और हत्या के एक आरोपी की मौत की सज़ा के फैसले को रद्द कर दिया। इस आरोपी को ट्रायल कोर्ट ने तेरह दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके मौत की सज़ा सुनाई थी। मार्च 2013 में नाबालिग लड़की की हत्या और उसके साथ बलात्कार और उसके साथ यौन संबंध बनाने के आरोप में अनोखीलाल को...

निर्भया केस डेथ वारंट : ट्रायल कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को चारों दोषियों को नए सिरे से नोटिस देने के निर्देश दिए
निर्भया केस डेथ वारंट : ट्रायल कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को चारों दोषियों को नए सिरे से नोटिस देने के निर्देश दिए

निर्भया मामले में मौत की सजा के दोषी की सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद निर्भया मामले में 'ताजा घटनाक्रम' को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि फांसी के लिए चारों दोषियों को नए सिरे से नोटिस दिया जाए। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश अरोड़ा ने कहा कि अधिकारियों द्वारा अक्टूबर में दोषियों को दिए गए पहले नोटिस के आधार पर डेथ वारंट जारी नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने आज निर्भया कांड के...

झूठे दावों के साथ अदालत आने वाले लोग न्याय पाने की वकालत नहीं कर सकते : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
झूठे दावों के साथ अदालत आने वाले लोग न्याय पाने की वकालत नहीं कर सकते : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

न्यायालय से महत्वपूर्ण सामग्री या आवश्यक तथ्यों को छुपाने का सहारा लेने वाले पक्षकारों के खिलाफ कठोर रुख अपनाते हुए, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग झूठे दावों के साथ अदालत में आते हैं, वे न्याय पाने की वकालत नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा, ''जो व्यक्ति न्याय चाहता है, उसे साफ सुथरे तरीके से न्यायालय आना चाहिए। वह व्यक्ति, जो झूठे दावों के साथ अदालत में आता है, वह न्याय पाने की वकालत नहीं कर सकता है और न ही न्यायालय का उसके पक्ष में क्षेत्राधिकार का प्रयोग करना उचित होगा। एक व्यक्ति जो...

जामिया हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत, सुनवाई गुरुवार को
जामिया हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत, सुनवाई गुरुवार को

दिल्ली हाईकोर्ट जामिया हिंसा की घटना की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति हो गया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता को सूचित किया कि याचिका को संभवत: गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। एडवोकेट रिजवान द्वारा दायर याचिका में जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित रूप से मनमानी, अत्याचार और अवैध पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग की गई है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के पूर्व...

मुंबई में 14,000 करोड़ रुपये की तटीय सड़क परियोजना को सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई हरी झंडी, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर रोक 
मुंबई में 14,000 करोड़ रुपये की तटीय सड़क परियोजना को सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई हरी झंडी, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर रोक 

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में 14,000 करोड़ रुपये की तटीय सड़क परियोजना को राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें तटीय सड़क परियोजना को दी गई CRZ मंज़ूरी को रद्द कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस सड़क के निर्माण की अनुमति तो दे दी लेकिन कहा कि इसके आसपास फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक काम नहीं होगा। इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस और सीयू सिंह ने दलीलें रखीं। पीठ अब मामले की सुनवाई अप्रैल 2020 में...

सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 पर दाखिल सभी याचिकाओं पर नोटिस जारी किये
सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 पर दाखिल सभी याचिकाओं पर नोटिस जारी किये

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। हालांकि बेंच ने मामलों के निपटारे तक अधिनियम के संचालन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।सीजेआई बोबडे और जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने केंद्र से जनवरी 2020 के दूसरे सप्ताह तक जवाब दाखिल करने को कहा है।अलग अलग याचिकाओं में कहा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए उदारता देने वाला यह अधिनियम...

अपनी नवजात बच्ची की हत्या करने की आरोपी मां को सुप्रीम कोर्ट ने बरी किया, पढ़ें फैसला
अपनी नवजात बच्ची की हत्या करने की आरोपी मां को सुप्रीम कोर्ट ने बरी किया, पढ़ें फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी नवजात बच्ची की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी एक महिला को बरी कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने अभियोजन के मामले को बरकरार रखा था कि मंजू ने अपने नवजात जन्मे बच्चे की हत्या इसलिए कर दी, क्योंकि वह एक लड़की थी। उच्च न्यायालय ने धारा 302 आईपीसी और सजा के तहत सजा की पुष्टि की थी। मंजू ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि आरोपी ने नवजात बच्ची का गला इसलिए...

लोगों का विश्वास न्यायिक प्रणाली के लिए शक्ति का एकमात्र वैध स्रोत : मुख्य न्यायाधीश बोबडे
लोगों का विश्वास न्यायिक प्रणाली के लिए शक्ति का एकमात्र वैध स्रोत : मुख्य न्यायाधीश बोबडे

बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 16 दिसंबर 2019 को आयोजित एक समारोह के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि न्यायिक प्रणाली के लिए शक्ति का एकमात्र वैध स्रोत 'सार्वजनिक विश्वास' है और इसलिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि लोगों का विश्वास उनमें बरकरार रहे। इसकी वैकल्पिक संभावना खतरनाक है, क्योंकि यह कानून के शासन से बहुत दूर का समाज होगा। उन्होंने कहा, "वकील और न्यायाधीश एक दूसरे के पूरक हैं और एक दूसरे की मदद के बिना वे अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकते।"उन्होंने कहा,...