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जामिया हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत, सुनवाई गुरुवार को

LiveLaw News Network
18 Dec 2019 9:17 AM GMT
जामिया हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत, सुनवाई गुरुवार को
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दिल्ली हाईकोर्ट जामिया हिंसा की घटना की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति हो गया है।

चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता को सूचित किया कि याचिका को संभवत: गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

एडवोकेट रिजवान द्वारा दायर याचिका में जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित रूप से मनमानी, अत्याचार और अवैध पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग की गई है।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में उक्त जांच की मांग की गई है। इसके अलावा मांग की गई है कि कथित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उक्त आयोग की रिपोर्ट का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

याचिका में यह भी कहा गया है कि छात्रों को बेरहमी से पीटा गया, गालियां दी गईं, नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणी की गईं, आंसू-गैस के गोले दागे गए, लाठीचार्ज किया गया।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों ने सीसीटीवी में दर्ज होने का एहसास होने पर, रीडिंग हॉल की रोशनी बंद कर दी, बाहर से दरवाजे बंद कर दिए और अंदर आंसू गैस के बम फेंके। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की गई और वे खुद को बचाने के लिए भागीं, लेकिन पुलिस ने छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया।

याचिका में आगे दावा किया गया है कि पुलिस अधिकारियों ने 16.12.2019 को रात में लगभग 3 बजे तक वकीलों को घायल छात्रों से मिलने की अनुमति नहीं दी।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने रविवार को यूनिवर्सिटी के परिसर में जबरदस्ती प्रवेश किया, जिसके बाद, कई छात्रों को पीटा गया और उन्हें परिसर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों की हिंसा में छह कर्मियों के घायल होने के अलावा पुलिस के कुछ वाहनों को आग लगा दी गई।


याचिका की प्रति डाउनलोड करने के लिए यहांं क्लिक करेंं



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