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CAA प्रोटेस्ट: दरियागंज से गिरफ्तार व्यक्तियों को जमानत न देने के फैसले में कमी क्या है?
करण त्रिपाठीसुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते पहले दोहराया था कि जमानत खारिज करने या देने के आदेश में ये दिखना कि न्यायिक विवेक का उचित प्रयोग किया गया है, आवश्यक है, साथ ही आदेश जमानत खारिज करने के लिए निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर हो। महिपाल बनाम राजेश कुमार @पोलिया के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि: 'यह खुले न्याय का मूलभूत आधार है, जिसके प्रति हमारी न्यायिक व्यवस्था प्रतिबद्ध है, कि जमानत स्वीकार करने या खारिज करने के मामले में जिन कारकों पर जज ने विचार किया है, उन्हें पारित आदेश में दर्ज...
मद्रास हाईकोर्ट ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स संशोधन अधिनियम, 2015 की धारा 142 (2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा
मद्रास उच्च न्यायालय ने यह दोहराते हुए कि संसद / राज्य विधानमंडल कानून बनाकर न्यायिक घोषणा के आधार को छीन सकता है, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स संशोधन अधिनियम, 2015 की धारा 142 (2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। याचिकाकर्ता-कंपनी, रिफेक्स एनर्जी लिमिटेड ने दावा किया था कि संशोधन दशरथ रूपसिंह राठौड़ बनाम महाराष्ट्र राज्य, AIR 2014 SC 3519, में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है, जिसके तहत यह माना गया था कि चेक बाउंस के मामलों में केवल उन न्यायालयों के भीतर जिनके क्षेत्रीय सीमाओं पर ड्रॉ बैंक...
'सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन संविधान को बचाने की कोशिश': बार काउंसिल के सदस्य ने प्रदर्शनों से एकजुटता व्यक्त करने का आग्रह किया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को लिखे एक पत्र में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के एक सदस्य ने नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के खिलाफ विरोध प्रदर्श बंद करने के अपने आह्वान का विरोध किया और काउंसिल से देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के साथ एकजुटता व्यक्त करने का आग्रह किया है। एडवोकेट एन मनोज कुमार ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा है कि- "भारतीय नागरिकों द्वारा सीएए और एनआरसी का विरोध संविधान को बचाने का प्रयास है, जिसे संसद मे बहुमत के बल पर एक अधिकारवादी सत्ता द्वारा कुचला जा रहा है।...
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को लागू करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (सीएए) को लागू करने और जान-माल को नुकसान पहुंचाने वालों और जिन पार्टियों ने कथित रूप से इन्हें उकसाया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। सीएए के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर यह याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने देश के एक जागरूक के रूप में खुद को पेश करते हुए देश भर में हो रह जानमाल के नुकसान पर चिंता जताते हुए, शीर्ष अदालत से सीएए को संवैधानिक घोषित करने का आग्रह किया है और इसे सभी राज्यों में...
सबरीमाला पुनर्विचार याचिका जनवरी 2020 में 7 जजों की पीठ को सौंपी जा सकती है
उम्मीद की जाती है कि जनवरी 2020 में सबरीमाला पुनर्विचार याचिका को 7 जजों की पीठ को सौंपा जा सकता है। यह जानकारी रजिस्ट्री ने दी है।सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों की पीठ ने 13 नवंबर को कुछ क़ानूनी मामलों को 3:2 के फ़ैसले से बड़ी पीठ को सौंप दी जबकि इसकी पुनर्विचार याचिका को लंबित रखा था। बहुमत की राय थी कि अपना धर्म मानने, उसका प्रचार करने से संबंधित संविधान के अधिकार की व्याख्या के मामले को बड़ी पीठ को सुनवाई करनी चाहिए ताकि इस बारे में कोई प्रामाणिक फ़ैसला दिया जा सके।बिंदु अम्मिनी और रेहाना...
CAA प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा इंटरनेट बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में 19/12/2019 को दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के डीसीपी के आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने घोषणा की कि रिट जारी करना अदालत का विशेषाधिकार है और याचिकाकर्ता एक उचित प्राधिकारी के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर द्वारा दाखिल याचिका ने अदालत से निम्नलिखित निर्देश...
अगर किसी नॉन-स्पीकिंग आदेश से विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज किया गया हो तो उस पर विलय का सिद्धांत लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी विशेष अनुमति याचिका को निरस्त करने के लिए कोई नॉन-स्पीकिंग आदेश संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत क़ानून का उद्घोष नहीं है और न ही यह विलय का सिद्धांत इस पर लागू होता है। पी सिंगरवेलन बनाम ज़िला कलेक्टर, तिरुपुर का यह मामला तमिलनाडु सरकार के एक आदेश की व्याख्या से जुड़ा था। अदालत ने पाया कि ऐसे बहुत सारे आदेश आए हैं जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने ड्राइवरों को राहत दिए जाने से संबंधित विशेष अनुमति याचिकाओं को ख़ारिज किया जा चुका है पर इस तरह के सारे आदेश याचिका को स्वीकार...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को सरकारी पोर्टलों पर CAA के खिलाफ प्रकाशित सामग्री को वापस लेने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को सभी सरकारी पोर्टलों और सरकारी संस्थानों और विभागों के फेसबुक अकाउंट से नागरिक संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रकाशित सामग्री को वापस लेने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह आदेश एक रिट याचिका में पारित किया, जिसमें एक मुद्दा उठाया गया था कि क्या राज्य के धन को इस तरह अपने विचार व्यक्त करने के लिए खर्च किया जा सकता है या पश्चिम बंगाल राज्य में किसी विशेष कानून पर राय रखने के लिए अलग-अलग मीडिया और अन्य स्रोतों के माध्यम से सार्वजनिक धन का उपयोग किया जा सकता...
विलंब माफी की अर्जी में ठोस कारण दिया जाना जरूरीः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विलंब माफी अर्जियों में रूटीन स्पष्टीकरण नहीं, बल्कि उचित और स्वीकार्य स्पष्टीकरण आवश्यक है।जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर विचार किया, जिसने 916 दिनों की देरी के आधार पर लेटर पेटेंट अपील को खारिज कर दिया था। इस संबंध में फैसलों का हवाला देते हुए, बेंच ने कहा कि विलंब माफी अर्जियों के मामले में उदार दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, हालांकि साथ...
CAA विरोध प्रदर्शन : दिल्ली की अदालत ने 15 लोगों को ज़मानत देने से इनकार किया
दिल्ली के एक मजिस्ट्रेट ने सोमवार को सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोप में दरियागंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 15 लोगों को ज़मानत से इनकार कर दिया। तीस हजारी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कपिल कुमार ने आरोपों की गंभीरता और जांच की पेंडेंसी को ज़मानत आवेदनों को खारिज करने के कारणों के रूप में बताया। इससे पहले, उन्हें शनिवार को तीस हजारी एमएम द्वारा न्यायिक हिरासत के दो दिनों के लिए भेजा गया था। दरियागंज पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आईपीसी की धारा 323, 436, 120 बी,...
मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को डीएमके की सीएए विरोधी रैली की वीडियोग्राफी करने के निर्देश दिए
मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ डीएमके की प्रस्तावित रैली की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया है। अगर पुलिस द्वारा अनुमति से इनकार किए जाने के बावजूद पार्टी इस रैली का आयोजन करती है तो हाईकोर्ट ने पुलिस को इसकी वीडियोग्राफी करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने तमिलनाडु सरकार के वकील द्वारा सूचित किए जाने के बाद रैली का विरोध करने वाली जनहित याचिकाओं पर रविवार देर रात अंतरिम निर्देश दिया कि पुलिस ने विरोध की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि आयोजकों की...
बीमा कंपनी देर होने को उपभोक्ता फ़ोरम के सामने पहली सुनवाई में इंकार करने का आधार नहीं बना सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीमा कंपनी पहली ही बार इंकार करने के लिए देरी को आधार नहीं बना सकता अगर उसने सूचनार्थ भेजे गए पत्र में इंकार को विशेष रूप से आधार बनाने की बात नहीं कही है। सौराष्ट्र केमिकल्ज़ लिमिटेड बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को दो मामलों पर ग़ौर करना था। पहला, प्रतिवादी बीमाकर्ता ने सर्वेयर की नियुक्ति कर सूचना देने और दावे का दावा करने में में देरी को माफ़ करने की बात कही थी कि नहीं। दूसरा, सूचना संबंधित पत्र में देरी के बारे में किसी भी...
मध्यस्थता निर्णयों और अस्पष्ट निर्णयों में कारणों की अपर्याप्तता, एससी ने की अंतर की व्याख्या
सुप्रीम कोर्ट हाल ही में दिए एक फैसले में न्यायालयों द्वारा मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के तहत दिए निर्णय में कारणों की अपर्याप्तता और अस्पष्ट निर्णय के बीच अंतर पर प्रकाश डाला। जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आमतौर पर अबोधगम्य निर्णयों को रद्द नहीं किया जाना चाहिए, जबकि कारणों की अपर्याप्तता को चुनौती हो, उन पर तर्क की विशिष्टता के आधार पर फैसला किया जाना चाहिए, जो कि विचार के लिए आए मुद्दों की प्रकृति के संबंध में अपेक्षित हो। डायना टेक्नोलॉजीज प्रा लि बनाम क्रॉम्पटन...
किरायेदार द्वारा चुनौती देने पर मकान मालिक को अपना व्युत्पन्न स्वामित्व साबित करना आवश्यक : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि हालांकि एक मकान मालिक-किरायेदार के मुकदमे में मकान मालिक को संपत्ति पर अपना स्वामित्व साबित करने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन जब संपत्ति पर उसके व्युत्पन्न स्वामित्व को चुनौती दी जाती है तो उसे किसी न किसी रूप में उसे साबित करना होगा। इस मामले (विनय एकनाथ लाड बनाम चिउ माओ चेन) में मुकदमों के वाद दायर करने के बाद ट्रायल कोर्ट ने वादकारियों द्वारा दायर किए गए मुकदमे को खारिज कर दिया था, जिन्होंने दावा किया था कि उनका अधिकार, स्वामित्व और रुचि विषय परिसर से है।...
ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी : सुप्रीम कोर्ट का बैंक को निर्देश, स्कूल को 25 लाख रुपए का मुआवज़ा दिया जाए
सुप्रीम कोर्ट ने एक बैंक को निर्देश दिया है कि वह ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए स्कूल को 25 लाख रुपए का मुआवज़ा दे। इस बैंक के खाते से पैसे फ़र्ज़ी तरीक़े से 30 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल ने इंडियन बैंक के ख़िलाफ़ उपभोक्ता मंच में शिकायत की थी। स्कूल ने कहा था कि स्कूल के बैंक खाते को स्कूल के प्रिंसिपल के ग्राहक सूचना फ़ाइल (सीआईएफ) से जोड़ दिया गया था जबकि इस खाते के लिए नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से स्कूल के खाते से ₹30 लाख फ़र्ज़ी तरीक़े से...
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर आज़ाद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली के एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने शनिवार को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर आज़ाद की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें शुक्रवार रात दरियाग में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत ने कहा, "यह न्यायालय इस विचार का है कि अभियुक्तों को जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताए गए हैं, इसलिए ज़मानत के लिए अभियुक्त के आवेदन को खारिज किया जाता है और अभियुक्त को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है। " ड्यूटी...
दिल्ली गेट CAA प्रदर्शन : 15 आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने शनिवार को दिल्ली गेट इलाके में एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान दरियागंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 15 आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनकी ज़मानत अर्जी पर सोमवार को दोपहर 12 बजे विचार किया जाएगा। आरोपी व्यक्तियों की रिमांड का विरोध करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका एम जॉन ने तीस हजारी कोर्ट में ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट से कहा कि उनकी गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। अभियुक्तों की जमानत की मांग...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुरानी पड़ चुकी और बिना मतलब की घटनाएं हिरासत के आदेश का आधार नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पुरानी पड़ चुकी और बिना मतलब की घटनाएं हिरासत के आदेश का आधार नहीं हो सकती हैं। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने मद्य तस्करी, डकैती, ड्रग-अपराधियों, गुंडों, मानवी तस्करी, भूमि कब्जेदारों, नकली बीज बेचने के अपराधियों, कीटनाशक अपराधियों, उर्वरक अपराधियों, खाद्य अपमिश्रण अपराधियों, नकली दस्तावेज बनाने के अपराधियों, अनुसूचित वस्तुओं के अपराधियों, वन अपराधियों, गेमिंग अपराधियों , यौन अपराधियों , विस्फोटक पदार्थ रखने के अपराधियों , हथियार अपराधियों ,...
दिल्ली सीएए का विरोध : मजिस्ट्रेट ने सुबह-सुबह दिया पुलिस को निर्देश, हिरासत में लिए गए लोगों को वकीलों से मिलने दिया जाए
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कड़कड़डूमा ने शनिवार तड़के 4.30 बजे एक आदेश पारित किया और सीमापुरी पुलिस स्टेशन एसएचओ को निर्देश दिया कि वे वकीलों को उन लोगों से मिलने की अनुमति दें, जिन्हें कल रात पुलिस ने सीएए के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर हिरासत में लिया था। मजिस्ट्रेट ने अपने निवास पर हस्तलिखित आदेश एक शिकायत पर विचार करने के बाद दिया है, जिसमें कहा गया था कि पुलिस हिरासत में लिए लोगों को उनके कानूनी सहायता के अधिकार देने से इनकार कर रही है, जो कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 (1) के तहत एक...
बेंगलुरु में धारा 144 के आदेश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा, क्या आप यह अनुमान लगाते हैं कि हर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाएगा?
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार से सीएए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर बेंगलुरु में बुधवार रात को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लगाए गए निषेधात्मक आदेशों की वैधता के बारे में सवाल किया। "क्या आप (राज्य) प्रत्येक और हर विरोध पर प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं। आप इस प्रक्रिया के कारण पूर्व में दी गई अनुमति को कैसे रद्द कर सकते हैं?", पीठ का नेतृत्व करने वाले मुख्य न्यायाधीश अभय एस ओका ने पूछा। "क्या यह अनुमान लगाते हुए आगे बढ़ सकते हैं कि हर विरोध प्रदार्शन हिंसक हो जाएगा।...



















