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जस्टिस कृष्णा अय्यर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान अनुच्छेद 21 की मानवतावादी व्याख्याः जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम
जस्टिस कृष्णा अय्यर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान अनुच्छेद 21 की मानवतावादी व्याख्याः जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम

चौथे जस्टिस वीआर कृष्ण अय्यर मेमोरियल लेक्चर में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम ने व्याख्यान दिया। पढ़िए, व्याख्यान के महत्वपूर्ण हिस्से- जस्टिस वीआर कृष्‍ण अय्यर मेमोरियल लेक्चर के लिए निमंत्रण पाना वाकई एक विशेष स्तर का सम्मान है। जस्टिस कृष्ण अय्यर की महानता यह है कि उनके बहुमुखी व्यक्तित्व का वर्णन करने के लिए भी हमारे पास शब्दों की कमी पड़ जाती है, और फिर हमें उपयुक्त शब्दावली के लिए जस्टिस अय्यर की ओर देखना पड़ता है।मैं शारदा कृष्णा सतगमय फाउंडेशन फॉर लॉ एंड जस्टिस के ट्रस्टियों...

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा, सीएए के तहत दी जाने वाली नागरिकता की प्रक्रिया बताएं
राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा, सीएए के तहत दी जाने वाली नागरिकता की प्रक्रिया बताएं

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत पड़ोसी देशों के सताए हुए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की प्रक्रिया की व्याख्या करे। न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई और न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग की पीठ वर्ष 2017 में न्यायालय द्वारा स्वत-संज्ञान लेते हुए पंजीकृत एक रिट याचिका पर विचार कर रही थी। एमिकस क्यूरी सज्जन सिंह राठौर ने पीठ को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के अधिनियमित होने की जानकारी दी। इन मुद्दों को हल करने के लिए सभी पक्षों को समय देते हुए पीठ ने...

मध्यस्थता का स्थान ही  मध्यस्थता की न्यायिक सीट मानी जाएगी, सुप्रीम कोर्ट ने पुराने फैसले के विपरीत रुख जताया
मध्यस्थता का स्थान ही मध्यस्थता की न्यायिक सीट मानी जाएगी, सुप्रीम कोर्ट ने पुराने फैसले के विपरीत रुख जताया

अपने पहले के एक फैसले से अलग विचार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मध्यस्थता का स्थान पक्षकारों के विपरीत इरादे के अभाव में मध्यस्थता की न्यायिक सीट मानी जाएगी। जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की तीन-न्यायाधीशों वाली बेंच ने 10 दिसंबर, 2019 को 2018 के भारत संघ बनाम हार्डी एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन (इंडिया) फैसले में व्यक्त किए गए दृष्टिकोण को पलटा। हालांकि हार्डी एक्सप्लोरेशन में निर्णय भी तीन न्यायाधीशों की समान पीठ द्वारा दिया गया था। हार्डी...

यूपी सीएए प्रोटेस्ट : सामाजिक कार्यकर्ता सदफ और पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी को मिली ज़मानत
यूपी सीएए प्रोटेस्ट : सामाजिक कार्यकर्ता सदफ और पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी को मिली ज़मानत

लखनऊ में एक सत्र न्यायालय ने सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जफ़र और पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी को जमानत दे दी। इसके अलावा लखनऊ में सीएए के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिए गए 13 अन्य लोगों को भी ज़मानत मिल गई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसएस पांडे की अदालत ने आरोपियों को 50,000 रुपये के दो जमानत बांड और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बांड प्रस्तुत करने के लिए कहा। एक्टिविस्ट-लेखक और कांग्रेस सदस्य सदफ ज़फर को 19 दिसंबर को लखनऊ में सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।...

CAA और नागरिकता अधिनियम को चुनौती देने वाली एक नई याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, कहा यह 1 जुलाई, 1987 के बाद जन्में बच्चों को प्रभावित करता है
CAA और नागरिकता अधिनियम को चुनौती देने वाली एक नई याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, कहा यह 1 जुलाई, 1987 के बाद जन्में बच्चों को प्रभावित करता है

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) द्वारा अपने पदाधिकारियों के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (CAA) के खिलाफ एक ताजा याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। CAA को असंवैधानिक करार दिए जाने की प्रार्थना करने के अलावा याचिकाकर्ता नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3 (1) को भी मनमाना मानते हैं। APCR ने शीर्ष अदालत से इस याचिका के लंबित रहने के दौरान केंद्र सरकार को भारतीय नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) को तैयार करने से रोकने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है। CAA के संबंध...

केस डायरी और अन्य सुबूतों से आरोप प्रथमदृष्टया उचित लगे तो यूएपीए की धारा एस 43 डी (5) के तहत रोक लागू रहेगी:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
केस डायरी और अन्य सुबूतों से आरोप प्रथमदृष्टया उचित लगे तो यूएपीए की धारा एस 43 डी (5) के तहत रोक लागू रहेगी:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि केस डायरी या रिकॉर्ड पर रखी गई किसी भी अन्य सामग्री को पढ़ने पर यदि अभियुक्त के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है तो आरोपी पर अनलॉफुल ‌एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्‍ट की धारा 43D(5)1967 लागू होगी और आरोपी को जमानत नहीं दी जाएगी। उक्त प्रावधान यह कहता है कि यूएपीए के चैप्टर IV और VI के तहत दंडनीय अपराध के आरोपी व्यक्ति को कोर्ट डायरी या सीआरपीसी की धारा 173 के तहत तैयार रिपोर्ट के अध्ययन के बाद यद‌ि कोर्ट का मानना ​​है कि व्यक्ति के खिलाफ आरोप सही हैं तो में उसे...

मद्रास हाईकोर्ट के वकीलों ने CAA के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, देखिए फोटो
मद्रास हाईकोर्ट के वकीलों ने CAA के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, देखिए फोटो

मद्रास हाईकोर्ट के वकीलों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) देश में लाने के प्रस्ताव के खिलाफ शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन में 250 से अधिक अधिवक्ताओं ने भाग लिया, जिसमें उच्च न्यायालय परिसर से मानव श्रृंखला बनाना और संविधान की प्रस्तावना को पढ़ना शामिल था। वरिष्ठ अधिवक्ता नलिनी चिदंबरम, वैगाई, कन्नदासन, रामलिंगम आदि भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा रहे।वकीलों ने तिरंगा झंडा हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके हाथों में "भारतीय संविधान की रक्षा", "आई...

लोक निर्माण निविदा प्रक्रिया में एससी/एसटी को आरक्षण देने के लिए केटीटीपी अधिनियम में संशोधन को कर्नाटक हाईकोर्ट ने सही ठहराया
लोक निर्माण निविदा प्रक्रिया में एससी/एसटी को आरक्षण देने के लिए केटीटीपी अधिनियम में संशोधन को कर्नाटक हाईकोर्ट ने सही ठहराया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योर्मेंट्स (केटीटीपी) अधिनियम की धारा 6 में संशोधन कर लोक निर्माण निविदा प्रक्रिया में एससी/एसटी को आरक्षण देने के क़दम को सही ठहराया है और इस बारे में लोक निर्माण ठेकेदारों की याचिका ख़ारिज कर दी। न्यायमूर्ति बी वीरप्पा ने विश्वनाथ एचएम की याचिका ख़ारिज कर दी। याचिका में इस संशोधन को क़ानून के बाहर बताया था। अदालत ने कहा कि यह संशोधन से याचिकाकर्ता के ख़िलाफ़ कोई भेदभाव नहीं होता है और न ही संविधान के भाग III के तहत उसके मौलिक अधिकारों...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में इंटरनेट बंद के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया, जनहित याचिका दाखिल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में इंटरनेट बंद के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया, जनहित याचिका दाखिल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में इंटरनेट बंद के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका (PIL) दर्ज की है। सीएए के विरोध प्रदर्शनों पर धारा 144 सीआरपीसी के तहत जारी राज्यव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बाद यूपी के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने 20 दिसंबर को रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह "राज्य प्राधिकरणों द्वारा इंटरनेट सेवाओं के बंद होने के संदर्भ" के नाम से एक जनहित याचिका दायर करे।वकीलोंं ने...

टाटा संस : रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ ने NCLAT से प्रतिकूल टिप्पणियां वापस लेने की अर्जी दी, फैसला सुरक्षित
टाटा संस : रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ ने NCLAT से प्रतिकूल टिप्पणियां वापस लेने की अर्जी दी, फैसला सुरक्षित

नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को 18 दिसंबर के उस फैसले में कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग करने वाली रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा दाखिल याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें टाटा संस लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सायरस मिस्त्री की बहाली का आदेश दिया गया था। न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट करने के लिए एक पंक्ति जोड़ी जाएगी कि फैसले की टिप्पणियों में RoC पर कोई आशंका व्यक्त नहीं की गई है। दरअसल कंपनी अधिनियम की धारा...

टाटा Vs सायरस मिस्त्री : टाटा संस के बाद अब रतन टाटा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, NCLAT के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताया
टाटा Vs सायरस मिस्त्री : टाटा संस के बाद अब रतन टाटा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, NCLAT के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताया

टाटा संस के अपील दायर करने के बाद अब रतन टाटा खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में उन्होंने NCLAT के फैसले को चुनौती दी है,जिसमें उन्हें पक्षपातपूर्ण और दमनकारी कार्यों का दोषी माना था।जानकारी के मुताबिक रतन टाटा ने अपनी याचिका में कहा है कि NCLAT ने उन्हें बिना किसी तथ्यात्मक या कानूनी आधार के पूर्वाग्रह और दमनकारी कृत्यों का दोषी ठहराया है। "शापूरजी पालोनजी ग्रुप सिर्फ एक वित्तीय निवेशक" सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में रतन टाटा ने कहा है कि...

AMU छात्रों के खिलाफ पुलिस हिंसा : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
AMU छात्रों के खिलाफ पुलिस हिंसा : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के छात्रों पर 15 दिसंबर, 2019 को पुलिस द्वारा हिंसा के खिलाफ जनहित याचिका पर अपना फैसला को सुरक्षित रख लिया है और अदालत इस मामले में सात जनवरी, 2020 को फैसला सुनाएगी। याचिका में अदालत की निगरानी में पुलिस कार्रवाई की जांच कराने, पुलिस हिरासत से छात्रों को रिहा कराने और इस हिंसा में घायल सभी का इलाज कराने एवं मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया गया है। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और जस्टिस विवेक वर्मा की पीठ ने प्रयागराज के...

उपभोक्ता संरक्षण मंचों के ग़लत फ़ैसले के कारण शिकायतकर्ता से भेदभाव नहीं किया जा सकता : एनसीडीआरसी
उपभोक्ता संरक्षण मंचों के ग़लत फ़ैसले के कारण शिकायतकर्ता से भेदभाव नहीं किया जा सकता : एनसीडीआरसी

ग़लत फ़ैसले के कारण एक मामले को दुबारा ज़िला मंच को भेजने के आग्रह को अस्वीकार करते हुए एनसीडीआरसी ने कहा, "उपभोक्ता संरक्षण मंचों के ग़लत फ़ैसले के कारण शिकायतकर्ता से भेदभाव नहीं किया जा सकता।" अदालत ने कहा कि फ़ैसले पर पुनर्विचार चाहने वाले याचिकाकर्ता अपनी कार के निर्माण में हुई गड़बड़ी से पीड़ित है और उसने ज़िला मंच में इस बारे में 2005 में शिकायत की थी। मंच ने उसके मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया आर टाटा मोटर्स को इस कार को बदलने का आदेश दिया था पर एनसीडीआरसी ने कहा कि ज़िला मंच...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 साल की लड़की को उस 66 वर्षीय व्यक्ति को गोद लेने की अनुमति दी, जिसने उसे पाला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 साल की लड़की को उस 66 वर्षीय व्यक्ति को गोद लेने की अनुमति दी, जिसने उसे पाला

 बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में, मैथ्यू इनैसियो अबेरो द्वारा दायर उस दत्तक याचिका की अनुमति दी जिसमें 66 वर्षीय व्यक्ति ने 22 वर्षीय लड़की मलाइका अबेरो को गोद लेने की मांग की थी जिसे मैथ्यू और उसकी पत्नी डोरा द्वारा पाला- पोसा गया था। न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी ने याचिकाकर्ता को मलाइका के दत्तक माता-पिता के रूप में घोषित किया और 16 जून, 1997 को जन्मी मलाइका मारिया अबेरो का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उन्हें नगरपालिका अधिकारियों के समक्ष आवेदन करने की स्वतंत्रता दी जिसमें...