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' वी द पीपल..' सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी
भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़ने के लिए वकीलों का एक समूह आज सुप्रीम कोर्ट में इकट्ठा हुआ। प्रस्तावना की प्रतियां उपस्थित वकीलों को वितरित की गईं और समान रूप रूप एक साथ पढ़ी गईं।दरअसल नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के कथित असंवैधानिक स्वरूप के साथ-साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों पर कथित रूप से पुलिस बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के अलावा भारत के संविधान के सिद्धांतों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। इसके चलते पूरे देश में व्यापक विरोध और मार्च निकाले जा रहे हैं। उस अंकुश...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सद्गुरु की संस्था कहा, इस मुग़ालते में ना रहें कि आध्यात्मिक संगठन कानून से ऊपर हैं
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था ईशा फाउंडेशन को 'कावेरी कॉलिंग प्रोजेक्ट' के लिए इकट्ठा की गई राशि का खुलासा करने को कहा है. कोर्ट ने ईशा फाउंडेशन को एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, साथ ही पूछा है कि फाउंडेशन से उक्त राशि किस तरीके अर्जित की, ये भी बताएं। चीफ जस्टिस अभय ओका और जस्टिस हेमंत चंदागौदर की खंडपीठ ने जग्गी वासुदेव द्वारा संचालित फाउंडेशन की यह न स्पष्ट करने पर कि क्या राशि स्वेच्छा से एकत्र की जा रही है, खिंचाई की।पीठ ने कहा "इस...
येदुयिरेप्पा और शिवकुमार के खिलाफ जमीन हथियाने के आरोपों पर SC ने NGO से पूछा, आपका क्या लोकस है ?
"आप किसी और की शिकायत पर इस तरह से सवार नहीं हो सकते, आप दूसरे के कंधों पर सवारी नहीं कर सकते हैं," मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने मंगलवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और पूर्व कांग्रेस मंत्री डी के शिवकुमार के खिलाफ 2008 के जमीन पर कब्जे के केस को फिर से शुरू करने की याचिका पर टिप्पणी की। CJI बोबडे ने याचिकाकर्ता एनजीओ समाज परिवर्तन समुदाय को यह दिखाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया कि वह पहले इस मामले को संबंधित लोकायुक्त के ध्यान में लाए थे। "आपने कर्नाटक...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान AMU में पुलिस कार्रवाई की जांच करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को निर्देश दिया है कि वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप पुलिस द्वारा की गई हिंसा की जांच करे। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने मोहम्मद अमन खान द्वारा 15 दिसंबर, 2019 को एएमयू में एक एंटी-सीएए विरोध के दौरान पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया। आयोग को 5 सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है और इस मामले को...
एनडीपीएस ट्रायल में स्वतंत्र गवाहों से पूछताछ न होने का मतलब यह नहीं है कि अभियुक्त को गलत तरीके से फंसाया गयाः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट के तहत एक मुकदमे में, केवल इसलिए कि अभियोजन पक्ष ने किसी भी स्वतंत्र गवाह से पूछताछ नहीं की है, से जरूरी नहीं कि यह निष्कर्ष निकले कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। इस मामले में सुरिंदर कुमार को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट की धारा 18 के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोष सिद्ध होने की पुष्टि की थी। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर अपील में दलील दी गई कि किसी स्वतंत्र...
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम : CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट कहा, अफसरों की घोर लापरवाही
बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कहा है कि उसने सभी 17 मामलों की जांच पूरी कर ली है, जिनमें से 13 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जबकि चार मामलों में कोई सबूत हासिल नहीं किए जा सके। सीबीआई ने हलफनामे के जरिए सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि बिहार में विभिन्न शेल्टर होम में बच्चों के उत्पीड़न को रोकने में सरकारी अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम रहे हैं। इसके साथ ही सीबीआई ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि बिहार...
सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ सबरीमाला पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई 13 जनवरी से शुरू करेगी
सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ सबरीमाला पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई अगले सोमवार, 13 जनवरी 2020 से शुरू करेगी।नोटिस में उन न्यायाधीशों के नाम का उल्लेख नहीं है जो नौ न्यायाधीश पीठ का हिस्सा होंगे। स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (लिस्टिंग) द्वारा यह सूचना दी गई: "ध्यान दें कि 13 जनवरी, 2020 से शुरू होने वाले नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए निम्नलिखित मामलों को सूचीबद्ध किया जाएगा।"संबंधित पक्षों को रजिस्ट्री द्वारा पहले दिए गए नोटिस में उनसे पेपर बुक के चार और पूर्ण सेट...
JNU हिंसा : तहसीन पूनावाला ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की अवमानना याचिका
रविवार शाम को जवाहर लाल नेहरू ( JNU) परिसर में हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका दाखिल की गई है। एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है।याचिका में कहा गया है कि JNU में दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई 2018 को लिंचिंग मामले में मॉब द्वारा हिंसा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए थे। इसके तहत ऐसी घटनाओं को रोकने और हिंसा होने पर उपचारात्मक कदम उठाने...
होमबॉयर्स के अधिकारों पर शर्त लगाने वाले IBC संशोधन की धारा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) अध्यादेश, 2019 (अध्यादेश) की धारा 3 को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई है।याचिका में कहा गया है कि उक्त प्रावधान, जो इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 7 में कुछ प्रावधान जोड़ता है और रियल एस्टेट आवंटियों के लिए NCLT जाने के लिए नई शर्तों को निर्धारित करता है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है। अध्यादेश के अनुसार, एक अचल संपत्ति परियोजना के संबंध में एक दिवाला याचिका को बनाए रखने के...
CAA पर बयानबाज़ी पर पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पद से हटाने की मांग
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर कथित बयानबाज़ी के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।याचिका में मांग की गई है कि वो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हटाने के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को निर्देश दिया जाए।याचिका में ये भी कहा गया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम ( CAA) पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह की मांग करने वाली ममता मुख्यमंत्री पद पर बनीं नहीं रह सकती।वराकी द्वारा दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि संविधान की अनुसूची III के...
सुप्रीम कोर्ट ने असम NRC के नए समन्वयक से उनके ' सांप्रदायिक' फेसबुक पोस्ट पर सफाई मांगी
मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सोमवार को हाल ही में असम NRC के समन्वयक नियुक्त किए गए हितेश देव सरमा को नियुक्ति से पहले फेसबुक पेज पर उनके द्वारा पोस्ट की गई टिप्पणियों पर सफाई मांगी है। दरअसल राज्य में रहने वाले "पूर्वी पाकिस्तानी मुसलमानों" के बारे में सरमा के विचारों को पहले से ही विवादित NRC अभ्यास के प्रति उनके दृष्टिकोण के संकेत के रूप में व्यापक रूप से आलोचना की गई है।विवाद का विषय रही सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणी "मुझे अर्नब गोस्वामी के...
माल्या पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा : SC ने कहा, लंबित याचिका का हवाला दुनिया की किसी अदालत में नहीं दे सकते माल्या
सपंत्ति जब्त करने के खिलाफ विजय माल्या की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, 13 अगस्त को होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े आर्थिक अपराधी विजय माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए साफ किया है कि माल्या सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका के लंबित रहने की दलील का इस्तेमाल ब्रिटेन सहित दुनिया की किसी अदालत में नहीं कर सकता।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने ये टिप्पणी उस समय की जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने UK की अदालत...
नुस्ली वाडिया Vs रतन टाटा : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आप उद्योगजगत के नेता, बैठकर सुलह क्यों नहीं करते
टाटा बनाम सायरस मिस्त्री के साथ- साथ अब नुस्ली वाडिया बनाम रतन टाटा मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।सोमवार को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने इस मामले में दोनों उद्योगपतियों से सुलह करने का सुझाव दिया।पीठ ने कहा, " आप दोनों उद्योगजगत में नेता हैं, आप बात क्यों नहीं करते हैं और इस मुद्दे को हल क्यों नहीं करते हैं। इस दिन और उम्र में आप को इस तरह मुकदमेबाजी करने की क्या जरूरत है ? हम एक प्रतिष्ठित मध्यस्थ से मुद्दे को हल करने के लिए कह सकते...
श्रमिकों की मौत का बहाना बनाकर, डेवलपर निर्माण में देरी को उचित नहीं ठहरा सकतेः एनसीडीआरसी
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा है कि एक डेवलपर निर्माण स्थल पर श्रमिकों की मौतों पर आवास परियोजना के पूरा होने में देरी को दोष देने के लिए जोर-जबरदस्ती का रोना नहीं रो सकता है, जबकि मौत सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हुई है। एनसीडीआरसी के पीठासीन सदस्य वीके जैन ने कहा कि डेवलपर आवास परियोजना को पूरा करने में देरी को कवर करने के लिए अपनी परियोजना स्थल पर श्रमिकों की मौतों का लाभ नहीं उठा सकते हैं, जब मौतें उनकी खुद की लापरवाही का नतीजा रही हैं। आयोग ने डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड और...
सुप्रीम कोर्ट ने अनुदान प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति के सरकार के अधिकार को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 की संवैधानिकता को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में सरकार को शिक्षकों की नियुक्ति का अधिकार है।जस्टिस अरुण मिश्रा और यू यू ललित की पीठ एसके एमडी रफीक बनाम प्रबंध समिति, कोंताई रहमानिया उच्च मदरसा और अन्य मामले में फैसला सुनाया है ।ये मामला पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 की वैधता से संबंधित है, जिसने मदरसों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक आयोग का गठन किया...
टाटा संस : रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ की प्रतिकूल टिप्पणियां वापस लेने की याचिका NCLAT ने खारिज की
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने सोमवार को 18 दिसंबर के फैसले में कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग करने वाली कंपनियों के रजिस्ट्रार द्वारा दी गई याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सायरस मिस्त्री को टाटा संस लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर बहाल करने का आदेश दिया गया था। न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने माना कि फैसले ने RoC पर कोई आकांक्षा नहीं रखी है।नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को 18 दिसंबर के उस फैसले में कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग...
किसी मुकदमे की स्वीकार्यता याचिकाकर्ता की दलीलों पर निर्भर करती है, न कि प्रतिवादी के बचाव पर: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक वाद से संबंधित दीवानी संशोधन अर्जी खारिज करते हुए कहा कि किसी वाद की स्वीकार्यता (मेंटेनेबलिटी) वादी की दलीलों पर निर्भर करती है, न कि विपक्ष के बचाव पर। इस संशोधन अर्जी में याचिकाकर्ता मूल बचावकर्ता था।न्यायमूर्ति दामा शेषाद्रि नायडू पुणे के सातवें अपर न्याधीश (स्मॉल कॉजेज कोर्ट) द्वारा चार अगस्त, 2015 को पारित फैसले के खिलाफ शामराव, लक्ष्मण और स्वप्निल कुलकर्णी की संशोधन अर्जी की सुनवाई कर रहे थे। अपने फैसले में ट्रायल कोर्ट ने नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा...
बेसमेंट पार्किंग गैरेज है या बेसमेंट? डेवलपर ने कहा-गैरेज, एनसीडीआरसी ने कहा- नहीं
एनसीडीआरसी ने कहा है कि तमाम सुरक्षाओं के बाद भी बेसमेंट पार्किंग को गैरेज का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। "बेसमेंट का उपयोग किसी भी काम के लिए किया जाए, फिर भी वो बेसमेंट ही रहता है। पार्किंग क्षेत्र एक ऐसा एरिया है, जहां वाहनों की पार्किंग की जाती है, ऐसी जगह कहीं भी हो सकती है. कार पार्किंग के लिए इस्तेमाल हो रहा बेसमेंट, मेरे विचार से, एक गैरेज नहीं हैं, चूंकि एक व्यक्तिगत आवंटी उस पर अपना ताला और चाबी नहीं लगा सकता और बेसमेंट के प्रवेश द्वार और अन्य जगहों पर सुरक्षा होने के बावजूद, यह उतना...
मद्रास हाईकोर्ट के वकीलों ने सीएए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की
मद्रास हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के एक समूह ने चेन्नई पुलिस द्वारा सीएए के विरोध में किए गए "कोलम" विरोध प्रदर्शन के खिलाफ की गई कार्रवाई के खिलाफ आवाज़ उठाई है। वकीलों के एक समूह ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। 29 दिसंबर 2019 को, शास्त्री नगर पुलिस ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ "कोलम" ड्राइंग बनाने के लिए वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता गायत्री खंडादाई को हिरासत में लिया। गायत्री को कानूनी सहायता देने थाने गए तीन अन्य वकीलों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज...
जस्टिस कृष्णा अय्यर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान अनुच्छेद 21 की मानवतावादी व्याख्याः जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम
चौथे जस्टिस वीआर कृष्ण अय्यर मेमोरियल लेक्चर में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम ने व्याख्यान दिया। पढ़िए, व्याख्यान के महत्वपूर्ण हिस्से- जस्टिस वीआर कृष्ण अय्यर मेमोरियल लेक्चर के लिए निमंत्रण पाना वाकई एक विशेष स्तर का सम्मान है। जस्टिस कृष्ण अय्यर की महानता यह है कि उनके बहुमुखी व्यक्तित्व का वर्णन करने के लिए भी हमारे पास शब्दों की कमी पड़ जाती है, और फिर हमें उपयुक्त शब्दावली के लिए जस्टिस अय्यर की ओर देखना पड़ता है।मैं शारदा कृष्णा सतगमय फाउंडेशन फॉर लॉ एंड जस्टिस के ट्रस्टियों...



















