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दिल्ली पुलिस को NSA का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल देने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( NSA) के तहत कार्रवाही करने की शक्ति को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया था।सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा,"हम इस मामले में दखल कैसे दे सकते हैं। आजकल CAA के विरोध में जारी प्रदर्शनों में कैसे सार्वजनिक संपत्ति को जलाया जा रहा है। क्या हम इन हालात में प्राधिकरण के हाथ बांध सकते हैं।"पीठ ने त्रिपुरा, असम और कोलकाता आदि का उदाहरण...
सहारा- सेबी विवाद : सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सुब्रत रॉय, अदालत ने पुलिस काफिला हटाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के रुपये ना लौटाने के मामले में सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के साथ पुलिस काफिले को हटाने से फिलहाल इनकार कर दिया है।शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ ने हालांकि सुब्रत रॉय को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने पर छूट दे दी है। इस दौरान सहारा प्रमुख भी अदालत में मौजूद रहे।उनकी ओर से अनुरोध किया गया था कि अदालत दिल्ली पुलिस के एस्कॉर्ट को हटाने के निर्देश जारी करे लेकिन सेबी ने इसका विरोध किया और कहा कि ये व्यवस्था सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि अदालत में उनकी...
केबीसीः स्टार टीवी और एयरटेल को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया एनसीडीआरसी का फैसला
स्टार टीवी और भारती एयरटेल को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के एक आदेश को रद्द कर दिया है। कमीशन ने अपने आदेश में स्टार टीवी ओर भारती एयरटेल को क्विज़ शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) के संबंध में कथित अनुचित कारोबारी तरीकों के लिए एक करोड़ रुपयों के दंडात्मक नुकसान का भुगतान संयुक्त रूप से करने का निर्देश दिया था। अगस्त 2007 में, सोसाइटी ऑफ कैटालिस्ट्स ने स्टार इंडिया और भारती एयरटेल के खिलाफ नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन के...
टाटा Vs साइरस मिस्त्री : सुप्रीम कोर्ट ने RoC पर टिप्पणी करने वाले NCLAT के फैसले पर भी रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ( NCLAT) के 6 जनवरी के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें टाटा संस बनाम साइरस मिस्त्री फैसले में कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग करने वाली रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने टाटा संस की याचिका पर नोटिस भी जारी किया है। दरअसल रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा कंपनी अधिनियम की धारा 420 (2) और 424 (1) के तहत स्थानांतरित, NCLAT नियम, 2016 के नियम 11 के साथ...
देवेंद्र फड़नवीस की पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट सहमत
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल के अपने एक फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका को खुली अदालत में सुनने के लिए सहमति व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल के अपने इस फैसले में चुनावी कदाचार के मामले में देवेंद्र फड़नवीस को मिली क्लीन चिट के फैसले को रद्द कर दिया था। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की तीन जजों वाली बेंच ने फडणवीस की अर्जी को ओपन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की मौखिक सुनवाई की अनुमति दी। ...
" जज हत्यारे को माफ नहीं कर सकते" : मौत की सजा पाए दंपत्ति की पुनर्विचार याचिका पर CJI बोबडे ने कहा
गुरुवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने अमरोहा हत्याकांड के दोषियों, सलीम और शबनम की ओर से मौत की सजा के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। 2015 में शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मृत्युदंड देने के आदेश की पुष्टि की थी जिसमें 2010 में सत्र न्यायालय द्वारा शबनम के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के लिए उन्हें मौत की सजा देने के फैसले को बरकरार रखा गया था।यह स्थापित किया गया है कि सलीम और...
अनुच्छेद 370: याचिकाओं को वृहद पीठ के सुपुर्द करने के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित
उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को वृहद पीठ के सुपुर्द करने या ना करने के मामले में गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की संविधान पीठ ने याचिकाकर्ताओं और केंद्र सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। विभिन्न याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी, संजय पारिख, राजीव...
इंटरनेशनल कोर्ट ने म्यांमार को रोहिंग्याओं का नरसंहार रोकने के उपाय करने का निर्देश दिया
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने गुरुवार को कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ किए गए नरसंहार के आरोपों पर फैसला देने के लिए वह प्रथम दृष्टया अधिकार क्षेत्र है।ICJ ने यह बात म्यांमार के खिलाफ गाम्बिया द्वारा 1948 के जेनोसाइड कन्वेंशन के तहत लाए गए मामले में कही है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी स्टेट पार्टी कन्वेंशन के तहत क्षेत्राधिकार का आह्वान कर सकता है, भले ही वह कथित नरसंहार के कृत्यों से विशेष रूप से प्रभावित न हो। ऐसा जेनोसाइड कन्वेंशन के दायित्वों की सार्वभौमिक प्रकृति के कारण...
आपराधिक जांच लंबित होने के कारण किसी कर्मचारी की ग्रेच्युटी रोकना संविधान के अनुच्छेद 300A का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राज्य के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की ग्रेच्युटी की रकम को सेवानिवृत्ति के समय केवल इस आधार पर रोकना उसके खिलाफ आपराधिक जांच विचाराधीन है, संविधान के अनुच्छेद 300 ए का उल्लंघन है। "एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के पेंशन और ग्रेच्युटी प्राप्त करने के अधिकार को एक संपत्ति के रूप में मान्यता दी जाती है, जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 300-ए के मद्देनजर कानून के जरिए ही वंचित किया जा सकता है।" जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने कहा, "पेंशन और ग्रेच्युटी को पर रोक...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द किया जीएसटी अथॉरिटी का आदेश, कहा-बैंक खातों को अटैच करने की शक्ति सीमित उपयोग के लिए
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय के एक आदेश को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि कहा कि याचिकाकर्ता के बैंक खातों को अस्थायी रूप से अटैच करने का आदेश निदेशालय के अधिकार-क्षेत्र से बाहर है। जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ कैश इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कैश इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने डायरेक्टर दीपक कुमार के जरिए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के बैंक खाते को अस्थायी रूप से अटैच करने...
घरेलू हिंसा की शिकायत पर नोटिस जारी करने से पहले अदालत को प्रथम दृष्टया संतुष्ट होना होगा कि घरेलू हिंसा हुई है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि घरेलू हिंसा का आरोप लगाने वाली एक शिकायत में नोटिस जारी करने से पहले अदालत को इस बात से संतुष्ट होना होगा कि वास्तव में घरेलू हिंसा की घटना हुई है। इस मामले में एक पत्नी ने अपने पति और उसके माता-पिता सहित चौदह व्यक्तियों के खिलाफ घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। अन्य सभी उत्तरदाता शिकायतकर्ता के माता-पिता के रिश्तेदार हैं, जो अन्य राज्यों में रहते हैं। जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने उल्लेख किया कि, पति और माता-पिता पर घरेलू...
दीवानी मुकदमे का इस्तेमाल करना आपराधिक मामला निरस्त करने का आधार नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि किसी पक्ष ने भले ही दीवानी उपाय का इस्तेमाल किया हो, लेकिन उसे आपराधिक कानून के तहत मुकदमा शुरू करने से वंचित नहीं किया जा सकता।न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने कहा कि कुछ मामलों में बिल्कुल समान तथ्य दीवानी के साथ-साथ आपराधिक मुकदमों में राहत दे सकते हैं।इस मामले में हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता की ओर से दायर आपराधिक मुकदमा यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि संबंधित मामला पंजीकृत बिक्री विलेख से जुड़ा था और अपीलकर्ता ने आरोप लगाया था कि...
नीलगिरी में रिसॉर्टस का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाथियों को रास्ता दे मनुष्य
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा है कि वो किसी को भी हाथी के रास्ते में आने नहीं देगा और मनुष्य को को हाथियों को रास्ता देना ही चाहिए।दरअसल तमिलनाडु के नीलगिरी वन क्षेत्र में अधिसूचित हाथियों के गलियारे में अवैध रूप से निर्मित रिसॉर्ट्स को सील करने से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ ने ये टिप्पणियां कीं।रिज़ॉर्ट मालिकों द्वारा अपने रिसॉर्ट्स को सील करने के खिलाफ दायर याचिकाओं के बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए पीठ ने संकेत दिया है कि यह हाईकोर्ट के...
मौत की सजा के दोषियों के लिए" शत्रुघ्न चौहान' फैसले में संशोधन की जरूरत : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
एक अहम कदम के तौर पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर शत्रुघ्न चौहान मामले में 2014 के फैसले में स्पष्टीकरण और संशोधन की मांग की है, जिसमें घोषणा की गई थी कि मौत की सजा पाने वालों के लिए भी कुछ अधिकार हैं।2012 के दिल्ली गैंगरेप-मर्डर केस में चार दोषियों की मौत के वारंट के लंबित निष्पादन के संदर्भ में केंद्र का यह कदम आया है।आवेदन में केंद्र का कहना है कि यह निर्णय "आरोपी-केंद्रित" है और "पीड़ितों, उनके परिवार और समाज के दृष्टिकोण से दिशानिर्देशों पर विचार करना...
'जानवरों के अधिकारों की रक्षा करना कोर्ट का कर्तव्य': दिल्ली हाईकोर्ट ने हाथी को पेश करने के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महावत (हाथी मालिक) को अपने हाथी से मिलने की इजाजत नहीं दी है। महावत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायार कर कोर्ट से हाथी को पेश करने की अपील की थी। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संगीता धींगरा सहगल की खंडपीठ ने माना है कि जंगल हाथी का प्राकृतिक निवास है। उसे पर्याप्त पानी, आवास के के साथ चलने-फिरने और चरने के लिए बड़े इलाके की आवश्यकता होती है। इसलिए, जानवरों के अधिकारों का ध्यान रखने के लिए अदालत का कर्तव्य है कि वह पैरेन्स पैट्रिए के सिद्धांत के...
CJI गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कर्मचारी को सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया
सुप्रीम कोर्ट के तीन असंतुष्ट कर्मचारियों ने कॉरपोरेट लॉबिस्टों के साथ मिलकर CJI के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी जिसने पूर्व मुख्य न्यायाधीश ( CJI) रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, उसकी सेवाओं को फिर से बहाल कर दिया गया है, इंडियन एक्सप्रेस ने आज बताया है। रिपोर्ट के अनुसार वह ड्यूटी में शामिल हो गई है और उसके सभी बकाया दे दिए गए है।दरअसल एक अनुशासनात्मक जांच के बाद दिसंबर 2018 में एक जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के रूप में उसकी सेवाएं समाप्त कर दी...
(धारा 216 सीआरपीसी) कोर्ट फैसले को सुरक्षित रख लिए जाने के बाद भी अतिरिक्त आरोप जोड़ने की अनुमति दे सकती हैः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट मुकदमे में सबूतों की पेशी, दलीलों के पूरा होने और फैसले को सुरक्षित रख लिए जाने के बाद भी आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 216 के तहत आरोपों को बदलने या जोड़ने की अपनी शक्तियों का प्रयोग कर सकती है। मौजूदा मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत आरोप लगाया गया था। मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग और दलीलों के बाद मामले को निर्णय के लिए सुरक्षित रख लिया गया। उसके बाद लोक अभियोजक ने...
सीआरपीसी की धारा 394 : जेल एवं आर्थिक जुर्माने की एक साथ सजा के खिलाफ दायर अपील अभियुक्त की मौत के बाद समाप्त नहीं हो जाती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जेल और आर्थिक जुर्माने की मिश्रित सजा के खिलाफ अपील लंबित होने के दौरान यदि अभियुक्त-अपीलकर्ता की मौत हो जाती है तो अपील समाप्त नहीं हो जाती।इस मामले में आरोपी को अबकारी अधिनियम की धारा 55(ए)(जी) के तहत दोषी ठहराया गया था और उसे दो साल जेल की सजा सुनायी गयी थी तथा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। अपील लंबित होने के दौरान हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता की मौत के तथ्य पर गौर किया, हालांकि इसने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 394 के सिद्धांत का हवाला देते हुए अपील की...
सीएए को SC में चुनौती : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने विवादित नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली लगभग 140 रिट याचिकाओं का जवाब देने के लिए बुधवार को केंद्र सरकार को चार सप्ताह का समय दिया। हालांकि पार्टियों ने अदालत से इस बीच अधिनियम के तहत प्रक्रिया के कार्यान्वयन को स्थगित करने का आग्रह किया, लेकिन पीठ ने इस तरह की राहत देने का कोई आदेश पारित नहीं किया। CJI एसए बोबडे, जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने भी असम और त्रिपुरा की याचिकाओं पर अलग से विचार करने पर सहमति व्यक्त की। ...



















