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" ट्रांसजेंडर के अधिकार फिर से लागू करो " : सुप्रीम कोर्ट ने ट्रासंजेंडर पर्सन्स एक्ट के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट स्वाति बिधान बरूआ द्वारा दायर याचिका के अनुसार ये एक्ट ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की रक्षा के घोषित उद्देश्य के साथ पारित किया गया लेकिन ये उनके अधिकारों की उपेक्षा करता है।ज़िला मजिस्ट्रेट का प्रमाणपत्र आवश्यकअधिनियम के तहत एक ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी पहचान बताने के लिए, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा...
समलैंगिक विवाह को मान्यता दिलाने के लिए गे कपल ने केरल हाईकोर्ट में दायर की याचिका
केरल के पहले 'विवाहित' समलैंगिक जोड़े निकेश और सोनू ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 के प्रावधानों को चुनौती दी है। उन्होंने केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और समलैंगिक विवाह के पंजीकरण को अनुमति दिए जाने की मांग की है। कोर्ट ने उन दोनों की याचिकाओं पर सोमवार को केंद्र और केरल की सरकारों को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, समलैंगिक विवाह को मान्यता न देना, संविधान के अनुच्छेद 14, 15 (1), 19 (1) (ए) और 21 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनकी मुलाकात मई...
राजस्व अधिकारियों को अचल संपत्तियों का 'स्वामित्व विवाद' तय करने का अधिकार नहीं हैः कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है, जिससे एक ही मामले में कई मुकदमे दर्ज करने की मुश्किल खत्म हो जाएगी।"राजस्व अधिकारियों अर्थात, तहसीलदार, सहायक आयुक्त और उपायुक्त के पास अचल संपत्ति/संपत्तियों के संबंध में पक्षकारों के बीच 'स्वामित्व विवाद' पर फैसला करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है। यह फैसला करना सक्षम सिविल कोर्ट का अनन्य अधिकार है, यदि कोर्ट द्वारा कोई आदेश पास किया जाता है तो वह पक्षों और राजस्व अधिकारियों दोनों पर बाध्यकारी होगा।" जस्टिस एसएन सत्यनारायण, जस्टिस बी वीरप्पा और...
RDB एक्ट के तहत पुनर्विचार आवेदन में देरी को माफ करने की DRT के पास कोई शक्ति नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऋण वसूली न्यायाधिकरण ( डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल) के पास ऋण की वसूली और दिवालियापन अधिनियम 1993 (आरडीबी अधिनियम) के तहत पुनर्विचार के लिए आवेदन दाखिल करने में देरी को माफ करने की कोई शक्ति नहीं है।कोर्ट ने कहा कि लिमिटेशन एक्ट के प्रावधान, इसमें धारा 5 के तहत देरी करने का प्रावधान है, केवल आरडीबी एक्ट की धारा 19 के तहत दायर मूल आवेदनों पर ही लागू होते हैं, न कि पुनर्विचार के आवेदनों के लिए। जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड...
निर्भया गैंगरेप : दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने के खिलाफ याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की , CJI ने सुनवाई का संकेत दिया
2012 निर्भया गैंगरेप केस में मौत की सजायाफ्ता मुकेश सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने का संकेत दिया है। सोमवार को मुकेश की ओर से वकील वृंदा ग्रोवर ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ( CJI ) के समक्ष याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए अनुरोध करते हुए कहा कि एक फरवरी के लिए डेथ वारंट जारी किए गए हैं।इस पर CJI ने उन्हें मेंशनिंग अधिकारी के पास जाने को कहा। उन्होंने कहा कि जिसके लिए 1 फरवरी को फांसी तय की गई हो, उसकी याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता है। दरअसल...
पंजीकरण अधिनियम की धारा 32 के तहत बिक्री विेलेख पंजीकरण के दौरान दोनों पक्षों की उपस्थिति जरूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 32 के तहत ब्रिकी विलेख के पंजीकरण के दौरान दोनों पक्षों का उपस्थित रहना जरूरी नहीं है।हालांकि, गौरतलब है कि राज्यों द्वारा बनाये गये नियमों के तहत क्रेता और विक्रेता दोनों की उपस्थिति जरूरी हो सकती है।इस मामले में, ट्रायल कोर्ट ने वादी द्वारा दायर मुकदमे पर इस आधार पर हुक्मनामा दिया कि बिक्री विलेख के पंजीकरण के समय क्रेता वहां मौजूद नहीं था। हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि पंजीकरण अधिनियम की संबंधित धाराओं को संयुक्त रूप से पढ़ने पर...
न्याय दिलाने में कोर्ट की मदद करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य, सरकार निजी मुकदमेबाज की तरह व्यवहार नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार निजी मुकदमेबाज की तरह व्यवहार नहीं कर सकती और न्याय दिलाने में कोर्ट की मदद करना उसका (सरकार का) पवित्र एवं संवैधानिक दायित्व है। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ अपील पर विचार कर रहा था। हाईकोर्ट ने सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में छूट न देने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली रिट याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि न तो सरकारी अधिकारियों को सीमा शुल्क से छूट संबंधी 'स्पष्टीकरण अधिसूचना' की जानकारी नहीं थी, न ही याचिकाकर्ता ने इसे रिकॉर्ड में लाया...
डॉक्टर एन आर माधव मेनन मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित
भारतीय आधुनिक कानूनी शिक्षा के पितृपुरुष डॉक्टर एन आर माधव मेनन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। पद्म भूषण भारत सरकार का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इसकी घोषणा शनिवार शाम को गृह मंत्रालय ने की। डॉक्टर मेनन का 8 मई, 2019 को निधन हो गया था। इससे पहले उन्हें 2003 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को भी आज मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डॉक्टर मेनन को नेशनल लॉ स्कूल की स्थापना का बीड़ा उठाकर भारतीय कानूनी शिक्षा का...
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यायिक व्यवस्था में बहुत आवश्यक : मुख्य न्यायाधीश बोबडे
शुक्रवार को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के 79 वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने न्यायिक कामकाज में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को अदालतों के कामकाज में अपनाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें प्रति सेकंड दस लाख कैरेक्टर को पढ़ने की गति थी। उन्होंने कहा, इसे डॉकेट प्रबंधन में इस्तेमाल किया जा सकता है और "सभी प्रासंगिक तथ्यों को पढ़ने और उनका अर्थ निकाल कर प्रभाव की गणना करने में भी...
निर्भया गैंगरेप : मौत की सजायाफ्ता मुकेश ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
2012 निर्भया गैंगरेप केस में मौत की सजायाफ्ता मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में 1 फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने जल्दबाज़ी में उसका दया याचिका पर फैसला लिया है और उन्होंने उसके तथ्यों पर विचार नहीं किया है। इसके साथ ही उसे तिहाड़ जेल की काल कोठरी से बाहर निकालने के निर्देश भी मांगे गए हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ने मुकेश की दया याचिका को...
भोपाल गैस त्रासदी मामले में केंद्र की क्यूरेटिव पिटीशन की अगले सप्ताह सुनवाई करेगी संवैधानिक बेंच
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 28 जनवरी, 2020 से निम्नलिखित मामलों की सुनवाई करेगी। भोपाल गैस त्रासदी -सुरक्षा याचिका भारत के संघ एम/एस यूनिअन कार्बाइड कॉर्पोरशन यह मामला 2011 में केंद्र द्वारा भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड ( जो अब डॉव केमिकल्स के स्वामित्व में है) से अतिरिक्त मुआवजे दिलाने के लिए दायर एक क्यूरेटिव पिटीशन से संबंधित है। दिसंबर 2010 में दायर याचिका में 7413 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजे की मांग की गई थी, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 14...
नागरिकों पर ज्यादा टैक्स का बोझ ना लादे सरकार, ये सामाजिक अन्याय के समान : मुख्य न्यायाधीश बोबडे
आम बजट से कुछ दिन पहले देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एस ए बोबडे ने कहा है कि सरकार को नागरिकों पर ज्यादा टैक्स का बोझ नहीं लादना नहीं चाहिए। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि टैक्स चोरी करना आर्थिक अपराध के साथ देश के बाकी नागरिकों के साथ सामाजिक अन्याय भी है लेकिन अगर सरकार मनमाने तरीके से या फिर अत्यधिक टैक्स लगाती है तो ये भी खुद सरकार द्वारा सामाजिक अन्याय है। CJI ने ये बात इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल के 79 वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में कही। CJI बोबडे ने कहा,...
कथित अपराधों की गम्भीरता जमानत अर्जी खारिज करने का आधार नहीं बन सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी आरोपी के खिलाफ अपराधों की गम्भीरता जमानत अर्जी ठुकराने का आधार नहीं हो सकती है। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने हत्या में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे दो अभियुक्तों को जमानत दे दी थी। जमानत आदेश खारिज करने के अपीलीय अदालत के अधिकार क्षेत्र का निर्धारण करने वाले सुप्रीम कोर्ट के ही हालिया आदेश का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा : दो ही कारणों...
CAA विरोधी प्रदर्शन : UP में प्रदर्शनकारियों से संपत्ति का नुकसान वसूलने के नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून और NRC के खिलाफ के विरोध प्रदर्शनों के कारण सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश के जिला प्रशासन द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कथित तौर पर, 19 दिसंबर, 2019 को लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों में सरकारी और निजी संपत्ति को कई नुकसान पहुंचाया गया जिसमें सरकारी बसें, मीडिया वैन, मोटर बाइक, आदि भी शामिल थी। मोहम्मद शुजाउद्दीन बनाम उत्तर प्रदेश में...
राजनीति के अपराधीकरण से चिंतित सुप्रीम कोर्ट, दागियों के चुनाव लड़ने पर रोक की याचिका का परीक्षण करने को तैयार
राजनीति के अपराधीकरण से चिंतित सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मुद्दे का परीक्षण करने पर सहमति जताई है कि क्या राजनीतिक पार्टियों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव में टिकट देने से रोका जा सकता है। जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने इसे राष्ट्रहित का मामला बताते हुए कहा कि इस समस्या को रोकने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे। पीठ ने चुनाव आयोग और याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय को एक सप्ताह के भीतर के सामूहिक प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं। आपराधिक केसों की जानकारी वेबसाइट पर...
NDPS मामलों में जमानत के लिए उदार दृष्टिकोण अनावश्यक नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि NDPS मामलों में जमानत के मामले में उदार दृष्टिकोण नहीं हो सकता है।न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि न्यायालय को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 37 के तहत अनिवार्य रूप से एक रिकॉर्ड दर्ज करना होगा और NDPS अधिनियम के तहत आरोपी को जमानत देने के लिए ये अनिवार्य है।दरअसल अदालत केरल राज्य द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रहा थी जिसमें NDPS की धारा 37 (1) (बी) (ii) के जनादेश के तहत राज्य को नोटिस जारी...
जिन स्कूलों को सरकारी मान्यता की जरूरत वो किसी एक धर्म की शिक्षा प्रदान नहीं कर सकते हैं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि जिन स्कूलों के लिए आरटीई एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त करना जरूरी है, वे धार्मिक निर्देश या अन्य धर्मों पर तरजीह देते हुए किसी विशेष धर्म की शिक्षा प्रदान नहीं कर सकते। जस्टिस मुहम्मद मुश्ताक शुक्रवार को एक प्रश्न की पड़ताल कर रहे थे कि "क्या निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल, जिन्हें मान्यता की आवश्यकता होती है, उन्हें प्राथमिक शिक्षा के साथ किसी विशेष धर्म को, अन्य धर्मों पर तरजीह देते हुए, बढ़ावा देने का अधिकार है?" कोर्ट में हिदाया एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट,...
चोरी के बारे में बीमा कंपनी को सूचना देने में हुई देर के एकमात्र आधार पर बीमा क्लेम खारिज नहीं हो सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीमा कंपनी को केवल चोरी की घटना के बारे में बताने में हुई देरी, बीमित व्यक्ति के दावे को खारिज करने का आधार नहीं हो सकता। एक मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि सिर्फ चोरी की घटना की सूचना देने में देरी के आधार पर बीमा का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति एन.वी रमना की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीश की पीठ एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह मुद्दा उठाया था कि हालांकि प्राथमिकी सूचना रिपोर्ट तुरंत दर्ज करा दी गई थी, लेकिन क्या बीमा कंपनी को...
हिरासत में मौत/ रेप की अनिवार्य न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें पुलिस हिरासत या जेल में मौत, लापता होने और कथित बलात्कार से संबंधित मामलों में अनिवार्य न्यायिक जांच की मांग की गई है।मानवाधिकार कार्यकर्ता और याचिकाकर्ता सुहास चकमा के अनुसार, सरकार सीआरपीसी की धारा 176 (1 ए) को लागू करने में विफल रही है जो ऐसे मामलों में अनिवार्य न्यायिक जांच को निर्धारित करती है। उन्होंने कहा कि 23 जून, 2006 को अनिवार्य प्रावधान के लागू होने के बाद भारत में प्रतिदिन हिरासत में होने वाली मौतों / बलात्कारों...
















