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हम किसी मंत्री को प्रतिबंधित नहीं कर सकते सुप्रीम कोर्ट ने बहस जारी रखी कि क्या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की बोलने की आजादी पर अंकुश लगाया जा सकता है?
"हम किसी मंत्री को प्रतिबंधित नहीं कर सकते" सुप्रीम कोर्ट ने बहस जारी रखी कि क्या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की बोलने की आजादी पर अंकुश लगाया जा सकता है?

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत सरन, जस्टिस इंदिरा बैनर्जी, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस एस रवींद्र भट्ट की भारत के सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कौशल किशोर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य के मामले में सुनवाई फिर से शुरू की। यह मामला बुलंदशहर में बलात्कार की घटना से सामने आया है जिसमें राज्य के एक मंत्री, आज़म खान ने इस घटना को "राजनीतिक साजिश और कुछ नहीं" के रूप में खारिज कर दिया था। "हम एक मंत्री को रोक नहीं सकते। वह एक सार्वजनिक अधिकारी है। वह बोल सकते हैं! वह विरोध की आवाज है!...

अयोध्या रामजन्म भूमि- बाबरी विवाद : सुप्रीम कोर्ट में पीस पार्टी ने दाखिल की क्यूरेटिव याचिका
अयोध्या रामजन्म भूमि- बाबरी विवाद : सुप्रीम कोर्ट में पीस पार्टी ने दाखिल की क्यूरेटिव याचिका

उत्तर प्रदेश पीस पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद अय्यूब ने अयोध्या रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है।इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में ये पहली क्यूरेटिव याचिका दाखिल की गई है जबकि अन्य पक्षकारों ने ये दाखिल नहीं की है।इससे पहले 12 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी 19 पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था। पांच जजों की पीठ ने कहा था कि याचिकाओं में कोई आधार नहीं है।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे,जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल...

जिस माता या पिता को बच्चे की कस्टडी नहीं मिली है, उसे बच्चे से प्रतिदिन बात करने का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट
जिस माता या पिता को बच्चे की कस्टडी नहीं मिली है, उसे बच्चे से प्रतिदिन बात करने का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिस माता या पिता को बच्चे की कस्टडी नहीं दी मिली है, उसे अपने बच्चे से प्रतिदिन 5-10 मिनट तक बात करने का अधिकार होना चाहिए। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि कस्टडी के मामलों से निपटने वाली अदालतों को कस्टडी के मुद्दों का फैसला करते समय स्पष्ट रूप से मुलाकात के अधिकारों की प्रकृति, तरीके और बारीकियों को परिभाषित करना चाहिए। न्यायालय एक पत्नी द्वारा दायर अपील पर विचार कर रहा था, जिसे हाईकोर्ट (पति द्वारा दायर एक हैबियस कॉर्पस...

सुप्रीम कोर्ट ने सासंदों, विधायकों की अयोग्यता के लिए स्वतंत्र निकाय की स्थापना की वकालत की, संसद से पुनर्विचार को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सासंदों, विधायकों की अयोग्यता के लिए स्वतंत्र निकाय की स्थापना की वकालत की, संसद से पुनर्विचार को कहा

एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सासंदों व विधायकों की अयोग्यता पर फैसला करने के लिए एक स्वतंत्र निकाय के गठन की वकालत की है।जस्टिस आर एफ नरीमन की पीठ ने मंगलवार को दिए एक फैसले में कहा कि संसद को फिर से विचार करना चाहिए कि अयोग्यता पर फैसला स्पीकर करे जो कि एक पार्टी से संबंधित होता है, या फिर इसके लिए स्वतंत्र जांच का मैकेनिज्म बनाया जाए।अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने पीठ ने कहा," ये समय है कि संसद इस पर पुनर्विचार करे कि सदस्यों की अयोग्यता का काम स्पीकर के पास रहे, जो एक पार्टी से संबंध...

राजीव गांधी हत्याकांड : SC ने  तमिलनाडु सरकार से दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट मांगी, राज्यपाल के समक्ष याचिका पर क्या कदम उठाया 
राजीव गांधी हत्याकांड : SC ने  तमिलनाडु सरकार से दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट मांगी, राज्यपाल के समक्ष याचिका पर क्या कदम उठाया 

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है कि दोषियों द्वारा राज्यपाल के समक्ष अनुच्छेद 161 के तहत दाखिल सज़ा माफ करने की याचिका पर क्या कदम उठाया गया है। दरअसल दोषी ए जी पेरारीवलन व अन्य ने 2018 में राज्यपाल के समक्ष याचिका दाखिल कर सजा को माफ करने का अनुरोध किया था। मंगलवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने ये निर्देश जारी करते हुए केंद्र की रिपोर्ट पर फिर सवाल उठाए। पीठ ने...

AGR पर टेलीकॉम कंपनियों की संशोधन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार, अगले हफ्ते सुनवाई 
AGR पर टेलीकॉम कंपनियों की संशोधन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार, अगले हफ्ते सुनवाई 

समायोजित सकल राजस्व (AGR) मामले में टेलीकॉम कंपनियों की सुप्रीम कोर्ट में संशोधन याचिका पर जल्द सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि अगले सप्ताह इस मामले में फैसला देने वाली जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ही याचिका पर सुनवाई करेगी। इस दौरान टेलीकॉम कंपनियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और सी ए सुंदरम ने कहा कि वो फैसले को चुनौती नहीं दे रहे हैं। कंपनियां केंद्र सरकार से भुगतान के शेड्यूल के लिए बात कर रही है। दरअसल...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, लिखित बयान दर्ज करने के लिए अनिवार्य समय सीमा गैर-वाणिज्यिक मामलों पर लागू नहीं होती है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, लिखित बयान दर्ज करने के लिए अनिवार्य समय सीमा गैर-वाणिज्यिक मामलों पर लागू नहीं होती है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, लिखित बयान दर्ज करने के लिए अनिवार्य समय सीमा गैर-वाणिज्यिक मामलों पर लागू नहीं होती है सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गैर-वाणिज्यिक मामले में लिखित बयान दर्ज करने के लिए अनिवार्य समय सीमा लागू नहीं होती है। कोर्ट ने कहा कि नॉन-कमर्शियल मुकदमे के संबंध में, समय सीमा लिखित बयान के लिए एक निर्देशिका है, जो अनिवार्य नहीं है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबड़े, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने कहा कि गैर-वाण‌िज्‍यिक मुकदमो में लिख‌ित बयान दर्ज करने में हुए...

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम : यूनिटेक का प्रबंधन नियंत्रण संभालने का केंद्र का प्रस्ताव मंजूर
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम : यूनिटेक का प्रबंधन नियंत्रण संभालने का केंद्र का प्रस्ताव मंजूर

एक बड़े कदम के तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंधन नियंत्रण को संभालने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने यूनिटेक के नए बोर्ड को कंपनी के प्रस्ताव ढांचे को तैयार करने के लिए दो महीने का समय दिया और इसकी रिपोर्ट मांगी। पीठ ने कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्यवाही से नए बोर्ड को 2 महीने की मोहलत भी दी।पीठ ने कहा कि वो बोर्ड द्वारा प्रस्ताव ढांचे की तैयारी की निगरानी के लिए एक शीर्ष अदालत के...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
कोई भी धर्म पूजा के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देताः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने म‌स्जिदों में लाउस्पीकर्स लगाने की इजाजत देने से किया इनकार

कोई भी धर्म पूजा के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहते हुए दो मस्जिदों की अजान के लिए लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति की मांग को खार‌िज कर दिया है। जस्ट‌िस पंकज मिठल और जस्टिस विपिन चंद्र दीक्षित ने अपने आदेश में कहा, "कोई भी धर्म ये आदेश या उपदेश नहीं देता है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जर‌िए प्रार्थना की जाए या प्रार्थना के लिए ड्रम बजाए जाएं और यदि ऐसी कोई परंपरा है, तो उससे दूसरों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए, न किसी को परेशान किया...

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यकों के लिए योजनाओं को चुनौती देने वाली PIL पर नोटिस जारी किया 
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यकों के लिए योजनाओं को चुनौती देने वाली PIL पर नोटिस जारी किया 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1972 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में एक घोषणा की मांग की गई है कि ये अधिनियम भेदभावपूर्ण और उल्लंघनकारी होने के रूप में असंवैधानिक है। इसके अलावा, याचिका में अल्पसंख्यकों को दिए जाने वाले विभिन्न वित्तीय लाभों और शैक्षिक अनुदानों को भी चुनौती दी गई है।याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संविधान के अनुच्छेद 15 (4) के तहत अल्पसंख्यकों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के रूप में...

शाहीन बाग में CAA के खिलाफ धरना : कालिंदी कुंज सड़क को बंद करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका 
शाहीन बाग में CAA के खिलाफ धरना : कालिंदी कुंज सड़क को बंद करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका 

नागरिकता संशोधन कानून ( CAA) के विरोध मेंचल रहे धरने- प्रदर्शन के चलते पिछले 35 दिनों से बंद कालिंदी कुंज - शाहीन बाग मार्ग को बंद करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को कोई दिशा- निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया था। 14 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने सरकार और पुलिस को...

AGR पर टेलीकॉम कंपनियां फिर सुप्रीम कोर्ट में, अदालत से फैसले में संशोधन करने की गुहार 
AGR पर टेलीकॉम कंपनियां फिर सुप्रीम कोर्ट में, अदालत से फैसले में संशोधन करने की गुहार 

समायोजित सकल राजस्व (AGR) मामले में टेलीकॉम कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में संशोधन याचिका दाखिल की है। याचिका में कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपने उस आदेश में संशोधन करने की गुहार लगाई है जिसमें उन्हें केंद्र को 23 जनवरी तक पूरी राशि चुकाने के निर्देश दिए गए थे। अपनी याचिका में कंपनियों ने अदालत से अनुरोध किया है कि वो अपने पुराने आदेश में संशोधन करे और टेलीकॉम कंपनियों को ये राहत दे कि वो केंद्र सरकार के सम़क्ष भुगतान के लिए शेड्यूल तैयार कर सके। दरअसल 6 जनवरी को टेलीकॉम कंपनियों को...

निर्भया मामला : सुप्रीम कोर्ट ने सजायाफ्ता पवन की नाबालिग होने का दावा करने वाली याचिका खारिज की
निर्भया मामला : सुप्रीम कोर्ट ने सजायाफ्ता पवन की नाबालिग होने का दावा करने वाली याचिका खारिज की

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजायाफ्ता पवन गुप्ता की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने दावा किया था कि 2012 में जब ये घटना हुई तब वो नाबालिग था। जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिका में कोई आधार नहीं मिला है। इस मामले में पहले ट्रायल कोर्ट, फिर हाईकोर्ट और जुलाई 2018 में पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट फैसला दे चुका है। इसलिए बार-बार इस मामले में याचिका को अनुमति नहीं दी जा सकती। ...

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य नाबालिग लड़कियों से रेप करने के दोषी करार
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य नाबालिग लड़कियों से रेप करने के दोषी करार

साकेत कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने सोमवार को मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया है। बृजेश ठाकुर को बलात्कार, गैंगरेप (आईपीसी की धारा 376 (डी), POCSO अधिनियम की धारा 6 के तहत यौन उत्पीड़न, आपराधिक षड्यंत्र और किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध के तहत दोषी ठहराया गया है। कुछ महिला आरोपियों को आपराधिक षड्यंत्र, अपराध का उन्मूलन, POCSO अधिनियम की धारा 12 और किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। एक...

सुप्रीम कोर्ट ने NIA एक्ट संशोधन 2019 को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने NIA एक्ट संशोधन 2019 को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

जस्टिस आर एफ नरीमन और  जस्टिस एस रवींद्र भट की सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार को केंद्र को उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) यानी NIA अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA) की शक्ति का विस्तार करने वाला संशोधन अधिनियम 2019 के मानसून सत्र के दौरान संसद द्वारा पारित किया गया था।वकील जैमोन एंड्रयूज की सहायता से वरिष्ठ वकील संतोष पॉल ने प्रस्तुत किया कि संशोधन ने सहकारी संघवाद के सिद्धांतों को प्रभावित किया है और...

चुनावी बॉन्ड योजना पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया, ADR की याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस
चुनावी बॉन्ड योजना पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया, ADR की याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस ए बोबडे की पीठ ने फिलहाल दिल्ली चुनाव से पहले चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने से इनकार कर दिया । पीठ ने सोमवार को चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है । याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि इस योजना के बावजूद कि यह लोकसभा चुनाव के लिए निश्चित अवधि के लिए खुलेगा, लेकिन हर राज्य के विधानसभा चुनावों के लिए इस योजना को शुरू किया जा रहा है।इससे सत्ताधारी दल को भारी धनराशि मिल रही है नए...

इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने UP सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने UP सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सोमवार को वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने इस मामले में मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ के सामने दलीलें दीं और इसके बाद पीठ ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। दरअसल इलाहाबाद हेरिटेज सोसाइटी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में 26 फरवरी, 2019 को दिए गए इलाहाबाद के फैसले को चुनौती दी...

एससी/एसटी कानून के तहत जांच न किये जाने को आधार बनाकर उसी मामले में आईपीसी के तहत दायर आरोप-पत्र खारिज नहीं किये जा सकते : सुप्रीम कोर्ट
एससी/एसटी कानून के तहत जांच न किये जाने को आधार बनाकर उसी मामले में आईपीसी के तहत दायर आरोप-पत्र खारिज नहीं किये जा सकते : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी अपराध की शिकायत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून, दोनों के प्रावधानों के तहत की जाती है तो आईपीसी के प्रावधानों के तहत सक्षम पुलिस अधिकारी द्वारा की गयी जांच सिर्फ इसलिए खारिज नहीं की जा सकती कि सक्षम पुलिस अधिकारी ने एससी/एसटी कानून के तहत घटना की जांच नहीं की थी। इस मुकदमे में, आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302/34, 404/34 तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून की धारा 3(2)(पांच) के तहत आरोप तय किये गये...