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मालेगांव ब्लास्ट : पीड़ित के पिता ने मामले का जल्दी ट्रायल पूरा करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी
मालेगांव ब्लास्ट : पीड़ित के पिता ने मामले का जल्दी ट्रायल पूरा करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी

मालेगांव ब्लास्ट पीड़ित के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मालेगांव ब्लास्ट मामले में तेजी से सुनवाई करने के लिए मामले की सुनवाई कर रहे ट्रायल जज, जो सेवा-निवृत्ति के करीब हैं, उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की। याचिका में कहा गया है कि मामले की सुनवाई में देरी संविधान के अनुच्छेद 21 के लिए विरोधाभासी है। याचिका में कहा गया, "मुकदमे को निपटाने में देरी के कारण, याचिकाकर्ता और अन्य पीड़ितों के मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 21 के...

दिल्ली हिंसा) : SG ने कहा, हेट स्पीच पर FIR का समय अनुकूल नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई 13 अप्रैल तक टाली
दिल्ली हिंसा) : SG ने कहा, हेट स्पीच पर FIR का समय अनुकूल नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई 13 अप्रैल तक टाली

दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने गुरुवार को दिल्ली दंगों की जांच के लिए एक्टिविस्ट हर्ष मंदर द्वारा दायर याचिका की सुनवाई और कथित रूप से हिंसा करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को 13 अप्रैल तक के लिए टाल दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की अर्जी को स्वीकार करते हुए कि एफआईआर दर्ज करने के लिए स्थिति "अनुकूल" नहीं है, कोर्ट ने मामले में जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए केंद्र सरकाक को तीन सप्ताह का समय दिया है। " SG ने अदालत के...

हेट स्पीच पर विधि आयोग की कड़े कानून की सिफारिशों को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका 
हेट स्पीच पर विधि आयोग की कड़े कानून की सिफारिशों को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका 

वकील और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें सरकार से हेट स्पीच के खिलाफ कानून को कड़ा करने के लिए 2017 में की गई विधि आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है।वकील अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि हेट स्पीच जनता को नुकसान करती है क्योंकि ये भाईचारा, एकता और राष्ट्रीय अखंडता की गरिमा को प्रभावित करती है। हेट स्पीच में व्यक्तियों और समाज को आतंकवाद, नरसंहार,जातीय हिंसा के...

National Uniform Public Holiday Policy
(सेक्‍शन 340 सीआरपीसी) क्या सेक्शन 195 सीआरपीसी के तहत ‌श‌िकायत दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच अन‌िवार्य है? सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच करेगी फैसला

क्या दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 195 के तहत शिकायत किए जाने से पहले दंड प्र‌क्रिया संहिता की धारा 340 संभावित आरोपी को प्रारंभिक जांच और सुनवाई का अवसर प्रदान करती है? सुप्रीम की दो जजों की बेंच, जिसमें जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस मोहन एम शांतनगौदर शामिल हैं, ने ये सवाल बड़ी बेंच के हवाले किया है। बेंच ने प्रारंभिक जांच की व्यापकता और दायरे पर भी सवाल उठाया है। मौजूदा मामले में, डिप्टी कमिश्नर-कम-चीफ सेल्स कमिश्नर, तरन तारन ने, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, पट्टी को निर्देश दिया था कि वे एक पक्षकार...

पुलिस सुधार पर दिशा निर्देशों को लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
पुलिस सुधार पर दिशा निर्देशों को लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पुलिस सुधारों पर प्रकाश सिंह जजमेंट में निर्धारित दिशानिर्देशों को लागू करने की मांग करते हुए एक नई याचिका की तत्काल सुनवाई की मांग की। अधिवक्ता भूषण ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों का जिक्र किया और जो 2006 के उक्त जजमेंट के कार्यान्वयन के लिए निर्देश जारी करने की आवश्यकता कोर्ट के सामने उजागर की। याचिका में कहा गया है कि पुलिस में एक अलग जांच विंग और एक अलग कानून व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि पहले आपराधिक न्याय का प्रशासन होता...

हेट स्पीच को लेकर सोनिया, राहुल समेत कई हस्तियों पर कार्रवाई की मांग वाली याचिकाओं पर दिल्ली HC ने नोटिस जारी किए, 13 अप्रैल को सुनवाई
हेट स्पीच को लेकर सोनिया, राहुल समेत कई हस्तियों पर कार्रवाई की मांग वाली याचिकाओं पर दिल्ली HC ने नोटिस जारी किए, 13 अप्रैल को सुनवाई

दिल्ली हिंसा को लेकर अब हेट स्पीच मामले में दाखिल अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने इन मामलों को भी मुख्य मामलों के साथ टैग कर दिया है और उनकी सुनवाई भी 13 अप्रैल को होगी।पहली याचिका में ' लॉयर्स वॉयस' नामक संगठन ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा , दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी...

.. और गुरुवार को फैसला देकर जस्टिस मुरलीधर ने कहा, ये दिल्ली हाईकोर्ट में मेरा अंतिम न्यायिक कार्य, वकीलों ने कहा, आप हमारी प्रेरणा
.. और गुरुवार को फैसला देकर जस्टिस मुरलीधर ने कहा, ये दिल्ली हाईकोर्ट में मेरा अंतिम न्यायिक कार्य, वकीलों ने कहा, आप हमारी प्रेरणा

बुधवार देर रात केंद्र सरकार द्वारा तबादले के नोटिफिकेशन के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस एस मुरलीधर गुरुवार की सुबह जस्टिस वी कामेश्वर राव के साथ अदालत में बैठे और फैसला सुनाया।इस दौरान जस्टिस मुरलीधर ने कहा, " ये इस अदालत में मेरा अंतिम न्यायिक कार्य है।" इस दौरान अदालत में बहुत सारे वकील थे। एक वकील ने कहा कि जस्टिस मुरलीधर सभी की प्रेरणा हैं। इसके बाद जस्टिस मुरलीधर वहां से उठ कर चले गए।दरअसल जस्टिस मुरलीधर ने पहले मंगलवार देर रात दिल्ली हिंसा की सुनवाई की और उसके बाद बुधवार को फिर से...

ब्रेकिंग : दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को नेताओं के खिलाफ हेट स्पीच पर FIR पर फैसला करने के निर्देश दिए
ब्रेकिंग : दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को नेताओं के खिलाफ हेट स्पीच पर FIR पर फैसला करने के निर्देश दिए

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे नेताओं द्वारा कथित रूप से किए गए भड़काऊ भाषणों के संबंध में एफआईआर दर्ज करने पर "सचेत निर्णय लें", लेकिन ये भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा, कपिल मिश्रा और अभय वर्मा तक सीमित ना रहें। जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस तलवंत सिंह की पीठ ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के कड़े विरोध के बावजूद यह आदेश पारित किया। अदालत ने पुलिस अधिकारी विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीण रंजन को...

दिल्ली हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, फिर  1984 नहीं होने देंगे, दिशा- निर्देश जारी
दिल्ली हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, फिर ' 1984' नहीं होने देंगे, दिशा- निर्देश जारी

दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्सों में दंगों में घायल हुए लोगों के लिए सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए दिशा- निर्देश जारी किए हैं।जस्टिस आर मुरलीधर की पीठ ने इस दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, "इस कोर्ट के रहते दिल्ली में फिर से '1984' नहीं होने दिया जा सकता। पीठ ने कहा कि ये समय लोगों में भरोसा दिलाने का है। लोगों में मन में डर खत्म करने के लिए अधिकारी पीड़ितों से जाकर मिलें। अदालत ने जुबैदा बेगम को एमिक्स क्यूरी भी नियुक्त किया है।हाईकोर्ट ने इस...

अनुराग ठाकुर के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई केस नहीं, नफरत फैलाने वाला भाषण देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को किया सूचित
'अनुराग ठाकुर के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई केस नहीं', नफरत फैलाने वाला भाषण देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को किया सूचित

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को सूचित किया है कि कथित रूप से घृणा फैलाने वाला भाषण देने के मामले में भाजपा नेता अनुराग ठाकुर और परवेश शर्मा के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई केस नहीं बनता है,जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। सब इंस्पेक्टर धीरज ने एसीएमएम विशाल पाहुजा को बताया कि क्राइम ब्रांच ने सीपीएम नेता वृंदा करात की शिकायत में बताए गए विनिर्देशों पर कानूनी राय मांगी है। पुलिस ने यह भी बताया है कि उक्त भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए भाषणों और उसके बाद हुई हिंसा की...

सुप्रीम कोर्ट ने महबूबा मुफ्ती को लेकर इल्तिजा की हैबियस कॉरपस याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने महबूबा मुफ्ती को लेकर इल्तिजा की हैबियस कॉरपस याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा कानून ( PSA) 1978 के तहत जम्मू और कश्मीर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के खिलाफ पारित किए गए हिरासत आदेश के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया है।इस मामले पर जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने विचार किया और केंद्र व जम्मू- कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता की वकील नित्या रामाकृष्णन ने न्यायालय को दिनांक 05.02.2020 के आदेश से अवगत कराया और प्रस्तुत किया कि...

दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई जिंदगियां चली गईं, दिक्कत पुलिस में स्वतंत्रता और व्यावसायिकता की कमी की है, SC ने दिल्ली हिंसा पर टिप्पणी की
दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई जिंदगियां चली गईं, दिक्कत पुलिस में स्वतंत्रता और व्यावसायिकता की कमी की है,' SC ने दिल्ली हिंसा पर टिप्पणी की

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 24 फरवरी से हो रहे उत्तर पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हुए दंगों पर कुछ महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणियां कीं। शाहीन बाग में कोर्ट की निगरानी में सड़क को खुलवाने की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दंगों को लेकर पुलिस की निष्क्रियता की खबरों पर जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने हिंसा के बारे में अपनी चिंताओं को बताया। "दुर्भाग्यपूर्ण चीजें हुई हैं, " न्यायमूर्ति कौल ने टिप्पणी की। जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा, "पुलिस की निष्क्रियता के बारे में, मैं कुछ...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंडमान बिग ब्रो के‌ खिलाफ दिया अंतरिम रोक का आदेश, एंडेमोल के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल रोकने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'अंडमान बिग ब्रो' के‌ खिलाफ दिया अंतरिम रोक का आदेश, एंडेमोल के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल रोकने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एंडेमोल शाइन ग्रुप को अंतरिम राहत देते हुए अंडमान एक्सटासी प्राइवेट लिमिटेड को अपने शो के लिए 'अंडमान बिग ब्रो' के नाम का प्रयोग नहीं करने का आदेश दिया। शाइन ग्रुप के पास 'बिग ब्रदर' ट्रेडमार्क का स्वामित्व है। न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला ने वाणिज्यिक मामले के तहत एंडेमोल शाइन ग्रुप के अंतरिम आवेदन पर सुनवाइ की, जिसमें अंतरिम राहत की मांग की गई थी। वादी के वकील हीरेन कामोद ने कहा कि एंडेमोल इस ट्रेडमार्क का पहला कॉपीराइट धारक है और 'बिग ब्रदर' कॉपीराइट...

दिल्ली हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने आधी रात को सुनवाई में पुलिस को घायलों को बड़े अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए
दिल्ली हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने आधी रात को सुनवाई में पुलिस को घायलों को बड़े अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए

दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्सों में दंगों में घायल हुए लोगों के लिए सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए एक याचिका पर सुनवाई करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस मुरलीधर के आवास पर मंगलवार रात 12.30 बजे एक आपातकालीन मध्यरात्रि सुनवाई हुई।यह याचिका सुविधाओं की कमी वाले छोटे अस्पताल मुस्तफाबाद के अल हिंद अस्पताल से गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को दिलशाद गार्डन में जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए थी।वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश...

अगर किसी पार्टी को 51% वोट मिले हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि 49% लोग उसकी सारी बातें बिना किसी विरोध के मान लें : न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता
अगर किसी पार्टी को 51% वोट मिले हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि 49% लोग उसकी सारी बातें बिना किसी विरोध के मान लें : न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने सोमवार को लोकतंत्र में असहमति की बात की। उन्होंने इस धारणा की आलोचना की कि जो लोग सत्ताधारी लोगों की बात नहीं मानते वे "देश विरोधी" हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम "लोकतंत्र और असहमति" (डिमॉक्रेसी एंड डिसेंट) पर अपने व्याख्यान में न्यायमूर्ति गुप्ता ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यद्यपि लोकतंत्र में जो बहुमत में होता है उसी का शासन होता है पर बहुसंख्यावाद लोकतंत्र के ख़िलाफ़ होता है। "भारत जैसे देश में, जहां सबसे ज़्यादा...