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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने   क्रिश्चियन मिशेल को जमानत देने से इनकार किया 
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने  क्रिश्चियन मिशेल को जमानत देने से इनकार किया 

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को जमानत देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने उसकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें उल्लेख किया गया था कि मिशेल को जेल में भीड़भाड़ और बढ़ती उम्र के कारण COVID19 वायरस का शिकार होने की आशंका "निराधार" है। 11 अप्रैल को दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत के लिए उनकी याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति मुक्ता...

लॉ स्टूडेंट ने COVID संक्रमण की चेन रोकने के लिए फेस मास्क के उचित निपटान के निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
लॉ स्टूडेंट ने COVID संक्रमण की चेन रोकने के लिए फेस मास्क के उचित निपटान के निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें यह प्रार्थना की गई है कि फेस मास्क, जो वर्तमान में COVID-19 के कारण घरेलू कचरे के रूप में पूरे देश में निकल रहा है, उसके उचित निपटान के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएं। याचिकाकर्ता अंकित गुप्ता, जो एनएलआईयू, भोपाल में लॉ के अंतिम वर्ष के छात्र हैं, उनका मानना ​​है कि सरकार द्वारा COVID खतरे के आकलन के तहत फेस मास्क पहनने को अनिवार्य बनाया गया है, जिसका पालन न करने पर अब जुर्माना लगाया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा, " इसके अलावा,...

लॉकडाउन के उल्लंघन के मामूली मामलों को लेकर लोगों को परेशान न किया जाए,  सुप्रीम कोर्ट में याचिका
लॉकडाउन के उल्लंघन के मामूली मामलों को लेकर लोगों को परेशान न किया जाए, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है कि COVID-19 महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के उल्लंघन के मामूली मामलों को लेकर हज़ारों लोगों को गिरफ़्तार किया जा रहा है जिसकी वजह से पुलिस और न्यायिक व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है। इस मामले को लेकर पहले याचिका दायर की जा चुकी है, जिस पर यह हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है। यह आवेदन सेंटर फ़ॉर अकाउंटबिलिटी एंड सिस्टेमिक चेंज (सीएएससी) ने दायर किया है जिसके माध्यम से लॉकडाउन के दौरान लोगों के ख़िलाफ़ हज़ारों की संख्या में दर्ज हो...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को ईरान में फंसे 860 भारतीय मछुआरों के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को ईरान में फंसे 860 भारतीय मछुआरों के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के चलते ईरान में फंसे 860 भारतीय मछुआरों को वापस लाने की याचिका पर केंद्र सरकार को कहा है कि उनकी शिकायतों पर कार्रवाही की जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। जस्टिस एन वी रमना की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता सांता मुथूलिंगम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने कहा कि वहां से एक सूचना मिली है जो दिखाती है कि तीन हफ्ते पहले भोजन की आपूर्ति का प्रभार कंपनी द्वारा उठाया गया था, जिसे भारतीय दूतावास द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। पिछले तीन...

आप PIL दाखिल करने के अलावा मजदूरों की मदद नहीं कर सकते :  SG,  आप हमें 15 लाख लोगों को खाना खिलाने के लिए कह रहे हैं ? : भूषण
'आप PIL दाखिल करने के अलावा मजदूरों की मदद नहीं कर सकते : SG, आप हमें 15 लाख लोगों को खाना खिलाने के लिए कह रहे हैं ? : भूषण

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जब COVID-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान प्रवासी कामगारों को मज़दूरी के भुगतान के लिए सरकार से निर्देश मांगने वाली एक याचिका पर सुनवाई शुरू की तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि "कुछ लोगों का सामाजिक कार्य केवल जनहित याचिका दाखिल करने तक ही सीमित है।" दरअसल जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ, एक्टिविस्ट हर्ष मंदर और अंजलि भारद्वाज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन प्रवासी श्रमिकों को भोजन, बुनियादी जरूरतों और आश्रय तक...

सुप्रीम कोर्ट ने फेस मास्क और हैंड सैनिटाइजर के लिए GST से छूट की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने फेस मास्क और हैंड सैनिटाइजर के लिए GST से छूट की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फेस मास्क और हैंड सैनिटाइजर के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स ( GST) से छूट की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने एक अन्य याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें चल रही कोरोना वायरस महामारी के दौरान गैर- COVID​​-19 बीमारियों से संबंधित चिकित्सा खर्चों में तत्काल छूट के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मुद्दे पर कोई विशेषज्ञ नहीं है और कीमतों का...

COVID 19 के मरीज़ों के मुफ्त इलाज की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन न करें
COVID 19 के मरीज़ों के मुफ्त इलाज की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन न करें

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के मुफ्त इलाज की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की खंडपीठ ने अमित द्विवेदी की ओर से दायर याचिका पर कड़ी टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि याचिका कुछ भी नहीं है, लेकिन एक पब्लिसिटी स्टंट है और ऐसी याचिकाएं दायर नहीं की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि "सरकार को यह तय करना है कि किसे मुफ्त इलाज दिया जाए। हमारे पास कोई फंड नहीं है। मुझे लगता है...

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लॉकडाउन के दौरान वकीलों को दफ्तरों के किराए से छूट देने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लॉकडाउन के दौरान वकीलों को दफ्तरों के किराए से छूट देने की मांग

दिल्ली के एक वकील अल्जो के जोसेफ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर वकालत करने वालों के लिए उनके पेशेवर परिसर के किराए का भुगतान करने के लिए विशेष रूप से सहायता करने के लिए सरकार को एक निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कई वकील अदालत के करीब रहने के लिए अपने पेशेवर स्थानों के लिए "अत्यधिक किराए" का भुगतान करते हैं। हालांकि, लॉकडाउन के बाद से, कई वकील जो नियमित आय पर निर्भर हैं, काम के नुकसान के कारण पीड़ित हैं और इस तरह उनके लिए अपने कार्यालय परिसर के लिए किराए का भुगतान करना...

लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इन असामान्य हालात में सभी अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं
लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इन असामान्य हालात में सभी अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID19 महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के कारण सख्त परेशानी झेल रहे प्रवासी कामगारों की मजदूरी के भुगतान पर दायर याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि देश असामान्य स्थिति का सामना कर रहा है और इसमें शामिल सभी हितधारक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर और अंजलि भारद्वाज द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा लगाया...

जम्मू-कश्मीर में 4G मोबाइल इंटरनेट सेवाओं की बहाली की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा
जम्मू-कश्मीर में 4G मोबाइल इंटरनेट सेवाओं की बहाली की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID-19 महामारी के आलोक में, केंद्रशासित प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में 4G मोबाइल इंटरनेट सेवाओं की बहाली की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र को निर्देश दिया है। जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी आर गवई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को जो केंद्र की ओर से पेश हुए थे, को निर्देश दिया कि वो रविवार तक प्रत्येक याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करें।मामला 27 अप्रैल, 2020 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। पीठ ने...

पैदल यात्रा कर रहे, लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को आस-पास के आश्रित घरों में  शिफ्ट करने, भोजन और चिकित्सा की सुविधा देने के निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
पैदल यात्रा कर रहे, लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को आस-पास के आश्रित घरों में शिफ्ट करने, भोजन और चिकित्सा की सुविधा देने के निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर एक अर्जी दायर की है। जिसमें मांग की गई है कि प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल अंतरिम दिशा-निर्देश दिए जाएं। वहीं देशव्यापी लाॅकडाउन दौरान उन्हें भोजन, पानी, आश्रय और चिकित्सा सहायता जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रदान की जाएं। इस अर्जी में 31 मार्च, 2020 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसकी मूल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए गए आदेश पर भी प्रकाश डाला गया है। उस आदेश में राज्य भर के अधिकारियों और पुलिस को...

लॉकडाउन के दौरान और उससे पहले बुक किए गए फ्लाइट टिकट का पूरा पैसा वापस करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
लॉकडाउन के दौरान और उससे पहले बुक किए गए फ्लाइट टिकट का पूरा पैसा वापस करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि केंद्र सरकार और डायरेक्टरट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को आदेश दिया जाए कि वे एयरलाइंस को उचित निर्देश जारी करें, ताकि लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने के लिए बुक किए गए टिकटों का पूरा पैसा वापस (रिफंड) किया जाए क्योंकि लॉकडाउन के कारण सभी फ्लाइट रद्द हो गई हैं। प्रवासी लीगल सेल ने यह याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया है कि उड़ान रद्द होने के कारण टिकटों के लिए एकत्र की गई पूरी धनराशि को एयरलाइंस द्वारा वापस न...

COVID 19 से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में विशेष इंतजामों की जरूरत : सुप्रीम कोर्ट में याचिका   
COVID 19 से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में विशेष इंतजामों की जरूरत : सुप्रीम कोर्ट में याचिका  

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को राज्य के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ निगरानी समिति का गठन करने कर प्रत्येक बीमार व्यक्ति को चिकित्सा सहायता प्रदान करने, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त संख्या में PPE किट प्रदान करने, दूरस्थ क्षेत्रों में परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने और परीक्षणों की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्रा, मध्य प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा है कि "मध्य प्रदेश कोरोना वायरस से सबसे अधिक...

स्वीकृत लेआउट प्लान में खुली जगह/बगीचे के लिए ख़ाली छोड़े गए प्लॉट पर निर्माण कार्य की इजाज़त नहीं : सुप्रीम कोर्ट
स्वीकृत लेआउट प्लान में खुली जगह/बगीचे के लिए ख़ाली छोड़े गए प्लॉट पर निर्माण कार्य की इजाज़त नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भवनों के स्वीकृत लेआउट में जो प्लॉट खुली जगह या बगीचों के लिए ख़ाली रखे गए हैं उन पर निर्माण कार्य की अनुमति नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति एमएम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा, "दो प्लॉट जो खुली जगह/बगीचे के लिए ख़ाली रखे गए हैं उन पर निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह पूरी तरह तय किया जा चुका है कि स्वीकृत लेआउट में जो जगह ख़ाली छोड़े गए हैं वे वैसे ही रहेंगे ऐसी खुली जगहों पर किसी भी तरह के निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जा सकती।" ...

पदोन्नति पदों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व की जांच किए बिना पदोन्नति में आरक्षण नहीं होगा : सुप्रीम कोर्ट
पदोन्नति पदों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व की जांच किए बिना पदोन्नति में आरक्षण नहीं होगा : सुप्रीम कोर्ट

इस सिद्धांत का पालन करते हुए कि पदोन्नति पदों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व की जांच के बिना पदोन्नति में आरक्षण नहीं दिया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उड़ीसा सरकार द्वारा पारित एक प्रस्ताव को रद्द कर दिया। 2002 में पारित प्रस्ताव में उड़ीसा प्रशासनिक सेवा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए परिणामी वरिष्ठता के साथ पदोन्नति पदों में आरक्षण प्रदान किया था। इस प्रस्ताव को मुख्य रूप से उड़ीसा उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया था कि, इसे संविधान के अनुच्छेद 16 (4 ए) के...

लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न  के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न के लिए' वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना को लागू करने मांग की गई है ताकि उन लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके, जो वर्तमान में चल रहे कोरोना वायरस संकट के बीच परेशान हैं। इसके लिए, यह प्रार्थना की गई है कि इसके लिए वन नेशन वन अम्ब्रेला (ONOU) योजना को अस्थायी रूप से अपनाया जा सकता है ताकि प्रवासी श्रमिकों और निराश्रितों के अधिकारों को सरकार द्वारा सुरक्षित रखा जा सके। वकील रीपक कंसल द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि...

मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराया मांगने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराया मांगने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

लॉकडाउन के बीच मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराए की लगातार मांग पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है। दिल्ली के वकील पवन प्रकाश पाठक और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली के अंतिम वर्ष के एक छात्र अभिजीत द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें केंद्र की उस एडवाइजरी को लागू करने की अनुमति मांगी गई है जिसमें मकान मालिकों को लॉकडाउन अवधि के दौरान किराए का भुगतान करने में विफल सभी मजदूरों और छात्रों को अपने मकान खाली ना कराने के लिए कहा गया है। ...

लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स से गैर-जरूरी सामानों की आपूर्ति नहीं की जाएगी, गृह मंत्रालय ने संशोधित अधिसूचना जारी की
लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स से गैर-जरूरी सामानों की आपूर्ति नहीं की जाएगी, गृह मंत्रालय ने संशोधित अधिसूचना जारी की

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ई-कॉमर्स को 20 अप्रैल के बाद लॉकडाउन के दौरान कुछ गतिविधियों में दी जाने वाली छूट की सूची से कुछ गतिविधियों को बाहर करके रविवार को एक संशोधित अधिसूचना जारी की। इस संशोधित सूची के अनुसार ई-कॉमर्स द्वारा गैर-जरूरी सामानों की आपूर्ति 3 मई तक विस्तारित लॉकडाउन की अवधि के दौरान निषिद्ध रहेगी। ई-कॉमर्स के माध्यम से खाद्य पदार्थों, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों जैसे आवश्यक सामानों की डिलीवरी की 24 मार्च को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुमति दी गई थी। 15 अप्रैल...