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डॉ. आंबेडकर ने भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में संस्कृत का प्रस्ताव रखा था: सीजेआई शरद अरविंद बोबड़े
भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े ने बुधवार को कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संस्कृत को भारत संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में प्रस्तावित किया था क्योंकि वे भाषाओं को लेकर होने वाले विवाद से अवगत थे।सीजेआई बोबड़े ने महाराष्ट्र में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (MNLU) के शैक्षणिक भवन के उद्घाटन समारोह में कहा कि डॉ. आंबेडकर लोगों की सामाजिक और राजनीतिक जरूरतों को समझते थे।सीजेआई बोबड़े ने कहा कि,"डॉ. आंबेडकर ने भाषा के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश किया, जिस पर कुछ मुल्लों, पुजारियों और...
सुप्रीम कोर्ट ने लक्षण आने पर कोर्ट स्टाफ, एडवोकेट के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य करते हुए अतिरिक्त दिशा निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को COVID -19 मामलों के अचानक बढ़ने और रजिस्ट्री कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और उनके कर्मचारियों आदि सहित लोगों के सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश करने के संबंध में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर अतिरिक्त दिशानिर्देश जारी किए।इस संबंध में जारी सर्कुलर में कहा गया कि "COVID -19 संक्रमण के लिए अधिसूचित लोगों के समान कोई भी लक्षण दिखाई देने पर, सुप्रीम कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश द्वार, अर्थात कॉर्डिनेट एजेंसियों के रजिस्ट्री...
"यह अपने स्वयं के आदेश में विश्वास की कमी को दर्शाता है" : सुप्रीम कोर्ट ने मिसाल के तौर पर ना माने जाने की चेतावनी वाले आदेशों की निंदा की
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस प्रथा की निंदा की जिन आदेशों में कहा जाता है कि उक्त आदेश को समता के आधार पर एक मिसाल के तौर पर नहीं माना जाना चाहिए, खासकर आपराधिक मामलों में।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एम आर शाह की पीठ 5 व्यक्तियों की हत्या के एक मामले में 6 सह-अभियुक्तों को अलग-अलग आदेशों में गुजरात उच्च न्यायालय की समन्वित बेंचों द्वारा दी गई नियमित जमानत को रद्द करने की मांग के लिए दाखिल एसएलपी पर सुनवाई कर रही थी जिसमें आईपीसी की धारा 302, 143, 144, 147, 147, 148, 149, 341, 384, 120B,...
आईबीसी धारा 31 में 2019 संशोधन पूर्वव्यापी रूप से लागू हुआ है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड की धारा 31 में 2019 संशोधन पूर्वव्यापी रूप से लागू हुआ है।यह संशोधन स्पष्ट और घोषणात्मक है और इसलिए यह उस तारीख से प्रभावी होगा जिस दिन आई एंड बी कोड लागू हुआ है। जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा, धारा 31, जो प्रस्ताव योजना के अनुमोदन से संबंधित है, मूल रूप से निम्नानुसार पढ़ी जाती है: यदि फैसला लेने वाला प्राधिकारी संतुष्ट हो जाता है कि धारा 30 की उपधारा (4) के तहत लेनदारों की समिति द्वारा अनुमोदित...
बचाव की योग्यता पर आरोप तय करने के चरण में और / या आरोपमुक्त करने के आवेदन के चरण में विचार नहीं किया जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बचाव की योग्यता पर आरोप तय करने के चरण में और / या आरोपमुक्त करने के आवेदन के चरण में विचार नहीं किया जाना चाहिए।आरोप तय करने के चरण में और / या आरोपमुक्त करने के आवेदन पर विचार करने के चरण में, मिनी ट्रायल की अनुमति नहीं है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा, इस मामले में, विशेष अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर विचार किया, जिसमें शिकायतकर्ता और अभियुक्तों के बीच दर्ज की गई बातचीत की प्रतिलेख शामिल था और रिकॉर्ड पर अन्य सामग्री पर विचार...
"प्रथम दृष्ट्या हमारा विचार है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल किसी कानून को रद्द नहीं कर सकता " : सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) एक कानून की वैधता को तय करने और उसे रद्द करने का फैसला नहीं कर सकता है।बेंच जिसमें, भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम शामिल थे, कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई कर रही थी, जिसमें जैव विविधता अधिनियम की धारा 40 को चुनौती देने वाली याचिका उच्च न्यायालय द्वारा एनजीटी चेन्नई को स्थानांतरित कर दी गई थी।तत्काल मामले में एसएलपी में एनजीटी को याचिका के हस्तांतरण के आदेश...
सीआरपीसी 482 के तहत रद्द करने की याचिका को खारिज/ निस्तारण करते समय हाईकोर्ट गिरफ्तार ना करने और / या "कोई कठोर कदम ना उठाने " के आदेश नहीं दे सकते : सुप्रीम कोर्ट
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत रद्द करने की याचिका को खारिज/ निस्तारण करते समय और / या भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय जांच के दौरान या जांच पूरी होने तक और / या सीआरपीसी की धारा 173 के तहत अंतिम रिपोर्ट / चार्जशीट दायर होने तक गिरफ्तार ना करने और / या "कोई कठोर कदम ना उठाने " के आदेश को पारित नहीं करेगा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है।सुप्रीम कोर्ट ने निहारिका इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में फैसला दिया है,"हम एक बार फिर जांच पूरी होने तक अंतिम...
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को प्रवासी बच्चों की संख्या और उनकी स्थिति पर रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे राज्य में प्रवासी बच्चों और प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की संख्या के साथ-साथ उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित डेटा प्रदान करें।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने चाइल्ड राइटस ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मुख्य रूप से COVID-19 महामारी के दौरान संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19, 21, 21A, 39 और 47 के तहत प्रवासी बच्चों और प्रवासी परिवारों के बच्चों के मौलिक...
गुजरात दंगा : सुप्रीम कोर्ट ने नरेंद्र मोदी व अन्य को क्लीन चिट देने की एसआईटी रिपोर्ट के खिलाफ जाकिया जाफ़री की याचिका पर सुनवाई टाली
2002 के गुजरात दंगों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य उच्च पदाधिकारियों को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी रिपोर्ट को चुनौती देने वाली जाकिया जाफ़री की याचिका पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से किए गए अनुरोध के आधार पर सुनवाई टालने को मंज़ूरी दे दी।2002 के गुजरात दंगों के दौरान गुलबर्ग हाउसिंग सोसाइटी हत्याकांड में मारे गए कांग्रेस विधायक...
'बीमाकर्ता द्वारा शराब पीकर ड्राइविंग करने के आधार पर दावे को खारिज करने के लिए ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट या ब्लड टेस्ट आवश्यक नहीं': सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट या ब्लड टेस्ट एक बीमाकर्ता के लिए शराब पीकर ड्राइविंग करने के आधार पर दावे को खारिज करने के लिए आवश्यक नहीं है।कोर्ट ने कहा कि यदि दुर्घटना के समय बीमा कंपनी यह तथ्य स्थापित करने में सक्षम है कि ड्राइवर शराब के नशे में था तो बीमाकर्ता को केवल इस आधार पर पॉलिसी के लाभ के बाहर करके उसके अपने अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता कि शराब की उपस्थिति के लिए वैज्ञानिक परीक्षण नहीं किया गया था।जस्टिस...
'आप चाहते हैं कि न्यायपालिका अपनी सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाए?" सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट और एससी जजों के लिए रिटायरमेंट की समान आयु की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति की एक समान उम्र की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की एक पीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति दी। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इस संबंध में अपना प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार या भारत के विधि आयोग में दाखिल कर सकता है।सीजेआई बोबडे ने याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय से पूछा,"आप न्यायपालिका को...
'आपने कोर्ट पहुँचने में बहुत देर कर दी': सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएस विराट के विध्वंस को रोकने की मांग करने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत 'आईएनएस विराट' के विघटन के निराकरण करने और इसे समुद्री संग्रहालय में बदलने के लिए उन्हें सौंपने की मागं करने वाली एक निजी फर्म द्वारा दायर एसएलपी को खारिज कर दिया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता-कंपनी मेसर्स एनविटेक मरीन कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रतिनिधि रूपाली शर्मा को सूचित किया कि उसने अदालत में बहुत देर से संपर्क किया है और जैसा कि रक्षा मंत्रालय ने पहले ही इस अनुरोध से इनकार कर दिया...
सुप्रीम कोर्ट राफेल डील में नए सिरे से जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक फ्रांसीसी समाचार पोर्टल में हालिया प्रकाशिथ रिपोर्टों के सदर्भ में इस डील की जांच करने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर दो सप्ताह के बाद सुनवाई करने पर सहमति जताई।याचिका दायर करने वाले वकील मनोहर लाल शर्मा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के समक्ष मामले का उल्लेख किया।इस मामले के बारे में उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि वह 23 अप्रैल को सीजेआई बोबडे की सेवानिवृत्ति से पहले उनके द्वारा दायर एक नई याचिका की सूची के लिए अनुरोध कर रहे है।शर्मा ने कहा,"मैं इस सप्ताह...
प्राधिकरण द्वारा निविदा की व्याख्या पर अदालत द्वारा दूसरा अनुमान नहीं लगाया जा सकता जब तक कि वह मनमानी, विकृत या गैर-कानूनी न हो, सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
एक प्राधिकरण द्वारा अपनी निविदा की व्याख्या पर किसी न्यायालय द्वारा दूसरा - अनुमान नहीं लगाया जा सकता जब तक कि वह मनमानी, विकृत या गैर-कानूनी न हो, सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया।इस मामले में, अपीलकर्ता द्वारा प्रस्तुत बोली को स्वीकार कर लिया गया और उसे अनुबंध अवार्ड किया गया। उच्च न्यायालय ने एक अन्य बोलीदाता द्वारा दायर रिट याचिका को अनुमति देते हुए, प्राधिकरण को उसे ही अनुबंध देने का निर्देश दिया। अपील में शीर्ष अदालत के समक्ष इस फैसले को चुनौती दी गई थी। अपीलकर्ता का तर्क यह था कि उच्च न्यायालय...
'बिलकुल फिजूल ', सुप्रीम कोर्ट ने वसीम रिजवी की पवित्र कुरान से 26 आयतें हटाने की याचिका खारिज की, 50 हजार का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी की रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से पवित्र कुरान से कुछ आयतों को हटाने की मांग की थी। उनका दावा था कि ये आयतें कथित रूप से गैर-विश्वासियों के खिलाफ हिंसा का प्रचार कर रही हैं।जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने रिट याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि, "यह एक बिलकुल मूर्खतापूर्ण रिट याचिका है"।कोर्ट ने याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता पर 50000 रुपए का जुर्माना लगाया। जब...
COVID-19: सुप्रीम कोर्ट के कई स्टाफ के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद कोर्ट फिर से पूरी तरह वर्चुअल मोड सुनवाई पर, न्यायाधीश घर से सुनवाई करेंगे
सुप्रीम कोर्ट के कई कर्मचारियों के COVID-19 टेस्ट रिपोर्ट में पॉजीटिव निकलने के बाद कोर्ट फिर से पूरी तरह वर्चुअल मोड पर सुनवाई करेगा और अब सभी न्यायाधीश अपने घरों से कोर्ट की कार्यवाही में भाग लेंगे। साथ ही रजिस्टार के समक्ष मेंशन फिजिकल सुनवाई के मामलों को निलंबित कर दिया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी में बढ़ते COVID-19 मामलों के मद्देनजर सर्कुलर जारी किए हैं। कोर्ट स्टाफ की के कई लोगों के पॉजीटिव रिपोर्ट आने के साथ कोर्ट रूम सहित पूरे कोर्ट परिसर की सफाई हो रही है।एक सर्कुलर में कहा गया है...
ओडीआर और वर्चुअल अदालतों का विरोध अज्ञात भय पर आधारित, सूचनाएं संक्रमण को सरल बना सकती हैः जस्टिस चंद्रचूड़
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को कहा, "ऑनलाइन विवाद समाधान और वर्चुअल अदालतों का विरोध अक्सर अंजान डर पर आधारित होता है। मैं इस डर की आलोचना नहीं कर रहा हूं, लेकिन इस संक्रमण को आसान बनाने में मूल्यवान जानकारी के महत्व पर जोर दे रहा हूं।"नीति आयोग की ऑनलाइन विवाद समाधान पुस्तिका के विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि "परिवर्तन प्रकृति का नियम है" और इसे बहुत लंबे समय तक नहीं टालना चाहिए, "अन्यथा ऐसा न हो कि हम, विशेष रूप से न्यायपालिका, पीछे छूट...
"फिजिकल सुनवाई को बदलना नहीं चाहते बल्कि आइडिया यह है कि भारतीय न्यायिक प्रणाली के लचीलेपन को दिखाया जाए": जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट की नई वेबसाइट जजमेंट और ई-फाइलिंग 3.0 के लॉन्च के दौरान कहा कि आइडिया यह है कि भारतीय न्यायिक प्रणाली के लचीलेपन को दिखाया जाए। हम ऐसा फिजिकल सुनवाई को बदलने के लिए नहीं कर रहे हैं।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने ऐसा बॉम्बे हाईकोर्ट के हाल के फैसले के संदर्भ में कहा। दरअसल, हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने तेजी से बढ़ते Covid19 के मामलों के मद्देनजर शारीरिक रूप में सुनवाई (फिजिकल मोड) को फिर से स्विच कर वर्चुअल मोड में सुनवाई करने का निर्णय लिया था।न्यायमूर्ति...
उगाही की राशि के भुगतान को टेरर फंडिंग नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए मामले के अभियुक्त को जमानत मंजूर की
सुप्रीम कोर्ट ने गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार अभियुक्त की जमानत याचिका मंजूर करते हुए कहा है कि उगाही की राशि के भुगतान को आतंकवाद के लिए फंड मुहैया कराना नहीं कहा जा सकता।इस मामले में हाईकोर्ट ने सुदेश केडिया की जमानत याचिका इस निष्कर्ष के साथ खारिज कर दी थी कि वह उगाही की राशि का भुगतान करता रहा था और इस प्रकार उसने आतंकवादी संगठन को फंड मुहैया कराने में मदद की थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि रिकॉर्ड में वैसे साक्ष्य मौजूद हैं जो यह प्रदर्शित करते हैं कि अभियुक्त...


















