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सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल की मौत की सीबीआई जांच की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल की मौत की सीबीआई जांच की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

अगस्त 2016 में अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल की अप्राकृतिक मौत की सीबीआई जांच की मांग करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया।जनहित याचिका " सोशल विजिलेंस टीम" नामक एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर की गई थी।न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की एक पीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति दी ताकि वो कानून के अनुसार अन्य उपाय ले सकें।जब इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो न्यायमूर्ति ललित ने...

सिद्दीकी कप्पन
सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीक कप्पन को उपचार के लिए मथुरा जेल से दिल्ली ट्रांसफर करने के आदेश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को उत्तर प्रदेश की मथुरा जेल से चिकित्सा के लिए दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल या एम्स या किसी अन्य सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराना होगा।उसे उपचार के बाद, मथुरा जेल वापस भेजा जाना चाहिए, जहां वह यूएपीए मामले में इस आरोप में हिरासत में है कि वह हाथरस गैंगरेप-हत्या के अपराध के बाद यूपी में सांप्रदायिक अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा था।केरल के...

दाखिल करने की तारीख से छह महीने के भीतर निष्पादन की कार्यवाही का निपटान करें  : सुप्रीम कोर्ट ने देरी कम करने के लिए निर्देश जारी किए
"दाखिल करने की तारीख से छह महीने के भीतर निष्पादन की कार्यवाही का निपटान करें " : सुप्रीम कोर्ट ने देरी कम करने के लिए निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने निष्पादन की कार्यवाही में देरी को कम करने के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि अदालत को एक निष्पादन दाखिल करने की तारीख से छह महीने के भीतर निष्पादन की कार्यवाही का निपटान करना होगा, जिसे केवल विलंब के लिए लिखित रूप में कारण दर्ज करके बढ़ाया जा सकता है।पूर्व सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालयों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 और सीपीसी की धारा 122 के तहत अपनी शक्तियों के तहत किए गए सभी नियमों पर फिर से विचार करने और अपडेट करने के लिए कहा, जो आदेश के एक...

किसी दिव्यांग गवाह की गवाही को कमजोर या हीन नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट ने  आपराधिक न्याय प्रणाली को दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए
किसी दिव्यांग गवाह की गवाही को कमजोर या हीन नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट ने  आपराधिक न्याय प्रणाली को दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिए गए एक फैसले में आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि किसी दिव्यांग अभियोजन पक्ष की गवाही, या उस मामले के लिए एक दिव्यांग गवाह को कमजोर या हीन नहीं माना जा सकता है, केवल इसलिए कि ऐसा व्यक्ति दुनिया के साथ एक अलग तरीके से बातचीत करता है, सक्षम शरीर वाले समकक्ष के विपरीत।हालांकि किताबों पर कानून में बदलाव एक महत्वपूर्ण कदम है, यह सुनिश्चित करने के लिए अभी भी बहुत...

एससी एसटी एक्ट धारा 3 (2) (v) लागू होगी जब तक जाति की जानकारी अपराध के लिए आधारों में से एक है : सुप्रीम कोर्ट ने पहले के फैसलों पर संदेह जताया
एससी एसटी एक्ट धारा 3 (2) (v) लागू होगी जब तक जाति की जानकारी अपराध के लिए आधारों में से एक है : सुप्रीम कोर्ट ने पहले के फैसलों पर संदेह जताया

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के उन निर्णयों पर संदेह जताया है जिनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (2) (v) की व्याख्या की गई थी कि इसका मतलब यह है कि अपराध "केवल इस आधार पर" किया जाना चाहिए कि पीड़ित अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि यह प्रावधान तब तक आकर्षित होगा जब तक जातिगत पहचान अपराध की घटना के लिए आधार में से एक है। इस आधार पर धारा 3 (2) (v) के संरक्षण से इनकार करने के लिए कि अपराध एक...

अलग-अलग निर्माता अलग-अलग कीमत में वैक्सीन दे रहे हैं: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से COVID-19 वैक्सीन मूल्य निर्धारण के लिए स्पष्टीकरण देने की मांग की
'अलग-अलग निर्माता अलग-अलग कीमत में वैक्सीन दे रहे हैं': सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से COVID-19 वैक्सीन मूल्य निर्धारण के लिए स्पष्टीकरण देने की मांग की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID-19 से संबंधित मुद्दों पर उठाए गए स्वतः संज्ञान मामले में केंद्र सरकार से कहा कि वह COVID-19 टीकों के लिए मूल्य निर्धारण नीति के पीछे तर्क को स्पष्ट करे।न्यायालय ने केंद्र को एक हलफनामे दायर करने का आदेश दिया है, जिसमें टीकों के मूल्य निर्धारण के इस संबंध में अपनाए गए आधार और औचित्य समझाने के लिए कहा गया।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की खंडपीठ ने कहा कि वैक्सीन के मूल्य निर्धारण के संबंध में अपनाए गए आधार और औचित्य को...

सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 पर स्वत: संज्ञान मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता और मीनाक्षी अरोड़ा को एमिकस क्यूरी बनाया
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 पर स्वत: संज्ञान मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता और मीनाक्षी अरोड़ा को एमिकस क्यूरी बनाया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता और मीनाक्षी अरोड़ा को COVID-19 संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए इसके द्वारा लिए गए स्वत: संज्ञान मामले में एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने इस आदेश को 'इन रि : महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का वितरण " मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया।23 अप्रैल को सुनवाई के दौरान मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने खुद को अलग कर लिया था। साल्वे ने 23...

SCAORA COVID-19 से पीड़ित वकीलों के अस्पताल का बिल भुगताने करने के लिए एकमुश्त 25,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान करेगा
SCAORA COVID-19 से पीड़ित वकीलों के अस्पताल का बिल भुगताने करने के लिए एकमुश्त 25,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान करेगा

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने (SCAORA) COVID-19 से प्रभावित वकीलों के लिए वित्तीय सहायता योजना, 2021" की शुरुआत की है। इस योजना के तहत एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (एओआर) जो COVID-19 पॉजीटिव पाए जाएंगे, उनके अस्पताल के खर्च के लिए एकमुश्त 25,000 रूपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।इस योजन के लिए एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट एओआर वेलफेयर ट्रस्ट का उपयोग करेगा।यह निर्णय 25 अप्रैल रविवार को एसोसिएशन की कार्यकारी समिति की एक वर्चुअल बैठक में लिया गया।SCAORA ने घोषणा की है कि यह असाधारण परिस्थितियों...

[COVID स्वत: संज्ञान मामला ]  राष्ट्रीय संकट में मूकदर्शक नहीं बन सकते, हमारा इरादा हाईकोर्ट के हाथ बांधना नहीं  : सुप्रीम कोर्ट
[COVID स्वत: संज्ञान मामला ] " राष्ट्रीय संकट में मूकदर्शक नहीं बन सकते, हमारा इरादा हाईकोर्ट के हाथ बांधना नहीं " : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि COVID मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही का उद्देश्य उच्च न्यायालयों को हटाना या उच्च न्यायालयों से सुनवाई को अपने पास लेना नहीं है।न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ ने स्पष्ट किया,"इस कार्यवाही का उद्देश्य उच्च न्यायालयों को हटाना या उच्च न्यायालयों से उन मामलों को लेना नहीं है, जो वो कर रहे हैं। उच्च न्यायालय एक बेहतर स्थिति में हैं कि वे यह देख सकें कि उनकी क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर क्या चल रहा है।"कोर्ट ने...

सिद्दीकी कप्पन
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कल सिद्दीक कप्पन का मेडिकल रिकॉर्ड को पेश करने का निर्देश दिया

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने आज केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड की मांग की, जो मथुरा के एक अस्पताल में कथित तौर पर "एक जानवर की तरह जंजीर में" रखे गए हैं, जहां उनका कोविड -19 का इलाज चल रहा है।सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, "हम पहले रिपोर्ट देखेंगे। कल मेडिकल रिपोर्ट तैयार करें। यदि संभव हो तो इसे आज ही प्रसारित करें।"वीसी सुनवाई के दौरान, बेंच ने मामले को उठाने के लिए दस मिनट का समय मांगा क्योंकि यह तकनीकी गड़बड़ी का सामना...

भारत के नए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमाना के महत्वपूर्ण जजमेंट पर एक नजर
भारत के नए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमाना के महत्वपूर्ण जजमेंट पर एक नजर

जस्टिस एनवी रमाना ने 24 अप्रैल को भारत के 48 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।जस्टिस रमाना ने 17 फरवरी ,2014 के बाद से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मुद्दों, मौलिक अधिकारों, नागरिक स्वतंत्रता, चुनाव, वाणिज्यिक कानून और मध्यस्थता आदि से संबंधित कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय सुनाया है। जस्टिस रमाना आज से भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने न्यायिक कार्यों को शुरू करेंगे। यहां उनके द्वारा दिए गए कुछ प्रमुख जजमेंट पर एक नज़र डालते हैं।इंटरनेट पर...

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर के सम्मान के प्रतीक के रूप में दिनभर का न्यायिक कामकाज निलंबित किया
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर के सम्मान के प्रतीक के रूप में दिनभर का न्यायिक कामकाज निलंबित किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को घोषणा की कि सुप्रीम कोर्ट में आज न्यायिक कामकाज न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर के सम्मान के प्रतीक के रूप में निलंबित किया जा रहा है। जस्टिस मोहन एम शांतनगौदर का 24 अप्रैल को निधन हो गया।सुप्रीम कोर्ट में आज सूचीबद्ध किए गए सभी मामलों को मंगलवार को लिया जाएगा।पूर्ण न्यायालय ने न्यायमूर्ति शांतनगौदर के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए दो मिनट का मौन रखा।मुख्य न्यायाधीश रमाना ने कहा,"हम अपने भाई के असामयिक निधन से बहुत दुखी हैं, जिनका 24 अप्रैल की देर शाम को निधन हो गया।...

आजादी महत्वपूर्ण है, लेकिन जमानत मंजूर करते वक्त कोर्ट को गवाहों, पीड़ितों के लिए संभावित खतरे पर विचार करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
आजादी महत्वपूर्ण है, लेकिन जमानत मंजूर करते वक्त कोर्ट को गवाहों, पीड़ितों के लिए संभावित खतरे पर विचार करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि आपराधिक मामले में किसी अभियुक्त को जमानत मंजूर करते वक्त कोर्ट के लिए यह जरूरी होता है कि वह गवाहों अथवा पीड़ितों पर होने वाले इसके प्रभाव पर भी विचार करे।सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया जिसमें उसने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी गतिविधियां (निरोधक) कानून, 1986 के तहत गिरफ्तार एक अभियुक्त को जमानत मंजूर कर दिया था।अभियुक्त कथित तौर पर कांट्रैक्ट किलर (सुपारी लेकर हत्या करने वाला) और शार्प शूटर बताया...

लॉयर्स चैम्बर को कोविड केयर सेंटर में बदलें : सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई एन वी रमाना को पत्र लिखा
"लॉयर्स चैम्बर को कोविड केयर सेंटर में बदलें'' : सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई एन वी रमाना को पत्र लिखा

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एन वी रमाना को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट कॉम्प्लेक्स स्थित एडवोकेट्स चैम्बर ब्लॉक को कोविड केयर सेंटर या फील्ड अस्पताल में अस्थायी तौर पर तब्दील करने के लिए तुरंत मंजूरी देने का उनसे अनुरोध किया है।COVID की दूसरी लहर के कारण विभिन्न सदस्यों के निधन का उल्लेख करते हुए पत्र में कहा गया है कि "दिल्ली में और इसके इर्द – गिर्द चिकित्सा संबंधी बुनियादी सुविधाओं की कमी" के कारण ऐसे कई सदस्यों और उनके परिजनों की जानें चली गयी हैं। ...