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सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के लॉयर्स चैम्बर्स को COVID रोगियों के लिए सुविधा केंद्र के रूप मे प्रयोग करेः SCBA, SCAORA को सुप्रीम कोर्ट के वकील की सलाह

सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) को सुझाव दिया है कि अप्पू घर में बने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के नए चैम्बर को, जो अभी खाली पड़े हैं, संबंधित सरकार (केंद्र या राज्य) को COVID उपचार सुविधा के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव दिया जाए।उन्होंने यह सुझाव भी दिया है कि एक ऑनलाइन हेल्प डेस्क, जहां SCBA, SCAORA और बार के अन्य सदस्य छोटी-छोटी टीमों और ‌शिफ्टों में सूचना और संयोजन केंद्र का प्रभार ले सकते हैं,...

बार और बेंच के बीच पारस्परिक सम्मान का रवैया न्यायपालिका के कामकाज के लिए आवश्यकः सीजेआई बोबडे ने अपने विदाई भाषण में कहा
बार और बेंच के बीच पारस्परिक सम्मान का रवैया न्यायपालिका के कामकाज के लिए आवश्यकः सीजेआई बोबडे ने अपने विदाई भाषण में कहा

शुक्रवार को रिटायर्ड हो गए सीजेआई, जस्टिस एसए बोबडे ने अपने विदाई भाषण में संचार की गुणवत्ता और बार और बेंच के संबंधों पर जोर दिया, ताकि न्यायपालिका अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य, यान‌ि नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करे।एससीबीए की ओर से आयोजित आभासी विदाई समारोह में सीजे बोबडे ने कहा, "एक क्षेत्र, जिसने बहुत ध्यान खींचा है, वह है संचार और बार और बेंच के बीच संबंध। मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा हूं और मुझे यकीन है कि दोनों पक्षों में गलत लोग हैं। हालांकि पारस्परिक सम्मान का रवैया...

सीजेआई बोबडे अयोध्या मध्यस्थता में शाहरुख खान को शामिल करना चाहते थे, विकास सिंह ने विदाई समारोह में कहा
सीजेआई बोबडे अयोध्या मध्यस्थता में शाहरुख खान को शामिल करना चाहते थे, विकास सिंह ने विदाई समारोह में कहा

जस्टिस एसए बोबड़े के लिए वर्चुअल विदाई समारोह में बोलते हुए, एससीबीए अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने बताया कि कैसे निवर्तमान सीजेआई ने अभिनेता शाहरुख खान को बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद की मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल करने का सुझाव दिया था।सिंह ने कहा,"मुझे एक रहस्य से अवगत कराने दें, जस्टिस बोबडे अयोध्या विवाद पर सुनवाई कर रही संविधान पीठ का हिस्सा थे। जब मामला प्रारंभिक चरणों में था, तो जस्टिस बोबड़े का मानना ​​था कि इसे मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। इसे याद किया जा सकता...

सीआरपीसी की धारा 482 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल आईबीसी की धारा 14, 17 के तहत वैधानिक हुक्मनामे के अवमूल्यन के लिए नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल आईबीसी की धारा 14, 17 के तहत वैधानिक हुक्मनामे के अवमूल्यन के लिए नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिये गये एक फैसले में कहा कि आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल वैधानिक हुक्मनामे के अवमूल्यन को नजरंदाज करने के लिए नहीं किया जा सकता।इस मामले में हाईकोर्ट ने एक कंपनी की हस्तक्षेप याचिका मंजूर कर ली थी जिसमें उसने खुद को ऑपरेशनल क्रेडिटर होने का दावा करते हुए आईसीआईसीआई बैंक में खोले गये खाते को ऑपरेट करने देने और अपने क्रेडिटरों के फ्रीज बैंक खाते अनफ्रीज करने की अनुमति मांगी थी, जिस पर अंतरिम समाधान विशेषज्ञ (आईपीआर)...

भारत के मुख्य न्यायाधीश का न्यूनतम कार्यकाल तीन साल का होना चाहिएः अटॉर्नी जनरल
भारत के मुख्य न्यायाधीश का न्यूनतम कार्यकाल तीन साल का होना चाहिएः अटॉर्नी जनरल

भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश का न्यूनतम कार्यकाल तीन साल होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लंबे समय तक सुधार किए जा सकें।एजी ,सीजेआई एसए बोबडे के अंतिम कार्य दिवस पर विदाई संदेश दे रहे थे। एजी ने सीजेआई बोबडे से समक्ष कहा,''यह एक दुखद अवसर है। मुझे लगता है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल न्यूनतम 3 साल का होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लंबे समय तक सुधार किया जा सके।'' सीजेआईबोबडे सीजेआई-नामित न्यायमूर्ति एनवी रमना के...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

19 अप्रैल 2021 से 23 अप्रैल 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रसुप्रीम कोर्ट ने अमेज़न -फ्यूचर मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाईसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अमेज़न -फ्यूचर-रिलायंस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश और डिवीजन बेंच के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी। जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस हृषिकेश रॉय की एक बेंच ने अमेज़न डॉट कॉम, एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका में आदेश पारित...

आखिरी सुनवाई ने मिश्रित भावनाओं को जन्म दिया : सीजेआई एस ए बोबडे 47 वें मुख्य न्यायाधीश के पद से मुक्त हुए
"आखिरी सुनवाई ने मिश्रित भावनाओं को जन्म दिया" : सीजेआई एस ए बोबडे 47 वें मुख्य न्यायाधीश के पद से मुक्त हुए

"इस आखिरी सुनवाई ने मिश्रित भावनाओं को जन्म दिया है, भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने सीजेआई पद की कमान न्यायमूर्ति एनवी रमना को सौंपने से पहले अपने अंतिम कार्य दिवस पर कहा।सीजेआई ने कहा, "इस आखिरी सुनवाई ने मिश्रित भावनाओं को जन्म दिया है। मैं पहले भी पीठ में रह चुका हूं, लेकिन ये भावनाएं इतनी मिली-जुली हैं कि मैं कुछ भी साफ तौर पर नहीं कह पा रहा हूं।" जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिसॉ वी रामासुब्रमण्यन के साथ परंपरा के तौर पर बेंच साझा करते हुए सीजेआई ने कहा।उन्होंने जारी...

 लोग मर रहे हैं, प्लांट को खोलने के लिए  कानून- व्यवस्था  का बहाना नहीं चलेगा  : सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता की ऑक्सीजन उत्पादन की अर्जी पर तमिलनाडु सरकार से हलफनामा मांगा
" लोग मर रहे हैं, प्लांट को खोलने के लिए कानून- व्यवस्था  का बहाना नहीं चलेगा " : सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता की ऑक्सीजन उत्पादन की अर्जी पर तमिलनाडु सरकार से हलफनामा मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या वह COVID19 संकट के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिए वेदांता लिमिटेड के स्टरलाइट प्लांट को संभालने के लिए तैयार है जिसे पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन के लिए बंद कर दिया गया था।सीजेआई एस ए बोबडे की अगुवाई वाली एक बेंच ने राज्य सरकार से सोमवार तक इस मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने को कहा है।बेंच ने राज्य सरकार द्वारा कानून और व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए राज्य सरकार द्वारा व्यक्त किए गए विरोध...

 हमने उच्च न्यायालयों को कार्यवाही से नहीं रोका  : सुप्रीम कोर्ट ने COVID19 पर स्वतः संज्ञान मामले में वरिष्ठ वकीलों की आलोचना पर नाराज़गी जताई
" हमने उच्च न्यायालयों को कार्यवाही से नहीं रोका " : सुप्रीम कोर्ट ने COVID19 पर स्वतः संज्ञान मामले में वरिष्ठ वकीलों की आलोचना पर नाराज़गी जताई

भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के अंतिम कार्य दिवस पर, उनकी अगुवाई वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा COVID19 संबंधित मुद्दों पर लिए गए स्वत: संज्ञान मामले के खिलाफ वरिष्ठ वकीलों द्वारा की गई आलोचना पर नाराज़गी व्यक्त की।पीठ में जस्टिस एल नागेश्वर राव और एस रवींद्र भट भी थे। पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालयों से मामलों को यहां लेने का कोई इरादा नहीं था और इसलिए आलोचना निराधार है।सीजेआई बोबडे ने वरिष्ठ वकीलों द्वारा स्वत: संज्ञान मामले के खिलाफ दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए...

National Uniform Public Holiday Policy
महामारी में पेशी के दौरान सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तार व्यक्तियों और विचाराधीन कैदियों को हथकड़ी लगाने के निर्देशों में ढील देने की अर्जी लगाई

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया गया है, जिसमें कोरोना महामारी के दौरान गिरफ्तार व्यक्तियों और अन्य विचाराधीन कैदियों को लाने- ले जाने के दौरान हथकड़ी लगाने पर रोक लगाने केशीर्ष अदालत द्वारा जारी किए गए निर्देशों में ढील देने का अनुरोध किया गया है।वर्तमान आवेदन स्वत: संज्ञान मामले में दायर किया गया है, जो कि इन जेलों में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल शुरू किया गया था।इस संबंध में याचिका इस प्रकार है:"यह सम्मानपूर्वक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है कि इस...

नहीं चाहता कि इस मामले को एक छाया के नीचे सुना जाए : एमिक्स क्यूरी हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट  COVID-19 स्वत: संज्ञान मामले से खुद को अलग किया
"नहीं चाहता कि इस मामले को एक छाया के नीचे सुना जाए" : एमिक्स क्यूरी हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट COVID-19 स्वत: संज्ञान मामले से खुद को अलग किया

वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने शुक्रवार को COVID-19 महामारी के मद्देनज़र ऑक्सीजन की आपूर्ति, दवा की आपूर्ति, वैक्सीन नीति से संबंधित मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए स्वत: संज्ञान मामले में एमिकस क्यूरी बनने से खुद को अलग कर लिया।साल्वे ने कहा,"मैं नहीं चाहता कि इस मामले को एक छाया के नीचे सुना जाए कि मुझे सीजेआई के साथ स्कूल की दोस्ती के कारण नियुक्त किया गया था। मुझे नहीं पता था कि हमारा बार उद्योगों के लिए और इसके खिलाफ आने वाले अधिवक्ताओं के बीच विभाजित है। मैं नहीं चाहता कि ...

वह बाथरूम में गिर गया, उसका COVID -19 टेस्ट भी पॉजिटिव निकला : सिद्दीक कप्पन को दिल्ली के एम्स में ट्रांसफर के लिए याचिका
"वह बाथरूम में गिर गया, उसका COVID -19 टेस्ट भी पॉजिटिव निकला" : सिद्दीक कप्पन को दिल्ली के एम्स में ट्रांसफर के लिए याचिका

चिकित्सा आपातकाल का हवाला देते हुए, केरल यूनियन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ( केयूडब्लूजे) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स) या सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली में स्थानांतरित करने की मांग की है।अपनी याचिका में, केरल यूनियन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (केयूडब्लूजे) ने प्रस्तुत किया है कि 20 अप्रैल 2021 को कप्पन बाथरूम में गिर गया जिससे गंभीर चोटें आईं और बाद में उसका COVID -19 टेस्ट भी पॉजिटिव निकला। वर्तमान में वो मथुरा के एक अस्पताल में...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"अनुचित": वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने COVID मामलों को हाईकोर्ट से हटाकर अपने पास मंगाने पर सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 संबंधित मुद्दों का स्वतः संज्ञान लिया है,जबकि हाईकोर्ट उन मुद्दों की सुनवाई कर रहे थे। कानूनी समुदाय में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की व्यापक आलोचना हो रही है।आज सुबह, CJI एसए बोबडे ने स्पष्ट संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट COVID-19 से जुड़े उन मुद्दों की सुनवाई खुद करना चाहता है, जिन पर विभिन्न हाईकोर्ट सुनवाई कर रहे हैं। CJI ने कहा कि मामलों की सुनवाई कर रहे छह अलग-अलग हाईकोर्ट ने "भ्रम पैदा किया है और संसाधनों का विभाजन किया है", हालांकि इस संबंध में किसी ने भी सुप्रीम कोर्ट...

वेदांता ने ऑक्सीजन उत्पादन के लिए स्टरलाइट प्लांट फिर से खोलने की सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मांगी
वेदांता ने ऑक्सीजन उत्पादन के लिए स्टरलाइट प्लांट फिर से खोलने की सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मांगी

कॉपर निर्माता वेदांता लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक तत्काल आवेदन दिया है, जिसमें उसने तमिलनाडु में अपने संयंत्र को फिर से खोलने की अनुमति मांगी है - जिसे पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन के लिए बंद कर दिया गया है - यह कहते हुए कि वह COVID की चपेट में आए देश को चिकित्सा ऑक्सीजन के मुक्त उत्पादन में मदद करना चाहता है।वेदांता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने आज भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के समक्ष मामले का उल्लेख किया।केंद्र सरकार ने वेदांत के अनुरोध का समर्थन किया। भारत के सॉलिसिटर...

देश में COVID-19 मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः: संज्ञान लिया, कहा हाईकोर्ट मामलों को सुप्रीम कोर्ट में लिया जा सकता है
देश में COVID-19 मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः: संज्ञान लिया, कहा हाईकोर्ट मामलों को सुप्रीम कोर्ट में लिया जा सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को COVID19 महामारी के संबंध में ऑक्सीजन की आपूर्ति, दवा की आपूर्ति, वैक्सीन नीति से संबंधित मुद्दों पर स्वत: संज्ञान लिया।कोर्ट ने कहा कि भारत संघ को आज नोटिस जारी किया जाएगा और मामले पर शुक्रवार को विचार किया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे को अदालत की सहायता के लिए इस मामले में एक एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में लिया जा सकता है क्योंकि विभिन्न हाईकोर्ट मुद्दों से...

विकास दुबे एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट पैनल ने यूपी पुलिस को दी क्लीन चिट
विकास दुबे एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट पैनल ने यूपी पुलिस को दी क्लीन चिट

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बीएस चौहान की अध्यक्षता में बने तीन सदस्यीय जांच आयोग ने पिछले साल जुलाई में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके पांच सहयोगियों की उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में बुधवार को यूपी पुलिस को सबूतों के अभाव में क्लीन चिट दे दी।जांच आयोग के अन्य दो सदस्य हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शशिकांत अग्रवाल और उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक के. एल. गुप्ता थे और पैनल को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी थी।सूचित...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को संवैधानिक नैतिकता के साथ श्रेणीबद्ध करने की आवश्यकता: सीजेआई बोबडे
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को संवैधानिक नैतिकता के साथ श्रेणीबद्ध करने की आवश्यकता: सीजेआई बोबडे

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबडे ने गुरुवार को एक वर्चुअल प्रोग्राम में जोर देकर कहा कि भारतीय न्यायपालिका के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को संवैधानिक नैतिकता के साथ गठबंधन करने की आवश्यकता है।उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि एआई किसी भी तरह से भारतीयों के लिए संवैधानिक और कानूनी अधिकारों को बाधित या कम नहीं करता है।उन्होंने कहा, "एआई के भारतीय न्यायपालिका के उपयोग को हमारी संवैधानिक नैतिकता के साथ संरेखित किया जाना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि एआई किसी भी तरह...