ताज़ा खबरें

धोखाधड़ी हर गंभीर कार्य को नष्ट कर देती है  सुप्रीम कोर्ट ने एक पंजीकृत उपहार विलेख को शून्य घोषित करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा
"धोखाधड़ी हर गंभीर कार्य को नष्ट कर देती है " सुप्रीम कोर्ट ने एक पंजीकृत उपहार विलेख को शून्य घोषित करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा

धोखाधड़ी हर गंभीर कार्य को नष्ट कर देती है, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखते हुए टिप्पणी की, जिसने धोखाधड़ी और अनुचित प्रभाव के आधार पर एक पंजीकृत उपहार विलेख ( गिफ्ट डीड) को शून्य घोषित कर दिया।इस मामले में, एक पंजीकृत उपहार विलेख द्वारा, यदुनंदन मिस्त्री, जो संतान-रहित था, ने अपने भतीजे की पत्नी के पक्ष में 2.92 एकड़ भूमि इस धारणा पर उपहार में दी कि उसका भतीजा यदुनंदन वृद्धावस्था में उसकी और पत्नी की देखभाल करेगा। हालांकि, उन्होंने तुरंत रद्दीकरण विलेख के माध्यम से...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 13 उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति/ ट्रांसफर की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 13 उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति/ ट्रांसफर की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 13 उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण पर निर्णय लिया है।इसमें शामिल नाम हैं; 1. न्यायमूर्ति अकील कुरैशी राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में। (वह वर्तमान में त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं)2. न्यायमूर्ति राजेश बिंदल इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में। (वे वर्तमान में कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं)3. न्यायमूर्ति रंजीत वी. मोरे मेघालय उच्च न्यायालय के मुख्य...

हर अवैध बर्खास्तगी/ समाप्ति मामले में पूरे वेतन के साथ बहाली हर मामले में स्वचालित नहीं होती : सुप्रीम कोर्ट
हर अवैध बर्खास्तगी/ समाप्ति मामले में पूरे वेतन के साथ बहाली हर मामले में स्वचालित नहीं होती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि पूरे वेतन के साथ बहाली हर मामले में स्वचालित नहीं होती है, जहां बर्खास्तगी/ समाप्ति कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं पाई जाती है।इस मामले में, इलाहाबाद बैंक द्वारा क्लर्क-सह-कैशियर के रूप में नियुक्त एक कर्मचारी को बैंक रिकॉर्ड को जलाने से संबंधित घटना में शामिल होने का आरोप लगाते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। औद्योगिक ट्रिब्यूनल ने पाया कि हालांकि एक मजबूत संदेह था, लेकिन सेवा से बर्खास्त करने के लिए उसके कदाचार को साबित करने के लिए पर्याप्त...

2012-2013 वित्तीय वर्ष से पहले टीडीएस काटने में भुगतानकर्ता की चूक के कारण निर्धारिती को कम अग्रिम कर चुकाने पर ब्याज के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
2012-2013 वित्तीय वर्ष से पहले टीडीएस काटने में भुगतानकर्ता की चूक के कारण निर्धारिती को कम अग्रिम कर चुकाने पर ब्याज के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि 2012-2013 वित्तीय वर्ष से पहले अग्रिम कर की गणना करते समय निर्धारिती द्वारा स्रोत पर कटौती योग्य या संग्रहणीय आयकर की राशि को कम किया जा सकता है।इसलिए, निर्धारिती को अग्रिम कर की कमी के लिए आयकर की धारा 234बी के तहत ब्याज के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है, जो अग्रिम कर से स्रोत पर कटौती योग्य या संग्रहणीय आयकर को कम करने के कारण उत्पन्न होता है। दूसरे शब्दों में, टीडीएस काटने में भुगतानकर्ता की चूक के कारण निर्धारिती को अग्रिम कर के कम भुगतान पर ब्याज का भुगतान...

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के अंशकालिक शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन देने के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के अंशकालिक शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन देने के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया जिसमें पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग को एक गैर सरकारी सहायता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक स्कूल में कार्यरत नियमित शिक्षक के वेतनमान में अंशकालिक शिक्षकों को मूल वेतन के बराबर वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका में नोटिस जारी किया, जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 3 सितंबर 2020...

नॉन-कंपाउंडेबल मामलों में दी गई सजा कम करने के लिए आरोपी और पीड़ित के बीच समझौता एकमात्र आधार नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट
नॉन-कंपाउंडेबल मामलों में दी गई सजा कम करने के लिए आरोपी और पीड़ित के बीच समझौता एकमात्र आधार नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नॉन-कंपाउंडेबल अपराधों में दी गई सजा कम करने के लिए आरोपी और पीड़ित के बीच समझौता एकमात्र आधार नहीं हो सकता है।न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ ने कहा कि उक्त उद्देश्य के लिए मामले की गम्भीरता को बढ़ाने और कम करने वाले कारकों की भी जांच की जानी चाहिए।अपीलकर्ता के खिलाफ मामला यह था कि 13 दिसंबर 1993 को उसने पीड़िता के घुटने के नीचे दाहिने पैर पर तलवार से हमला किया था और क्रूर प्रहार के कारण वह लगभग क्षत-विक्षत हो गया। दरांती के प्रहार से बचने का...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
वकीलों की हड़ताल की समस्या के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय स्तर पर शिकायत समितियों के गठन पर विचार किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वकीलों की हड़ताल और अदालती बहिष्कार की समस्या से निपटने के लिए व्यापक विस्तृत आदेश पारित करने का फैसला किया।कोर्ट ने कहा कि एक विस्तृत आदेश पारित करने की आवश्यकता है, क्योंकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया और स्टेट बार काउंसिल द्वारा उठाए गए दृढ़ रुख के बावजूद कि अवैध और अनुचित हड़ताल और बहिष्कार को कभी भी अनुमोदित या प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है। वकीलों की हड़ताल और अदालत का बहिष्कार अभी भी हो रहा है। .कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि वह अधिवक्ता संघों की समस्याओं को सुनने के...

हत्या के मामलों में से एक मामले में मरने वाला आदमी जिंदा है: कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल सरकार के लिए पोस्ट पोल हिंसा मामलों में सीबीआई जांच के खिलाफ याचिका दायर की
'हत्या के मामलों में से एक मामले में मरने वाला आदमी जिंदा है': कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल सरकार के लिए पोस्ट पोल हिंसा मामलों में सीबीआई जांच के खिलाफ याचिका दायर की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा दायर याचिका की सुनवाई 28 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।याचिका में कलकत्ता हाईकोर्ट के हत्या, बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों की जांच को सीबीआई से कराए जाने के लिए दिए गए निर्देश को चुनौती दी गई।ये हत्या, बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराध कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान हुए थे।न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 28 सितंबर को सूची में पहले मद...

प्रोमो में दिखाए गए गाने को छोड़ने के लिए मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट ने यशराज फिल्म्स के खिलाफ एनसीडीआरसी के आदेश पर रोक लगाई
प्रोमो में दिखाए गए गाने को छोड़ने के लिए मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट ने यशराज फिल्म्स के खिलाफ एनसीडीआरसी के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यशराज फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया।यशराज फिल्म्स ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के एक आदेश को चुनौती दी गई थी।एनसीडीआरसी ने अपनी निर्देश में यशराज फिल्म्स ने शाहरुख खान-स्टारर 'फैन' से 'जबरा फैन' गाने को फिल्म से बाहर करने से निराश होकर एक उपभोक्ता को मुआवजे के रूप में 10, 000 रुपये का भुगतान करने के लिए प्रोडक्शन हाउस को दिया था।कोर्ट ने वाईआरएफ लिमिटेड के खिलाफ एनसीडीआरसी के आदेश के संचालन पर भी...

NEET-SS 2021 : सुप्रीम कोर्ट ने पीजी डॉक्टरों द्वारा दायर लास्ट मिनट में एग्जाम पैटर्न में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
NEET-SS 2021 : सुप्रीम कोर्ट ने पीजी डॉक्टरों द्वारा दायर 'लास्ट मिनट' में एग्जाम पैटर्न में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-सुपर स्पेशियलिटी (NEET-SS 2021) 2021 के एग्जाम पैटर्न के लिए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा किए गए "अचानक" और "लास्ट-मिनट" परिवर्तनों को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका में नोटिस जारी किया।यह याचिका देश भर के 41 योग्य पीजी डॉक्टरों द्वारा दायर की गई है। ये डॉक्टर्स NEET-SS 2021 को क्रैक करके सुपर-स्पेशलिस्ट बनने की इच्छा रखते हैं।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्न की खंडपीठ ने अधिकार की कमी के साथ-साथ स्पष्ट रूप से मनमाना...

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए टीकाकरण: सुप्रीम कोर्ट ने डीसीपीसीआर की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए टीकाकरण: सुप्रीम कोर्ट ने डीसीपीसीआर की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए COVID टीकाकरण का मुद्दा उठाने वाली एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया।डीसीपीसीआर (जो एक वैधानिक निकाय है) की ओर से पेश अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ को सूचित किया कि इस साल मई में याचिका दायर करने के बाद, यून‌ियन ऑफ इं‌डिया ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं के टीकाकरण के लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। ग्रोवर ने हालांकि कहा कि...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
समान हितधारी कई उपभोक्ताओं की ओर से उपभोक्ता शिकायत केवल उपभोक्ता फोरम की अनुमति से दायर की जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक या दो उपभोक्ताओं की ओर से एक ही प्रकार की उपभोक्ता शिकायत केवल उस उपभोक्ता फोरम की अनुमति से दायर की जा सकती है, जिसके अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल किया गया है।मामले में नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) ने इन्वेस्टर फोरम अनेजा ग्रुप की ओर से दायर एक शिकायत को मंजूर कर लिया।अपील में यह तर्क दिया गया था कि इन्वेस्टर फोरम इस तथ्य के मद्देनजर एनसीडीआरसी के अधिकार क्षेत्र को लागू नहीं कर सकता था कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 2(1)(बी) के तहत...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण के लिए विशेष आयोग गठित करने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 सितंबर) को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया जिले में चलाए जा रहे नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण के लिए वकीलों, जिला जज और जिला कलेक्टर को मिलाकर आयोग गठित करने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने म.प्र. सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत निजी नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन द्वारा उच्च न्यायालय के 18 अगस्त, 2021 के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
संयुक्त हिंदू परिवार का कर्ता अपनी गर्भवती भाभी के इलाज में सेवा में कमी के संबंध में उपभोक्ता शिकायत दर्ज नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संयुक्त हिंदू परिवार का कर्ता अपनी गर्भवती भाभी के इलाज को लेकर अस्पताल/डॉक्टर की ओर से सेवा में कमी के संबंध में उपभोक्ता शिकायत दर्ज नहीं कर सकता है।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा,संयुक्त हिंदू परिवार की अवधारणा गर्भवती भाभी के इलाज तक नहीं है।इस मामले में संयुक्त हिंदू परिवार के एक 'कर्ता' ने अपनी गर्भवती भाभी किरण श्रीवास्तव के इलाज के संबंध में सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए एक क्लिनिक के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत दर्ज...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
रजिस्टर्ड सेल डीड को एकतरफा रद्द करना अग्रिम जमानत की शर्त नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 सितंबर, 2021) को कहा कि हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश के कथित अनुपालन में एक पंजीकृत बिक्री विलेख को एक पक्ष द्वारा एकतरफा रद्द नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह उन खरीदारों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है जो हाईकोर्ट के समक्ष पक्षकार नहीं हैं।वर्तमान मामले में मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा 8 जून, 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली उस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...

चोरी की घटना के बारे में बीमा कंपनी को सूचित करने में देरी दावे से इनकार करने का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
चोरी की घटना के बारे में बीमा कंपनी को सूचित करने में देरी दावे से इनकार करने का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चोरी की घटना के बारे में बीमा कंपनी को सूचित करने में केवल देरी बीमा दावे को अस्वीकार करने का आधार नहीं हो सकता है।इस मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वाहन चोरी होने पर मुआवजे के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि चोरी की सूचना बीमा कंपनी को देने में 78 दिन की देरी हुई है।शिकायतकर्ता ने महिंद्रा एंड महिंद्रा मेजर जीप खरीदी थी, जो एक शराब की दुकान के कार्यालय के बाहर चोरी हो गई, जिसमें वह एक भागीदार था। युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सीपीसी का आदेश VII नियम 11 - यदि लिमिटेशन कानून और तथ्य का मिश्रित प्रश्न है तो वाद खारिज नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि यदि लिमिटेशन का मुद्दा कानून और तथ्य का मिश्रित प्रश्न है तो नागरिक प्रक्रिया संहिता के आदेश VII नियम 11 (डी) के तहत एक वाद को खारिज नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को पलटते हुए यह व्यवस्था दी, जिसमें एक वाद को खारिज करने के दीवानी अदालत के आदेश को बरकरार रखा गया था।महाराष्ट्र काश्तकारी और कृषि भूमि अधिनियम, 1948 के तहत एक किरायेदारी के संबंध में बिक्री प्रमाण पत्र जारी करने के...

हर्जाना लगाना वकील पर प्रतिबिंब नहीं है : रिट याचिकाओं सहित वाणिज्यिक मामलों में हर्जाने के कारण का पालन करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
"हर्जाना लगाना वकील पर प्रतिबिंब नहीं है" : रिट याचिकाओं सहित वाणिज्यिक मामलों में हर्जाने के कारण का पालन करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिट याचिकाओं सहित वाणिज्यिक मामलों में हर्जाने के कारण का पालन करना चाहिए।अदालत ने कहा कि यह मानना ​​सही दृष्टिकोण नहीं है कि हर्जाना लगाना वकील पर एक प्रतिबिंब है।न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि निविदा क्षेत्राधिकार वाणिज्यिक मामलों की जांच के लिए बनाया गया था और इस प्रकार, जहां पक्षकार लगातार निविदाओं के अवार्ड को चुनौती देना चाहते हैं, हमारा विचार है कि सफल पक्ष को हर्जाना मिलना चाहिए और जो पक्ष केस हार जाता है उसे हर्जाने का...