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पेगासस केस : जासूसी के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट तकनीकी समिति का गठन करने की तैयारी में, अगले हफ्ते आएगा आदेश
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके पत्रकारों, एक्टिविस्ट आदि की जासूसी के आरोपों की जांच के लिए एक तकनीकी समिति का गठन करने की संभावना है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने गुरुवार को कहा कि अदालत अगले सप्ताह मामले में आदेश पारित करेगी।सीजेआई ने यह बात मौखिक रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर उदय सिंह को बताई, जो पेगासस याचिकाओं में से एक में पेश हो रहे थे, जबकि वो आज एक अन्य मामले का उल्लेख कर रहे थे।सीजेआई ने कहा कि कोर्ट इसी हफ्ते आदेश पारित करना चाहता है। हालांकि, तकनीकी समिति...
यदि प्रश्न में शामिल विवाद मध्यस्थता समझौते से संबंधित नहीं है तो मध्यस्थता संदर्भ को अस्वीकार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 11 के तहत मध्यस्थता के संदर्भ के लिए प्रार्थना को अस्वीकार किया जा सकता है, यदि प्रश्नगत विवाद मध्यस्थता समझौते से संबंधित नहीं है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि केवल एक आवेदक द्वारा चुने गए मध्यस्थ के समक्ष उठाए गए कथित विवाद को निस्तारित करने के लिए यांत्रिक रूप से कार्य करने की उम्मीद नहीं है।पीठ ने डीएलएफ होम डेवलपर्स लिमिटेड द्वारा मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 11(6) सहपठित धारा 11(12)...
सुप्रीम कोर्ट मामलों को दायर करने की सीमा अवधि बढ़ाने के स्वत: संज्ञान आदेश को 1 अक्तूबर से वापस लेने को तैयार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह 27 अप्रैल, 2021 के स्वत: संज्ञान आदेश को वापस लेगा, जिसने 14 मार्च, 2021 से मामलों को दायर करने की सीमा अवधि बढ़ा दी थी।कोर्ट ने कहा कि सीमा अवधि का स्वत: विस्तार 1 अक्टूबर, 2021 से वापस ले लिया जाएगा। इसने यह भी संकेत दिया कि 90 दिनों की एक सीमा अवधि 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी। कोर्ट ने कहा कि वह इस आशय के लिए एक आदेश पारित करेगा और नियम और शर्तों को निर्धारित करेगा।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की...
एनडीपीएस : आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बरामदगी न होना जमानत देने का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत किसी आरोपी को महज इस तथ्य के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि आरोपी के पास प्रतिबंधित मादक पदार्थ नहीं था।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह का निष्कर्ष एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37(1)(बी)(ii) के तहत आवश्यक जांच के स्तर से अदालत को मुक्त नहीं करता है।कोर्ट ने दोहराया कि जमानत देते समय कसौटी पर कसने की असली बात यह है कि क्या यह मानने के लिए उचित आधार हैं कि आरोपी ने...
COVID-19 पीड़ितों के परिजनों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से मुआवजे के रूप में 50,000 रुपये मिलेंगे: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि COVID-19 के कारण मरने वालों के परिजनों राज्य सरकारों से 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी।यह 30 जून, 2021 के फैसले में शीर्ष न्यायालय के निर्देश के अनुसाऱ प्रस्तुत किया गया है। इसमें न्यायालय ने एनडीएमए को निर्देश दिया था कि वह COVID-19 के कारण मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा देने के लिए दिशानिर्देश तैयार करे। हलफनामे में यह भी कहा गया है,"COVID 19 मौतों से प्रभावित परिवारों को अनुग्रह सहायता उन मौतों के लिए प्रदान की जाती रहेगी जो COVID 19 महामारी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों की भारी पेंडेंसी : सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और हाईकोर्ट को संयुक्त सुझावों पर काम करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने आज उत्तर प्रदेश राज्य और इलाहाबाद उच्च न्यायालय को उन सहमति वाले निर्देशों पर काम करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया, जो जमानत देते समय उच्च न्यायालय द्वारा विचार किए जाने वाले व्यापक मापदंडों को निर्धारित करने के लिए जारी किए जाने के लिए मांगे गए हैं।जमानत की मांग करने वाली याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई करते हुए, जिसमें हिरासत 9 से 15 साल तक है, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने उच्च न्यायालय को यह स्वतंत्रता भी दी कि वह स्थिति की अत्यावश्यकताओं को पूरा करने के लिए...
"आइए, एक छोटी शुरूआत करें" : सुप्रीम कोर्ट ने सैन्य स्कूलों में लड़कियों को शामिल करने के मुद्दे को संबोधित करने को कहा
यह देखते हुए कि रक्षा बलों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ( एनडीए) में महिलाओं को शामिल करने के लिए एक पाठ्यक्रम आगे बढ़ाया है, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज में लड़कियों के प्रवेश के मुद्दे को संबोधित किया जाना चाहिए और इसे स्थगित नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने भारत सरकार को आरआईएमसी और राष्ट्रीय सैन्य स्कूल में महिलाओं को शामिल करने के मुद्दे को एनडीए में महिलाओं को शामिल करने के मुद्दे के समान संबोधित करने और 2 सप्ताह के...
विभागीय कार्यवाही मे साबित करने का भार 'कदाचार की संभावना' का है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीएफ कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए कहा है कि विभागीय कार्यवाही में सबूत का बोझ कदाचार की संभावनाओं का है। जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि विभागीय जांच पब्लिक सर्विस में सेवा और दक्षता में अनुशासन बनाए रखने के लिए है।दलबीर सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में जनरल ड्यूटी कांस्टेबल था। उसने कथित तौर पर हेड कांस्टेबल हरीश चंदर और डिप्टी कमांडेंट हरि सिंह पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलाई थी, जिसके परिणामस्वरूप हरीश चंदर...
'कोई पूर्वनियोजित इरादा नहीं था': सुप्रीम कोर्ट ने कबूतर चुराने के आरोपी व्यक्ति को मारने वाले दोषी की जेल की सजा को कम किया
सुप्रीम कोर्ट ने कबूतर को 'चोरी' करने के लिए एक आरोपी व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या करने वाले दोषी को सुनाई गई जेल की सजा को कम कर दिया।अदालत ने कहा कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी और दोषी व्यक्ति की ओर से मौत का कारण बनने या ऐसी शारीरिक चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था, जिससे मौत होने की संभावना हो।अभियोजन का मामला ऐसा है कि दोषी और मृतक के बीच अचानक झगड़ा हुआ था, क्योंकि मृतक ने उसका कबूतर चुरा लिया था। अचानक हुए झगड़े पर जोश की गर्मी में दोषी (केहर सिंह) ने उसके साथ रॉड से मारपीट की थी। मृतक...
गिग वर्कर्स ने ज़ोमैटो, स्विगी, ओला, उबर से सामाजिक सुरक्षा लाभ की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
सार्वजनिक और संवैधानिक महत्व के सवाल उठाते हुए कि क्या सामाजिक सुरक्षा का अधिकार सभी कामकाजी लोगों के लिए एक गारंटीकृत मौलिक अधिकार है, चाहे वे औपचारिक या अनौपचारिक क्षेत्रों में कार्यरत हों, "गिग वर्कर्स" ने ज़ोमैटो, स्विगी, ओला, उबर के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।द इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (आईएफएटी) द्वारा 'गिग वर्कर्स' की ओर से याचिका दायर की गई है, जो ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी वर्कर्स का प्रतिनिधित्व...
SCBA ने सीजेआई रमाना को पत्र लिखकर फिजिकल सुनवाई और सीनियर डेजिग्नेशन की बहाली के मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने का अनुरोध किया
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने सीजेआई एनवी रमाना को पत्र लिखकर उन मुद्दों पर प्रकाश डाला है जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।एसोसिएशन का मामला है कि विभिन्न मामलों पर सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण यह प्रस्तुत किया गया कि चूंकि दिल्ली/एनसीआर में COVID-19 मामलों की संख्या में काफी कमी आई है, इसलिए फिजिकल सुनवाई पूरी तरह से फिर से शुरू की जानी चाहिए।यह कहते हुए कि हाई सिक्योरिटी क्षेत्रों के लिए विशेष पास जारी करने की...
पोर्न मूवी रैकेट मामला : सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री गहना वशिष्ठ को तीसरी एफआईआर मामले में अग्रिम जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अभिनेत्री गहना वशिष्ठ को पोर्न फिल्म रैकेट में अग्रिम जमानत दी।इस मामले में पिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा भी शामिल थे।न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने वशिष्ठ द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका में नोटिस जारी करते हुए अभिनेत्री की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मुख्य आरोपी राज कुंद्रा पहले से ही जमानत पर बाहर है, अपने आदेश में कहा...
कांग्रेस टूलकिट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता रमन सिंह, संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर पर रोक के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की अपील खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में जांच पर रोक लगा दिया गया था।दरअसल, यह मामला संबित पात्रा के एक ट्वीट को लेकर शुरू हुआ जिसमें उन्होंने ट्वीट किया था कि कांग्रेस पार्टी ने विदेशी मीडिया में देश की छवि खराब करने के लिए टूलकिट तैयार किया है। सीजेआई एनवी रमाना, जस्टिस...
शैक्षिक योग्यता पदोन्नति के मामलों में समान वर्ग के व्यक्तियों के बीच वर्गीकरण के लिए एक वैध आधार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पदोन्नति के मामलों में एक ही वर्ग के व्यक्तियों के बीच वर्गीकरण के लिए शैक्षिक योग्यता एक वैध आधार है। चंदन बनर्जी और अन्य बनाम कृष्ण प्रसाद घोष और अन्य मामले में दिए गए फैसले में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने कहा कि शैक्षिक योग्यता के आधार पर ऐसा वर्गीकरण संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं है।ऐसा मानते हुए कोर्ट ने कोलकाता नगर निगम में डिप्लोमा और डिग्री धारी सुपरन्यूमेरी एसिस्टेंट इंजीनियरों को पदोन्नति के...
सुप्रीम कोर्ट ने श्री पद्मनाभ स्वामी ट्रस्ट की 25 साल के विशेष ऑडिट के आदेश से छूट देने की अर्जी खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर ट्रस्ट (जो तत्कालीन त्रावणकोर शाही परिवार द्वारा बनाया गया था) द्वारा दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें पिछले साल कोर्ट द्वारा तिरुवनंतपुरम के प्रतिष्ठित श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर के लिए 25 साल के विशेष ऑडिट के आदेश से छूट देने का आग्रह किया गया था।कोर्ट ने कहा कि विशेष ऑडिट का उद्देश्य मंदिर तक सीमित नहीं होना था और इसमें ट्रस्ट को भी शामिल किया गया था।मंदिर के लिए गठित प्रशासनिक समिति के प्रशासनिक पर्यवेक्षण से इसे मुक्त करने के लिए...
'सशस्त्र बल आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित; महिलाओं का प्रवेश रोका नहीं जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को एनडीए की परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के आदेश को रद्द करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महिला उम्मीदवारों को नेशनल डिफेंस अकेडमी (एनडीए) की परीक्षाओं में बैठने की अनुमति देने के लिए पास अंतरिम आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने एनडीए को मौजूदा एंट्रेंस में महिलाओं को शामिल करने से छूट देने की रक्षा मंत्रालय की प्रार्थना ठुकरा दी है। मंत्रालय ने कहा था कि महिलाओं को शामिल करने की अनुमति देने के लिए कुछ बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम में बदलाव की आवश्यकता है, और इसलिए महिलाओं को एनडीए एंट्रेस में भाग लेने की अनुमति देने के लिए मई 2022 तक का समय...
गोरखपुर से नाबालिग लड़की का अपहरण: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी और एनसीटी दिल्ली को लापता बच्चों के मामलों में केंद्र की एसओपी पर कार्रवाई रिपोर्ट सबमिट करने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूपी राज्य और दिल्ली के एनसीटी को लापता बच्चों के मामलों में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत संघ द्वारा दिनांक 23 नवंबर 2016 को प्रकाशित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के संदर्भ में की गई कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने दो महीने तक लापता रहने के बाद दिल्ली पुलिस को मिली गोरखपुर की एक 13 वर्षीय लड़की के अपहरण से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सीटी...
सीपीसी का आदेश VII नियम 11: वादपत्र को खारिज करना होगा अगर इसमें मांगी गयी राहत कानून के तहत नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक अदालत को एक वादपत्र खारिज करना होगा यदि उसे लगता है कि इसमें मांगी गई कोई भी राहत कानून के तहत वादी को नहीं दी जा सकती है।न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने कहा कि ऐसे मामले में, दिखावटी मुकदमेबाजी को समाप्त करना आवश्यक होगा ताकि आगे न्यायिक समय बर्बाद न हो।कोर्ट ने कहा कि सीपीसी के आदेश VII नियम 11 का अंतर्निहित उद्देश्य यह है कि जब कोई वादी कार्रवाई के कारण का खुलासा नहीं करता है, तो अदालत वादी को अनावश्यक रूप से मुकदमे को लंबा खींचने की...
सर्विस रिकॉर्ड में जन्म तिथि में परिवर्तन का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता; देरी के आधार पर खारिज किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सर्विस रिकॉर्ड में जन्म तिथि में परिवर्तन का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता है, भले ही ठोस सबूत हों।अदालत ने कहा कि इस तरह के आवेदनों पर केवल लागू प्रावधानों/नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जा सकती है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि उन्हें देरी के आधार पर खारिज किया जा सकता है और विशेष रूप से जब यह सेवा के अंतिम छोर पर किया जाता है और/या जब कर्मचारी सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त होने वाला होता है। इस मामले में कर्नाटक...
मोटर दुर्घटना मुआवजा- मृतक के लिए जो प्रासंगिक गुणक हो, उसे ही लागू किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवजे की गणना करते समय मृतक के लिए प्रासंगिक गुणक लागू किया जाना चाहिए।मामले के मुताबिक, एक दुर्घटना में जे जयचंद्रन की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने मुआवजे का दावा दायर किया था। एमएसीटी ने 16 का गुणक लिया क्योंकि दुर्घटना के समय मृतक की उम्र 33 वर्ष थी, और 30,81,577 रुपए की राशि की गणना की। एमएसीटी का तर्क यह था कि मृतक सऊदी अरब में नौकरी करता था, जहां वह 3,500 रियाल कमा रहा था।मद्रास उच्च न्यायालय ने बीमाकर्ता की अपील को अनुमति देते हुए पाया कि 3,500...


















