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सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की मौत के मामले में राज्य पुलिस जांच के खिलाफ दायर चेन्नई के वकील की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु राज्य पुलिस द्वारा हेरफेर के आरोपों पर, 2011 में एक वकील की मौत की जांच में मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश को चुनौती देने पर सोमवार को सीबी-सीआईडी (मेट्रो चेन्नई) को नोटिस जारी किया।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ मद्रास हाईकोर्ट के फरवरी, 2021 के फैसले के खिलाफ दायर एसएलपी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि एडवोकेट आर शंकरसुब्बू के 24 वर्षीय बेटे एस सतीश कुमार की हत्या की गई थी ना कि उन्होंने आत्महत्या की थी, जैसा कि 2012 में सीबीआई ने दावा किया...
ओसीआई छात्रों को 2021-2022 शैक्षणिक वर्ष के लिए किसी भी पाठ्यक्रम के लिए भारतीय छात्रों के समान माना जाए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने स्पष्ट किया कि भारतीय प्रवासी नागरिकों (ओसीआई) को भारतीय छात्रों के समान माना जाना चाहिए और शैक्षणिक वर्ष 2021-2022 के लिए किसी भी पाठ्यक्रम में सामान्य श्रेणी की सीटों पर आवेदन करने की अनुमति दी जानी चाहिए।न्यायमूर्ति अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अनुमति दी, जो ओसीआई की छात्रा है और इसके साथ भारतीय समकक्षों के समान व्यवहार किया जा सकता है और उसे 2021 के लिए सामान्य श्रेणी की सीटों में बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी...
यहां कोई नकारात्मक समानता नहीं है, बिना कानूनी आधार के समानता के सिद्धांत के रूप में भरोसा कर लाभ नहीं दिया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 14 में नकारात्मक समानता की परिकल्पना नहीं की गई है।जस्टिस उदय उमेश ललित, जस्टिस एस रविंद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी ने कहा कि यदि कानूनी आधार या औचित्य के बिना एक व्यक्ति या लोगों के एक समूह को कोई लाभ या फायदा दिया गया है, तो वह लाभ गुणा नहीं हो सकता है, या समानता या समता के सिद्धांत के रूप में इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।इस मामले में, 2015 में, मद्रास हाईकोर्ट ने पीड़ित उम्मीदवारों और टैंजेडको के बीच समझौता शर्तों को दर्ज करके 84...
देश में बच्चियों की कमजोर स्थिति, पॉक्सो दोषियों के लिए कोई नरमी नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध करने वाले व्यक्ति के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि बच्चे अनमोल मानव संसाधन हैं। कोर्ट ने खेद व्यक्त करते हुए कहा, हालांकि, हमारे देश में, एक लड़की बहुत कमजोर स्थिति में है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा, "यौन उत्पीड़न, यौन हमले के कृत्य के अनुरूप एक उपयुक्त सजा देकर, समाज को बड़े पैमाने पर एक संदेश दिया जाना चाहिए कि,...
धारा 498A आईपीसी- सामान्य और सर्वव्यापक आरोपों के आधार पर पति के रिश्तेदारों पर मुकदमा चलाना प्रक्रिया का दुरुपयोग: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पति के रिश्तेदारों पर लगाए गए सामान्य और सर्वव्यापी आरोपों के आधार पर मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने आईपीसी की धारा 498ए जैसे प्रावधानों को पति और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ पर्सनल स्कोर सेटल करने के औजार के रूप में इस्तेमाल करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त की।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि एक आपराधिक मुकदमे में अंततः बरी हो जाने के बाद भी आरोपी की गंभीर क्षति होती हैं, इसलिए इस प्रकार की कवायद को...
जब नागरिकता के निर्धारण में नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी की जाती है तो न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दरमियान कहा, "उस व्यक्ति, जिसे किसी व्यक्ति को इस आधार पर कि वह भारत का नागरिक नहीं है, निर्वासित करने की सिफारिश करने की व्यापक और महत्वपूर्ण शक्तियां दी गई हैं, उससे कम से कम यह उम्मीद की जाती है कि वह संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर उपलब्ध कराए।"कोर्ट यह टिप्पणी केंद्र सरकार की उन व्यापक शक्तियों के संदर्भ में किया, जिनमें किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता की जांच करने और भारतीय नागरिक नहीं पाए जाने पर उसे निर्वासित करने की शक्ति...
पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद विधवा हुई विवाहित बेटी फैमली पेंशन की हकदार नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि फैमली पेंशन का लाभ पेंशनभोगी की विधवा बेटी को नहीं दिया जा सकता है, जिसकी शादी उसके पिता/माता की मृत्यु के समय हो चुकी थी। अदालत ने माना कि एक बेटी, जो अपने पिता/माता के निधन के बाद विधवा हुई है, उसके पास फैमली पेंशन का दावा करने का कोई मौलिक या वैधानिक अधिकार नहीं है।जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस रवींद्रनाथ सामंत की पीठ के समक्ष विचाराधीन मुद्दा यह था कि क्या एक पेंशनभोगी की बेटी, जो विवाहित थी, लेकिन पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद विधवा हो गई, वह फैमली पेंशन की...
NEET-PG : सुप्रीम कोर्ट ने इंटर्नशिप की समय सीमा विस्तार के लिए उम्मीदवारों को केंद्र सरकार को प्रतिनिधित्व देने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NEET-PG उम्मीदवारों को केंद्र सरकार को प्रतिनिधित्व देने करने की अनुमति दी जिसमें NEET-PG प्रवेश के लिए इंटर्नशिप की समय सीमा 31 मई, 2022 बढ़ाने की मांग की गई है।कोर्ट इस मामले में यह कहते हुए न्यायिक हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं था कि यह अंततः एक नीतिगत निर्णय है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि वह इसके बजाय याचिकाकर्ताओं को अधिकारियों के सामने एक प्रतिनिधित्व देने की अनुमति देगा। अदालत ने आगे कहा कि अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के एक सप्ताह के भीतर "तेजी से" निर्णय लिया जाना...
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार में भाग लेने के लिए आजम खान की अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव प्रचार में भाग लेने के लिए आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में रामपुर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद आजम खान द्वारा दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी.आर. गवई ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर एक रिट याचिका में राहत देने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता से इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा। पीठ ने हाईकोर्ट से याचिकाकर्ता की चिंताओं पर विचार करने और मामले को तेजी से निपटाने...
पोस्ट ऑफिस/ बैंक अपने कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी या गलत कार्य के लिए जिम्मेदार ठहराए जा सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि एक बार जब यह स्थापित हो जाता है कि किसी पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी द्वारा अपने रोजगार के दौरान धोखाधड़ी या कोई गलत कार्य किया गया था, तो पोस्ट ऑफिस ऐसे कर्मचारी के गलत कार्य के लिए जिम्मेदार होगा।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पोस्ट ऑफिस संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का हकदार है, लेकिन यह उन्हें उनके दायित्व से मुक्त नहीं करेगा।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बी आर गवई ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ("एनसीडीआरसी") के आदेश को...
वक्फ बोर्ड धारा 40 के तहत निर्धारित जांच के बाद ही वक्फ के रूप में संपत्ति को घोषित कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वक्फ बोर्ड वक्फ अधिनियम की धारा 40 के तहत निर्धारित जांच के बाद ही वक्फ के रूप में संपत्ति की प्रकृति का निर्धारण कर सकता है।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी रामा सुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि जांच का संचालन पूर्व धारणा के तहत प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अनुपालन करता है ताकि प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जा सके।अदालत ने वक्फ बोर्ड की कार्रवाई को चुनौती देने और 1654 एकड़ और 32 गुंटा भूमि को वक्फ संपत्ति के रूप में मानने के लिए राज्य द्वारा दायर एक अपील की...
पहले निजी गवाहों का परीक्षण करें; एक ही दिन मुख्य गवाही और जिरह को पूरा करने का प्रयास करें: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट जहां तक संभव हो, निजी गवाहों से एक ही दिन में मुख्य परीक्षण और क्रॉस-एक्जामिनेशन (जिरह) पूरी करने का प्रयास करेंगे।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की बेंच ने एक आपराधिक अपील का निपटारा करते हुए कहा, "हम उम्मीद करेंगे कि ट्रायल कोर्ट सरकारी गवाहों की गवाही से पहले निजी गवाहों की गवाही लेगी।" कोर्ट ने कहा कि मुख्य गवाही के पूरा होने के बाद दिए गए लंबे स्थगन, बचाव पक्ष को बीतते समय के साथ कई बार उन गवाहों पर प्रभावी होने में मदद करते हैं।इस...
डिफ़ॉल्ट जमानत सिर्फ इसलिए नहीं दी जा सकती कि वैधानिक अवधि समाप्ति से पहले संज्ञान नहीं लिया गया, चार्जशीट दाखिल करना पर्याप्त अनुपालन : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई आरोपी केवल इस आधार पर डिफ़ॉल्ट जमानत की मांग नहीं कर सकता है कि रिमांड की तारीख से 60 दिनों या 90 दिनों की समाप्ति से पहले संज्ञान नहीं लिया गया है, यदि चार्जशीट पहले ही दायर की गई थी।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत वैधानिक जमानत लेने के लिए एक आरोपी का अपरिहार्य अधिकार केवल तभी उत्पन्न होता है जब वैधानिक अवधि की समाप्ति से पहले चार्जशीट दायर नहीं की गई हो।अदालत ने कहा कि आरोपी तब तक मजिस्ट्रेट की...
'धार्मिक उद्देश्य के लिए समर्पित भूमि को राज्य में निहित करने से छूट नहीं है' : सुप्रीम कोर्ट ने एपी वक्फ बोर्ड की 1654 एकड़ भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित करने की अधिसूचना को रद्द किया
पवित्र और धार्मिक उद्देश्य के लिए समर्पित भूमि को राज्य में निहित करने से छूट नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड की कार्रवाई को रद्द कर दिया जिसमें 1654 एकड़ और 32 गुंटा भूमि को वक्फ संपत्ति के रूप में घोषित किया गया था।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि उक्त भूमि राज्य और/या तेलंगाना इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पास किसी भी प्रकार के भार से मुक्त है। इसमें कहा गया है कि दरगाह को छह महीने के भीतर कम्यूटेशन रेगुलेशन की धारा 4 में...
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की दो विधानसभा सीटों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दो विधानसभा सीटों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को कार्रवाई का कारण जारी रहने पर इसे पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता दी।जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच 17 दिसंबर, 2021 के उस आदेश को वापस लेने की मांग करने वाले एक विविध आवेदन पर विचार कर रही थी, जिसके द्वारा गैर-अभियोजन के लिए रिट को खारिज कर दिया गया था।इस तथ्य को ध्यान...
सुप्रीम कोर्ट 14 फरवरी से बुधवार और गुरुवार को फिर से फिजिकल मोड में सुनवाई शुरू करेगा
COVID-19 मामलों की संख्या और पॉजिटिविटी रेट में उल्लेखनीय गिरावट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 14 फरवरी, 2021 से प्रभावी 7 अक्टूबर, 2021 को अधिसूचित संशोधित एसओपी को फिर से लाने का निर्णय लिया है।7 अक्टूबर, 2021 की एसओपी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया था कि बुधवार और गुरुवार को गैर-विविध दिनों के रूप में सूचीबद्ध सभी मामलों को कोर्ट-रूम में काउंसलों / पक्षकारों की फिजिकल उपस्थिति में ही सुना जाएगा।इसके अलावा, एसओपी के अनुसार, विविध दिनों (सोमवार और शुक्रवार) को सुनवाई...
उपभोक्ता शिकायतें हाईकोर्ट में स्थानांतरित नहीं की जा सकतीं : सुप्रीम कोर्ट ने यस बैंक की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपभोक्ता शिकायतें हाईकोर्ट में स्थानांतरित नहीं की जा सकतीं।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में दायर कुछ उपभोक्ता शिकायतों को स्थानांतरित करने की मांग वाली यस बैंक की याचिकाओं को खारिज कर दिया।अदालत ने कहा,"उपभोक्ता शिकायतें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत दायर की जाती हैं इसलिए, ऐसी उपभोक्ता शिकायतों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग...
जमानत अर्जी खारिज करने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत की अर्जी को खारिज किए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आक्षेपित आदेश में अभियुक्त के वकील द्वारा किए गए निवेदन को दर्ज किया कि वह इस स्तर पर जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं करना चाहता और इसे वापस लिए जाने के रूप में खारिज किया जा सकता है। अत: आवेदन को वापस लेने के रूप में खारिज कर दिया गया। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई।याचिकाकर्ता द्वारा दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया।जस्टिस...
अधिकारियों को केंद्र की नीति का पालन करना चाहिए कि COVID-19 वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को केंद्र की नीति का पालन करने का निर्देश दिया कि COVID-19 वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।कोर्ट ने केंद्र के स्पष्टीकरण को रिकॉर्ड किया कि आधार कार्ड न तो COWIN पोर्टल पर पंजीकरण के लिए अनिवार्य है और न ही किसी COVID टीकाकरण के लिए। टीकाकरण के लिए नौ पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत किया जा सकता है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्य कांत की पीठ सिद्धार्थशंकर शर्मा की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र को निर्देश देने की...
"आप आपस में लड़ रहे हैं": सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी चक्रपाणि की अखिल भारत हिंदू महासभा को चुनाव लड़ने की अनुमति देने की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वामी चक्रपाणि द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में स्वामी अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष होने का दावा करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने उक्त आदेश में उन्हें और अन्य पदाधिकारियों को कई राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की खंडपीठ स्वामी चक्रपाणि द्वारा दायर एक याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली...

















